रायपुर। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रतिनिधियों ने आज राज्यपाल से मुलाकात की. इस दौरान प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के साथ हो रहें अत्याचार, अनाचार व हत्या की घटनाओं की जानकारी दी. प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल अनुसुइया उइके को 4 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा. इसमें राज्य सरकार पर मामलों को दबाने का आरोप लगाया गया है. घटनाओं की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन करने, जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, दुष्कर्म पीड़िता को 25 लाख रुपए की सहायता राशि एवं परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है.
भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष नवीन मार्कण्डेय ने कहा कि हमने राज्यपाल से भेंट की. उन्हें बताया कि प्रदेश में लगातार अनुसूचित जाति वर्ग के मां बहनों के ऊपर जो अत्याचार हो रहे हैं, दुष्कर्म हो रहे हैं या जो सामूहिक हत्या हुई है, उस पर अभी तक कोई जांच नहीं बैठाया गया है.
बलौदाबाजार जिले में दुष्कर्म की घटना में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया है. यह सब प्रशासन की घोर लापरवाही है. ऐसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त करने का प्रयास सरकार और प्रशासन कर रही हैं, हम उन सारी चीजों को यहां न्यायिक जांच आयोग का गठन करने, मुआवजे के रूप में आर्थिक रूप से उनको 25 लाख रुपए पीड़ित परिवार को सहायता दिया जाए. उनके परिवार को योग्यता अनुसार से नौकरी दिया जाए. अपराध की गंभीरता को देखते हुए मामले में जिसने लापरवाही किया उस अधिकारी पर कार्रवाई किया जाए.