बस संचालकों का आंदोलन महाबंद:छत्तीसगढ़ में थम गए 12 हज़ार बसों के चक्के।

रायपुर। प्रदेश भर में आज से लगभग 8 हजार बसों के पहिए थम गए हैं, जिसकी वजह से यात्रियों को काफी ज्यादा परेशानी हो रही है. यात्री भी बस संचालकों के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं, यात्रियों का कहना है कि जब डीजल के दाम बढ़ रहे हैं तो यात्री किराया भी बढ़ना स्वाभाविक है. यात्री बढ़ा हुआ किराया देने के लिए भी तैयार हैं.

वहीं छत्तीसगढ़ यातायात संघ के अध्यक्ष अनवर अली का कहना है कि जब तक सरकार के द्वारा किराए में वृद्धि नहीं की जाती तब तक हम अनिश्चितकालीन के लिए बसों को बंद कर रहे हैं.

बस संचालकों का कहना है कि वे कल जलसमाधि लेने की तैयारी भी कर रहे हैं.

इधर, बालोद में डीजल के बढ़े दाम के चलते बसों के पहिए थम गए. जिले से कांकेर, धमतरी, रायपुर, राजनांदगांव, दुर्ग सहित कई स्थानों तक बस जाती है. प्रतिदिन हज़ारों यात्री सफर करते हैं. सुबह से मंजिल तक जाने के इंतज़ार में यात्री बैठै है. बस बंद होने से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है. संचालक यात्री बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.

बता दें कि प्रदेशभर में लगभग 12 हजार बसे हैं जिनमें से लगभग 8 हजार बसों का संचालन हो रहा था, जिसे आज से बंद कर दिया गया है. बसों का संचालन नहीं होने से ऑटो संचालक यात्रियों से मनमाने ढंग से किराया वसूल कर उनके गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं.

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