विपक्ष की बैठक में धान, किसान, बेरजगारी, बेरोजगारी भत्ता, शिक्षक भर्ती में देरी, कानून व्यवस्था, टीकाकरण की धीमी रफ्तार, केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन सहित अन्य विषयों पर सदन में सरकार को घेरने की तैयारी की गई.
जुलाई के अंतिम सप्ताह में छत्तीसगढ़ विधानसभा का मॉनसून सत्र संभावित है. मॉनसून सत्र में सरकार को घेरने के लिए बीजेपी ने पूरी तैयारी कर ली है. गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के निवास पर हुई विधायक दल की बैठक में लंबी चर्चा के बाद एक दर्जन से अधिक मुद्दों पर स्थगन, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाने की तैयारी की गई है. बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम की मौजूदगी में हुई बैठक में धान, किसान, बेरजगारी, बेरोजगारी भत्ता, शिक्षक भर्ती में देरी, कानून व्यवस्था, टीकाकरण की धीमी रफ्तार, केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन सहित अन्य विषयों पर सदन में सरकार को घेरने की तैयारी की गई. बैठक में केंद्र सरकार के कार्यों को जन-जन तक ले जाने की भी रणनीति तय की गई.
सरकार की लापरवाही से केंद्र को लौट गए 800 करोड़
बैठक के बाद मीडिया से नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है. सरकार केंद्रीय योजनाओं में भी गड़बड़ी कर रही है. ऐसे मुद्दों को आने वाले दिनों में उठाएंगे. सरकार की विफलता को जनता के बीच लेकर जाने की रणनीति बनी है. पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ढाई सालों में असफल रही है, केंद्र की राशि से राज्य की फ्लैगशिप योजना चलाई जा रही है. जल जीवन योजना की 7 हजार करोड़ की पहली किस्त केंद्र सरकार ने जारी की, लेकिन भूपेश सरकार यहां ऐसे फोटो प्रकाशित करवा रही है, जैसे राज्य की योजना हो. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य में गरीबों के 6 लाख आवास बनने थे, लेकिन राज्य की लापरवाही से केन्द्र की 800 करोड़ की राशि लौट गई. वहीं सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी पर कहा कि इस योजना की राशि के लिए स्टेट बजट में कोई प्रावधान नहीं. भ्रष्टाचार नीचे से ऊपर तक फैला हुआ है. जनता सरकार से नाराज है. अरबों रुपये का धान सड़ रहा है. सरकार कैप कवर तक की व्यवस्था नहीं कर पाई है. समितियों में काम करने वाले लोग इस्तीफा देने की बात कह रहे हैं. हाईकोर्ट ने सरकार को गोबर तक कह दिया. इस सरकार की छवि कैसी बन रही है – जनता देख रही है. डेवलपमेंट नाम की चिड़िया होती है ये लोग भूल गए हैं.
इन प्रमुख मुद्दों पर बीजेपी घेरेगी सरकार को
धान खरीदी के बाद राजीव गांधी न्याय योजना का भुगतान न होना।
धान की खेती को बढ़ावा देने के बदले बबूल की खेती के लिए प्रोत्साहित करना।
किसानों को उच्च किस्म का बीज नहीं मिलना.
धान संग्रहण केंद्रों पर धान का भीग जाना.
प्रदेश के बेरोजगारों को भत्ता न मिलना.
दो सालों से भर्ती प्रक्रिया का लंबित होना.
निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की लगातार शिकायत होना.
कानून व्यवस्था के बिगड़ते हालात.