बस्तर में लाल आतंक के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. सुकमा जिले में 8 नक्सली और दंतेवाड़ा में 5 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. राज्य शासन के पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर नक्सल संगठन को तौबा कर दिया. पुनर्वास नीति के तहत सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को 10-10 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी गई.
जिले में अब तक 368 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल थाना क्षेत्र में 5 नक्सली जनमिलिशिया सदस्य ने आत्मसमर्पण किया है. घर वापसी अभियान से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटे हैं. जिन नक्सलियों ने सरेंडर किया है, उनमें भीमा बारसे, मुकेश मिड़ियामी, मल्ला मिड़ियामी, सन्नू मिड़ियामी और हड़मा कर्मा शामिल है. एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने सभी को 10-10 हजार की प्रोत्साहन राशि दी है. लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 96 इनामी नक्सली समेत 368 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है.
2 लाख इनामी और नक्सली दंपत्ति भी शामिल
सुकमा जिले में भी नक्सली जन पितुरी सप्ताह के दौरान 8 नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक सामने सरेंडर किया है. उनमें एक 2 लाख का इनामी, 1 नक्सली दंपत्ति और एक नक्सली ने भरमार बंदूक के साथ समर्पण किया है. नक्सलियों के शोषण, अत्याचार, भेदभाव और स्थानीय आदिवासियों से होने वाली हिंसा से त्रस्त होकर लाल आंतक का साथ छोड़ा है.
इन नक्सलियों ने किया सरेंडर
जिन नक्सलियों ने सरेंडर किया है, उनमें वंजाम भीमा (प्लाटून नंबर 4 में सेक्शन बी का सदस्य इनामी 2 लाख), रवि (डीएककेएमएस सदस्य), कोसा (जीआरडी कमांडर), देवा (मिलिशिया सदस्य), दिरदो गंगा (मिलिशिया सदस्य), सोड़ी दुला (मिलिशिया सदस्य), कवासी देवा (मिलिशिया सदस्य) और माड़वी कलावती (सीएनएम सदस्या) शामिल है. सभी को 10-10 हजार की प्रोत्साहन राशि दी गई.