मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गरीबो को मुफ्त में टिका लगवाने का फैसला किया उच्च स्तरीय बैठक में कहा कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश में 1 मई से 18 वर्ष से 45 वर्ष तक के लोगों के टीकाकरण की शुरूआत की जा रही है। राज्यों को इस आयु वर्ग के लोगों को अपने खर्च पर टीका लगवाना है।
राज्य शासन ने इस दायरे में आने वाले सभी पात्र लोगों को निःशुल्क टीका लगवाने का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार ने टीका उत्पादक कंपनियों सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बॉयोटेक को 25-25 लाख टीकों का आर्डर दिया है। वैक्सीन कीकमी को देखते हुए सरकार ने प्राथमिकता तय की है कि प्रदेश के सबसे गरीब तबके यानि अंत्योदय राशनकॉर्डधारी परिवारों के युवाओं को सबसे पहले टीका लगाया जाएगा। आपूर्ति बढ़ने पर बीपीएल और फिर एपीएल परिवारों को दायरे में लाया जाएगा। भारत बायोटेक ने जून और जुलाई को मिलाकर प्रदेश को 25 लाख टीके उपलब्ध कराने की सहमति दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंत्योदय परिवार समाज का सबसे गरीब हिस्सा है। इन परिवारों के पास मोबाइल की उपलब्धता कम है। दूरस्थ अंचलों में नेटवर्क की भी समस्या है। केंद्र सरकार के कोविन एप में टीकाकरण के पंजीयन के लिए मोबाइल नंबर अनिवार्य है। अंत्योदय परिवारों के 18 वर्ष से 45 वर्ष के सदस्यों के टीकाकरण के लिए राज्य शासन अपनी खुद की व्यवस्था तैयार कर रही है।
इसके लिए अलग सॉफ्टवेयर बनाया जा रहा है। श्री बघेल ने टीकों की कम उपलब्धता और हितग्राहियों की ज्यादा संख्या को देखते हुए टीकाकरण केंद्रों में व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस अधीक्षकों को विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने केवल अंत्योदय राशनकॉर्डधारियों को ही वैक्सीनेशन साइट पर प्रवेश देने कहा है।
मुख्यमंत्री बघेल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को 18 वर्ष से 45 वर्ष आयु समूह के टीकाकरण के लिए नए साइट शुरू करने या वर्तमान साइट पर अलग से व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस टीकाकरण के लिए अलग टीम तैनात करने कहा।
टीका लगवाने वालों का रजिस्टर में रिकॉर्ड रखने के साथ ही राशनकॉर्ड पर टीकाकरण की तारीख एवं अन्य प्रविष्टि करने कहा जिससे कि टीका का दूसरा डोज कब लगवाना है, यह हितग्राही को याद रहे। उन्होंने टीकाकरण के लिए निर्धारित सभी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीमार लोगों को टीका न लगाएं। इससे उनकी स्थिति बिगड़ सकती है।