इस संक्रमण काल में जहाँ लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है जिन्दा रहने पर दवाई और ऑक्सीजन की परेशानी और मौत के बाद अस्पताल के मनमाने बिल की समस्या। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को 11 लाख रुपए का बिल थमा दिया और बिल नहीं चुकाने पर अस्पताल ने शव देने से इनकार कर दिया है.
मामला इंदौर शहर के एप्पल अस्पताल का है अस्पताल प्रबंधन ने कोरोना मरीज के उपचार का बिल 11 लाख का बनाया है. संक्रमित व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों को शव देने से इनकार कर दिया,मरीज के परिजन कर्ज लेकर 7 लाख 60 हजार रुपये अस्पताल में जमा करवा चुके हैं। अस्पताल के इस रवैए के बाद मृतक की दो बेटी सहित पत्नी रोती बिलखती रही पर अस्पताल प्रबंधन बकाया बिल की राशि 4 लाख और जमा कराने के बाद ही शव देने की बात पर अड़ा हुआ है।
फिर भी मध्यप्रदेश की सरकार के कानो में जूं तक नहीं रेंगी ये सरकारें केवल चुनाव के समय संवेदनशील होती हैं।