सूरजपुर जिले में आज लगभग दो साल से नशीली दवाओं और इंजेक्शन का धंधा फल-फुल कर एक बड़े पेंड़ का रूप ले चुका है, आज वार्ड क्रमांक 07 और कब्रिस्तान मोहल्ला इस में खुलेआम खरीदी बिक्री हो रही है, इसमें पुलिस विभाग के दो तीन आरक्षक भी सामिल हैं, जो अपने आप को जनता के सामने सफेद-पोश नज़र आने की कोशिश करते हैं,
दर – असल पुरा मामला यह है कि कल शाम को पुलिस द्वारा सरनापारा के एक पेट्रोल पंप के पास 160 नग नशीली दवाओं के साथ आरोपी को पकड़ा तथा रात के आठ बजे तक भी केवल आरोपी को थाने में बैठाऐ रखा था, पत्रकारों के दखल- अंदाजी बाद पुलिस हरकत में आई और मामले खुलासा किया, फिर भी जप्त नशीली दवाओं को पत्रकारों को नहीं दिखाया गया, शायद इनकी मंशा मामले को रफा-दफा करने का था,
किंतु पत्रकारों के हस्तक्षेप के बाद इन दो प्रधान आरक्षकों के मंशुबे में पानी फिर गया।
आप को बता दें कि लम्बे समय से सूरजपुर कोतवाली इन दो प्रधान आरक्षकों के हिसाब से चल रहा है।
नशीली दवाओं के आरोपी को पकड़ने के बाद भी दो घंटे तक मामला कोतवाली में ही रहा, जब हमने इस बात कि जानकारी के लिए जिले के एसपी साहब को फोन लगाया तो ना ही उन्होंने फोन उठाया और ना ही वाटस- अप पर कोई जवाब दिया, फिर हमने जब एएसपी साहब को फोन लगाया और पूछा तो उन्होंने भी अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।