राजधानी रायपुर में धार्मिक स्थलों को खोलने के लिए सभी धर्म के लोग एकजुट हो गए हैं. हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन को ज्ञापन सौंप धार्मिक स्थलों को खोलने का अनुरोध किया है.
सिख समाज के प्रदेशाध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा ने बताया कि कोरोना काल में पिछले लंबे समय से सभी लोगों ने कोविड गाइडलाइन का पालन किया है. शहर के पूरे मार्केट और सभी प्रतिष्ठान भी बंद थे. लेकिन पिछले कुछ समय से जिला प्रशासन ने सभी प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति दे दी है, यहां तक शराब दुकानों को खोल दिया गया है, फिर धार्मिक स्थलों के साथ क्यों भेदभाव किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि शहर में होटल, शॉपिंग मॉल, सिनेमा सभी चीजें चालू है. लेकिन धार्मिक प्रतिष्ठान जिसमें लोगों की आस्था है. जहां से लोगों को सुकून मिलता है, उन्हें जिला प्रशासन ने खोलने की अनुमति नहीं दी है. आज हम अलग-अलग धर्मों के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर धर्मिक स्थलों को खोलने की मांग की है.
,छाबड़ा ने कहा कि अगर उनको लग रहा है कि धार्मिक स्थलों को खोलने से संक्रमण का फैलाव हो सकता है, तो हमने इसके लिए ऑड-इवन का भी सुझाव उन्हें दिया है. हमने कहा कि हिंदू में सुबह और शाम पूजा करने की आस्था है. इसीलिए मंदिरों में सुबह-शाम आने की अनुमति दी जाए. शुक्रवार जुम्मे के दिन मस्जिदों में नमाज अदा करने की अनुमति दी जाए. और रविवार को चर्च में प्रेयर करने की अनुमति देनी चाहिए.