गर्भ में ही औलाद का सौदा: लालची मां-बाप ने पैदा होते ही बेच दिया बेटा, किडनैपिंग की FIR से खुला हैरान करने वाला राज

बिहार। कहते हैं पैसों के लालच में इंसान कुछ भी कर सकता है, लेकिन कोई अपनी औलाद को बेच देगा ये सुनने में भले ही अटपटा लगे, लेकिन बिहार से हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक फैले एक मासूम बच्चे की कहानी आपको भी हैरान कर देगी. यहां लालची मां-बाप ने पैदा होने से पहले ही नवजात की सौदा कर डाली. किडनैपिंग की FIR से हैरान करने वाला राज खुला है.

मां-बाप ने किया बेटे का सौदा

दरअसल, बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले लालची मां-बाप ने अपनी ही औलाद का सौदा कर दिया. मासूम बच्चे ने जब आंख खोली, तो मां की गोद बदल चुकी थी. उस मासूम को तो शायद पता भी नहीं था, कि उसके साथ क्या हो रहा है. वहीं दूसरी तरफ इस मासूम को खरीदने वाले मां-बाप खुश थे और बच्चे के सभी पुराने कनेक्शन तोड़कर रियल मां-बाप से उसे दूर ले जाना चाहते थे, लेकिन बच्चे के सौदे की रकम ने ये पूरा खेल बिगड़ गया.

किडनैपिंग की FIR से खुला राज

जानकारी के मुताबिक गोविंद ने अपने पत्नी पूजा को इस सौदे के बारे में बताया. गर्भवती पूजा भी पैसों के लालच में उस बच्चे को बेचने के लिए तैयार हो गई, जो अभी तक दुनिया में आया भी नहीं था. 10 जून को गुरुग्राम में पूजा ने इस बच्चे को जन्म दिया. उसके बाद बच्चे के पिता गोविंद ने रमन को बताया कि उसे बेटा हुआ है. वह अपने बच्चे का सौदा करने को तैयार है. रमन ने यह खबर अपने रिश्तेदार विद्यानंद यादव को दी, जोकि बिहार के मधुबनी के रहने वाले हैं. बच्चे की खबर सुनते ही विद्यानंद ने अपनी दो बीघा जमीन बेच दी और दो लाख रुपये की रकम जुटाकर गुरुग्राम आ गए.

विद्यानंद ने 18 जून का चेक दिया था, लेकिन गोविंद और पूजा ने ये चेक 15 जून को ही बैंक में क्लीयर होने के लिए डाल दिया. क्योंकि चेक पर डेट आगे की डली थी, इसलिए बैंक से उन्हें पैसा नहीं मिल सका. गोविंद ने समझा कि उनके साथ धोखा हुआ है. इसके बाद उसने रमन के पास फोन किया, लेकिन उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया. इसके बाद गोविंद का शक और मजबूत होने लगा. इसके बाद मां बाप ने बच्चे की किडनैपिंग की शिकायत थाने में दर्ज कराई.

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि विद्यानंद बच्चे को लेकर बिहार के लिए रवाना हो चुका है. जब तक पुलिस दिल्ली स्टेशन पहुंची, तब तक बिहार जाने वाली स्वतंत्रता सेनानी ट्रेन रवाना हो चुकी थी. पुलिस ने राम में ही ट्रेन का लॉकेशन ट्रेस किया और करीब दो बजे उत्तर प्रदेश के हरवंश मोहाल के एसएचओ सत्यदेव शर्मा को बच्चे के सौदे के बारे में बताया. इस सूचना के बाद एसएचओ ने ट्रेन को कानपुर पहुंचने के बाद बच्चे के साथ-साथ बच्चे के खरीदार दंपति विद्यानंद यादव और राम परी यादव को हिरासत में ले लिया.रात में ही फतेहपुर बेरी थाने के एसएचओ कुलदीप सिंह ने एक टीम बनाई और कानपुर के लिए रवाना कर दिया. बच्चे को दिल्ली वापस लाया गया. इसके साथ ही पुलिस ने बच्चे के सौदागर और झूठी किडनैप करने के मामले में 6 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

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