रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना के बीच अब वैक्सीन नहीं होने के काऱण टीकाकरण अभियान में संकट मंडराने लगा है. छत्तीसगढ़ में अब महज 9,98,810 डोज बचे हैं. इससे टीकाकरण की रफ्तार धीमी पड़ जाएगी. सीएम भूपेश बघेल ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराने की अपील की है.
छत्तीसगढ़ में टीकाकरण पर मंडरा रहा संकट
सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में कोविड-19 के विरूद्ध टीकाकरण का कार्य तीव्र गति से चल रहा है. राज्य अब तक फ्रंटलाइन वर्कर को 100% फर्स्ट डोज और हेल्थ केयर वर्कर को 91% फर्स्ट डोज लग चुकी है. इनमें से 71% फ्रंटलाइन वर्कर को और 70% हेल्थ केयर वर्कर को सेकंड डोज भी लगाई जा चुकी है.
45 वर्ष से अधिक के आयु वर्ग में भी अब तक 80% नागरिकों को वैक्सीन की फस्ट डोज लगाई जा चुकी है. 18-44 वर्ष के आयु वर्ग का टीकाकरण 1 मई से ही प्रारम्भ हुआ है. दो माह से भी कम समय में राज्य में 18-44 वर्ष आयु वर्ग के 16% नागरिकों को भी कोरोना वैक्सीन की प्रथम डोज लगाई जा चुकी है. वर्तमान में छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 3 लाख से अधिक लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं.
छत्तीसगढ़ राज्य में वर्तमान में कोरोना वैक्सीन की मात्र 9,98,810 डोज शेष बचे हैंं, जो केवल 3 दिन के लिए ही पर्याप्त हैं. हमने राज्य के लिए यह लक्ष्य निर्धारित किया है कि यदि हमें भारत सरकार से पर्याप्त संख्या में कोरोना टीके के डोज प्राप्त हो जाएं तो हम एक माह में ही सभी पात्र हितग्राहियों को टीके की प्रथम डोज लगा देंगे. इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य में व्यापक रूप से जन अभियान भी चलाया गया है.
सीएम ने कहा कि मुझे आपके ध्यान में यह बात लानी है कि राज्य द्वारा बार-बार मांग किए जाने पर भी छत्तीसगढ़ को पर्याप्त संख्या में टीके उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं. अनुरोध है कि छत्तीसगढ़ राज्य को जुलाई माह में कोरोना टीके की कम से कम एक करोड़ डोज उपलब्ध करायी जाए.
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