40% बस किराया वृद्धि की मांग को लेकर यातायात महासंघ बस संचालक एवं व्यापारी कल्याण एवं यात्री संघ ने खोला मोर्चा।

रायपुर: यातायात महासंघ के अध्यक्ष अनवर अली एवं नगर निगम के अध्यक्ष प्रमोद दुबे के नेतृत्व में बस ऑपरेटरों ने आज नये बस स्टैंड से 40 प्रतिशत यात्री किराये में वृद्धि एवं बसों का टैक्स माफ करने की मांग को लेकर बसों की रैली निकाली। उक्त रैली प्रदेश स्तर पर जिला मुख्यालयों में निकाली गई है।

छत्तीसगढ़ के बस मालिक 13 जुलाई से बसें नहीं चलाएंगे। बस मालिकों ने 40% यात्री किराया बढ़ाने, ऑफ रोड बसों का टैक्स माफ करने की मांग की है। इसके विरोध में वे 14 जुलाई को महादेव घाट में खारून नदी में जल समाधि लेंगे। इसके पहले आज बस स्टैंड से बसों की रैली निकालेंगे, बसों से जाकर परिवहन मंत्री के बंगले में उन्हे अपनी मांग का ज्ञापन सौंपेंगे।

जहां पर बस ऑपरेटर संघ के सदस्य जिला मुख्यालयों के कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपकर उक्त मांग पूरी करने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे। रायपुर में बस महासंघ के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि आसपास के प्रदेशों में यात्री किराये में वृद्धि हो गई है।

जबकि छत्तीसगढ़ में यात्री किराये में वृद्धि एवं बसों का टैक्स माफ नहीं होने से बस सेवा को संचालित करना कठिन हो गया हैं। अनवर अली एवं प्रमोद दुबे ने बताया कि डीजल की कीमतें बढऩे के साथ ही यात्री किराये में वृद्धि नहीं होने से बस ऑपरेटरों की आर्थिक हालत खराब हो गई है। बस ऑपरेटर संघ परिवहन मंत्री के आवास में पहुंचकर ज्ञापन सौंपकर उक्त मांगे तत्काल पूरी करने की मांग करेगा।

वहीं अध्यक्ष एवं प्रमोद दुबे ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि उक्त दो सूत्रीय मांगें पूर्ण नहीं हुई तो 13 जुलाई से बस सेवाएं अनिश्चितकाल के स्थगित कर दी जाएंगी। साथ ही समस्त बस ऑपरेटर खारून नदी में पहुंचकर जल समाधि लेंगे जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन में बैठे आला अधिकारियों पर होगी। ज्ञातव्य है कि नगर निगम के अध्यक्ष स्वयं प्रमोद दुबे ने बस ऑपरेटर है उनकी भी बसें राजधानी से विभिन्न स्थानों के लिए संचालित होती है।

व्यापारी कल्याण एवं यात्री संघ भी सरकार के खिलाफ इस प्रदर्शन में शामिल रहे ।अध्यक्ष सोहेल सेट्ठी ने बसों के बंद होने के कारण व्यापारियों को होने वाले नुकसान के लिए चिंता व्यक्त की और बस संघ की मांगो का समर्थन किया।

कोरोना काल में पिछले दो सालों में लॉक डाउन के कारण बस ऑपरेटरों की आर्थिक स्थिति जर्जर होने का हवाला देते हुए दुबे ने बताया कि कई बस आपरेटर मूल धंधा छोडक़र अन्य कामों में लग गये हैं। परिवार का पालन पोषण करना बस व्यवसाय से जुड़े हुए ड्राइवर कंडक्टर एवं खलासी के लिए मुश्किल हो गया है।

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