छत्तीसगढ़ सरकार ने साफ कर दिया शराबबंदी की नीयत नहीं : पूर्व सीएम रमन

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने एक बार फिर शराबबंदी के मुद्दे पर सरकार को घेरा है। डा. रमन ने मंगलवार को राजधानी में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि सरकार ने विधानसभा में कहा कि गंगाजल लेकर शराबबंदी की कसम नहीं खाई थी। इससे साफ हो गया कि सरकार की नीयत शराबबंदी की नहीं है। सरकार ने बताया कि क्या-क्या वादा पूरा करना है और किन-किन वादों के लिए गंगाजल लेकर कसम खाई थी। रमन ने कहा कि गंगाजल लेकर कसम खाने वाली पार्टी से अब शराबबंदी की कोई उम्मीद नहीं है।

डा. रमन ने बिजली के दाम बढ़ाने को जनता के साथ धोखा बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बिजली बिल हाफ का वादा करके सत्ता में आई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली हाफ कर दी गई। अब तो नए टेरिफ में गरीबों की बिजली को भी महंगा कर दिया गया है। यह सीधे-सीधे जनता की जेब को साफ करने का कदम है। उन्होंने पावर रेंटिंग में छत्तीसगढ़ की कमजोर स्थिति को लेकर भी निशाना साधा। रमन ने कहा कि भाजपा शासनकाल में बिजली के मामले में छत्तीसगढ़ बी श्रेणी में था और देश में 20वां स्थान था। अब भूपेश सरकार में सी श्रेणी में पहुंच गया है और देश में 30वां स्थान हो गया है। कैग रिपोर्ट में गड़बड़ी को लेकर रमन ने सरकार के आर्थिक प्रबंधन पर सवाल खड़ा किया।

रमन ने बताया कि कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों को दिवाली तक पांच किलो चावल और एक किलो दाल देने का फैसला किया है। इसे लेकर भाजपा नेता जनता के बीच पहुंच रहे हैं। पीएम मोदी का यह कदम करोड़ों परिवारों को राहत देने वाला है। मेडिकल में ओबीसी वर्ग को 27 फीसद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को दस फीसद आरक्षण देने का रमन ने स्वागत किया।

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