रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पहली बार जिले को 61 करोड़ रुपये की सीएसआर फंडिंग प्राप्त हुई है, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल जैसे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा सुदृढ़ किया जा रहा है।
करीब दो वर्ष पहले मुख्यमंत्री बनने के बाद विष्णुदेव साय ने जशपुर की जनता से वादा किया था कि जिले के विकास का ऐतिहासिक रोडमैप तैयार किया जाएगा। अब यह वादा हकीकत में बदल रहा है।
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आधुनिक अस्पताल से मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा
जशपुर के लिए सबसे बड़ी सौगात के रूप में 35 करोड़ रुपये की लागत से 100 बिस्तरों वाला आधुनिक अस्पताल बनाया जा रहा है।
रायगढ़ रोड स्थित कल्याण आश्रम परिसर में निर्माणाधीन स्व. जगदेव राम उरांव स्मृति चिकित्सालय का कार्य तेजी से जारी है।
इस अस्पताल को संचालित करने की जिम्मेदारी वनवासी कल्याण आश्रम को सौंपी गई है।
निर्माण कार्य पर 17 करोड़ रुपये और अत्याधुनिक उपकरणों व संसाधनों की व्यवस्था पर 18 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
2026 तक यह अस्पताल पूरी तरह तैयार हो जाएगा, जिसमें सीटी स्कैन, एमआरआई, आईसीयू, आईसीसीयू, डायलिसिस और आपातकालीन चिकित्सा जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
अस्पताल शुरू होने के बाद जिले के लोगों को उपचार के लिए अब रायपुर, अंबिकापुर या रांची जैसे दूरस्थ शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
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तीरंदाजी केंद्र से निखरेगी आदिवासी प्रतिभा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में एनटीपीसी के सीएसआर फंड से 20.53 करोड़ रुपये की लागत से सन्ना में आवासीय तीरंदाजी केंद्र की स्थापना की जा रही है।
यह केंद्र न केवल खेल प्रतिभाओं को निखारेगा, बल्कि दिवंगत कुमार दिलीप सिंह जूदेव के उस सपने को भी साकार करेगा जिसमें उन्होंने पहाड़ी कोरवा समुदाय की पारंपरिक धनुर्विद्या को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की कल्पना की थी।
इस अत्याधुनिक केंद्र में खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों और संसाधनों की सुविधा उपलब्ध होगी।
वर्तमान में जिले में खनिज न्यास निधि के सहयोग से संचालित एकलव्य अकादमी के विस्तार के रूप में यह केंद्र कार्य करेगा।
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शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल
जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सीएसपीटीसीएल के सीएसआर फंड से 6 करोड़ 19 लाख रुपये की राशि से आठ नए स्कूल भवनों का निर्माण किया जा रहा है।
इनमें फरसाबहार ब्लॉक के पंडरीपानी, गारीघाट, कंदईबहार, कांसाबेल ब्लॉक के बांसबहार, कुनकुरी ब्लॉक के गिनाबहार और लोधमा, बगीचा ब्लॉक के टटकेला तथा दुलदुला शामिल हैं।
इन भवनों के तैयार हो जाने से ग्रामीण छात्रों को बेहतर और सुरक्षित शिक्षण वातावरण मिलेगा।
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मुख्यमंत्री का विज़न — “विकसित और आत्मनिर्भर जशपुर”
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि जशपुर के विकास को प्राथमिकता देना उनकी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता दोनों है।
उनके अनुसार, “हमारा लक्ष्य है कि जशपुर अब किसी क्षेत्र में पीछे न रहे। स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल के माध्यम से जिले को आत्मनिर्भर बनाना हमारी प्राथमिकता है।”
सीएसआर फंड से चल रही ये परियोजनाएं न केवल जशपुर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी, बल्कि जिले की पहचान को भी एक नए मुकाम पर पहुंचाएंगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर अब तेजी से ‘विकास की दिशा में आत्मनिर्भर जिले’ के रूप में उभर रहा है।