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जनसंख्या नियंत्रण: 2 से ज्यादा बच्चे होने पर नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी….

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नई दिल्ली। देश की बढ़ती जनसंख्या पर रोक लगाने के लिए कानून बनाए जाने की मांग उठती रही है. अब देश में कठोर जनसंख्या कानून बनाए जाने को लेकर राज्यसभा में एक बिल पेश किया गया है. भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी, हरनाथ सिंह यादव और अनिल अग्रवाल ने राज्यसभा में एक प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया है

इस बिल में एक बच्चा नीति को प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रावधान किए जाने की सिफारिश की गई है. वहीं  दो से ज्यादा बच्चा पैदा करने पर सरकारी नौकरी छीनने और मतदान करने, चुनाव लड़ने और राजनीतिक पार्टी बनाने के अधिकार को समाप्त कर देने की बात भी कही गई है. अगर सभापति से अनुमति मिलती है तो इस बिल पर संसद के इसी सत्र में चर्चा हो सकती है,

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी 11 जुलाई को प्रदेश में जनसंख्या नीति घोषित करने वाले हैं. उत्तर प्रदेश में चुनाव को देखते हुए इस मुद्दे पर संसद से लेकर सड़क तक राजनीति गरमाने के आसार हैं.

बिल में है ये प्रावधान

अगर कोई दंपती एक बच्चे के जन्म के बाद ऑपरेशन करा लेता है (और दूसरा बच्चा न पैदा करने की बात कहता है) तो ऑपरेशन कराने वाले पति या पत्नी को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए. इसके अलावा इस एक बच्चे के लड़का होने पर 50 हजार रुपये और लड़की होने पर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए. इसके अलावा इस बच्चे को पढ़ाई के समय केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन, मेडिकल-इंजीनियरिंग या मैनेजमेंट जैसे व्यावसायिक कोर्स करने के दौरान प्राथमिकता के साथ प्रवेश और फीस में माफी प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है. बिल में कहा गया है कि अगर कोई दंपती दो बच्चा पैदा करता है तो उसके लिए कोई अतिरिक्त छूट या लाभ नहीं दिया जाएगा.

दो से अधिक बच्चे पर कठोर कानून

बिल के मसौदे में दो से अधिक बच्चा पैदा करने वाले जोड़ों के लिए कठोर कानून बनाने की बात कही गई है. मसौदे के अनुसार, अगर कोई दंपती सरकारी नौकरी में है और इसके बाद भी वह तीन बच्चा पैदा करता है तो उसकी सरकारी नौकरी खत्म कर दी जानी चाहिए. इसके अलावा ऐसे दंपती को वोट देने, राजनीतिक पार्टी बनाने या पंचायत से लोकसभा स्तर तक किसी भी प्रकार का चुनाव लड़ने, या इन संस्थाओं के लिए नामांकित किए जाने के अधिकार पर हमेशा के लिए प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए.

तीन से अधिक बच्चा पैदा करने वालों को किसी भी प्रकार की सरकारी सब्सिडी न देने, सरकारी या प्राइवेट कंपनियों में ग्रेड-1 से ग्रेड-4 स्तर तक कोई नौकरी न दिए जाने का कठोर सुझाव दिया गया है. ऐसे लोगों को राजनीतिक दल के साथ-साथ किसी अन्य संगठन के बनाने या इनमें कोई पद धारण करने पर भी प्रतिबंध लगा दिए जाने की बात कही गई है.

 अश्विनी उपाध्याय द्वारा तैयार किए गए इस ड्राफ्ट में वकील सुब्रमण्यम स्वामी का सुझाव भी शामिल है. उन्होंने राज्यसभा सदस्य के रूप में इसे प्राइवेट मेंबर बिल के रूप में लाने में भी प्रमुख भूमिका निभाई है. इस बिल को ड्राफ्ट करने के लिए अश्विनी उपाध्याय की प्रशंसा भी की है.

महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर की पति की हत्या,शादी को हुए थे सिर्फ 15 दिन

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नई दिल्ली. पति और पत्नी का सात जन्मों तक बंधन होता है, जो जिंदगी भर हर मुसीबत में एक दूसरे का साथ निभाते हैं। दोनों एक दूसरे के लिए किसी देवदूत से कम नहीं होते, क्योंकि पति एक पत्नी का सुहाग भी होता है, जिसकी हर महिला कामना करती है।

इस बीच एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। शादी के 15 दिन बाद ही महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर कुल्हाड़ी से पति की हत्या करा दी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के विदिशा जिले का है।

विदिशा पुलिस अधीक्षक के मुताबिक तहसील लटेरी के ग्राम मलिया खेड़ी में मंगलवार की रात जब नव दंपत्ति सो रहे थे उसी समय पति की हत्या हो गई थी। जिस पर पत्नी बेसुध होने की बात कहती रही, लेकिन पुलिस पहले दिन से ही पत्नी को संदिग्ध मानकर चल रही थी और अब पुलिस ने इस मामले को को लेकर बड़ा खुलासा कर दिया है।

दरअसल, एक दिन पहले ही ससुराल आई पत्नी ने अपने 4 साल के प्रेम प्रसंग के चलते प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या करवा दी थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें क‍ि प्रेमिका ने अपने प्रेमी को फोन कर बुलाया था और कहा क‍ि तुम आ जाओ, निपटा दो सोनू को। शुभम अपनी मोटरसाइकिल में में कुल्हाड़ी बांधकर हत्या करने के ल‍िए गांव आया था।

इसके बाद दोनों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दे डाला। शादी के 15 दिन बाद नव विवाहिता ने अपने पति की बेरहमी से हत्या करा दी। पत्नी ने पत‍ि के दोनों हाथ पकड़े थे और प्रेमी ने कुल्हाड़ी से वार कर बेरहमी से हत्या कर दी. इस घटना के बाद से ही गांव में सनसनी फैल गई थी.

व‍िद‍िशा एसपी व‍िनायक वर्मा ने बताया क‍ि 6 जुलाई की सुबह थाना आनंदपुर में सूचना प्राप्त हुई थी कि 22 साल के युवक सोनू की हत्या हुई थी. उसकी पत्नी ने एक दिन पहले ही यहां आकर विवाद शुरू किया था. हम पहले से ही कॉल डिटेल्स और अन्य सूचना के आधार पर इसकी पत्नी कृष्णाबाई को संदिग्ध मानकर चल रहे थे.

एसपी ने आगे बताया क‍ि इसकी जान पहचान अब्दुल्लागंज जिला रायसेन के शुभम से पिछले 4 सालों से थी और उसे सोनू से शादी रास नहीं आ रही थी। 5 एवं 6 जुलाई की दरमियान रात इन दोनों ने मिलकर सोनू की हत्या कर दी। सोनू केशव पर धारदार हथियार से गहरा घाव बना था. इस वारदात के खुलासे में एसडीओपी लटेरी एवं थोड़ा सहयोग एसडीओपी अब्दुल्लागंज का हमें मिला है।

धारदार तलवार से सिर में वार और पेट में घुसा लोहे का रॉड,पिता को भी पीटा,आरोप मछली चोरी करने का

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रायपुर. बजरंग नगर भीमसेन सोसायटी के एक युवक पर मोहल्ले के ही युवकों ने तलवार और रॉड से हमला किया। बहन के सामने मोहल्ले के लोगों भाई बॉबी ठाकुर के सिर और सीने पर तलवार से कई वार किए गए। उसके पेट में लोहे की रॉड घुसा दी। युवक जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। आजाद चौक थाने की पुलिस ने इस मामले में हमला करने वालेशुभम साहू और आशू पांचे के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है। आरोपियों के कुछ साथियों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।

घायल युवक बॉबी ठाकुर की बहन हेमलता ने बताया, ‘भाई की हालत बेहद खराब है। वह नहीं बचेगा। रोते हुए बहन ने बताया कि मोहल्ले के उन बदमाश लड़कों ने मेरी आंखों के सामने ही उसे घेरकर पीटा है। दरअसल, हमने उनके खिलाफ 4 जुलाई को मेरे पिता के साथ हुई मारपीट के मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। वो हम पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे। शुक्रवार की रात मेरा भाई बॉबी ठाकुर पैदल आ रहा था। मैं चौक पर खड़ी थी। उसी समय शुभम साहू और आशु पांचे दोनों ने मिलकर मेरे भाई से झगड़ने किया और उसको जान से मारने की कोशिश की।’

हेमलता ने बताया, आरोपी कह रहे थे कि तेरी बहन ने पुलिस थाने में रिपोर्ट की है। उसे वापस नहीं ले रही, हम तुझे जान से मार देंगे। मेरे भाई ने भी रिपोर्ट की बात पर इनकार किया तो शुभम साहू ने लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार किया। तब तक आशु पांचे तलवार लेकर आया और बॉबी की छाती और पेट में हमला किया। छीना झपटी में तलवार बॉबी के सिर पर लगी वो लहूलुहान हो गया। मैंने चीखना शुरू कर दिया, तो शुभम साहू और आशु पांचे भाग गए। इसके बाद घर वालों के साथ कार के जरिए सभी ने बॉबी को अंबेडकर अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उसका इलाज जारी है।

मछली चोरी की बात से शुरू हुआ विवाद

हेमलता ने बताया कि ये सारा विवाद मछली चोरी के मामले से जुड़ा हुआ है। 4 जुलाई के दिन को मेरे पिता होशियार सिंह ठाकुर को मोहल्ले के शुभम साहू, आशु पांचे और इसके साथी सुमित गोस्वामी और पवन गोस्वामी ने मिलकर पीटा था। इन युवकों ने मिलकर मेरे पिता को घेरा और तब तक मारते रहे, जब तक वो बेसुध होकर जमीन पर गिर न गए। कई बार लकड़ी के वजनी टुकडे से उनके सिर पर स्कूटी पर वार किया गया। कुछ दिन पहले मेरे पिता ने यहां के मछुआरों को बता दिया था कि शुभम और इसके साथी उनकी कई किलो मछलियां चुराकर बेच देते हैं। अपनी चोरी पकड़े जाने के कारण ही इन्होंने मेरे पिता और परिवार पर हमले किए हैं।

करोना वैक्सीन की एक डोज डेल्टा वैरिएंट पर बेअसर । एस्ट्राजेनेका और फाइजर बना रहे खास वैक्सीन, अगस्त से शुरू होंगे ट्रायल

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मशहूर साइंस मैग्जीन नेचर में पब्लिश फ्रांस के पाश्चर इंस्टीट्यूट की ताजा रिसर्च के मुताबिक कोरोना वैक्सीन की एक डोज से वायरस के बीटा और डेल्टा वैरिएंट पर अमूमन कोई असर नहीं पड़ता। यह रिसर्च एस्ट्राजेनेका और फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन लेने वालों पर की गई। भारत में एस्ट्राजेनेका वैक्सीन कोवीशील्ड नाम से सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में बनाई जा रही है।

इससे उलट इन दोनों वैक्सीन के दोनों डोज लेने वाले लोगों के इम्यून सिस्टम ने काफी कुशलता से डेल्टा वैरिएंट को बेअसर कर दिया। रिसर्च के लीड ऑथर ओलिवियर श्वार्ट्ज और पेरिस में पाश्चर इंस्टीट्यूट में वायरस और इम्यूनिटी यूनिट के हेड का कहना है कि यह खोज एक अच्छी खबर है।

रिसर्च के मुताबिक एस्ट्राजेनेका या फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन की एक डोज लगवाने वाले मात्र 10% लोग कोरोना के अल्फा और डेल्टा वैरिएंट को नाकाम कर सके। वहीं, इन दोनों में से किसी एक वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने वाले 95% लोगों ने डेल्टा और बीटा वैरिएंट को नाकाम कर दिया। रिसर्चर्स का कहना है कि यह एक बड़ा अंतर है।

मतलब साफ है अगर डेल्टा या बीटा वैरिएंट से लड़ने की ताकत पैदा करनी है तो कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज जरूरी हैं। या यों कहें कि भारत में कोवीशील्ड की दोनों डोज लगवाने के बाद 95% लोगों में डेल्टा वैरिएंट को नाकाम करने की ताकत पैदा हो जाएगी।

  • कोरोना को मात देने वालों के एंटीबॉडीज 4 गुना कम कारगर फ्रेंच रिसर्चर्स ने ऐसे लोगों की भी जांच की जिन्हें वैक्सीन तो नहीं लगी, लेकिन वे कोरोना के खिलाफ लड़ाई जीत चुके थे। रिसर्च के मुताबिक ऐसे लोगों में पैदा हुए एंटीबॉडीज कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ आम कोरोना से चार गुना कम कारगर पाए गए।
  • ऐसे लोगों को वैक्सीन की एक डोज लगने के बाद ही उनके एंटीबॉडीज की ताकत अद्भुत तरीके से बढ़ गई।

साफ है कोरोना को एक बार हरा चुके लोग इस बात से तसल्ली में न रहें कि उनके शरीर में अब एंटीबॉडीज हैं, क्योंकि ये एंटीबॉडीज या प्रतिरोध डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ चार गुना कम कारगर हैं।

  • डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ खास वैक्सीन बना रहे फाइजर और बायोएनटेक फाइजर और बायोएनटेक कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ खास वैक्सीन बना रहे हैं। गुरुवार को दोनों कंपनियों ने यह ऐलान किया। दोनों कंपनियां अगस्त से इन वैक्सीन्स का क्लिनिकल ट्रायल शुरू कर सकती हैं।
  • तीसरी यानी बूस्टर डोज के नतीजे भी काफी अच्छेफाइजर और बायोएनटेक ने गुरुवार को जारी न्यूज रिलीज में बताया कि उनकी वैक्सीन की तीसरी डोज लगाने से भी काफी अच्छे नतीजे मिले हैं। हालांकि दोनों ही कंपनियों ने इन नतीजों से जुड़ा डेटा जारी नहीं किया।
  • बूस्टर डोज कही जाने वाली कोरोना वैक्सीन की तीसरी डोज शुरुआती दोनों डोज के छह महीने बाद दी जाती है।
  • कंपनियों का दावा है कि ऐसा एक बूस्टर डोज कोरोना के मूल वायरस और बीटा वैरिएंट के खिलाफ पैदा होने वाले एंटीबॉडीज को पांच से दस गुना तक ताकतवर बना देती है। माना जा रहा है कि दोनों कंपनियां अमेरिकी फूड एंड ड्रंग एडमिनिस्ट्रेशन (US-FADA) को अगले दो-तीन सप्ताह में डेटा सौंप देंगी।
  • ICMR ने भी वैक्सीन की दोनों डोज को बताया था कारगर फ्रेंच रिसर्चर्स के यह नतीजे इसी हफ्ते की शुरुआत में आई ICMR (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) की उस रिसर्च के समान ही हैं, जिसमें कहा गया था कि कोरोना वैक्सीन की दो डोज डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ 95% सुरक्षा देता है। वहीं एक डोज लेने वालों के लिए यह आंकड़ा गिरकर 82% हो जाता है।

भारत के बाद अमेरिका समेत कई देशों में कोहराम मचा रहा डेल्टा वैरिएंट
भारत में खौफनाक दूसरी लहर का कारण बना डेल्टा वैरिएंट अब तक 98 देशों में फैल चुका है। यह इन दिनों अमेरिका, मलेशिया, पुर्तगाल, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया में कोहराम मचाए हुए है। साल की शुरुआत में इसने ब्रिटेन और यूरोप में हजारों लोगों को संक्रमित कर दिया।

फिलहाल यह अमेरिका में डॉमिनेंट वैरिएंट, यानी सबसे ज्यादा पाया जाने वाला कोरोना वैरिएंट है। वहां मिल रहे सभी नए मामलों में 51.7% मामले डेल्टा वैरिएंट के हैं। इससे पहले वहां अल्फा प्रमुख वैरिएंट था।

पहली बार भारत में मिला था डेल्टा वैरिएंट, दोगुना तेजी से फैलता है
कोरोना वायरस का डेल्टा वैरिएंट पहली बार भारत में मिला था। माना जाता है कि अल्फा वैरिएंट के मुकाबले 60% और मूल कोरोना वायरस से दोगुना तेजी यानी 100% ज्यादा तेजी से फैलता है।

फ्रांस में हुई यह रिसर्च भारत के लिए बेहद जरूरी

दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन अभियान के दावे के बावजूद भारत में शुक्रवार (9 जुलाई) तक केवल 4.9 आबादी को कोरोना की दोनों डोज लग सकी हैं। वहीं 21% लोगों को वैक्सीन की एक डोज लगी है। दूसरी ओर अमेरिका में 55% आबादी को एक डोज और 48% लोग पूरी तरह वैक्सीनेट हो चुके हैं।

रेत माफिया : बालू भंडारण करते पकड़े जाने पर खनिज अधिकारी की टीम पर किया हमला, वाहन में की तोड़फोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार

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सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में रेत माफिया प्रशासन पर हावी हो गए हैं. जिले के पचिरा में रेत का अवैध भंडारण किया जा रहा था. जिसकी जांच करने खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी. इसी दौरान रेत माफियाओं ने अधिकारी पर हमला कर दिया. जिससे खनिज अधिकारी को शरीर पर चोटें आई हैं. माफियाओं ने खनिज अधिकारी के वाहन में भी तोड़फोड़ की है. हालांकि मामले की शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने 4 आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

खनिज अधिकारी पर माफियाओं ने किया हमला

दरअसल शुक्रवार की सुबह खनिज विभाग की टीम पचिरा में छापेमारी करने पहुंची थी. जहां करीब 30-40 ट्रैक्टर रेत भंडारण करते पकड़े गए. रेत माफियाओं से पूछताछ करने पर खनिज अधिकारी संदीप नायक के साथ गाली-गलौच करने लगे. इसके बाद लाठी-डंडे से पिटाई शुरू कर दी. खनिज अधिकारी किसी तरह से अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले. उनके वाहन में भी तोड़फोड़ की गई है.

उग्र हो रहे रेत माफिया 

खनिज अधिकारी संदीप नायक ने मामले की रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज कराई है. रेत माफियाओं से बचकर इलाज कराने के बाद खनिज अधिकारी ने बताया कि वो जांच पर निकले थे. तभी सड़क पर रेत का भंडारण दिखाई दिया. जिसकी जांच करने रूक गए. उसी दौरान उन पर हमला हो गया. उन्होंने बताया कि जिले में रेत कारोबार करने वाले उग्र हो रहे हैं.

हमला करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार

कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए खनिज अधिकारी पर हमला करने वाले सभी 4 अरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. चारों अरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौच और मारपीट का मामला दर्ज किया गया है. कुछ घंटे के भीतर ही पुलिस ने अरोपियों को धर दबोचा.

5 लोग आए और सो रही मां का गला काट दिया । डायन के नाम पर महिला की कर दी हत्या । 6 साल का बेटा हुआ अनाथ ।

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विश्रामपुर में दलित महिला को डायन कहकर काटा, देवर समेत 6 हिरासत में, मुख्य आरोपी फरार

नगर परिषद स्थित रेहला थाना के गोदरमाखुर्द (बरवाडीह) के रजवार टोला में दलित महिला सूरजमनी देवी 40 वर्ष की डायन-बिसाही के संदेह में गड़ासे से गला काटकर हत्या कर दी गई। यह घटना बुधवार की अहले सुबह तीन बजे की है। घटना के समय उसका पति सुरेश रजवार घर से दूर शौच करने गया था। वहीं सूरजमनी अपने छोटे बेटे 6 साल के आलोक के साथ घर के अंदर सोयी थी।

पुलिस सूरजमनी के छोटे देवर अमरेश, पड़ोसी नवीन रजवार, शिवराम समेत 6 लोगों को शक के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मृतका के पति सुरेश ने पुलिस को बताया कि एक महीने पहले पड़ोसी अनिल रजवार की बच्ची की मौत हो गई थी।

ओझा गुनी का काम करने वाले अनिल ने अपनी बच्ची की मौत का जिम्मेदार मेरी पत्नी सूरजमनी को ठहराते हुए बुरा परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। घटना के एक दिन पहले भी आरोपी अनिल और उसके भाई नवीन ने घर आकर मेरी पत्नी को जल्द ही सबक सिखाने की धमकी दी थी। घटना के बाद से मुख्य आरोपी अनिल घर से फरार है।

चश्मदीद आलोक की जुबानी…
मैं आलोक (6 साल) रात में अपने दो अन्य भाइयों और मां-पिताजी के साथ खाना खाकर अपनी मां सूरजमनी देवी के साथ सोया था। मैं हमेशा उसी के साथ सोता हूं। मुझे अपनी मां से रात में कहानी सुनना बहुत अच्छा लगता है। मुझे क्या पता कि इस रात के बाद मैं अब कभी अपनी मां से कहानी नहीं सुन पाऊंगा। बुधवार की सुबह जब मेरे पिताजी सुरेश रजवान सौच के लिए खेतों की ओर गए तो मेरी नींद हल्की टूट गई। कुछ देर बाद ही दरवाजा खुलने की आवाज सुनाई दी।

मैंने बिस्तर पर सोए हुए ही देखा कि पड़ाेस में रहने वाले पांच लोग मेरे घर के अंदर घुस आए और गाली गलोज करते हुए मेरी मां के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। मां उनकी पकड़ से छूटने का प्रयास करती रही लेकिन उन्होंने मेरी मां के दोनो पैर बांध दिए। इसके बाद सभी ने मां के हाथ और पैर पकड़ लिए और घर से बाहर ले गए।

इस दाैरान मैं डर से वहीं दुबका रहा। फिर उन लाेगाें ने मेरी मां काे जमीन पर पटक दिया और चार लाेग उसके हाथ-पैर पकड़े रहे और एक व्यक्ति अनिल रजवार ने धारदार हथियार से मेरी मां के गले और चेहरे पर वार किया। इससे मां का गला कट गया और वह तुरंत मर गई। मेरी मां काे मारने के बाद सभी वहां से भाग गए तब मैं जाेर-जाेर से चिल्लाकर राेने लगा। मेरी अावाज सुनकर पड़ाेस के लाेग आ गए।

थाेड़ी देर बाद पिताजी भी खेत से लाैट आए। मुझे जान से भी ज्यादा प्यार करने वाली मां की ऐसी दर्दनाक मौत होगी, ऐसा मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था। मेरी भगवान से प्रार्थना है कि मेरी मां को स्वर्ग में अच्छे से रखना और उसके हत्यारों काे कड़ी सजा दिलाना।

शोरगुल सुनकर आए पति और पड़ाेसियाें ने पुलिस काे खबर दी

इधर, घटना के बाद शाेर सुनकर पड़ाेसी वहां जुट गए। वहीं शौच गए सूरजमनी के पति भी वहां दौड़कर पहुंचे, तब तक महिला दम तोड़ चुकी थी। पुलिस निरीक्षक राजबल्लभ पासवान, रेहला थाना प्रभारी नेमधारी रजक, एसआई गुलशन गौरव, गौतम कुमार, रामचंद्र चौधरी ने स्थिति का जायजा लेने के बाद घर के बाहर पड़े मृतका के शव को पंचनामा कराया और पाेस्टमार्टम के लिए एमएमसीएच, मेदिनीनगर भेज दिया। वहीं घटना के एकमात्र चश्मदीद मृतका के बेटे आलोक से पूछताछ के बाद सूरजमनी के छोटे देवर अमरेश, पड़ोस के रिटायर्ड हेडमास्टर गणेश रजवार के छोटे बेटे नवीन, बस्ती के शिवराम से पूछताछ की जा रही है।

मामले का खुलासा कर आराेपियाें पर कड़ी कार्रवाई हाेगी : एसडीपीओ

रेहला थाना पुलिस हत्या में प्रयुक्त हथियार की भी सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस इंस्पेक्टर आरबी पासवान ने प्रथमद्रष्टया इस जघन्य हत्या के पीछे डायन-बिसाही का मामला बताया है। कहा कि टोला के दबंग परिवार रिटायर्ड हेडमास्टर गणेश रजवार के बेटे की संलिप्तता सामने आई है।

जबकि मृतका सूरजमनी का पति सुरेश रजवार भूमिहीन है मिट्टी खपड़ैल की झोपड़ी में रहता है और फैक्ट्री में मजदूरी कर जीवन यापन करता है। इस घटना से गोदरमाकला क्षेत्र में सनसनी फैल गयी है। एसडीपीओ सुरजीत कुमार ने स्पष्ट किया पूरे मामले का शीघ्र खुलासा होगा। साथ ही हत्या में संलिप्त सभी की गिरफ्तारी के साथ उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

हत्या की घटना से भयभीत हैं ग्रामीण

महिला सूरजमनी देवी की अलसुबह जघन्य हत्या से गांव में दहशत का माहौल है। लोग विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि डायन के नाम पर गांव में इस तरह महिला की उसके बच्चों के सामने हत्या कर दी जाएगी।

सावधान! कोरोना के मरीज़ों पर अब हो रहा है साइटोमेगलो वायरस का हमला, अपोलो में मिले 6 मरीज़

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नई दिल्ली.  दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स में छह मरीजों में कोरोना वायरस की जांच में संक्रमित पाए जाने के 20 से 30 दिन के भीतर साइटोमेगलोवायरस (Cytomegalovirus) संक्रमण का पता चला है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि अपोलो में भर्ती किए गए इन सभी मरीजों को पिछले महीने कोविड के कारण गंभीर निमोनिया हो गया था, उन्हें स्टेरॉयड की बहुत ज्यादा खुराकें दी गईं थीं और सीएमवी बीमारी का पता चलने के दौरान वे कोविड नेगेटिव हो गए थे.

साइटेमेगलोवायरस संक्रमण आम हर्रपीज वायरस का संक्रमण है जिसमें कई लक्षण नजर आते हैं. कोई लक्षण नहीं दिखने से लेकर बुखार और थकान से लेकर गंभीर लक्षण जो आंखों, दिमाग या अन्य आंतरिक अंगों को प्रभावित करते हैं. साइटोमेगलोवायरस (सीएमवी) बीमारी अकसर उन मरीजों में दिखने को मिलती है जिनकी प्रतिरक्षा तंत्र पहले से ही कमजोर होता है जैसे एचआईवी, कम सीडी4 संख्या, या कैंसर ट्रांसप्लांट मरीज जिन्हें प्रतिरक्षा तंत्र दबाए रखने की दवा दी जाती है.

6 मरीज़ों में CMV


कोविड-19 के कारण प्रतिरक्षा तंत्र का कमजोर पड़ जाने और स्टेरॉयड दिए जाने से सीएमवी को मरीजों को हमला करने का मौका मिल जाता है. यह वायरस वैसे अंतर्निहित प्रतिरक्षा के कारण 80 से 90 प्रतिशत भारतीय आबादी में मौजूद रहता है. इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स में कंसल्टेंट (रेस्पिरेटरी, क्रिटिकल केयर और स्लीप मेडिसिन) डॉ अतहर अंसारी ने कहा, ‘पिछले महीने, हमने कोविड-19 बीमारी के बाद छह मरीजों में सीएमवी बीमारी का पता लगाया था जो विभिन्न स्वरूपों के साथ सामने आया. सीएमवी के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि शरीर का कौन सा हिस्सा प्रभावित हो रहा है. अगर यह सीधे फेफड़ों को प्रभावित कर रहा है तो मरीज को बुखार होगा, सांस लेने में दिक्कत होगी, सीने में दर्द या खांसी होगी.

उन्होंने बताया कि कोविड-19 की जांच में संक्रमित पाए जाने के 20-30 दिन बाद मरीजों में फेफड़े और जिगर में सूजन- हाइपोक्सिया और इनमें से एक में मेलोइड ल्यूकेमिया भी देखा गया. अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ अवधेश बंसल ने कहा कि इन मरीजों में सीएमी वायरस सक्रिय होने का कारण कोविड-19 के कारण प्रतिरक्षा तंत्र का कमजोर होना और स्टेरॉयड थैरेपी की उच्च डोजा देना हो सकता है.

वन मंत्री मोहम्मद अकबर पहुंचे,पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा मैं कॉविड टीकाकरण पहला डोज लगवाया

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रायपुर,08 जुलाई 2021/ वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कोविड नियमों का पालन करते हुए आज पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर पहुंच कर को-वैक्सीन का पहला डोज लगवाया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि कोरोना के बढ़ते मामलों से सावधानी बहुत आवश्यक है। अतएव जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाया है वे तत्काल अपने क्षेत्र के नजदीकी वैक्सीन सेंटर में जाकर शीघ्र ही वैक्सीनेशन करवा ले। वन मंत्री के साथ उनके सुपुत्र मोहम्मद अरशद ने भी वैक्सीन का पहला डोज लगवाया है

कैदी काजल किन्नर अस्पताल से फरार: हत्या 302 के आरोप में सजा काट रही थी।

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भिलाई। दुर्ग जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती शंकर बुद्धे उर्फ काजल किन्नर कैदी फरार हो गई है. हत्या के मामले में जेल में बंद काजल किन्नर को तबियत खराब होने पर अस्पताल लाया गया था. वो पुलिस को चकमा देकर भाग निकली. पुलिसकर्मी धूल फांकते रह गए. अब पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है.

जानकारी के मुताबिक साल 2019 में काजल किन्नर ने छाया किन्रर को अपने घर फोन करके खाने पर बुलाया था. इस दौरान दोनों ने मिलकर जमकर शराब भी पी थी. शराब के नशे में दोनों के बीच पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद शुरू हो गया. धीरे-धीरे विवाद इतना बढ़ गया कि काजल ने छाया के गले और पेट पर धारदार हथियार से वार कर उसकी हत्या कर दी थी. छाया किन्नर की मौत के बाद बोरी में बंद कर राजीव नगर की गली में फेंक दिया

बाथरूम की खिड़की से कूदकर फरार

घटना के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर दुर्ग जेल में बंद कर दिया गया था. कुछ दिनों पहले ही उसकी तबीयत खराब हो गई थी, जिसकी वजह से उसे दुर्ग जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इस बीच आज डॉक्टर और पुलिस को चकमा देकर अस्पताल के बाथरूम में बनी खिड़की से कूदकर फरार हो गई. फिलहाल पुलिस फरार कैदी की तलाश में जुट गई है.

40% बस किराया वृद्धि की मांग को लेकर यातायात महासंघ बस संचालक एवं व्यापारी कल्याण एवं यात्री संघ ने खोला मोर्चा।

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रायपुर: यातायात महासंघ के अध्यक्ष अनवर अली एवं नगर निगम के अध्यक्ष प्रमोद दुबे के नेतृत्व में बस ऑपरेटरों ने आज नये बस स्टैंड से 40 प्रतिशत यात्री किराये में वृद्धि एवं बसों का टैक्स माफ करने की मांग को लेकर बसों की रैली निकाली। उक्त रैली प्रदेश स्तर पर जिला मुख्यालयों में निकाली गई है।

छत्तीसगढ़ के बस मालिक 13 जुलाई से बसें नहीं चलाएंगे। बस मालिकों ने 40% यात्री किराया बढ़ाने, ऑफ रोड बसों का टैक्स माफ करने की मांग की है। इसके विरोध में वे 14 जुलाई को महादेव घाट में खारून नदी में जल समाधि लेंगे। इसके पहले आज बस स्टैंड से बसों की रैली निकालेंगे, बसों से जाकर परिवहन मंत्री के बंगले में उन्हे अपनी मांग का ज्ञापन सौंपेंगे।

जहां पर बस ऑपरेटर संघ के सदस्य जिला मुख्यालयों के कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपकर उक्त मांग पूरी करने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे। रायपुर में बस महासंघ के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि आसपास के प्रदेशों में यात्री किराये में वृद्धि हो गई है।

जबकि छत्तीसगढ़ में यात्री किराये में वृद्धि एवं बसों का टैक्स माफ नहीं होने से बस सेवा को संचालित करना कठिन हो गया हैं। अनवर अली एवं प्रमोद दुबे ने बताया कि डीजल की कीमतें बढऩे के साथ ही यात्री किराये में वृद्धि नहीं होने से बस ऑपरेटरों की आर्थिक हालत खराब हो गई है। बस ऑपरेटर संघ परिवहन मंत्री के आवास में पहुंचकर ज्ञापन सौंपकर उक्त मांगे तत्काल पूरी करने की मांग करेगा।

वहीं अध्यक्ष एवं प्रमोद दुबे ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि उक्त दो सूत्रीय मांगें पूर्ण नहीं हुई तो 13 जुलाई से बस सेवाएं अनिश्चितकाल के स्थगित कर दी जाएंगी। साथ ही समस्त बस ऑपरेटर खारून नदी में पहुंचकर जल समाधि लेंगे जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन में बैठे आला अधिकारियों पर होगी। ज्ञातव्य है कि नगर निगम के अध्यक्ष स्वयं प्रमोद दुबे ने बस ऑपरेटर है उनकी भी बसें राजधानी से विभिन्न स्थानों के लिए संचालित होती है।

व्यापारी कल्याण एवं यात्री संघ भी सरकार के खिलाफ इस प्रदर्शन में शामिल रहे ।अध्यक्ष सोहेल सेट्ठी ने बसों के बंद होने के कारण व्यापारियों को होने वाले नुकसान के लिए चिंता व्यक्त की और बस संघ की मांगो का समर्थन किया।

कोरोना काल में पिछले दो सालों में लॉक डाउन के कारण बस ऑपरेटरों की आर्थिक स्थिति जर्जर होने का हवाला देते हुए दुबे ने बताया कि कई बस आपरेटर मूल धंधा छोडक़र अन्य कामों में लग गये हैं। परिवार का पालन पोषण करना बस व्यवसाय से जुड़े हुए ड्राइवर कंडक्टर एवं खलासी के लिए मुश्किल हो गया है।