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विश्वास, विकास और सुरक्षा के आधार पर ही प्राथमिकता के साथ ही किया जाएगा सभी कार्य : SP भोजराम पटेल

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कोरबा l जिले के नए एसपी भोजराम पटेल ने आज सुबह जिला पुलिस मुख्यालय पहुंचकर एक ओर जहां अपना पदभार ग्रहण कर लिया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर अपराधियों को भी चेतावनी दे दी है कि अपराध नियंत्रण करने के लिए उन्हें शिकंजे में डाला जाएगा। साथ ही आम आवाम को चैन का माहौल मयश्शर कराया जाएगा।

जिले के नए एसपी श्री पटेल ने पदभार ग्रहण करने के साथ ही अपने मातहत अधिकारियों की भी संक्षिप्त मीटिंग लेकर उन्हें भी आवश्यक दिशा निर्देश एक ओर जहां दिया वहीं दूसरी ओर उन्होंने अपने आने वाले चुनौतियों को हर हाल में उनसे पार पाने के लिए आवश्यक जानकारियां भी ली। कोरबा जिला औद्योगिक क्षेत्र के रूप में पहले से ही जगजाहिर है। यहां देश के हर कोने के लोग निवास करते हैं। जिसके कारण कोरबा को एक तरह से मिनी इंडिया भी कहा जाता है। कालोनियों से लेकर झुग्गी बस्तियों, शहर से लेकर गांवों तक में फैले कोरबा जिले के लोगों को हर हाल में शांति व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण की दिशा में उन्हें एक अच्छे माहौल मिले, इसकी परिकल्पना नए पुलिस अधीक्षक ने की है। जिसका लाभ भी जिलेवासियों को मिलेगा। यह उनके द्वारा अपने प्रवास के दौरान दिए गए संकेत से ही आभास होता है

कोरबा जिले में पदस्थ नए एसपी भोजराम पटेल ने संघर्ष से शिखर तक पहुंचने की मिसाल पेश की है। गरीबी से निकलने वाले लोग चाहे जीतनी भी ऊंचाइयों पर चले जाएँ वे जमीं से जुड़े ही राहते है। उनकी सोच है कि विश्वास, विकास और सुरक्षा के इसके आधार पर ही प्राथमिकता के साथ ही कार्य किया जाएगा। साथ ही जिले में बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करने के साथ जिले की स्थिति को समझने के बाद जिले की प्राथमिकताओं को तय किया जाएगा। साथ ही अपराधों की जांच कर उनका शीघ्र निवारण किया जाएगा। आम जनता से जुड़ने के लिए सोशल पुलिसिंग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। उक्त बातें जिले के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कही।

होटल में प्रेमी जोड़े ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, पहले से शादीशुदा और रिश्तेदार थे दोनों…

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डोंगरगढ़। डोंगरगढ़ के एक होटल में प्रेमी जोड़े ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक महिला और पुरुष शादी-शुदा थे। दोनों आपस में रिश्तेदार थे।

गंडई की रहने वाली महिला अपने पति के साथ भिलाई में रहती थी। वहीं उनके रिश्तेदार मुकेश से महिला की मुलाकात के बाद दोनों में प्रेम हो गया। घर वालों को उनके प्रेम संबंध की जानकारी होने पर उन्हें समझाया भी गया।

भिलाई के महिला थाने में सुलह भी करवाई गई थी। उसके बाद मृतक महिला लक्ष्मी अपने पति के पास वापस गंडई भी आ गई थी। लेकिन मंगलवार से ही लक्ष्मी और मुकेश के लापता होने का पता चला।

दरअसल दोनों डोंगरगढ़ के एक होटल में रुके तथा वहीं फांसी लगा ली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उनके परिजनों को सूचना दी गई। बहरहाल दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

ब्रेकिंग न्यूज़ : गैस सिलेंडर के दाम में 25.50 रुपए की हुई बढ़ोत्तरी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भी रसोई गैस सिलेंडर के दाम में इजाफा किया गया है। राजधानी में रसोई गैस सिलेंडर के दाम 25.50 रुपए बढ़ाए गए हैं। अब 14.2 किग्रा रसोई गैस सिंलेडर के लिए आपको 906 रुपए चुकाने होंगे। वहीं 19 किग्रा के व्यावसायिक गैस सिलेंडर के लिए 1,714 रु देने होंगे।

पेट्रोल डीजल के दामों में लगी आग के बाद रसोई गैस के बढ़े दामों ने महंगाई का तड़का लगा दिया है। रसोई गैस के दाम 25.50 रु बढ़े हैं।14 महीने में 43 % महंगी हो गई है रसोई गैस। भोपाल में 14.2 किग्रा के रसोई गैस सिलेंडर के दाम 1 जुलाई से 25.50 रुपए बढ़कर 840.50 रुपए हो गए हैं, जो 30 जून तक 815 रुपए थे।

WHO ने बढ़ाई टेंशन, कहा-आने वाले महीने पूरी दुनिया पर भारी…

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस की दूसरी लहर का प्रकोप हालांकि अब भारत में कम हो गया है, लेकिन लगातार सामने आ रहे कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामलों ने सरकार के साथ-साथ लोगों की चिंता बढ़ा दी हैं। इस बीच अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी जारी करते हुए परेशानी बढ़ाने वाला बयान दिया है। डब्ल्यूएचओ की मानें तो दुनिया के 96 देशों में मौजूद डेल्टा वैरिएंट तेजी से कोरोना के अन्य वैरिएंट को पछाड़ते हुए विश्व स्तर पर कोरोना वायरस का सबसे खतरनाक वैरिएंट बनकर उभरेगा।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि COVID-19 का डेल्टा वैरिएंट अब लगभग 100 देशों में अनुमान के मुताबिक मौजूद है। इसके साथ ही WHO ने चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों में विश्व स्तर पर कोरोना वायरस का यह डेल्टा वैरिएंट प्रमुख रूप बन जाएगा। डब्ल्यूएचओ ने कोविड-19 साप्ताहिक एपिडेमियोलॉजिकल अपडेट को शेयर करते हुए 29 जून, 2021 को कहा कि 96 देशों ने डेल्टा वैरिएंट के मामले सामने आए है, हालांकि यह संभावना कम है क्योंकि वेरिएंट की पहचान करने के लिए आवश्यक अनुक्रमण क्षमता सीमित है। इनमें से कई देश इस प्रकार के संक्रमण और अस्पताल में भर्ती होने के लिए खुद जिम्मेदार हैं।

कोरोना का मेन वैरिएंट बन जाएगा डेल्टा

इधर ट्रांसमिसिबिलिटी में वृद्धि को देखते हुए डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस का डेल्टा वैरिएंट आने वाले महीनों में अन्य वैरिएंट को तेजी से पछाड़ने और दुनिया का प्रमुख वैरिएंट बन सकता है। इसके साथ डब्ल्यूएचओ ने बताया कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए आज कदम उठाएं जा रहे हैं वो डेल्टा वैरिएंट सहित वायरस के सभी चिंताजनक स्वरूपों के खिलाफ भी असरदार हैं।

सबसे तेजी से फैलने वाला वायरस

आपको बता दें कि पिछले हफ्ते डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने कहा था कि डेल्टा वैरिएंट अब तक पहचाने गए वैरिएंट में सबसे तेजी से फैलने वाला वायरस है और बिना टीकाकरण वाली आबादी के बीच संक्रमण फैला रहा है। इसके साथ ही उन्होंने इस बात के बारे में बताया कि जिन-जिन देशों में कोरोना पाबंदियों में ढील दी गई थी। ऐसे में वहां संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

डेल्टा के मामलों में 11 नए देश शामिल

वहीं नए आंकड़ों के अनुसार 172 देशों में अल्फा वैरिएंट के मामले है, 120 देशों में बीटा वैरिएंट का स्वरूप देखने को मिली है। वहीं 72 देशों में गामा और 96 देशों (जिनमें 11 नए देश हैं) में डेल्टा के मामले सामने आए हैं।(साभार वन इंडिया)

क्या आपके फोन पर कोई दूसरा भी सुन रहा है आपकी बात? GOOGLE ने माना…

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नई दिल्ली
फोन, इंटरनेट पर प्राइवेसी को लेकर कई बार सवाल खड़े होते रहे हैं। यह न जाने कितनी बार कहा गया है कि आपके फोन में जो डाटा है वो सिर्फ आपके पास ही नहीं है। जैसे- जैसे भारत में इंटरनेट का दायरा बढ़ रहा है वैसे- वैसे ही इसको लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। डिजिटल युग में आपकी प्राइवेसी कितनी यह बड़ा सवाल है। सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति के समक्ष पहली बार गूगल ने यह माना है कि कंपनी यूजर्स की कुछ बातें सुनती है।

फेसबुक और गूगल के अधिकारियों ने सोशल मीडिया मंचों के दुरुपयोग के मुद्दे पर मंगलवार को सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा। इस दौरान गूगल से संसदीय समिति ने पूछा कि कुछ सेवाओं पर संदेह होता है। ओके गूगल करके जब गूगल असिस्टेंट से पूछा जाता है या बात की जाती है तो क्या गूगल कर्मचारी भी इसे सुन सकते हैं। गूगल ने माना कि उनके कर्मचारी सुन सकते हैं।
हालांकि गूगल प्रतिनिधि ने माना कि संवेदनशील बातों को नहीं सुना जाता। इस बात पर सांसदों ने पूछा कि यह कैसे तय किया जाता है कि क्या संवेदनशील है और क्या नहीं। समिति की ओर से आईटी मंत्रालय के प्रतिनिधि बुलाने का फैसला किया गया। समिति के सभी सदस्यों ने एक सुर में इस बात को कहा कि सरकार के दिशा निर्देश को सभी कंपनियों का मानना चाहिए।

फेसबुक के भारत में लोक नीति निदेशक शिवनाथ ठुकराल और जनरल काउन्सल नम्रता सिंह ने समिति के समक्ष अपनी बात रखी। गूगल की तरफ से भारत में उसके सरकारी मामलों एवं लोक नीति के प्रमुख अमन जैन तथा निदेशक (विधि) गीतांजलि दुग्गल ने समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा। संसदीय समिति की बैठक का एजेंडा नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना और सोशल मीडिया/ऑनलाइन समाचार मीडिया मंचों के दुरुपयोग को रोकना था।

सूत्रों के मुताबिक, फेसबुक और गूगल के प्रतिनिधियों से कहा गया है कि उनकी मौजूदा डेटा सुरक्षा एव निजता संबंधी नीति में खामियां हैं और उन्हें अपने उपयोक्ताओं के डेटा की निजता और सुरक्षा के लिए कड़े मानक तय करने होंगे। सूत्रों ने बताया कि समिति के अध्यक्ष थरूर ने सोशल मीडिया मंचों पर महिला यूजर्स की निजता को लेकर चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा कि उन्हें कई महिला सांसदों की तरफ शिकायतें मिली हैं।(साभार एन बी टी)

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ‘अच्छे-अपहरण’ में आजीवन कारावास नहीं देंगे…

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नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि अगर अपहरण करने वाले ने व्यक्ति के साथ अच्छा बर्ताव किया है तो उसे आजीवन कारावास नहीं दिया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि यदि अपहृत व्यक्ति के साथ अपहरणकर्ता ने मारपीट नहीं की, उसे जान से मारने की धमकी नहीं दी और उसके साथ अच्छा बर्ताव किया तो अपहरण करने वाले व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता की धारा 364ए के तहत आजीवन कारावास की सजा नहीं दी जा सकती है।

हाई कोर्ट का फैसला रद्द
न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने तेलंगाना उच्च न्यायालय के अपहरण के एक मामले में आरोपी ऑटो ड्राइवर को दोषी ठहराने का फैसला रद्द करते हुए यह टिप्पणी की। ऑटो चालक ने एक नाबालिग का अपहरण किया था और उसके पिता से दो लाख रुपये की फिरौती मांगी थी।
3 बातें साबित करना जरूरी
न्यायालय ने कहा कि धारा 364ए (अपहरण एवं फिरौती) के तहत आरोपी को दोषी ठहराने के लिए अभियोजन पक्ष द्वारा तीन बातों को साबित करना आवश्यक है। उसने कहा कि ये तीन बातें हैं- किसी व्यक्ति का अपहरण करना या उसे बंधक बनाकर रखना, अपहृत को जान से मारने की धमकी देना या मारपीट करना, अपहरणकर्ता द्वारा ऐसा कुछ करना जिससे ये आशंका प्रबल होती हो कि सरकार, किसी अन्य देश, किसी सरकारी संगठन पर दबाव बनाने या किसी अन्य व्यक्ति पर फिरौती के लिए दबाव डालने के लिए पीड़ित को नुकसान पहुंचाया जा सकता है या मारा जा सकता है।

धारा 364ए के तहत आजीवन कारावास या मृत्युदंड की सजा का जिक्र करते हुए न्यायालय ने कहा, ‘पहली स्थिति के अलावा दूसरी या तीसरी स्थिति भी साबित करनी होगी अन्यथा इस धारा के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता।’
शीर्ष अदालत तेलंगाना निवासी शेख अहमद की अपील पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई है। उच्च न्यायालय ने दोषी ठहराए जाने के खिलाफ अहमद की याचिका खारिज कर दी थी और उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 364ए के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

ऑटो चालक अहमद ने सेंट मैरी हाईस्कूल के छठी कक्षा के छात्र को उसके घर छोड़ने के बहाने अगवा कर लिया था। बच्चे का पिता फिरौती देने गया था उसी समय पुलिस ने बच्चे को छुड़ा लिया था। यह घटना 2011 की है और तब पीड़ित की उम्र 13 वर्ष थी। पीड़ित के पिता ने निचली अदालत को बताया था कि अपहरणकर्ता ने लड़के को कभी भी नुकसान पहुंचाने या जान से मारने की धमकी नहीं दी थी।
शीर्ष अदालत ने अहमद को धारा 364ए के तहत दोषी ठहराने का फैसला रद्द कर दिया। उसने कहा, ‘अपहरण का अपराध साबित हुआ है और अपीलकर्ता को धारा 363 (अपहरण का दंड) के तहत सजा दी जानी चाहिए, जिसमें सात साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।’ न्यायालय ने कहा कि अपीलकर्ता को सात साल के कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी जानी चाहिए।(साभार एन बी टी)

छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग में बड़े पैमाने पर अधिकारियों का तबादला हुआ।

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों तबादले का दौर जारी है. हाल ही में IAS, IPS और IFS के बाद परिवहन विभाग में RTO अधिरकारियों का तबादला हुआ है.

महानदी मंत्रालय से जारी आदेश के मुताबिक 19 अधिकरियों का तबादला किया गया है. बलौदाबाजार जिले के परिवहन अधिकारी SL लकड़ा को सहायक परिवहन आयुक्त नवा रायपुर बनाया गया है.

देखे सूची

KCG BREAKING:रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी…लाखों रुपए बरामद,आरोपी गिरफ्तार

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रायपुर। रेलवे सुरक्षा बल रायपुर ने रेलवे में लोकोपायलट के पद पर बिलासपुर में कार्यरत होने एवं रेलवे में नौकरी लगाने के नाम से फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर उससे कुल 1,17,000 रूपए की राशि बरामद की है ।

आपको बता दे की दक्षिण मध्य रेलवे के प्रभारी सुशील यादव के नेतृत्व में रेलवे सुरक्षा बल रायपुर को सूचना मिली कि एक आरोपी गाडी संख्या 02738 गौतमी एक्सप्रेस से एक महिला यात्री का छोटा बैग जिसमें सोने का नेकलेस, कान का टाप, सोने का चैन रिंग सहित, कान का रिंग इत्यादि एवं नगद 18000/- हजार कुल कीमत 78000/- रूपए चोरी कर रायपुर की ओर भाग गया है। आरोपी का फोटो एवं मोबाईल नंबर भी साझा किया गया ।

उक्त सूचना को मण्डल सुरक्षा आयुक्त से रायपुर को अवगत कराया गया और ए.एन. सिंह ने महानिरीक्षक-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त बिलासपुर व संजय कुमार गुप्ता मण्डल सुरक्षा आयुक्त, रायपुर के कुशल मार्गदर्शन में सुशील यादव, निरीक्षक अपराध गुप्तचर शाखा डाटा एनालिटिकल विंग रायपुर द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए साईबर सेल रायपुर से समन्वय कर आरोपी के मोबाईल की ट्रेकिंग करवाई गई ।

पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर की गाड़ी को जोरदार टक्कर मारी,बाल बाल बचे,नशे में धुत था हाइवा चालक  

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पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर की गाड़ी को  ठोकर मारी, बाल-बाल बचे , नशे में धुत था हाइवा चालक  

धमतरी, 1 जुलाई। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर गुरूवार को भखारा में उस वक्त बाल बाल बच गए जब उनकी गाड़ी को हाइवा ने पीछे से ठोकर मार दी। श्री चंद्राकर को अंदरूनी चोटें आई है। हाइवा चालक नशे में बताया गया है।

 घटना करीब डेढ़ बजे के आसपास की है। श्री चंद्राकर अपनी फार्चुनर वाहन से अपने विधानसभा क्षेत्र कुरूद के भखारा के कार्यालय जा रहे थे। कार्यालय के ठीक सामने गाड़ी रूकी वे गाड़ी से उतर रहे थे कि पीछे से 12 चक्के वाली एक हाइवा ने पीछे से ठोकर मार दी। 

श्री चंद्राकर गाड़ी के डेसबोर्ड में टकरा गए, उन्हें अंदरूनी चोटें आई है। आसपास के लोगों ने तुरंत हाइवा को रोक लिया, और चालक को धर दबोचा। बताया गया कि हाइवा चालक नशे में धुत था। पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर लिया है। पूर्व मंत्री की गाड़ी का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। पूर्व मंत्री श्री चंद्राकर रायपुर आ रहे हैं। यहां उनका चिकित्सकीय जांच भी होगी। 

उल्लेखनीय है कि पूर्व मंत्री अवैध रेत खनन के मामले को लेकर काफी मुखर रहे हैं। विधानसभा के भीतर, और बाहर रेत माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए दबाव बनाते रहे हैं। कुछ महीने पहले उन्हें धमकी भी मिली थी। बाद में आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया। उनके समर्थक श्री चंद्राकर पर हमले की कोशिश के रूप में भी देख रहे हैं। बहरहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही

सूदखोरों ने दी पत्नी को उठाने की धमकी, हेड मास्टर ने की आत्महत्या…..

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बरेली
बरेली में बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालय के हेड मास्टर ने तीन सूदखोरों से रुपये लिए थे। चार गुना लौटाने के बाद भी सूदखोर और रुपये की मांग कर रहे थे। न देने पाने पर हेडमास्टर को जान से मारने और जेल भिजवाने की धमकी दे रहे थे। सूदखोरों ने जब पत्नी को भी उठाने की धमकी दी तो परेशान होकर हेडमास्टर ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार को आत्महत्या से पहले हेडमास्टर ने अपनी जेब में सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें सूदखोरों से परेशान होने की बात कही है। बता दें कि एक दिन पहले ही बरेली में ही एक लड़की ने सूदखोरों से तंग आकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। पुलिस दोनों मामलों में कार्रवाई कर रही है।

गन्ने के खेत में पड़े मिले हेडमास्टर
आत्महत्या करने वाले हेडमास्टर चंद्रपाल गंगवार बरेली जिले के मीरगंज तहसील क्षेत्र के गांव संजरपुर के निवासी थे। चंद्रपाल को उनके गांव के एक गन्ने के खेत में मंगलवार शाम को पड़ा पाया गया। इसके बाद परिजनों ने उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। बुधवार को हेडमास्टर की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने सूदखोरों के खिलाफ पुलिस से शिकायत की। बरेली के एसपी देहात राज कुमार अग्रवाल ने बताया कि हेडमास्टर चंद्रपाल के सुसाइड नोट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। सूदखोरों को पकड़कर जेल भेजा जाएगा।

सुसाइड नोट में लिखा- सूदखोर दे रहे थे मारने और पत्नी को उठाने की धमकी
हेडमास्टर चंद्रपाल गंगवार की जेब में सुसाइड नोट मिला है। इसमें उन्होंने कई सूदखोरों द्वारा परेशान किए जाने की बात कही है। एक महिला सूदरखोर समेत तीन सूदखोरों से रुपये सूद पर लेने की बात कहते हुए लिखा है कि इन सूदखोरों ने बदले में उनसे साइन करे हुए ब्लैंक चेक लिए थे। सूदखोरों की चार गुना पैसे देने के बाद भी यह लगातार पैसे वसूलने की धमकियां दे रहे थे। एक सूदखोर ने तो उनकी पत्नी तक को उठा लेने की धमकी दी थी। कई बार वह जान से मारने की धमकी भी दे चुका था। रोज दिन में कई बार फोन कर परेशान किया जा रहा था। इससे परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या का कदम उठाया है।

ट्रांसपोर्टर की बेटी ने भी की आत्महत्या की कोशिश
हेडमास्टर से एक दिन पहले बरेली के राजेंद्र नगर में रहने वाले एक ट्रांसपोर्टर की बेटी ने सूदरखोरों की बदसलूकी से तंग आकर फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने उसको समय रहते देख लिया और उसे बचा लिया। उसका एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। ट्रांसपोर्टर ने एक सूदखोर से एक लाख रुपये लिया था। ट्रांसपोर्टर के मुताबिक, वह एक लाख 70 हजार रुपये सूदखोर को दे चुके थे, लेकिन फिर भी वह 70 हजार रुपये और बकाया बता रहा था। इसके लिए सूदखोर ने घर में घुसकर ट्रांसपोर्टर को अपमानित किया। बेटी ने बचाया तो उसे सूदखोर ने बेइज्जत किया। इससे आहत होकर युवती ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। पुलिस ने इस मामले को भी संज्ञान लिया है।

सख्त हुआ प्रशासन, सूदखोरों के खिलाफ चलेगा अभियान
बरेली में पहले भी सूदखोरों के आतंक से परेशान लोग आत्महत्या जैसा कदम उठा चुके हैं। हाल ही में दो घटनाएं सामने आने पर जिला प्रशासन ने अब सूदखोरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आदेश जारी कर दिया है। एडीएम प्रशासन ने बुधवार शाम को जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदार को आदेश जारी करके बिना पंजीकरण और निर्धारित से ज्यादा सूद लेने वाले सूदखोरों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

जरूरत पर पैसा लेना पड़ रहा भारी
सूदखोरों ने आम आदमी बहुत जरूरत होने पर ही पैसा लेता है। एक तो सूदखोर मनमाना ब्याज वसूलते हैं और दूसरा पैसा लेने वाले लगातार पैसा वसूलते हैं और सूद दर सूद बढ़ाते जाते हैं। पैसा लेने वाला बेहद परेशान हो जाता है। पैसा देते-देते थक जाता है, लेकिन सूद नहीं उतरता है।(साभार एन बी टी)