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छत्तीसगढ़ सरकार:वनवासियों के हित में वायदे के मुताबिक 50 से बढ़कर 52 लघु वनोपजों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी

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*लघु वनोपजों की संख्या तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि से 13 लाख संग्राहकों को प्रतिवर्ष 502 करोड़ रूपए की अतिरिक्त आय*

*राज्य में वनोपजों का क्रय के लिए 3500 महिला समूह सक्रिय* 

*इमली के ही प्राथमिक प्रसंस्करण में 21582 हितग्राहियों को 2.69 करोड़ का मुनाफा*

*वर्ष 2020-21 में 7.50 करोड़ के 111 प्रकार के हर्बल उत्पाद तैयार*

*लघु वनोपज आधारित उद्योग की स्थापना पर जोर* 

*वनांचल योजना: पांच करोड़ तक के वनोपज आधारित उद्योगों की स्थापना हेतु विशेष पैकेज*

रायपुर, सियासत दर्पण न्यूज़,/ छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार द्वारा राज्य के निवासियों से यह वादा किया गया था कि सरकार गठन के तत्काल बाद तेंदूपत्ता एवं अन्य लघु वनोपजों के संग्रहण दर में वृद्धि की जायेगी तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी करने के लिए वनोपजों की संख्या भी 7 से बढ़ाकर 50 की जाएगी। अपने वादों को न केवल पूरा करते हुए बल्कि इससे भी आगे बढ़कर प्रथम वर्ष में ही 52 लघु वनोपज प्रजातियों का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय करना प्रारंभ कर दिया गया है। 

छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार का वनवासियों के हित में अहम निर्णय लेते हुए लघु वनोपजों का न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी वृद्धि की गयी। वर्ष 2018 में तेंदूपत्ता का संग्रहण दर  2500 रूपए प्रति मानक बोरा था, उसे बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा कर दिया गया। इससे पहले वर्ष 2019 में ही 13 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को 225 करोड़ रूपए की अतिरिक्त आय हुई। अन्य लघु वनोपज में जहां वर्ष 2018 में मात्र 7 वनोपजों का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर संग्रहण किया जाता था, उसे बढ़ाकर 52 लघु वनोपज के क्रय की व्यवस्था न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गयी, न केवल वनोपजों की संख्या में वृद्धि की गई, बल्कि ग्राम एवं हाटबाजार स्तर पर 3500 महिला स्व-सहायता समूहों का गठन करते हुए और उनके प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षित एवं प्रोत्साहित करते हुए अधिक से अधिक वनोपज क्रय हेतु प्रोत्साहित किया गया। न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी वर्ष 2018 की तुलना में वृद्धि की गयी, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम यह हुआ है कि लगभग 6 लाख लघु वनोपज संग्राहकों द्वारा बिचौलियों के औने-पौने दाम में लघु वनोपज न बेचते हुए ग्राम एवं हाट बाजार स्तर पर गठित समितियों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर वनोपजों का विक्रय किया गया।

 इसी तरह वर्ष 2018 में जहां 1600 करोड़ रूपए का ही कुल वनोपज क्रय किया गया था, उसे बढ़ाकर 2100 करोड़ रूपए का क्रय किया गया, जो कि वर्ष 2018 की तुलना में 32 प्रतिशत की वृद्धि प्रतिवर्ष हुई है। इस तरह राज्य में लघु वनोपजों की संख्या एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि के फलस्वरूप 13 लाख से अधिक गरीब तथा आदिवासी लघु वनोपज संग्राहकों को प्रतिवर्ष 501 करोड़ 70 लाख रूपए की राशि की अतिरिक्त आय हो रही है। दरों में वृद्धि से अतिरिक्त आय होने वाले 17 मुख्य प्रजातियों में तेन्दूपत्ता, महुआ फूल, इमली (बीज सहित), महुआ बीज, चिरौजी गुठली, रंगीनी लाख, कुसुमी लाख, फूल झाड़ृ, गिलोय, चरोटा बीज, धवई फूल, बायबिडिंग, शहद, आंवला (बीज रहित), नागरमोथा, बेल गुदा तथा गम कराया शामिल है। 

छत्तीसगढ़ राज्य में लघु वनोपजों का अनुमानित उत्पादन 1200 करोड़ रूपए प्रतिवर्ष से अधिक का है, परंतु अधिकांश लघु वनोपज व्यापारियों द्वारा क्रय कर अन्य राज्यों में प्रसंस्करण हेतु भेज दिया जाता था। इमली, लाख इत्यादि वनोपज का भी न तो प्राथमिक प्रसंस्करण किया जाता था न ही ऐसे अधिक मात्रा में प्रसंस्कृत उत्पाद निर्मित किये जाते थे। छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप सिर्फ इमली का प्राथमिक प्रसंस्करण करते हुए इसका डीसिडिंग कार्य राज्य में ही क्षेत्रीय स्तर पर कराया गया, जिसमें 21 हजार 582 हितग्राहियों को 2 करोड़ 69 लाख रूपए की अतिरिक्त आय हुई। इसके अलावा अन्य लघु वनोपजों के प्राथमिक प्रसंस्करण से एक करोड़ 91 लाख रूपए की अतिरिक्त आमदनी संग्राहकों को हो रही है। प्राथमिक प्रसंस्करण के फलस्वरूप वनोपज का मूल्य-संवर्धन भी हुआ है, जिससे लघु वनोपज के विक्रय से वनोपज का उचित मूल्य भी प्राप्त हुआ।

लघु वनोपज के प्राथमिक प्रसंस्करण के साथ-साथ हर्बल उत्पादों का निर्माण भी 50 प्रसंस्करण केंद्रों द्वारा किया जा रहा है, जिसमें 1324 महिला स्व-सहायता समूह शामिल हैं। इन समूहों के अंतर्गत 17 हजार 424 महिला हितग्राही लघु वनोपज के प्रसंस्करण का कार्य कर रही हैं तथा त्रिफला, महुआ लड्डू, च्यवनप्राश, चिरौंजी, सेनेटाईजर, भृगराज तेल, 3 शहद, काजू इत्यादि के हर्बल उत्पाद तैयार किया जा रहा है। वर्ष 2020-21 में 111 प्रकार के हर्बल उत्पादों को तैयार किया गया, जिसका विक्रय मूल्य 7 करोड़ 50 लाख रूपए है। इन समूहों को प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान जैसे आई.आई.टी कानपुर के माध्यम से उद्यमिता एवं प्रसंस्करण हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे ये स्व-सहायता समूह प्रसंस्करण कार्य हेतु आत्म-निर्भर बन सकें, इन प्रसंस्करण केंद्रों द्वारा तैयार किये गये हर्बल उत्पादों को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा छत्तीसगढ़ हर्बल्स ब्रांड नाम से मार्केटिंग करते हुए विक्रय का कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2020-21 में 10 करोड़ रूपए से अधिक राशि के हर्बल उत्पादों के विक्रय का लक्ष्य रखा गया है। 

हर्बल उत्पाद के डिमांड को देखते हुए अमेजन जैसे प्लेट फार्म ई-कामर्स पर भी इन उत्पादों का आनलाईन विक्रय प्रारंभ किया जा चुका है। छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पाद शासकीय संजीवनी स्टोर के अलावा प्रदेश में अन्य निजी विक्रय केंद्रों में भी संवितरक के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। लघु वनोपजों के प्रसंस्करण के सीधा लाभ वनोपज सग्राहकों, महिला स्व-सहायता समूहों तथा अन्य व्यक्तियों को हो रहा है। इन प्रयासों के फलस्वरूप न केवल संग्राहकों की आय में वृद्धि हुई है, अपितु महिला स्व-सहायता समूहों की क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ आत्मनिर्भर होने की ओर अग्रसर हुए हैं। 

छत्तीसगढ़ में इन प्रसंस्करण केन्द्रों के अलावा लघु वनोपज के व्यापक उत्पादन को देखते हुए तथा राज्य के अंतर्गत ही बड़े प्रसंस्करण केंद्र भी स्थापित करने की दिशा में निर्णय लिया गया है। इस संबंध में जहां क्षेत्रीय स्तर पर ट्राइफूड योजना के अंतर्गत कटहल एवं शहद के प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने की योजना तैयार की गयी हैं। वहीं केंद्रीय स्तर पर केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई की स्थापना दुर्ग जिले में की जा रही है, इसके अंतर्गत 78.11 करोड़ रूपए लागत की आयुर्वेदिक निर्माण इकाई की स्थापना की जाएगी। जिसमें छत्तीसगढ़ में उपलब्ध औषधि पौधों का उपयोग करते हुए विभिन्न आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही 50 करोड़ रूपए के इमली, महुआ, लाख, जूस एवं औषधि सत्त के उत्पादन हेतु प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना की जाएगी। उद्योग विभाग द्वारा भी हर्बल फूड पार्क विकसित कर निजी निवेशकों को लघु वनोपज आधारित उद्योग स्थापित करने हेतु प्लॉट उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे राज्य में औद्योगिक नीति का फायदा उठाते हुए अधिक से अधिक उद्योगों की स्थापना संभव हो।

*राज्य द्वारा वनोपज संग्रहण एवं प्रसंस्करण संबंधी लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय*

छत्तीसगढ़ में इसके तहत अनुसूचित क्षेत्र में कोदो, कुटकी एवं रागी का राज्य लघु वनोपज संघ के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय का निर्णय लिया गया है। इसी तरह लाख उत्पादन को कृषि का दर्जा देकर धान की तरह ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा राज्य में वनोपज आधारित उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऐसे उद्योगों को उच्चतम प्राथमिकता के श्रेणी में रखा गया है। साथ ही वनांचल योजना लागू कर 5 करोड़ रूपए तक के वनोपज आधारित उद्योगों की स्थापना हेतु विशेष पैकेज लागू किया गया है।

भूपेश सरकार में ईसाई समाज की भागीदारी तय करने के संबंध में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी से अनुरोध

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रायपुर। कांग्रेस सरकार आने के बाद प्रदेश में हर क्षेत्र में बदलाव देखने को नजर आया साथ ही महत्वपूर्ण विभागों में सभी महत्वपूर्ण लोगों को बराबर भागीदारी भी दी गई लेकिन अल्पसंख्यक की श्रेणी में आने वाले ईसाई समाज को किसी भी महत्वपूर्ण स्थानों में चयन नहीं किया गया ना ही उन्हें एल्डरमैन या किसी भी आयोग की सूचियों में शामिल किया गया ऐसे में उनकी परेशानियों को सरकार तक पहुंचाने की जो एक कड़ी है वह भी टूट गई। 100 से भी अधिक वर्षों से मदकूद्वीप में ईसाई समाज का भव्य मेला लगते आ रहा है सिर्फ एक मेले के भरोसे ही अब ईसाई समाज सिमट कर रह गए हैं क्योंकि मदकूद्वीप में लगने वाले मेले को लेकर भी हमारे समाज द्वारा कई बार सरकार के समक्ष अपनी बातों को रखा गया यह कहते हुए कि कई वर्षों से यहां मेला संचालित होते आ रहा है ऐसे में यह स्थल ईसाई समाज के लिए आवंटित कर दिया जाए क्योंकि यह स्थल मसीह समाज के लिए उनके आस्था का एक महत्वपूर्ण स्थान है लेकिन इसके बावजूद भी सरकार तक हमारी बातें शायद नहीं पहुंच पाई हो यही कारण है कि अभी तक उन्होंने इस मामले पर अपने कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है इसके अलावा ईसाई समाज से जुड़े और भी कई मामले हैं जिनके बारे में सरकार को जानकारी होना अति आवश्यक है क्योंकि हमारी समस्याओं को सुन सके ऐसा कोई भी प्रमुख  सरकार से जुड़ ही नहीं पाया है फिलहाल भूपेश सरकार के किसी भी क्षेत्र में ईसाई समाज का दखल नहीं है क्योंकि किसी भी क्षेत्र में हमारे समाज के लोगों को हिस्सेदारी नहीं दी गई है छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, कांग्रेस का शासन है। पिछले ढाई साल में भूपेश सरकार ने कई योजनाएं लाईं, निगम बोर्डों से लेकर अल्डरमेन तक कई जगह नियुक्तियां कीं, लेकिन बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि छत्तीसगढ़ के ईसाई समाज के लोगों को किसी भी तरह से महत्व नहीं दिया गया. किसी भी जगह और अब तक उन्हें सिर्फ नजरअंदाज किया गया है।मसीह समाज की स्थिति को देखते हुए मेरे द्वारा छत्तीसगढ़ के ईसाई समाज के उत्थान के लिए छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार को उचित निर्देश देने हेतु मेरे द्वारा कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जी को एक पत्र लिखा गया है जिसमें मसीह समाज के पुनरुत्थान के संबंध में व उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में उन्हें अवगत कराया गया है

CMभूपेश बघेल ने PM नरेंद्र मोदी से की अपील कहा:प्रदेश में उपलब्ध कराई जाए 1 करोड़ वैक्सीन की डोज।

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना के बीच अब वैक्सीन नहीं होने के काऱण टीकाकरण अभियान में संकट मंडराने लगा है. छत्तीसगढ़ में अब महज 9,98,810 डोज बचे हैं. इससे टीकाकरण की रफ्तार धीमी पड़ जाएगी. सीएम भूपेश बघेल ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराने की अपील की है. 

छत्तीसगढ़ में टीकाकरण पर मंडरा रहा संकट

सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में कोविड-19 के विरूद्ध टीकाकरण का कार्य तीव्र गति से चल रहा है. राज्य अब तक फ्रंटलाइन वर्कर को 100% फर्स्ट डोज और हेल्थ केयर वर्कर को 91% फर्स्ट डोज लग चुकी है. इनमें से 71% फ्रंटलाइन वर्कर को और 70% हेल्थ केयर वर्कर को सेकंड डोज भी लगाई जा चुकी है.

45 वर्ष से अधिक के आयु वर्ग में भी अब तक 80% नागरिकों को वैक्सीन की फस्ट डोज लगाई जा चुकी है. 18-44 वर्ष के आयु वर्ग का टीकाकरण 1 मई से ही प्रारम्भ हुआ है. दो माह से भी कम समय में राज्य में 18-44 वर्ष आयु वर्ग के 16% नागरिकों को भी कोरोना वैक्सीन की प्रथम डोज लगाई जा चुकी है. वर्तमान में छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 3 लाख से अधिक लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं.

छत्तीसगढ़ राज्य में वर्तमान में कोरोना वैक्सीन की मात्र 9,98,810 डोज शेष बचे हैंं, जो केवल 3 दिन के लिए ही पर्याप्त हैं. हमने राज्य के लिए यह लक्ष्य निर्धारित किया है कि यदि हमें भारत सरकार से पर्याप्त संख्या में कोरोना टीके के डोज प्राप्त हो जाएं तो हम एक माह में ही सभी पात्र हितग्राहियों को टीके की प्रथम डोज लगा देंगे. इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य में व्यापक रूप से जन अभियान भी चलाया गया है.

सीएम ने कहा कि मुझे आपके ध्यान में यह बात लानी है कि राज्य द्वारा बार-बार मांग किए जाने पर भी छत्तीसगढ़ को पर्याप्त संख्या में टीके उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं. अनुरोध है कि छत्तीसगढ़ राज्य को जुलाई माह में कोरोना टीके की कम से कम एक करोड़ डोज उपलब्ध करायी जाए.

देखें पत्र-

बन्नी थॉमस जी को”महामंत्री”ब्लॉक कांग्रेस कमिटी बिरगांव बनाये जाने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं मैं खुशी देखने मिली।

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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेंटी के सदस्य छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेंटी के महामंत्री व राजनांदगाँव जिला प्रभारी
आदरणीय परम् श्रद्धेय श्री पंकज भैया से आज सौजन्य मुलाकत कर

बन्नी थॉमस जी को”महामंत्री”ब्लॉक कांग्रेस कमिटी बिरगांव बनाये जाने पर धन्यवाद दिया।

साथ मे आदरणीय करण शर्मा जी(पूर्व पार्षद बिरगांव)

हनी बग्गा जी(प्रदेश सचिव एवम राष्ट्रीय संयोजक nsui)

ललित पाठक (महामंत्री युवा कांग्रेस बिरगांव ब्लॉक)

रविवार दोपहर को सभी कांग्रेस कार्यकर्ता के साथ मिलकर बधाई देते हुए इसकी घोषणा की गई।

राजधानी में खुलेंगे सिनेमा हॉल, जंगल सफारी, पुरखौती मुक्तांगन, पार्क और स्वीमिंग पूल, जानिए क्या रहेंगी पाबंदियां ?

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छत्तीसगढ़ में कोरोना के मद्देनजर सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, थियेटर, पार्क और स्वीमिंग पूल को बंद रखने के निर्देश दिए गए थे. अब कोरोना के घटते मामलों के बीच पब्लिक प्लेसेस को खोलने की अनुमति दी जा रही है. दुकान और बाजारों को खोलने की अनुमति पहले दे दी गई थी. अब सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, थियेटर, पार्क और स्वीमिंग पूल को भी खोलने की अनुमति दी गई है.

सिनेमा हॉल खोलने की अनुमति

कलेक्टर के आदेश के मुताबिक रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार के मुताबिक जिले में सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, थियेटर, पार्क (उद्यान) थीम पार्क, वाटर पार्क, स्टेडियम/ स्पोर्टस काम्पलेक्स, स्वीमिंग पूल सामूहिक स्थल जैसे जंगल सफारी, तेलीबांधा, बूढ़ा तालाब, पुरखौती मुक्तांगन संचालन की अनुमति निम्न शर्तों के अनुसार दी गई है.

  • प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर डिस्पेंसर और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा.
  • सिनेमा हॉल और थियेटर का संचालन कुल क्षमता के 50 प्रतिशत व्यक्तियो के साथ ही किया जा सकेगा
  • रात 8 बजे तक खोले जा सकेंगे सभी स्थल
  • परिसर के बाहर, पार्किंग स्थल, लॉबी, वॉशरूम में सोशल डिस्टेसिंग/फिजीकल डिस्टेसिंग को ध्यान में रखते हुए उचित भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए
  • सभी शासकीय, निजी ऑफिसों और दुकानों को जहां सभी का टीकाकरण हो चुका है वहां बाहर सूचना चिपकाना अनिवार्य होगा.

बता दें कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा. कोरोना के नियमों का पालन करना होगा.

मंत्री रुद्रगुरु को सुकमा और मुंगेली जिले का प्रभारी बनाए जाने पर महिला कांग्रेस प्रदेश सचिव पूनम पांडे ने दी बधाई,

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रायपुर. छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री रुद्रगुरू को सुकमा और मुंगेली जिले का प्रभारी बनाए जाने पर आज महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव पूनम पांडेय ने अपनी महिला टीम के साथ जाकर उनको बधाई देते हुए उनसे मुलाकात की।

आपको बता दे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवाजन पर मंत्री गुरुरूद्र को सुकमा और मुंगेली जिले के प्रभारी बनाए जाने पर प्रदेश सचिव पूनम पांडे ने अपनी महिला टीम के साथ उनके निवास स्थान में मंत्री जी से मिलकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहां की मुंगेली और सुकमा के लोग बहुत सीधे है वही प्रदेश सचिव ने घरेलू महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर के तहत रोजगार दिलाने की मांग भी की है।

दुकान से हुई 3 लाख 50 हज़ार की चोरी, पुलिस ने किया शातिर चोरों को गिरफ्तार।

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राजधानी रायपुर: थाना माना कैंप में प्रार्थी नरेश कुमार लुल्ला पिता ठाकुर के दुकान से अज्ञात आरोपी द्वारा ₹350000 / चोरी होने की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध थाना माना कैंप में अपराध क्रमांक 93/21 धारा 380 भादवि का अपराध पंजीबद्ध

विवरण :–प्रार्थी नरेश कुमार लुल्ला द्वारा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 22/05/21 को प्रार्थी के दुकान में रखे ₹350000 /–को अज्ञात आरोपी द्वारा चोरी किया गया प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध किया गया।

  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  रायपुर  अजय यादव के आदेश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण  तारकेश्वर पटेल एवं सीएसपी माना  लालचंद मोहले के मार्गदर्शन एवं दिशा निर्देश में थाना माना क्षेत्र में लगातार सूने मकानों एवं दुकानों में हो रही चोरी की घटना में प्रतिबंध लगाने हेतु थाना प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश रावटे को टीम बनाकर आरोपियों की पतासाजी करने निर्देश दिया गया जो थाना प्रभारी द्वारा टीम बनाकर आरोपियों की पतासाजी दौरान घटनास्थल में कार्यरत कर्मचारियों पर निगाह रखी गई दुकान में कार्यरत विशाल रायदेव के द्वारा घटना दिनांक के बाद से अधिक खर्च करना पता चलने पर संदेह के आधार पर पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा अपनी महिला मित्र नेहा निर्मलकर के साथ मिलकर दुकान से रकम चोरी किया गया है और चोरी के रकम को आपस में बांट  लिए आरोपी विशाल राय देव के कब्जे से नगदी ₹100000 एवं आरोपी नेहा निर्मलकर के कब्जे से ₹50000 और चोरी की रकम से खरीदे  मोबाइल 01नग फ्रिज 01 नग एवं कपड़े एवं जूते कुल लगभग ₹200000 जिसमें डेढ़ लाख रुपए नगद एवं लगभग ₹50000 का सामान बरामद किया गया है आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है 

गिरफ्तार आरोपी 01 विशाल रायदेव पिता राजेश राय देव उम्र 20 साल साकिन महाशक्ति वार्ड झूलेलाल नगर भाटापारा थाना भाटापारा बलोदा बाजार हाल हीरापुर गुरुद्वारा के पास थाना आमानाका जिला रायपुर 

02 नेहा निर्मलकर पिता कौशिक निर्मलकर उम्र 21 साल साकिन लोधी पारा जिला अस्पताल के पीछे थाना जिला रायपुर 

आरोपियों को गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश रावटे सउनि राधे लाल साहू आरक्षक प्रमोद सिंह चंदेल आरक्षक पवन त्रिपाठी का विशेष योगदान रहा।

कार की सीट के चेंबर में छिपाकर ले जा रहे थे 37 लाख 28 हजार, दो गिरफ्तार

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महासमुंद। कार की सीट के पीछे बने चेंबर में छिपाकर ले जा रहे दो लोगों को सिंघोड़ा थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय चेक पोस्ट रेहटीखोन के पास 37 लाख 28 हजार 900 रुपए के साथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों पड़ोसी राज्य ओडि़शा के रास्ते महासमुंद की ओर आ रहे थे। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है।
महासमुंद एसपी प्रफुल्ल कुमार ठाकुर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कार ओडिशा की तरफ से कैश लेकर महासमुंद की ओर आ रही है, जिस पर एसपी ने सिंघोड़ा टीआई को निर्देश दिए थे। इसके बाद रेहटीखोन चेकपोस्ट पर पुलिस लगातार आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ कर रही थी। इसी दौरान एक कार में पीतांबर शिवाजी माने (46) और अविनाश सिंगारे (36) भी आ रहे थे। पुलिस को उन पर शक हुआ, इसलिए पूछताछ शुरू की, लेकिन दोनों जवाब ठीक से नहीं दे सके। इसके चलते गाड़ी की चेकिंग की गई, जिसमें पाया गया कि सीट के पीछे बने चेंबर मे कैश का बहुत सारा बंडल रखा है। पुलिस ने कार के सीट के पीछे बने चेंबर से 2 हजार के 103 नोट, 500-500 के 6795 नोट, 200-200 के 127 नोट और 100-100 के एक हजार नोट समेत 37 लाख 28 हजार 900 जब्त किया है। इसके बाद आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने आशंका जताई है कि मामले में कुछ बड़ा खुलासा भी हो सकता है।

गोविन्द शर्मा (प्रदेश अध्यक्ष) पत्रकार सुरक्षा समिति:छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून नही तो अगली भुपेश सरकार भी नही..

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रायपुर/बिलासपुर-: प्रदेश की सरकार को शहरी एवं आंचलिक पत्रकारो ने इसी शर्त पर अपना समर्थन दिया था कि सरकार आने के बाद सरकार सबसे पहले पत्रकार सुरक्षा कानून बनाएगी ।

    बिलासपुर में अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के कार्यक्रम में भुपेश बघेल जब विपक्ष की भूमिका निभा रहे थे तभी इसकी सहमति दी थी की हमारी सरकार आएगी सबसे पहले पत्रकार सुरक्षा कानून बनाया जाएगा ,सरकार बनी और भुपेश बघेल ने कानून बनाने की प्रकिया को आगे बढ़ा कर विधानसभा पटल में रख इसको आगे बढ़ाने का काम किया।

        मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने एक रिटायर्ड हाईकोर्ट के जज की समिति बनाकर पत्रकार सुरक्षा कानून को कानून के रूप में शामिल करने पर।सहमति दी ।

 सरकार द्वारा बनाई गई समिति ने इन ढाई साल में पत्रकारों के साथ दो से तीन बैठक कर सुरक्षा कानून के मसौदे पर चर्चा एव सुझाव मंगाया जिसे पत्रकार सुरक्षा समिति ने समय समय पर दिया भी लेकिन अब सरकार की नीयत बदली हुई नजर आ रही है क्योंकि कानून का प्रारूप लगभग तैयार हो गया है लेकिन सरकार इसे लागू करने के मूड में नही है ।

   भुपेश बघेल सरकार के अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है यदि सरकार बनाने में पत्रकारों ने आपको सहयोग किया है तो अपने अधिकार के लिए सरकार के विरोध के भी पत्रकार अपनी भूमिका निभाएंगे । जिसका आने वाले समय दिखाई भी देगा इसकी शुरुआत अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति की  प्रदेश स्तरीय बैठक में बहुत जल्द दिखाई देने वाला है ।

एसोसिएशन की मांग 1 जुलाई से स्कूल खोलने का आदेश जारी करे सरकार ,लॉकडाउन के चलते 500 प्राइवेट स्कूल बंद हो गए,

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छत्तीसगढ़ में लगभग 500 प्राइवेट स्कूल बंद हो चुके हैं। इनमें ज्यादातर ऐसे स्कूल हैं जो राज्य के शहरों के लगभग हर मुहल्ले में संचालित किए जा रहे थे। यह असर है कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन का। प्रदेश में मार्च 2020 से स्कूल बंद हैं। आर्थिक दिक्कतों की वजह से ये स्कूल बंद कर दिए गए। स्कूलों के बंद होने की ये जानकारी खुद छत्तीसगढ़ के प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की तरफ से दी गई है। शुक्रवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को इन दिक्कतों को बताते हुए एक ज्ञापन सौंपा है। यह मांग भी की है कि 1 जुलाई से पूरे प्रदेश में प्राइवेट स्कूल खोल दिए जाएं।

60 प्रतिशत पैरेंट्स पैसे ही नहीं दे रहे
छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की तरफ से मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन रायपुर के कलेक्टर को सौंपा गया है। इस ज्ञापन में स्कूल एसोसिएशन के प्रमुख राजीव गुप्ता की तरफ से बताया गया है कि लॉकडाउन और कोरोना के असर के बीच प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के 40 फ़ीसदी पेरेंट्स ने ही अब तक फीस जमा कराई है। हम चाहते हैं कि सरकार सभी पेरेंट्स से पूरी फीस फीस देने को लेकर अपील करे। फीस ना मिलने की वजह से स्कूल का खर्च चला पाना मुश्किल हो रहा है, जबकि समय-समय पर सरकार की तरफ से मिले निर्देशों के साथ प्राइवेट स्कूलों ने बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखी है।

बसों की किश्त जमा करने के पैसे नहीं, बैंक दबाब बना रहे
लॉकडाउन का असर बताते हुए प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के राजीव गुप्ता ने अपने ज्ञापन मुख्यमंत्री को इस बात से भी अवगत कराया है कि प्राइवेट स्कूलों के पास रहने वाली स्कूल बसें ज्यादातर फाइनेंस पर ली गई हैं। इनकी किश्त जमा करने के पैसे नहीं है। बस चल नहीं रही है लिहाजा पेरेंट्स बस से जुड़ा शुल्क देने से साफ इनकार कर देते हैं। ऐसे में आर्थिक दिक्कतें पैदा हो रही हैं। सरकार से स्कूल एसोसिएशन की तरफ से यह मांग भी की गई है कि इन बसों की बैंक किश्त कुछ दिन के स्थगित की जाए, इनका रोड टैक्स भी माफ किया जाए।

सरकार बोली जब संक्रमण होगा जीरो तब खोलेंगे स्कूल
इस महीने मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा था संक्रमण अगर घटेगा तो सकूल खुलेंगे। छत्तीसगढ़ में 16 जून से स्कूल खोले जाने को लेकर बहस छिड़ी थी। तब प्रदेश की सरकार की तरफ से मंत्री रविंद्र चौबे ने साफ किया था कि जब प्रदेश में संक्रमण की दर घटकर शून्य हो जाएगी तब राज्य में उस स्कूल खोले जा सकेंगे। इस वक्त प्रदेश में कोरोना की संक्रमण दर 1.3 प्रतिशत है, पिछले 24 घंटो में 317 नए कोविड मरीज मिले हैं।