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साइकिल चलाते हुए दोस्तों के साथ चरोदा से महादेव घाट पहुंचा,नहाते समय गहरे पानी में चले जाने से हुई मौत।

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भिलाई। कहते हैं कि मौत खींचकर लाती है. ऐसा ही कुछ चरोदा में रहने वाले छात्र ई देव्यांश राव के साथ हुआ. दोस्तों के साथ साइकिलिंग करते हुए रायपुर के महादेव घाट पहुंचा, जहां नहाते समय डूबने से मौत हो गई. शव को निकालने के लिए गोताखोरों की मदद लेनी पड़ी

चरोदा रेलवे कालोनी से लगे इंदिरा नगर में रहने वाला ई. देव्यांश पिता ई. श्रीनिवास राव (17 वर्ष) सुबह अपने तीन दोस्तों के साथ साइकिलिंग करने निकला था. कुछ घंटों के बाद घर वालों को दोस्तों ने उसी के मोबाइल फोन से सूचना दी कि देव्यांश महादेव घाट पर खारून नदी में डूब गया है. परिवार वाले तत्काल महादेव घाट पहुंचे. गोताखोरों की मदद से देव्यांश की तलाश शुरू की गई, थोड़ी देर में उसकी लाश बरामद कर ली गई. मामले में रायपुर जिले की डीडी नगर थाना में मर्ग कायम किया गया है.

इस साल कॉलेज जाता देव्यांश

मृतक के मामा भिलाई चरोदा निगम के एल्डरमैन जी. जगदीश्वर राव ने बताया कि देव्यांश सेंट्रल स्कूल चरोदा से हाल ही में बारहवीं की परीक्षा पास किया था. उसके पिता श्रीनिवास राव जेपी सीमेंट कंपनी में काम करते हैं और दो बच्चों में देव्यांश छोटा है. एक बेटी है, जो देव्यांश से बड़ी है.

हाथ फिसला और गहरे पानी में गया

देव्यांश के दोस्तों के हवाले से बताया जा रहा है कि साइकिलिंग करते चरोदा से महादेव घाट पहुंचे थे. नहाने का मन हुआ तो नदी के पानी में उतर तो गए, लेकिन तैरना नहीं आने की वजह से गहरे पानी में डूबने लगे. इसी बीच नदी किनारे पीपल के पेड़ पर पानी दे रहे एक ग्रामीण की नजर उन पर पड़ी तो वह बचाने के लिए नदी में उतरा. तीन लोगों को तो ग्रामीण ने बाहर निकाल लिया, लेकिन देव्यांश को बचाते समय हाथ फिसल जाने से वह गहरे पानी में चला गया.

राजधानी में धारदार हथियार से गर्दन काट ली महिला, खून से भर गया कमरा, इसी मकान में तीसरी खुदकुशी।

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रायपुर। राजधानी रायपुर के अभनपुर इलाके में एक शिक्षाकर्मी महिला ने आत्महत्या कर ली. सूत्रों के मुताबिक इसी घर में अबतक ये तीसरी खुदकुशी है. पुलिस के अनुसार मृतका का नाम सरिता श्रीवास्तव है. ये धारदार चाकू से गर्दन और हाथ की नस काट ली है. पुलिस मामले की जांच कर रही है

पुलिस ने बताया कि मौका-ए-वारदात से सुसाइड नोट नहीं मिला है. आत्महत्या का कारण अब तक अज्ञात है. पुलिस के मुताबिक महिला 2014 से अभनपुर में पढ़ा रही थी. गिरधारी देवांगन के घर में किराये से रहती थी. कुछ दिन पहले ही महिला कोरोना पॉजिटिव पाई थी. इसके बाद वह अपने मायके खैरागढ़ चली गई थी.

पति-पत्नी के बीच लंबे समय से था विवाद

परिजनों के मुताबिक वहां से स्वस्थ होने के बाद महिला को आज दोपहर 12 बजे खैरागढ़ से रायपुर लेकर आए थे. इसके कुछ समय बाद ही भाई मां और भाभी को अपनी बहन के पास छोड़कर खुद खैरागढ़ चला गया था. इसी बीच वह इस खतरनाक कदम को उठाई है. परिजनों के मुताबिक पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था.

पुलिस ने बताया कि पूरे मामले में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के लिए शव को भेज दिया गया है. देर शाम होने के कारण मृतका का पोस्टमार्मट कल होगा. फिलहाल मामले की तफ्तीश जारी है. पुलिस एक-एक पहलू को लेकर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है.

बता दें कि अभनपुर के वार्ड क्रमांक 7 में स्थित गिरधारी लाल देवांगन के घर पर ये तीसरी सुसाइड है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इसके पहले भी दो लोगों ने उसी मकान में आत्महत्या की थी. इसमें से एक युवक भी शामिल है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

स्टील कारोबारी से करोड़ों की धोखाधड़ी, पुलिस आरोपियों को पकड़ने जाएगी मुंबई…

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रायपुर। राजधानी रायपुर के एक स्टील कारोबारी से करोड़ों की धोखाधड़ी हो गई है. मुंबई की कंपनी ने कारोबारी से करीब 4 करोड़ रुपए का सरिया खरीदा, लेकिन इसका भुगतान नहीं किया गया. कई बार सूचित करने के बाद भी लंबे समय तक भुगतान नहीं किया. इसके बाद आर.के.एस.के स्टील इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रंबंधक ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है. प्रबंधक ने बताया कि साल 2017 में सरिया लेकर अब तक भुगतान नहीं किया है. एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस मुंबई जाएगी. यह पूरा मामला आमानाका थाना क्षेत्र का है.

जानकारी के मुताबिक, श्रीराम कंपनी के संचालकों द्वारा परचेस ऑर्डर के आधार पर 1024 मीट्रिक टन सरिया खरीदकर 90 दिनों के अंदर भुगतान करने का आश्वासन दिया था. लेकिन 90 दिनों के अंदर भुगतान नहीं किया गया. साथ ही पैसों की मांग करने पर कहा जाता था की अभी पैसा दूसरे व्यापार में लगा दिया है. हालात अच्छे नहीं है. कुछ समय बाद धीरे-धीरे करके भुगतान कर दिया जाएगा लेकिन भुगतान नहीं किया गया टाल-मटोल किया जाता रहा. इसके बाद भुगतान नहीं करेंगे जो करना है कर लो कहा गया था. प्रार्थी का दावा है कि उसके पास (1) अकाउंट स्टेटमेंट (2) बिल की कापी (3) बिल्टी की कापी (4) मेल की कापी (5) सौदा पत्रक की कापी का प्रमाण है.

आमानाका थाना पुलिस ने बताया कि साल 2017 में रायपुर के आर.के.एस.के स्टील इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से मुंबई की श्रीराम अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों ने करीब 1 हजार 24 मीट्रिक टन सरिया खरीदा था. जिसके बाद कंपनी द्वारा 434 मीट्रिक टन लोहे का भुगतान किया गया. बाकी शेष 590 मीट्रिक टन सरिया का भुगतान नहीं किया गया है. जिसकी कुल कीमत 3 करोड़ 97 लाख 77 हजार रुपए है.

आर.के.एस.के प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक के शिकायत पर थाना आमानाका में मुंबई की श्रीराम इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 4 संचालक जिनका नाम विकास शुम्भूकुमार, शंकरलाल कासिलिवाल, शक्तिप्रदा बनर्जी एवं रुद्रनारायण झा के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा 420 और 34 के तहत अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है. इस मामले में आरोपियों की तलाश के लिए जल्द ही रायपुर से टीम मुंबई रवाना की जाएगी.

रेलवे स्टेशन पर ब्लास्ट की जांच के लिए CID की टीम पहुंची दरभंगा, ATS के पास भी गया मामला

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दरभंगा. बीते गुरुवार को दरभंगा स्टेशन पर हुए बम ब्लास्ट मामले की हाईलेवल जांच शुरू हो गई है. इस घटना को लेकर शनिवार को सीआईडी की टीम दरभंगा पहुंच चुकी है. आईजी अजिताभ कुमार ने कहा कि जांच करने के लिए यह मामला एटीएस के पास भी पहुंच गया है और उसकी टीम भी दरभंगा आने वाली है.

ब्लास्ट को लेकर रेल एसपी अशोक सिंह के निर्देश पर दरभंगा जीआरपी प्रभारी हारून रसीद सिकंदराबाद भेजे गए हैं. वहीं, शुक्रवार की सुबह फोरेंसिक की टीम दरभंगा स्टेशन के प्लेटफॉर्म एक पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाया. मामले की गंभीरता को देखते हुए मिथिला प्रक्षेत्र के आईजी अजिताभ कुमार भी ब्लास्ट की जांच करने पहुंचे. कहा कि धमाका भले ही लो डेंसिटी की थी, लेकिन हर स्तर से इसकी जांच की जा रही है. इस मामले में पार्सल बुक कराने वाले की भी तलाश की जा रही है.

पहले भी दो बार हो चुकी है ऐसी घटना

आईजी अजिताभ कुमार ने कहा कि दरभंगा पहले भी आतंकवादियों का गढ़ रह चुका है. भले ही यह छोटा सा विस्फोट हो लेकिन इसे गंभीरता से लिया जा रहा है. ब्लास्ट के कारण पार्सल के अंदर रखे कपड़े जले हैं और उसके अंदर से एक छोटा बोतल बरामद हुआ है. फोरेंसिक जांच के बाद पता चलेगा कि आखिर उस बोतल के अंदर किस प्रकार का केमिकल था. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी यहां दो बार घटना घट चुकी है, इसीलिए मामले को गंभीरता से लिया गया है.

पार्सल खोलते ही हो गया था ब्लास्ट

बीते गुरुवार को सिकंदराबाद से दरभंगा पहुंची ट्रेन से उतारे गए पार्सल को जैसे ही प्लेटफॉर्म संख्या दो से लाकर एक पर रखा गया. उसी दौरान पार्सल के अंदर विस्फोट हो गया. पार्सल को खोला गया तो पार्सल के अंदर से कपड़े के साथ एक बोतल मिला. विस्फोट के दौरान किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ.

पुलिस का पैसा लेते हुए वीडियो वायरल, एसपी ने दो को किया निलंबित,

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महासमुंद। पुलिस जवान का ट्रक मालिक से रिश्वत लेते एक वीडियो वायरल हुआ है. जिसमें जवान रुपए लेता दिखाई दे रहा है. मामला महासमुंद जिले के तुमगांव थाना क्षेत्र का है. जब इस घटना का वीडियो एसपी तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल दो जवान को निलंबित कर दिया

तुमगांव थाना निरीक्षक शरद ताम्रकर एवं सहायक उप निरीक्षक विजेन्द्र चंदनिहा का पैसा लेते एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसमें ट्रक मालिक से दुर्घटना का मामला खत्म करने 10 रुपए मांगे थे. लेकिन बात 5 हजार रुपए में बनी. ट्रक पर पुलिस को 5 रुपए तो दिया, इसके साथ उन्होंने इसका एक वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया में वायरल कर दिया.

वीडियो वायरल होते ही एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने मामले में संज्ञान लिया. उन्होंने तुमगांव निरीक्षक शरद ताम्रकर एवं सहायक उप निरीक्षक विजेन्द्र चंदनिहा को तत्काल निलंबित कर दिया.

पेयजल की स्वच्छता की मानिटरिंग नहीं करने वालों पर होगी सख्ती

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Pure Water In Chhattisgarh: स्वास्थ्य विभाग ने बरसात में जलजनित रोगों से बचाव के लिए स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति और पेयजल की स्वच्छता की लगातार मानिटरिंग के निर्देश दिए हैं। प्रमुख सचिव डा. आलोक शुक्ला ने सभी कलेक्टर को परिपत्र जारी कर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए नगरीय निकायों, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और स्वास्थ्य विभाग को समन्वय के साथ काम करने कहा है।

आलोक शुक्ला ने कहा कि बरसात के मौसम में उल्टी, दस्त, आंत्रशोध, टायफाइड और पीलिया जैसे जलजनित रोगों के बढ़ने की आशंका रहती है। इनसे बचाव के लिए लोगों को स्वच्छ पेयजल प्रदान करना और पेयजल की स्वच्छता की लगातार मानिटरिंग बहुत जरूरी है।

विभाग ने तत्काल शहरी क्षेत्रों में पाइपलाइनों की मरम्मत, पेयजल के लिए उपयोग होने वाले ट्यूबवेलों में क्लोरीन डालने, पेयजल में रेसिडुअल क्लोरीन और कोलीफार्म बैक्टीरिया का पता लगाने के लिए टेस्टिंग तथा इन सभी कार्यों की कड़ाई से मानिटरिंग के निर्देश दिए हैं। नगरीय निकायों और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से सभी शहरी क्षेत्रों में पेयजल पाइपलाइन का निरीक्षण कराएं।

जहां पाइपलाइन नालियों के भीतर और टूटी-फूटी हैं, उनको जून के अंत तक यह काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। हर ट्रीटमेंट प्लांट, स्टोरेज टंकी और मलिन बस्ती में रजिस्टर संधारित करने के निर्देश दिए गए हैं। पेयजल में रेसिडुअल क्लोरीन नहीं मिलने या कोलीफार्म बैक्टीरिया पाए जाने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करें। बता दें कि दूषित पानी की समस्‍या से जनता आयेदिन परेशान होती है। खासतौर से बरसात के दिनों में समस्‍या और बढ़ जाती है।

शादी के 4 साल बाद मौत को लगाया गले: राजधानी में एक साथ दंपत्ति की फांसी पर लटकती मिली लाश, तफ्तीश में जुटी पुलिस

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(खुलासा छत्तीसगढ़) रायपुर। राजधानी के उरला थाना इलाके में एक दंपत्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. घर में ही पति-पत्नी का शव फंदे पर लटकता मिला है. चार साल पहले दोनों ने लव मैरिज की थी और पत्नी गर्भवती थी. मौका-ए-वारदात पर कोई भी सुसाइट नोट नहीं मिला है. जिससे आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है. पुलिस मामले में की तफ्तीश में जुट गई है.

पड़ोसियों ने पुलिस को दी थी सूचना

जानकारी के मुताबिक पुरूषोत्तम वैष्णव अपनी पत्नी के साथ बेन्द्री रोड चंद्रा स्कूल के सामने किराए के मकान में रह रहा था. दो पहले ही दोनों रायपुर आए थे. पुरूषोत्तम सड़कों पर मोबाइल कवर और एसेसरीज की बिक्री करता था. इसी बीच घर के कमरे में ही पंखे से फांसी पर लटके मिले. पिछले दो दिन से उनका शव लटका हुआ था. पड़ोसियों को जब इसकी जानकारी लगी, तब पुलिस को सूचना दी गई.

फांसी पर लटकता मिला दंपत्ति का शव

उरला थाना प्रभारी अमित तिवारी ने बताया कि बेंद्री रोड में चंद्रा स्कूल के सामने घर में पति-पत्नी की फांसी पर लटकता शव मिला है. दोनों ने आत्महत्या की है. पिछले 2 दिन से पति-पत्नी दरवाजा नहीं खोले थे. जिसके चलते आस-पास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी. शव को उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. परिजनों को सूचना भी दे दी गई है. उरला थाना में बुलाकर परिजनों से पूछताछ की जाएगी.

4 साल पहले की थी लव मैरिज

शुरुआती जांच में पता चला है कि जांजगीर निवासी पुरुषोत्तम की शादी 4 साल पहले हुई थी. इन्होंने लव मैरिज की थी. अभी 2 साल से रायपुर में किराए का मकान लेकर गुजर-बसर कर रहे थे. पुरुषोत्तम सड़कों पर मोबाइल कवर और एसेसरीज की बिक्री करता था. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

नौकरी लगाने के नाम पर छग से 200 लोगों को बेवकूफ बनाने वाला,20 करोड़ वसूलने वाला गिरफ्तार

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बलौदा बाजार, 18 जून। छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी लगाने के नाम से लोगों से ठगी करने का मामला थम नहीं रहा है। आए दिन ठग कई लोगों को अपने शिकार बना रहे हैं। ऐसा ही मामला बलौदा बाजार का है, जहां 200 लोगों को शिकार बनाकर ठग ने 20 करोड़ रुपये ऐंठे हैं। बलौदा बाजार जिले के बहुचर्चित मेवा चोपड़ा ठगी कांड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी इलाहाबाद में छुपा हुआ था। मामले की जानकारी मिलते ही भोपाल के हबीबगंज पुलिस ने दबिश देकर आरोपी अशोक पांडेय को धरदबोचा।आरोपी अशोक पांडेय ने नौकरी लगाने के नाम पर करीब 200 लोगों को शिकार बनाया था। पैसा वसूलने के बाद आरोपी फरार हो गया था। करीब 11 महीनों के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। बलौदा बाजार पुलिस ने प्रोटेक्शन वारंट जारी कर उसे यहां लाया जाएगा।

जानकारी के अनुसार आरोपी छत्तीसगढ़ के आलावा अन्य राज्यों में भी युवाओं को नौकरी का झांसा देकर ठगी करता रहा है, फिलहाल पुलिस इस आरो​पी से पूछताछ कर रही है।

प्यार, तकरार और FIR: लिव-इन में रखकर नाबालिग को बनाया हवस का शिकार, शिकायत के बाद आरोपी फरार

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कोटा। लिव-इन रिलेशनशिप में रखकर एक युवक नाबालिग लड़की का पिछले 2 साल से शारीरिक शोषण कर रहा था. रतनपुर थाने में मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया है. पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है.

लिव-इन में रखकर रेप

मिली जानकारी के मुताबिक नाबालिग के सिर पर पिता का साया नहीं. मां विक्षिप्त है और नाबालिग पिछले 2 साल से कथित प्रेमी के हवस का शिकार बन रही थी. इस हालत में भटकते हुए वह लॉकडाउन के दौरान बिलासपुर पहुंची. जहां उसने चाइल्ड हेल्प लाइन से शिकायत की. इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ.

2 साल से शारीरिक शोषण

धौड़ामुड़ा रतनपुर में रहने वाली नाबालिग लड़की का प्रेम संबंध बिटकुली सीपत में रहने वाले शिवलाल यादव से था. पिछले 2 साल से चल रहा था. दोनों पति-पत्नी की तरह साथ ही रहते थे. शादी करने का झांसा देकर शिवलाल लगातार शारीरिक शोषण करता रहा. पिछले एक- डेढ़ साल से लिव-इन रिलेशनशिप में रखा हुआ था.

इसी दौरान अपने प्रेमी से छली गई युवती बदहवासी में भटकते हुए बिलासपुर जा पहुंची. जहां वह चाइल्ड हेल्प लाइन के हाथ लगी. बेसहारा घूम रही नाबालिग को सरकंडा स्थित बाल संरक्षण गृह ले जाया गया. जहां पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसका पिछले 2 साल से शारीरिक शोषण हो रहा था. जिसके बाद शिवलाल यादव के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया गया. रतनपुर पुलिस के मामला दर्ज करते ही आरोपी फरार हो गया है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है.

गर्भ में ही औलाद का सौदा: लालची मां-बाप ने पैदा होते ही बेच दिया बेटा, किडनैपिंग की FIR से खुला हैरान करने वाला राज

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बिहार। कहते हैं पैसों के लालच में इंसान कुछ भी कर सकता है, लेकिन कोई अपनी औलाद को बेच देगा ये सुनने में भले ही अटपटा लगे, लेकिन बिहार से हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक फैले एक मासूम बच्चे की कहानी आपको भी हैरान कर देगी. यहां लालची मां-बाप ने पैदा होने से पहले ही नवजात की सौदा कर डाली. किडनैपिंग की FIR से हैरान करने वाला राज खुला है.

मां-बाप ने किया बेटे का सौदा

दरअसल, बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले लालची मां-बाप ने अपनी ही औलाद का सौदा कर दिया. मासूम बच्चे ने जब आंख खोली, तो मां की गोद बदल चुकी थी. उस मासूम को तो शायद पता भी नहीं था, कि उसके साथ क्या हो रहा है. वहीं दूसरी तरफ इस मासूम को खरीदने वाले मां-बाप खुश थे और बच्चे के सभी पुराने कनेक्शन तोड़कर रियल मां-बाप से उसे दूर ले जाना चाहते थे, लेकिन बच्चे के सौदे की रकम ने ये पूरा खेल बिगड़ गया.

किडनैपिंग की FIR से खुला राज

जानकारी के मुताबिक गोविंद ने अपने पत्नी पूजा को इस सौदे के बारे में बताया. गर्भवती पूजा भी पैसों के लालच में उस बच्चे को बेचने के लिए तैयार हो गई, जो अभी तक दुनिया में आया भी नहीं था. 10 जून को गुरुग्राम में पूजा ने इस बच्चे को जन्म दिया. उसके बाद बच्चे के पिता गोविंद ने रमन को बताया कि उसे बेटा हुआ है. वह अपने बच्चे का सौदा करने को तैयार है. रमन ने यह खबर अपने रिश्तेदार विद्यानंद यादव को दी, जोकि बिहार के मधुबनी के रहने वाले हैं. बच्चे की खबर सुनते ही विद्यानंद ने अपनी दो बीघा जमीन बेच दी और दो लाख रुपये की रकम जुटाकर गुरुग्राम आ गए.

विद्यानंद ने 18 जून का चेक दिया था, लेकिन गोविंद और पूजा ने ये चेक 15 जून को ही बैंक में क्लीयर होने के लिए डाल दिया. क्योंकि चेक पर डेट आगे की डली थी, इसलिए बैंक से उन्हें पैसा नहीं मिल सका. गोविंद ने समझा कि उनके साथ धोखा हुआ है. इसके बाद उसने रमन के पास फोन किया, लेकिन उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया. इसके बाद गोविंद का शक और मजबूत होने लगा. इसके बाद मां बाप ने बच्चे की किडनैपिंग की शिकायत थाने में दर्ज कराई.

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि विद्यानंद बच्चे को लेकर बिहार के लिए रवाना हो चुका है. जब तक पुलिस दिल्ली स्टेशन पहुंची, तब तक बिहार जाने वाली स्वतंत्रता सेनानी ट्रेन रवाना हो चुकी थी. पुलिस ने राम में ही ट्रेन का लॉकेशन ट्रेस किया और करीब दो बजे उत्तर प्रदेश के हरवंश मोहाल के एसएचओ सत्यदेव शर्मा को बच्चे के सौदे के बारे में बताया. इस सूचना के बाद एसएचओ ने ट्रेन को कानपुर पहुंचने के बाद बच्चे के साथ-साथ बच्चे के खरीदार दंपति विद्यानंद यादव और राम परी यादव को हिरासत में ले लिया.रात में ही फतेहपुर बेरी थाने के एसएचओ कुलदीप सिंह ने एक टीम बनाई और कानपुर के लिए रवाना कर दिया. बच्चे को दिल्ली वापस लाया गया. इसके साथ ही पुलिस ने बच्चे के सौदागर और झूठी किडनैप करने के मामले में 6 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.