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मुस्लिम बुजुर्ग की दाढ़ी काटने का केस : पीड़ित परिवार ने पुलिस के दावे पर उठाए सवाल

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मुस्लिम बुजुर्ग की दाढ़ी काटने का केस : पीड़ित परिवार ने पुलिस के दावे पर उठाए सवाल

नई दिल्ली: Ghazipur Muslim elder’s beard cut case : यूपी के गाजीपुर में एक मुस्लिम बुजुर्ग अब्दुल समद (Abdul Samad) की पिटाई और दाढ़ी काटने के मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस के दावे को गलत ठहराया है. समद के परिवार का कहना है कि उनके परिवार में कोई भी ताबीज बेचने का काम नहीं करता है. समद ने आरोप लगाया था कि उसे जय श्री राम और वंदेमातरम के नारे लगाने के लिए मजबूर किया गया.  उसने कहा कि जंगल में ले जाने के बाद उसे 5 जून को बांध दिया गया और मारपीट के साथ दाढ़ी भी काट दी गई. हालांकि यूपी पुलिस ने मामले में किसी भी धार्मिक एंगल होने से मना
किया है.

पुलिस के अनुसार, ताबीज बेचने को लेकर उसकी कुछ लोगों ने पिटाई की. उसकी छह लोगों ने पिटाई की, जिसमें हिन्दू और मुस्लिम दोनों हमलावर हैं. पुलिस का कहना है कि पीड़ित सभी हमलावरों को जानता था. पत्रकार राणा अयूब, सबा नकवी, कांग्रेस नेता सलमान निजामी, शमा मोहम्मद और मसकूर उस्मानी समेत अन्य पर भ्रामक पोस्ट करने के आरोप में केस दर्ज हुआ है. एफआईआर में कहा गया है कि उनके ट्वीट को हजारों लोगों ने रीट्वीट किया. ट्विटर पर भी इस पोस्ट को लेकर कोई कार्रवाई न करने का आऱोप लगाया है

हालांकि समद के बेटे बब्लू सैफी ने कहा, पुलिस गलत कह रही है कि उनके वालिद ताबीज बेचने का काम करते हैं. हमारे परिवार में कोई भी ये काम नहीं करता है, हम पेशे से बढ़ई है. पुलिस सही बात नहीं बता रही है, उन्हें इस मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाने दीजिए. उन्होंने कहा, हमने 6 जून को लोनी पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई थी. इस पर एक पुलिसकर्मी ने कहा, चचा दाढ़ी कटने में कौन सी बड़ी बात है. लेकिन हमारे साथ पुलिस स्टेशन गए एक व्यक्ति ने नाराजगी में कहा कि दाढ़ी बहुत से मुस्लिमों के लिए बेहद पाक चीज है.

सैफी ने कहा कि घटना के दिन उनके पिता को ऑटो में बैठाकर जंगल में ले जाया गया. फिर उनके पिता को पीटने के बाद दाढ़ी काट दी गई. लेकिन मेरे पिता को जिंदा छोड़ दिया गया. उन्हें कई घंटे तक यातनाएं दी गईं. गाजियाबाद पुलिस के एक अफसर ने आधिकारिक वीडियो में कहा कि इस हमले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मामले की जांच में यह घटना 5 जून की पाई गई, जिसमें हाजीपुर गांव के अब्दुल समद को ताबीज के मामले में पीटा गया. वह पहले से आरोपियों को जानता था, जो उससे ताबीज को लेकर झूठे वादों से गुस्सा थे

एफआईआर के बाद पत्रकार राणा अयूब ने बुधवार दोपहर को ट्वीट किया कि मैं सच्चाई का जल्द से जल्द बाहर आने का इंतजार करूंगी. वहीं आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कई सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि यूपी में जो कुछ हुआ, वो फेक न्यूज के खिलाफ लड़ाई में ट्विटर के मनमाने रुख को दर्शाता है. ट्विटर अपनी फैक्ट चेकिंग सिस्टम को लेकर बेहद जोश में रहा है, लेकिन इस मामले में वो भ्रामक जानकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई करने में असफल रहा.

वक़्फ़ की संपत्तियों से मुस्लिम बेखबर आटो चला लेंगे मगर करोड़ो की संपत्ति का इस्तेमाल नही करेंगें

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सलाम रिज़वी पूर्व वक्फ बोर्ड चैयरमैन

पूर्व वक़्फ़ बोर्ड चेयरमैन छ ग शासन के मात्र 11 माह के छोटे से कार्यकाल में मैने महसूस किया की हमारी करोड़ो की वक़्फ़ जायदाद में दुसरो का कब्जा है और हम बेखबर है कोशिश भी नही करते के उन्हें खाली कराकर कोई अच्छी योजना से इनकम बनाए व उन पैसो का इस्तेमाल गरीब मुस्लिमों के बच्चों की तालीम में खर्च करें मुस्लिम बेरोजगारों को रोजगार में मदद करे लेकिन अफसोस उन मस्जिदों दरगाहो खानकाहों मदरसों में मुतवल्ली व जिम्मेदाराना को ही नही पता कि वे जिस जिम्मेदारी की जगह बैठे वहाँ की वक़्फ़ जायदाद कितनी है कहा है   कुछ जायदाद का मैं जिक्र कर दिए देता हूं

नया बस स्टेण्ड  पंडरी रायपुर के सामने दरगाह की जमीन कुल रकबा 2 एकड़ जिसमे मात्र300 वर्गफुट जमीन हमारे पास है बाकी पर लोग का कब्जा वह जमीन 1974 के राजपत्र में दर्ज हैं जो शासन का अहम दस्तावेज होता हैं लेकिन हम बेखबर है  

आगे 2 हजार करोड़ की संपत्ति की जानकारी दूंगा जो अकेले रायपुर में है

जागो  आपकी तंजीम कमेटी लंगर चादर उर्स तक सीमित न रहे वक़्फ़ जायदाद के लिए लड़े व अपने बच्चों का मुस्तक़बिल बनाए

मलेरिया मुक्त अभियान का चौथा चरण 31 जुलाई तक .

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जगदलपुर मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान चौथा चरण प्रारंभ किया गया है। इस अभियान में नदी-नाला, पहाड़ी, जंगल पर कर मैदानी अमले में कार्यरत स्वास्थ्य संयोजकों, (महिला-पुरूष) मितानीनों के द्वारा जिले में घर-घर जाकर सर्वेक्षण कर आरडी किट के द्वारा परिवार के प्रत्येक सदस्यों की जांच कर उन्हें मलेरिया सकारात्मक प्रकरण पाये जाने पर तत्काल उपचार कर उन्हें मलेरिया से बचाव एवं रोकथाम हेतु प्रचार प्रसार किया जा रहा है। साथ ही मच्छरदानी के उपयोगिता के बारे में जानकारी दे कर मलेरिया के स्त्रोत पर नियंत्रण हेतु ग्रामीणों को प्रेरित किया जा रहा है। इसके अलावा कोविड-19 के बचाव एवं रोकथाम के बारे में डोर टू डोर जाकर जागरूक किया जा रहा है। यह अभियान 31 जुलाई 2021 तक चलाई जाएगी।
    मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान चौथा चरण में जिले के 06 विकासखंड बड़ेकिलेपाल, तोकापाल, दरभा, लोहण्डीगुड़ा, बस्तर एवं नानगुर में 21 दिवस में 29366 घर भ्रमण कर 146677 जनसंख्या वाले 149 ग्रामों के व्यक्तियों को आरडीकीट से जांच करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें सरपंच, कोटवार एवं ग्रामीणों के द्वारा स्वास्थ्य अमले को सहयोग हेतु अपील की गई है। साथ ही सिथेटिक पायरेथ्राईड का छिड़काव विकासखंड किलेपाल, तोकापाल, दरभा लोहण्डीगुड़ा, बस्तर एवं बकावंड में एवं डीडीटी का छिड़काव विकासखंड नानगुुर में किया जा रहा है।
    जिसमें सातों विकासखंडों के 368694 जनसंख्या के 78696 मकानों के 319 ग्रामों में 11 मेट्रिक टन, सिंथेटिक पायरेथ्राईड छिड़काव एवं 8.37 डीडीटी का छिड़काव किया जाना है। यह छिड़काव प्रथम चक्र 16 जून से 30 अगस्त तक एवं द्वितीय चक्र 01 सितंबर से 15 नवंबर तक चलाकर मलेरिया से संरक्षित किया जाएगा।

प्रदेश सरकार के ढाई वर्ष पूरा होने पर भाजयुमो के पदाधिकारी मांगेगे मुख्यमंत्री बघेल से हिसाब…

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रायपुर. भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता आज प्रदेश सरकार के ढाई साल पूरे होने का हिसाब मांगेंगे। भाजयुमो की टीम मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों के बंगले पर जाकर घोषणा पत्र के किए गए वादों को याद दिलाएंगे, यूनिवर्सिटी कैंपस और चौक चौराहों में युवाओं से सवाल भी किया जाएगा।

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं को 2500 रुपए प्रतिमाह देने का वादा किया था, आज हम युवाओ के बीच जाकर सरकार के वादे याद दिलाएंगे, शराबबन्दी नहीं होने की वजह से राज्य की महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है, जिसे देखते हुए हम मंत्रियों को शराब भेट कर उनसे ये पूछेंगे कि आपने शराब बंदी का वादा किया था जिसे अब तक पूरा नहीं किया, आज चौक चौराहों पर जाकर भी प्रदर्शन किया जाएगा।

पूर्व मंत्री राजेश मूणत अपने लेटर पैड में आज भी छत्तीसगढ़ शासन का लोगो अंकित कर शासन के नियमों का दुरूपयोग कर रहे हैं – दाऊलाल साहू

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*पूर्व मंत्री के विरूद्ध इस कृत्य के लिए अपराध पंजीबद्ध होना चाहिए*

रायपुर। पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में नेताजी कन्हैयालाल बाजारी वार्ड के कांग्रेस ब्लाॅक अध्यक्ष दाऊलाल साहू ने पूर्व मंत्री राजेश मूणत पर छत्तीसगढ़ सरकार के लोगों का गलत दुरूपयोग करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राजेश मूणत ढाई साल बाद भी इस बात को भूल गए हैं कि वे छत्तीसगढ़ में न ही विधायक हैं और न ही सरकार में किसी पद पर हैं। बावजूद वे प्रधानमंत्री को संबोधित अपने पत्र के लेटर पैड में छत्तीसगढ़ शासन के लोगो का उपयोग कर प्रधानमंत्री को भी दिग्भ्रमित कर रहे हैं।

कांग्रेस नेता दाऊलाल साहू ने पूर्व मंत्री राजेश मूणत पर अपने लेटर पैड में छत्तीसगढ़ शासन के सरकारी लोगो का दुरूपयोग करने का आरोप लगया है और मांग की है कि राजेश मूणत के खिलाफ इसके लिए कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए। दाऊलाल साहू ने जारी बयान में कहा, पूर्व मंत्री राजेश मूणत ढाई वर्ष बाद भी इस बात को भूल गए हैं कि उन्हें पश्चिम विधानसभा की जनता ने नकारते हुए विधायक लायक भी नहीं छोड़ा है। राजेश मूणत आज भी अपने आप को कांग्रेस सरकार में भाजपा के मंत्री होने की भूल कर रहे हैं। वे 15 वर्षों तक शासन में मंत्री रहने के बावजूद इस बात को भूल गए हैं कि छत्तीसगढ़ शासन के किसी लोगो का उपयोग नहीं कर सकते। उन्होंने कहा,आज वे एक सामान्य व्यक्ति की तरह हैं और उन्हें इसी तरह जीने की अब आदत डाल लेनी चाहिए।

ज्ञातव्य हो कि राजेश मूणत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आज एक पत्र अपने लेटर पैड में भेजा है, जो कि सरकारी लेटर पैड की तरह है। ऐसा कर वे शासन के नियमों की घोर अवहेलना ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री को भी इस लेटर पैड के माध्यम से दिग्भ्रमित कर रहे हैं। दाऊलाल साहू जो पेशे से वकील भी हैं और शासन के नियमों को भलीभाँति जानते समझते हैं, ने कहा, पूर्व मंत्री राजेश मूणत का यह कृत्य अपराध की श्रेणी में आता है, इसलिए मूणत के विरूद्ध अपराध दर्ज होने के साथ-साथ कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। उन्होंने कहा, राजेश मूणत को छत्तीसगढ़ शासन के लोगो वाले सभी लेटर पैड को शासन के समक्ष सुपुर्द कर निर्धारित सजा भुगतने तैयार रहना चाहिए।

छत्तीसगढ़ में आज से बच्चों को निशुल्क लगेगा ‘न्यूमोकोकल इंजेक्शन’ ,निमोनीया समेत कोरोना से बचाव करने में मददगार

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रायपुर: कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच आज से प्रदेश के बच्चों के लिए जीवनकरक्ष योजना की शुरुवात होने वाली है। मंगलवार से प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों समेत प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रो में बच्चों को निमोनीया समेत 13 जानलेवा इंफेक्शन से बचाने वाली दवा PCV यानी न्यूमोकोकल की तीनों डोज का टीका निशुल्क लगाया जाएगा।

डाक्टरों का कहना है की यह टीका न सिर्फ निमोनिया समेत 13 टीकों के अलावा कोरोना से बचाव करने में मददगार साबित होगा। अब तक सरकारी केंद्र में यह टीका नहीं लगाया जाता था और मां-बाप को यह टीका नीजि अस्पतालों में लगवाना पड़ता था। एक टीके की कीमत 32 सौ से 4 हजार रुपए होती थी। डेढ़ महीने, साढ़े तीन महीने और साढ़े 9 महीनें में लगने वाले टीके में परिवार को कम से कम साढ़े दस हजार रुपए खर्च करने पड़ते थे।

जानलेवा बिमारियों से बचाव के साथ ही निशुल्क टीकाकरण से परिवारों की इस राशी की बचत होगी। इस योजना की शुरुवात स्वास्थ्य मंत्री वर्जु्यल माध्यम से चिप्स ऑफिस से करेंगे, जिसके बाद पूरे प्रदेश में यह सुविधा शुरु की जाएगी। वहीं, जो परिवार इस दवा का पहली टीका लगवा चुके हैं वो आगे के टीके भी इस योजना के तहत लगवा सकेंगे।

फीस की वजह से ऑनलाइन क्लासेस बंद नहीं करेंगी प्राइवेट स्कूल , कलेक्टर के साथ बैठक में तय हुआ, फीस को लेकर कोई फैसला नहीं

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रायपुर के प्राइवेट स्कूल और पालकों के बीच चले आ रहे फीस विवाद पर प्रशासन ने अपना रुख साफ कर दिया है। फीस तो देनी होगी। मगर प्राइवेट स्कूल के संचालाकों को सख्त हिदायत दी गई है कि फीस के पैसे न मिलने पर बच्चों की ऑनलाइन क्लास बंद नहीं की जा सकेगी। प्राइवेट स्कूल वालों ने भी कहा कि वो बिना फीस के भी बच्चों को ऑनलाइन क्लास देंगे, मगर पालकों से फीस देने का निवेदन करेंगे। कलेक्टर ने भी पालाकों से समय पर फीस देने की अपील की है। ताकि स्कूल में होने वाले खर्च पूरे किए जा सकें। इसे लेकर सोमवार को एक बैठक कलेक्टर ऑफिस में हुई। इस बैठक में विधायक विकास उपाध्याय भी पहुंचे थे।

इस बैठक में फीस कटौती या माफ किए जाने की राहत पालकों को नहीं दी गई है। कहा जा रहा है कि इसके लिए फिर बैठक होगी। इस बार नोडल अफसर स्कूल मैनेजमेंट व पैरेंट्स की बैठक लेंगे। यही नहीं स्कूल से संबंधित शिकायत भी पैरेंट्स नोडल अफसर से कर सकेंगे । फीस या किसी दूसरी शिकायत के लिए पालक नोडल अफसर से बात कर सकेंगे। हर स्कूल में अब नोडल अफसर का नाम और फोन नंबर एक बोर्ड पर लिखा जाएगा। निजी स्कूलों ने फीस नहीं देने वाले बच्चों को ऑनलाइन क्लास से दूर रखा था। फीस के लिए भी स्कूल लगातार दबाव बनाते रहे। उन्हें ऐसा न करने की हिदायत दी गई है।

इस बैठक में कलेक्टर सौरभ कुमार, जिला पंचायत सीईओ मयंक चतुर्वेदी, विधायक विकास उपाध्याय, विधायक अनिता शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी एएन.बंजारा, छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता समेत अन्य शामिल हुए। बैठक को लेकर यह कयास लगायी जा रही थी कि फीस का मामला सुलझ जाएगा। फीस को लेकर पैरेंट्स को कुछ राहत मिलेगी। लेकिन डेढ़ घंटे चली बैठक के बाद फीस कटौती को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ।

फीस माफ करने पर विचार करे सरकार
YMS यूथ फाउंडेशन के महेंद्र सिंह होरा ने कहा कि एक बार फिर कोरोना महामारी ने लोगों को आर्थिक तौर पर कमजोर किया है। स्कूली बच्चों की फीस माफी के बारे में सरकार को विचार करना चाहिए, हर परिवार इस खर्च के बोझ तले दबा है। विवाद इस वजह से भी है कि कोरोना काल में स्कूल बंद हैं। ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम पढ़ाई हो रही है। स्कूल पूरी फीस चाहते हैं, लेकिन पैरेंट्स इसमें कटौती चाहते हैं। दूसरी तरफ निजी स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने भी अपना पक्ष रखा। मैनेजमेंट एसोसिएशन ने कहा- बच्चे नहीं आ रहे लेकिन खर्च कम नहीं। टीचिंग स्टॉफ के अलावा नॉन टीचिंग स्टॉफ को भी वेतन दिया जा रहा है। बिना पैसे कैसे चलेगा संस्थान। इसलिए पूरी फीस जरूरी है।

छत्तीसगढ़ में अब मछुआरों को भी मिलेगा बोनस, जानें क्यों

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छत्तीसगढ़ में अब मछुआरों को भी उत्पादन बोनस मिलेगा। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे की अध्यक्षता में राज्य की नवीन मछली पालन नीति बनाने के लिए गठित समिति ने यह अनुशंसा की है। उत्पादकता बोनस राज्य के जलाशयों को पट्टे पर दिए जाने से होने वाली आय का 40 प्रतिशत होगा, जो मत्स्याखेट करने वाले मछुआरों को दिया जाएगा।

नवीन मछलीपालन नीति में राज्य के ऐसे एनीकट, जिनका जलक्षेत्र 20 हेक्टेयर तक है, उन्हें मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर नहीं दिए जाने का प्रस्ताव समिति ने किया है। ऐसे एनीकट स्थानीय मछुआरों के मत्स्याखेट के लिए निश्शुल्क उपलब्ध होंगे।

मंत्री चौबे की अध्यक्षता में सोमवार को उनके निवास कार्यालय में कमेटी की बैठक हुई। मछुआ जाति के लोगों की सहकारी समिति को सर्वोधा प्राथमिकता के आधार पर जलाशयों को मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर दिया जाएगा। आदिमजाति मछुआ सहकारी समिति, मछली पालन व मत्स्य विपणन के कार्य को कुशलतापूर्वक कर सकें, इसको ध्यान में रखते हुए आदिम जाति मछुआ सहकारी समिति में 30 प्रतिशत सदस्य मछुआ जाति के होंगे।

समिति के उपाध्यक्ष का पद भी मछुआ जाति के लिए आरक्षित रहेगा। नई नीति में समिति ने ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत व जिला पंचायत द्वारा अपने क्षेत्राधिकार के तालाबों-जलाशयों को अब छह माह के बजाए तीन माह के भीतर आवंटन की कार्यवाही किए जाने का प्रस्ताव किया है।

राज्य में उपलब्ध 50 हेक्टेयर से अधिक जलक्षेत्र के जलाशय जिन्हें दीर्घावधि के लिए पट्टे पर दिया गया है, उन जलाशयों में केज कल्चर के माध्यम से मछली उत्पादन के लिए केज स्थापित करने के लिए अधिकतम दो हेक्टेयर जलक्षेत्र पट्टे पर दिया जाना प्रस्तावित किया गया है।

मंत्री चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में मछुआरों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नवीन मछली पालन नीति तैयार की जा रही है। इस नीति का फायदा मछुआ जाति के लोगों और मछुआ सहकारी समिति को भी मिले इसका भी विशेष रूप से ध्यान रखा जा रहा है। संबंधित विभागों की अनुशंसा के अनुरूप नवीन मछली पालन नीति का अंतिम प्रारूप तैयार कर कैबिनेट के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

बैठक में छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एमआर निषाद, समिति के सदस्य राजेंद्र कुमार धीवर, काशीराम निषाद व समलूराम निषाद, कृषि उत्पादन आयुक्त, डा. एम. गीता, कृषि विभाग के विशेष सचिव डा. एस. भारतीदासन, मछली पालन विभाग के संचालक वीके शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

राम मंदिर के चंदे का दुरुपयोग अधर्म व पाप और आस्था का अपमान: कांग्रेस

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अयोध्या में जमीन खरीदी विवाद के बीच कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से राम मंदिर निर्माण के लिए दान की रसीद जारी की है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि भाजपा और संघ के लोग भगवान को धोखा देते हैं। मंदिर निर्माण के लिए दान लोगों की आस्था और विश्वास का विषय था। विवाद से राम को छत्तीसगढ़ का भांजा मानने वालों के विश्वास को धक्का लगा है।

छत्तीसगढ़ में चंदा इकट्ठा करने वाले भाजपा और संघ के नेताओं से पूछना चाहते है कि वे जवाब दें कि यह घोटाला हुआ है और किन-किन मामलों में यह घोटाला किया। मंदिर के चंदे का दुरुपयोग अधर्म, पाप व उनकी आस्था का अपमान है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जो चेक दिया था, उसकी फोटो मैं पूरी जवाबदारी के साथ सार्वजनिक कर रहा हूं। हमारे आराध्य भगवान राम के प्रति हम सबकी श्रद्धा का लोगों ने यह हाल किया है। यह बेहद दुखद और आपत्तिजनक है।

कोरोना काल में भी BJP के नेता एवं पूर्व CM त्रिवेंद्र रावत का भड़काने वाला बयान बोले- मुसलमान नहीं लगवा रहे कोरोना वैक्‍सीन

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ऋषिकेश। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुस्लिम समुदाय को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्‍होंने कहा कि मैं जानबूझ कर नाम ले रहा हूं। हमारे देश में इस समय मुस्लिम समुदाय कोरोना वैक्‍सीनेशन से दूर भाग रहा है. इसके साथ उन्‍होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को अभी भी झिझक, आशंकाएं और गलतफहमियां हैं, जिसे दूर किया जाना जरूरी है। यह बात पूर्व सीएम ने ऋषिकेश में विश्व रक्तदान दिवस पर सोमवार को कही।

इसके साथ पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कोरोना महामारी से बचने के लिए वैक्‍सीनेशन जरूरी है, क्योंकि इससे मजबूत इम्यूनिटी बढ़ती है, लेकिन मुस्लिम समाज के लोग वैक्‍सीनेशन से बच रहे हैं। इस दौरान उन्‍होंने सामाजिक संगठनों और मीडिया से अपील की कि आप लोग मुस्लिम समुदाय को कोरोना वैक्‍सीनेशन के लिए समझाएं, ये कतई नुकसानदायक नहीं है।

पूर्व सीएम ने कही ये बात
यही नहीं, इस दौरान पूर्व सीएम ने मुस्लिम समुदाय से कहा कि अगर आप वैक्सीन नहीं लेंगे तो यह बीमारी खत्म नहीं होगी और कोई भी इसकी चपेट में आ सकता है। वहीं, हम सुपर स्प्रेडर बन सकते हैं। मैं सभी से वैक्‍सीनेशन के लिए आगे आने की अपील करता हूं। इसके अलावा उन्‍होंने ने पाकिस्‍तान का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान सरकार ने फोन ब्लॉक करने और वैक्‍सीनेशन से परहेज करने वालों के वेतन को रोकने जैसे कड़े कदमों की घोषणा की है। इस तरह के कदम जनता के बीच जागरूकता पैदा कर सकते हैं।

रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं
विश्व रक्तदान दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता, हर किसी को रक्तदान करने के लिए आगे आना चाहिए। जबकि युवाओं को कोरोना वैक्सीन लगाने से पहले रक्तदान करना चाहिए।