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मैडम IPS अंकिता शर्मा : जिनकी दुनिया है फैन,लाखों है फॉलोवर वो खुद हैं सुष्मिता सेन की दीवानी

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((खुलासा छत्तीसगढ़))भारतीय प्रशासनिक और पुलिस सेवा के बहुत से अधिकारी किसी सिलेब्रिटीज से कम नहीं हैं। कई आईपीएस अधिकारियों को सोशल मीडिया पर लाखों-करोड़ों लोग फॉलो करते हैं। ऐसी ही एक सिलेब्रिटी अधिकारी हैं छत्तीसगढ़ कैडर की आईपीएस अंकिता शर्मा ( IPS Ankita Sharma)। अंकिता शर्मा सोशल मीडिया पर किसी सिलेब्रिटी से कम नहीं हैं मगर खुद अंकिता शर्मा बॉलिवुड ऐक्ट्रेस सुष्मिता सेन ( Sushmita Sen) की दीवानी हैं।दरअसल आईपीएस अंकिता शर्मा का एक ट्वीट सामने आया है जिससे पता चलता है कि वह खुद सुष्मिता सेन को काफी पसंद करती हैं। सुष्मिता सेन ने रविवार को अपनी एक तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, ‘उसके पंजे बताते हैं एक खामोश दहाड़। हर महिला के भीतर एक ‘ आर्या‘ मौजूद है।’ माना जा रहा है कि यह पोस्ट सुष्मिता ने अपनी सुपरहिट वेब सीरीज ‘आर्या’ ( Aarya) के सेकंड सीजन के प्रमोशन के लिए की है। इस ट्वीट पर कॉमेंट करते हुए अंकिता ने लिखा, ‘मैं बता नहीं सकती हूं कि बचपन से आपकी कितनी बड़ी प्रशंसक हूं।’

आईपीएस अंकिता शर्मा की बात करें तो वह साल 2018 बैच की IPS अधिकारी हैं। अंकिता छत्तीसगढ़ राज्य से पहली महिला आईपीएस हैं। उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 203वीं रैंक हासिल की थी। अंकिता शर्मा की फैन फॉलोइंग की बात की जाए तो ट्वीटर पर अभी उनके 1 लाख से ज्यादा और इंस्टाग्राम पर उनके 3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।

छत्तीसगढ़ वर्चुअल योग मैराथन में भाग लेने अब तक 2 लाख से ज्यादा लोगों ने किया ऑनलाइन पंजीयन…

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रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 21 जून 2021 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योगाभ्यास प्रोटोकॉल के अनुसार आयोजित होने वाले ‘छत्तीसगढ़ वर्चुअल योग मैराथन’ को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

इस मैराथन के लिए अब तक 2 लाख 7 हजार से अधिक लोगों द्वारा इसमें भाग लेने के लिए ऑनलाइन पंजीयन किया गया है। इस मैराथन में सम्मिलित होने के लिए प्रतिभागी 15 जून 2021 तकnull

लिंक पर क्लिक कर पंजीयन कर सकते है। सभी पंजीयनकर्ताओ को डिजिटल प्रणाम पत्र प्रदान किया जाएगा। साथ ही हर जिले के प्रथम 100 पंजीयन को टीशर्ट प्रदान किया जाएगा।

समाज कल्याण विभाग अंतर्गत छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा आयोजित ‘छत्तीसगढ़ वर्चुअल योग मैराथन’ में भाग लेने हेतु आवेदक को योगासन करते हुए अपना फ ोटो/वीडियो अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स पर हैशटेग के साथ शेयर करना है।

शोध से पता चला कि 98% लोगों को बचा रही है करोना वैक्सीन की पहली डोज़।

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अगर कोरोना के टीके की एक डोज भी आपने लगवाई है तो आपको 98 फीसदी संक्रमण होने का खतरा नहीं है। चंडीगढ़ पीजीआई के डॉक्टरों की इस रिसर्च ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के देश में चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान में एक नई जान फूंक दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने चंडीगढ़ पीजीआई के इस शोध के खुलासे के बाद देश के अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थान और कॉरपोरेट अस्पतालों से भी शोध करने को कहा है। वहीं कई संस्थान शोध शुरू भी कर चुके हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक चंडीगढ़ पीजीआई ने, जिन मरीजों में टीके की एक डोज लगाई और जिन मरीजों में टीके की दोनों डोज लगीं, उन पर शोध किया। शोध के दौरान पाया गया कि जिन मरीजों में टीके की एक डोज़ लगाई गई उनमें संक्रमण का खतरा महज दो फीसदी था और जिन मरीजों में टीके की दोनों डोज़ लगाई गईं उनमें भी संक्रमण का खतरा महज दो फीसदी ही था। यानी शोध के बाद यह पाया गया कि टीके की पहली खुराक के लगने के साथ ही कोरोना संक्रमण से बचने की संभावनाएं 98 फीसदी ज्यादा हो जाती हैं।null

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में देश के टीकाकरण पर नजर रखने वाली कमेटी के प्रमुख डॉ एनके अरोड़ा कहते हैं कि पीजीआई का यह शोध बताता है कि टीकाकरण की पहली डोज से ही लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित होने लगते हैं। वह कहते हैं इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि देश में टीकाकरण की डोज का शेड्यूल बदला जाएगा। यानी दो डोज की जगह पर एक डोज का इस्तेमाल होगा। उनका कहना है यह शोध बताता है कि पहला टीका ही हमें और आपको बचाने लगता है। जब टीके की दूसरी डोज लगती है तो इम्यूनिटी मजबूत हो जाती है और एंटीबॉडी वायरस के खिलाफ पूरी तरीके से लड़ने में सक्षम हो जाती हैं।

चंडीगढ़ पीजीआई की रिसर्च के साथ-साथ देश के कई बड़े अस्पतालों और कॉरपोरेट अस्पतालों में भी इसी तरीके का शोध शुरू हो चुका है। अगले कुछ दिनों में ही देश के नामी चिकित्सा संस्थान और कॉरपोरेट हॉस्पिटल्स की रिसर्च भी सामने आ जाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है उस शोध के बाद कोविड नेशनल टास्क फोर्स और वैक्सीनेशन से जुड़ी कमेटी आगे की रणनीति पर काम करेंगी।

कोवैक्सीन परीक्षण के लिए एम्स में 6-12 वर्ष के बच्चों का नामांकन शुरू।

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नई दिल्ली: देश के स्वदेशी तौर पर विकसित पहले कोविड रोधी टीके कोवैक्सीन के छह से 12 साल के बच्चों में नैदानिक परीक्षण के लिए मंगलवार को यहां एम्स में नामांकन शुरू होगा. इसके बाद दो से छह साल के आयुवर्ग के बच्चों पर नैदानिक परीक्षण किया जाएगा. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 12-18 आयुवर्ग के स्वयंसेवकों के नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और उन्हें कोवैक्सीन की पहली खुराक दी गई है.

एम्स में सेंटर फॉर कम्युनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर, डॉ. संजय राय ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘छह से 12 साल के बच्चों पर कोवैक्सीन के नैदानिक परीक्षण के लिए नामांकन प्रक्रिया मंगलवार को शुरू होगी.’ भारत को औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने 12 मई को दो से 18 साल आयुवर्ग के बच्चों में भारत बायोटेक के कोवैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षण करने की मंजूरी दे दी थी.

तीन हिस्सों में होना है परीक्षण
यह परीक्षण तीन हिस्सों में होना है और इसके तहत 12-18, 6-12 और 2-6 साल आयुवर्ग के 175-175 स्वयंसेवकों के तीन समूह बनेंगे. परीक्षण के दौरान टीके की दो खुराक मांसपेशियों में दी जाएंगी, जिनमें से दूसरी खुराक पहली खुराक लगने के 28वें दिन दी जाएगी. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के साथ मिलकर भारत बायोटेक द्वारा स्वदेश में कोवैक्सीन का निर्माण किया गया है और यह फिलहाल देश भर में चल रहे टीकाकरण अभियान के दौरान वयस्कों को दी जा रही है.

बच्चों पर कोरोना के असर को लेकर चिंता
नैदानिक परीक्षण बच्चों में टीके की सुरक्षा, प्रतिक्रियात्मकता और प्रतिरक्षण क्षमता का मूल्यांकन करेंगे. सरकार ने हाल में चेताया था कि कोविड-19 ने भले ही अब तक बच्चों में गंभीर रूप अख्तियार न किया हो, लेकिन वायरस के व्यवहार या महामारी विज्ञान की गतिशीलता में अगर बदलाव हुआ तो बच्चों में इसका प्रभाव बढ़ सकता है. उसने कहा था कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों को मजबूत किया जा रहा है

सवा दो करोड़ रु. लेकर भी नही भेजा मैंगो जूस, पुलिस दमनदीव से किया गिरफ्तार

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रायपुर। खमतराई थाना पुलिस ने मनपसंद ब्रेवरेज के मालिक अभिषेक सिंह को दमनदीव से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को दमनदीव से गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया है। मैंगो जूस भेजने के नाम पर आरोपी ने करोड़ों की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है।

मनपसंद ब्रेवरेज के मालिक अभिषेक सिंह के खिलाफ एचआर एजेंसीज के मैनेजर इंद्रपाल सिंघहुरा ने FIR दर्ज कराई थी। आरोपी ने सवा दो करोड़ रुपए लेकर भी मैंगो जूस की सप्लाई नहीं की थी।

धान के बदले वृक्षारोपण करने पर प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की सहायता दी जायेगी-मुख्यमंत्री

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कांकेर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोकवाणी के 18वें कड़ी में प्रदेश के किसानों से ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना के संबंध में चर्चा किये। 21 मई 2020 को छत्तीसगढ़ में ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ की शुरुआत की थी, इस योजना के तहत पूरी राशि का भुगतान चार किस्तों में करने की घोषणा की थी, इस बीच कोरोना महामारी की चुनौती आई। इसके चलते योजना के भविष्य को लेकर कयास लगाना शुरू हो गया था। लेकिन मुख्यमंत्री बघेल ने आशंकाओं को निर्मूल साबित किया और योजना के दूसरे वर्ष की पहली किस्त 21 मई 2021 को किसानों के खाते में डाल दी।

राज्य सरकार का पहला फैसला था, किसानों की कर्ज माफी और उन्हें धान का दाम 2500 रुपए प्रति क्विंटल देना। पूर्व प्रधानमंत्री, आधुनिक भारत के स्वप्नदृष्टा, भारतरत्न स्वर्गीय राजीव गांधी जी के शहादत दिवस 21 मई 2020 को हमने राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरुआत की तथा पहली किस्त के रूप में 1500 करोड़ रुपए किसानों के खाते में डाले तथा सालभर के भीतर चार किस्तों में पूरी राशि 5 हजार 628 करोड़ रुपए का भुगतान 18 लाख 45 हजार किसानों के खाते में कर दिया गया।https://googleads.g.doubleclick.net/pagead/ads?client=ca-pub-3975822538407860&output=html&h=343&adk=1765331167&adf=3869174839&pi=t.aa~a.2513707236~i.3~rp.4&w=412&lmt=1623593749&num_ads=1&rafmt=1&armr=3&sem=mc&pwprc=3373459181&psa=1&ad_type=text_image&format=412×343&url=https%3A%2F%2Fthekhabrilal.com%2F%3Fp%3D138214&flash=0&fwr=1&pra=3&rh=280&rw=335&rpe=1&resp_fmts=3&sfro=1&wgl=1&fa=27&dt=1623593749124&bpp=17&bdt=3384&idt=-M&shv=r20210607&cbv=%2Fr20190131&ptt=9&saldr=aa&abxe=1&cookie=ID%3D48c3744acec08a65-22569c36c3c5001e%3AT%3D1611087617%3ART%3D1611087617%3AS%3DALNI_MbEQECwVXb0j-uHXSMxlWZcaY3USQ&prev_fmts=0x0%2C412x343&nras=2&correlator=5833072210662&frm=20&pv=1&ga_vid=273396258.1611087615&ga_sid=1623593747&ga_hid=393554756&ga_fc=0&u_tz=330&u_his=1&u_java=0&u_h=892&u_w=412&u_ah=892&u_aw=412&u_cd=24&u_nplug=0&u_nmime=0&adx=0&ady=1396&biw=412&bih=716&scr_x=0&scr_y=0&eid=44739390%2C31060973&oid=3&pvsid=2149117360273371&pem=289&eae=0&fc=1408&brdim=0%2C0%2C0%2C0%2C412%2C0%2C412%2C716%2C412%2C716&vis=1&rsz=%7C%7Cs%7C&abl=NS&fu=128&bc=31&ifi=3&uci=a!3&btvi=2&fsb=1&xpc=3fVefUbYf2&p=https%3A//thekhabrilal.com&dtd=158

‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना 2021’ के लिए बाकायदा बजट में 5 हजार 703 करोड़ का प्रावधान किया और विगत वर्ष की तरह ही 21 मई अर्थात राजीव जी के शहादत दिवस पर, ठीक पिछली बार की तरह पहली किस्त की राशि 1500 करोड़ रू. का भुगतान किसानों के खाते में कर दिया गया। इसमें 20 लाख 53 हजार 482 किसानों ने धान बेचा है तथा शेष लगभग डेढ़ लाख किसानों ने मक्का व गन्ना बेचा है। उन्होंने कहा कि कोरोना के महासंकट के बावजूद योजना के क्रियान्वयन में एक दिन की भी देरी नहीं की गई।

हमें यह देखकर बहुत संतोष होता है कि विगत दो वर्षों में प्रदेश में किसानों की संख्या 5 लाख 5 हजार बढ़ी है। कई प्रदेशों में लोग जब खेती को छोडक़र अन्य काम-धंधा अपना रहे हैं, तब हमारे यहां किसानों की संख्या बढऩा बहुत शुभ संकेत है। ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ में आदान सहायता की राशि के लिए मुख्यत: तीन प्रावधान हैं। पहला प्रावधान यह है कि पिछले साल की तरह धान के साथ खरीफ की प्रमुख फसल मक्का, कोदो, कुटकी, सोयाबीन, अरहर, गन्ना फसल लेने वाले किसानों को 09 हजार रूपए प्रति एकड़ आदान सहायता राशि हर साल दी जाएगी। दूसरा प्रावधान उन किसानों के लिए जो धान के बदले अन्य निर्धारित फसलें लेना चाहते हैं। उन्हें 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से अनुदान सहायता राशि दी जाएगी और यह तीन वर्ष के लिए होगी। इसी तरह तीसरा प्रावधान उन किसानों के लिए जो धान के बदले वृक्षारोपण करेंगे तो उन्हें भी 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की सहायता राशि दी जाएगी।

कल से एम्स मेंबच्चो पर कोविड वैक्सीन की ट्रायल शुरू और IMA डॉक्टर्स पर हुई हिंसा के खिलाफ करेगा प्रदर्शन।

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एम्स में बच्चों पर कोरोना के टीके के ट्रायल की प्रक्रिया जारी है। 12 से 18 वर्ष की उम्र के कई बच्चों को कोवैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है। इसी क्रम में अब सोमवार को छह से 12 वर्ष के बच्चों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इस उम्र के बच्चों को टीका देने के बाद दो से छह वर्ष के बच्चों की स्क्रीनिंग का काम शुरू होगा। दरअसल, देश के कई अस्पतालों में दो से 18 वर्ष के 525 बच्चों पर कोवैक्सीन का ट्रायल होना है। एम्स में पहले 12 से 18 वर्ष के 30 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई थी, जिसमें से कई बच्चों को टीका देने के बाद दूसरे वर्ग के बच्चों की स्क्रीनिंग की जाएगी। स्क्रीनिंग रिपोर्ट आने के बाद छह से 12 साल के बच्चों को भी डोज दी जाएगी। इसके बाद दो से छह साल के बीच के बच्चों का नंबर आएगा।

एम्स में बुधवार को 12 से 18 साल के बच्चों पर टीके का ट्रायल शुरू हो गया। डोज लगने के बाद सभी को घर भेज दिया गया। हालांकि, एम्स के विशेषज्ञ बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी उनके अभिभावकों से लेते रहेंगे। 28 दिन बाद एंटीबाडी की जांच कर इन्हें दूसरी डोज दी जाएगी। इससे पहले इन बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई थी। जांच रिपोर्ट में पूरी तरह से स्वस्थ पाए जाने के बाद इन्हें टीके की डोज दी गई।

आइएमए करेगा प्रदर्शन
18 जून को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) देशभर में डाक्टरों के खिलाफ हुई हिंसा व मारपीट की घटनाओं के विरोध में 18 जून को प्रदर्शन करेगा। आइएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेए जयालाल ने कहा आइएमए देशभर के 724 कोरोना योद्धा डाक्टरों को श्रद्धांजलि देता है, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करता है कि उन्होंने स्पष्ट कह दिया है कि टीकाकरण के खिलाफ कुछ भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

क्या covid से ठीक होने के बाद छीन जाएगी आंखों की रौशनी?

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नई दिल्ली. कोरोना की दूसरी लहर (Corona 2nd Wave) अब धीरे-धीरे थमती नज़र आ रही है. कोरोना से संक्रमित मरीज़ों की संख्या में भी कमी देखी जा रही है. लेकिन चिंता की बात ये है कि कोरोना से ठीक होने के बाद में लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना से ठीक होने के बाद भी मरीज़ों को पूरी तरह फिट होने में लंबा वक्त लग सकता है. ऐसी परेशानियों को डॉक्टर ‘लॉन्ग कोविड’ का नाम दे रहे हैं. यानी वो बीमारियां जो कोरोना के बाद लोगों को लंबे समय तक परेशान करती हैं. न्यूज़ 18 ने मरीज़ों की इन्हीं दिक्कतों को लेकर एक सीरीज़ की शुरुआत की है. इसके तहत कोरोना से होने वाली बीमारियों के बारे में डॉक्टरों की राय और उससे जुड़े समाधान के बारे में चर्चा की जाएगी.आज इस खास सीरीज़ में दिल्ली के मणिपाल हॉस्पिटल के डॉक्टर वानुली बाजपेयी बता रहे हैं कि कोरोना वायरस मरीज़ों की आंखों पर कैसे असर करता है. डॉक्टर वानुली ने विस्तार से आंखों के बारे में बताया. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि कोरोना के मरीज़ इन परेशानियों से कैसे उबर सकते हैं.

आंखों पर असर
वैसे कोविड -19 संक्रमण के दौरान या बाद में आंखें अक्सर प्रभावित नहीं होती हैं. हालांकि कुछ मरीजों में कंजंक्टिवाइटिस जैसे लक्षण दिखते हैं. बहुत कम मरीज़ों को लंबे समय तक आंखों में नुकसान रह सकता है. बाजपेयी ने media को बताया, ‘कोविड के दौरान सबसे आम लक्षण कंजंक्टिवाइटिस हैं, जो दवा से जल्दी ठीक हो जाते हैं. हालांकि, कुछ मामलों में, रेटिना पर वायरस का प्रभाव दिखता है. ये आंखों की रोशनी पर असर डाल सकता है.’

रेटिना पर वायरस का असर
डॉक्टर वानुली बाजपेयी ने आगे बताया, ‘कई बार आखों की रेटिना की धमनियों में ब्लॉकेज हो जाते हैं. इससे आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा बना रहता है. लिहाज़ा ऐसे मामलों में इलाज की जरूरत पड़ती है. इतना ही नहीं ऐसे केस में कुछ लोग पूरी तरह ठीक हो जाते हैं. जबकि कुछ लोगों के आंखों की रोशनी चली जाती है.’

आंखों पर ब्लैक फंगस का खतरा
डॉक्टर के मुताबिक आंखों के लिए एक और खतरा म्यूकोर्मिकोसिस या ब्लैक फंगस है. ऐसे मामले कोरोना के कई मरीजों में देखा गया है. बाजपेयी ने बताया कि म्यूकोर्मिकोसिस कोविड रोगियों में उभरने वाली एक खरतरनाक बीमारी है. इसका आंखों पर भी असर पड़ता है. उन्होंने कहा, ‘म्यूकोर्मिकोसिस अगर दिमाग तक पहुंच जाए तो फिर मरीज़ों की मौत भी हो सकती है. कई बार लोगों को सर्जरी की भी जरूरत पड़ती है. ऐसे में आंख की सर्जरी बेहद खरनाक होती है और कई बार तो पूरी आंख को हटाना पड़ता है.’

क्या है आंखों होने वाले लक्षण
बाजपेयी ने कहा, ‘कोविड से ठीक होने वाले रोगियों, खासकर अगर उन्हें मधुमेह है, तो ऐसे लोगों को म्यूकोर्मिकोसिस के सामान्य लक्षणों के बारे में जरूर बता दें. इसके लक्षण हैं- नाक में भारीपन, नाक बहना, नाक से दुर्गंध आना, नाक से खून निकलना, आंखों के आसपास या चेहरे पर सूजन. धुधंला दिखना, आंखों/नाक/चेहरे के आसपास की त्वचा के रंग में बदलाव, नाक/आंखों/चेहरे के आसपास दर्द. अगर मरीजों को ऐसे लक्षणों में से कोई भी अनुभव होता है, तो उन्हें तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

नया दिखेगा Whtsapp का लुक?

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नई दिल्ली: इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप धीरे-धीरे अपने लुक में परिवर्तन कर रहा है। कुछ दिन पहले नोटिफिकेशन ढ्ढ का कलर बदलने के बाद अब व्हाट्सएप ने अपने एंड्रॉइड बीटा यूजर्स के लिए यूजर इंटरफेस में कुछ बदलाव किए हैं। बीटा टेस्टिंग कर रहे एंड्रॉइड यूजर्स को अब व्हाट्सएप चैट नए रूप में दिखाई देगी।

कंपनी ने चैट लिस्ट में से हर चैट को बिभाजित करने वाली लाइन हटा दी है। व्हाट्सएप की रिपोर्ट के मुताबिक, यह एक बहुत छोटा सा बदलाव है, जिससे ऐप के ओवरऑल लुक में कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। फिलहाल बीटा वर्जन के जरिए कंपनी इस फीचर की टेस्टिंग कर रही है। व्हाट्सएप इस बदलाव को धीरे-धीरे बीटा यूजर्स के लिए भी जारी कर रहा है।

इसके अलावा व्हाट्सएप एक अन्य फीचर पर भी काम कर रहा है, जिससे आपकी पर्सनल चैट पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी। रिपोर्ट की मानें तो चैट बैकअप के लिए भी एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन जारी करने जा रहा है। यह फीचर गूगल ड्राइव पर स्टोर यूजर्स के व्हाट्सएप चैट बैकअप को पासवर्ड से प्रोटेक्ट करने के लिए है। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म एंड्रॉइड और आईओएस दोनों के लिए इस फीचर को टेस्ट कर रहा है।

मौसम विभाग द्वारा अलर्ट:भारी बारिश की दी चेतावनी।

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रायपुर: मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में बारिश को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा, बस्तर और दुर्ग संभाग के लिए ये अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विज्ञानी एस के अवस्थी ने अलर्ट जारी करते हुए कहा कि एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तरी ओडि़सा तट और पश्चिम बंगाल तट के ऊपर स्थित है.

जो अधिक प्रबल होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए ओडि़सा, झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर आगे बढ़ सकता है। एक द्रोणिका दक्षिण पंजाब से निम्न दाब के केंद्र तक हरियाणा, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ और झारखंड होते हुए 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है.

जिसके प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पडऩे की संभावना है. कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना भी बन रही है।