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विस्तृत आदेश के बाद जान लें कि राजधानी में क्या खुलेगा और क्या नहीं..और कब तक

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(खुलासा छत्तीसगढ़ )रायपुर। कोरोना अब नियंत्रण की ओर है और पहले से जारी गाइड लाइन की मियाद कल 31 मई को खत्म हो गई है। आज पहली जून से नया गाइडलाइन लागू हो गया है। जो केन्द्र के द्वारा जारी गाइडलाइन के साथ अपनी व्यवस्थाओं को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से तय की गई है।
कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक शहर के होटल, रेस्टोरेंट, क्लब और आम लोगों के लिए खोल दिए जाएंगे। यह रात 10 बजे तक संचालित किए जा सकेंगे। यहां पर अब लोग बैठकर खा-पी सकेंगे। डायनिंग एरिया में 50 प्रतिशत लोग ही बैठ सकेंगे। यानी कि अगर होटल, रेस्टोरेंट, क्लब, के डायनिंग एरिया में 100 लोगों की बैठने की क्षमता है तो सिर्फ 50 लोग ही बैठ पाएंगे। इसके अलावा इन रात 10 बजे तक होम डिलीवरी करने की अनुमति होगी।

शादियों-विवाह को लेकर कहा गया है कि मैरिज हॉल में कोविड-19 प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना जरूरी होगा। शादियों के कार्यक्रम होटल में भी कराए जा सकेंगे लेकिन सिर्फ 50 लोगों की मौजूदगी की इजाजत रहेगी। ये कौन 50 लोग होंगे इसकी लिस्ट मैरिज हॉल या होटल वालों को देनी होगी। लिस्ट में जिसका नाम होगा उसे एंट्री मिलेगी। अंत्येष्टि या दशगात्र को लेकर कहा गया है कि इसमें सिर्फ 20 लोग शामिल हो सकते हैं।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत लगभग पूरे प्रदेश में संडे लॉकडाउन को अनिवार्य किया गया है। यानी कि संडे के दिन किसी भी तरह की दुकान नहीं खुलेगी। हर दिन शाम 6 बजे से अगले दिन की सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू भी लागू रहेगा। संडे को इस दौरान होटल, रेस्टोरेंट, की होम डिलीवरी और थोक माल की लोडिंग-अनलोडिंग को अनुमति रहेगी। संडे लॉकडाउन के दौरान केवल अस्पताल, क्लीनिक, मेडिकल दुकानें पेट्रोल पंप ही खुलेंगे।
विस्तृत आदेश के बाद जान लें कि राजधानी में क्या खुलेगा और क्या नहीं..
ये खुलेगा–
00 सभी तरह की स्थाई और अस्थाई दुकानें, शॉपिंग मॉल, व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स खुलेंगे
00 लोगों की जरूरत के सुपरमार्केट, सुपर बाजार, फल और सब्जी मंडी अनाज की मंडियां खुलेंगी
00 सभी तरह के शोरूम, सैलून, ब्यूटी पार्लर, स्पा, बच्चों के पार्क और जिम भी खुलेंगे।
00 ये सभी सेवाएं सिर्फ शाम 6 बजे तक ही खुलेंगी, समय को लेकर बदलाव नहीं किया गया है।
00 पहले की तरह मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी भी खुलेंगी।
ये नहीं खुलेंगे–
00 छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से जारी की गई नई गाइडलाइन के मुताबिक रायपुर कलेक्टर ने कहा है कि सभी स्विमिंग पूल, सिनेमा हॉल, थिएटर बंद रहेंगे।
00 वाटर पार्क, थीम पार्क, और सामूहिक भीड़भाड़ वाली जगहें जैसे जंगल सफारी, बूढ़ातालाब और तेलीबांधा तालाब और पुरखौती मुक्तांगन आम लोगों के लिए बंद रहेंगे

00 सभी स्कूल, कॉलेज, स्टूडेंट्स के लिए बंद रहेंगे कोचिंग क्लासेज भी बंद रहेंगी
00 सभी प्रकार की रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन सामाजिक, राजनीतिक, खेल, सांस्कृतिक धार्मिक आयोजन बंद रहेंगे
00 चौपाटी जैसी जगहें नहीं खुलेंगी
00 रायपुर शहर में 144 की धारा लागू रहेगी

राज्यसभा में एंट्री: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एक वरिष्ठ पत्रकार और सीनियर एडवोकेट को किया मनोनीत, जानिए कौन हैं ?

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(खुलासा छत्तीसगढ़)नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने महेश जेठमलानी को राज्यसभा सदस्य के लिए नामित किया है. महेश जेठमलानी देश के दिग्गज वकील और पूर्व कानून मंत्री राम जेठमलानी के बेटे हैं. उनके साथ-साथ इस साल राज्यसभा से इस्तीफा देने वाले स्वपन दास गुप्ता को भी एक बार फिर राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है.

महेश जेठमलानी राज्यसभा के लिए मनोनीत
महेश जेठमलानी को दिवंगत सांसद रघुनाथ महापात्रा (Raghunath Mohapatra) के खाली हुए पद पर नामित सांसद की कैटेगरी में राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है. राज्यसभा सांसद के तौर पर उनका कार्यकाल मई 2024 तक रहेगा. महेश जेठमलानी राम जेठमलानी के बेटे हैं, जो एक काफी सीनियर एडवोकेट और देश के कानून मंत्री रह चुके हैं. महेश जेठमलानी की गिनती देश के महंगे वकीलों में होती हैं. साल 2009 में उन्होंने प्रिया दत्त के खिलाफ लोकसभा का भी चुनाव लड़ा था, लेकिन वो चुनाव हार गए.

मशहूर वकील राम जेठमलानी

इससे पहले सोमवार को जेठमलानी ने खुद अपने मनोनीत होने की जानकारी दी थी. जेठमलानी ने कहा था कि मुझे राज्यसभा के लिए नामित किए जाने की सूचना दी गई है. कई बड़े मामलों में पैरवी कर चुके उनके पिता और मशहूर वकील राम जेठमलानी भी राज्यसभा सदस्य थे. महेश जेठमलानी का नामांकन ऐसे वक्त में आया है जब हाल में नामित किए जाने की श्रेणी में दो रिक्तियां हुईं.

स्वपन दासगुप्ता ने इस साल मार्च में इस्तीफा दे दिया था. भाजपा ने उन्हें पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बतौर प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारा था. हालांकि अब उन्हें दोबारा राज्यसभा के लिए नामित किया गया है. वहीं दूसरी रिक्ति तब हुई जब रघुनाथ महापात्र का इसी माह कोविड-19 के कारण निधन हो गया. राष्ट्रपति केंद्र के परामर्श पर राज्यसभा के लिए 12 सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं. ये लोग साहित्य, विज्ञान, खेलकूद, कला एवं समाज सेवा जैसे क्षेत्रों की बड़ी हस्तियां होते हैं.

कोरोना से हुई मौत के आंकड़ों पर, रमन सिंह ने कहा- मौतों को छिपाने की हो रही साजिश, मंत्री अकबर बोले- छिपाने जैसी कोई बात नहीं…

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(खुलासा छत्तीसगढ़)रायपुर। कोरोना से प्रदेश में हो रही मौतों पर सियासत जारी है. पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र की संख्या में अंतर को लेकर सवाल किया है. वहीं दूसरी ओर कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने कोरोना से हुई मौत के आंकड़ों को छिपाने से इंकार किया है

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कोरोना से मौत के स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की ओर से जारी डेथ सर्टिफिकेट के आकंड़ों में जमीन-आसमान का अंतर है. आकंड़ों में इतना बड़ा फर्क बताता है कि वास्तविक आकंड़ों को छिपाया जा रहा है. विभाग किसी तरह का स्पष्टीकरण नहीं दे रहा है. किसी तरह की तथ्यात्मक जानकारी भी नही दी जा रही है.

उन्होंने कहा कि मई महीने में रायपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग के आकंड़ों में 693 मौत बताई जा रही है, उसी दौरान रायपुर नगर निगम ने 3 हजार 272 डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए. इससे अन्य नगर निगमों, नगर पालिकाओं और पंचायतों की स्थिति को समझा जा सकता है.

डॉ, सिंह ने कहा कि जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई में 2 हजार 377 मौतों का आकंड़ा स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया है. जबकि नगर निगम ने 7 हजार 709 डेथ सर्टिफिकेट जारी किया है, यानी 5 हजार से ज्यादा का अंतर आ रहा है. साल 2020 में कुल 9 हजार 500 सर्टिफिकेट जारी किये गए. 2021 में 5 महीने ही बीते है, लेकिन 7 हजार 709 सर्टिफिकेट जारी किये गए हैं. पूरा गडबड़झाला दिख रहा है, इसमें स्वास्थ्य विभाग को स्पष्टीकरण दिया जाना चहिए. ये मौत को छिपाने की साजिश है ।

छिपाया नहीं जा सकता आंकड़ा

हालांकि, सरकार ने मौतों के आंकड़ों पर उठ रहे सवालों से इंकार किया है. कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि आंकड़ों को छिपाने जैसी कोई बात नहीं है. कोविड से हुई मौत के आंकड़ों को छिपाया नहीं जा सकता.

केंद्र सरकार ने दिया बड़ा झटका, डीएमएफ समिति से बाहर हो जाएंगे प्रभारी मंत्री, जानिए और क्या हुए बदलाव…

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रायपुर। केंद्र सरकार के खनिज मंत्रालय के नए आदेश ने प्रदेश में सियासी हलचल पैदा कर दी है. डीएमएफ कमेटी के अध्यक्ष जिला कलेक्टर, डिप्टी कमिश्नर, जिला दंडाधिकारी ही होंगे. किसी दूसरे व्यक्ति को इसकी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. इसके अलावा लोकसभा सदस्य संबंधित जिले की कमेटी में सदस्य के रूप में शामिल होंगे.

प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद डीएमएफ फंड कमेटी के नियम में बदलाव किया गया था. कलेक्टर की जगह जिलों की खनिज न्यास संस्थान में जिले के प्रभारी मंत्री अध्यक्ष बनाया गया था, वहीं कलेक्टर के पास सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. विधायकों को सदस्य के रूप में शामिल किया था. अब केंद्र ने नए नियम के जरिए पुरानी स्थिति बहाल कर दी है.

बाहर नहीं हुए हैं प्रभारी मंत्री

केंद्र सरकार के डीएमएफ को लेकर नियमों में किए गए बदलाव से प्रभारी मंत्रियों की छुट्टी होने की बात से कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर इंकार करते हैं. वे कहते हैं कि ऐसी कोई बात नहीं है. इसमें (समिति) सांसद और विधायकों को शामिल किया गया है. प्रभारी मंत्री भी कहीं ना कहीं के विधायक हैं, इसलिए उनकी अनुशंसा के आधार पर भी काम होगा.

व्यवस्था में आएगी पारदर्शिता

केंद्र सरकार के आदेश पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मैं समझता हूं कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता आएगी. डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन का स्ट्रक्चर देखेंगे तो समझ जाएंगे. हमारी सरकार के दौरान भी हमने डीएमएफ में मंत्रियों का हस्तक्षेप नही रखा था. कहीं ना कहीं इसकी आड़ में राजनीतिक गतिविधियां सामने आ ही जाती है. कलेक्टर से विधायक-सांसद खुली चर्चा करते थे.

छत्तीसगढ़ में हो रहा बंदरबाट

डीएमएफ फंड के आबंटन के लिए कलेक्टरों को अध्यक्ष बनाने के केंद्र के निर्देश पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार हायतौबा मचाने की जरूरत नही है. छत्तीसगढ़ में बंदरबांट हो रहा है. मंत्री कागज लेकर बैठकर ये काम कर रहे हैं. डीएमएफ की आत्मा मर रही है. डीएमएफ का आशय यह है कि खनिज से प्रभावित गांव का डेवलपमेंट हो.

यह क्रिकेटर अपनी ही बहन से करेंगे शादी, इस पर यौन शोषण का भी लगा है आरोप

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नई दिल्ली. एक क्रिकेटर शादी करने जा रहे हैं. हैरत की बात यह है कि वह अपनी ही बहन से विवाह करेंगे. इस खबर की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है. यह क्रिकेटर पाकिस्तानी टीम के कप्तान बाबर आजम है

बाबर आजम अगले साल शादी करने जा रहे हैं. हैरान करने वाली ये बात सामने आई है कि बाबर आजम अपनी ही चचेरी बहन से शादी करेंगे. पाकिस्तानी चैनल जियो न्यूज के सूत्रों के हवाले से ये बात सामने आई है. पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आजम और उनकी चचेरी बहन के परिवारों के बीच इस कपल की शादी की बात पर सहमति बनी है. दोनों की शादी अगले साल होगी. सूत्रों से पता चला है कि बाबर आजम अपने चाचा की बेटी से शादी करने के लिए तैयार हो गए हैं.

बता दें कि पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम पर यौन शोषण के आरोप भी लग चुके हैं. एक महिला ने बाबर आजम पर आरोप लगाते हुए कहा था कि बाबर ने उनका यौन शोषण किया है और उन्हें धमकियां भी दीं. महिला ने कहा था बाबर ने उनसे शादी के झूठे वादे किए थे. महिला ने कहा था कि बाबर आजम ने शादी का झांसा देकर 10 साल तक उनका यौन शोषण किया. मैं प्रेग्नेंट हुई तो बाबर ने मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी. पीड़िता के मुताबिक बाबर और वह एक ही स्कूल में पढ़ते थे. दोनों एक ही मोहल्ले में रहते थे.

महिला ने कहा था, ‘बाबर आजम ने मुझे प्रपोज किया और मैंने उसे स्वीकार कर लिया था. उस वक्त बाबर आजम ने क्रिकेट खेलना शुरू नहीं किया था. महिला के मुताबिक जब उन्होंने बाबर आजम को बताया कि वह प्रेग्नेंट है, तो बाबर ने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर उनका अबॉर्शन करवाया. पीड़िता ने कहा, ‘2017 में बाबर ने अपना नंबर भी चेंज कर लिया. इसके बाद भी 3 साल वे मेरा फायदा उठाते रहे. 2020 में उन्होंने मुझसे शादी करने से साफ मना कर दिया.

जानें भारत में मिले वायरस को क्या मिला नाम ?WHO ने कोरोना वेरिएंट्स का किया नामकरण,

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नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोनावायरस के सभी वैरिएंट (CoronaVirus Variant) या स्ट्रेन का नामकरण कर दिया है. कोरोना वायरस के स्ट्रेन या वैरिएंट को किसी देश विशेष से जोड़ने को लेकर विवाद के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नामकरण की यह कवायद की है. भारत में सबसे पहले मिले कोरोना स्ट्रेन का नाम ‘डेल्टा वेरिएंट’ रखा गया है.

कोरोना वेरिएंट्स का नामकरण

इसी के तहत भारत में सबसे पहले कोरोना के वैरिएंट B.1.617 को डेल्टा वैरिएंट (Delta Variant) कहा जाएगा. यह वैरिएंट अब तक 53 देशों में पाया जा चुका है और सात अन्य देशों में इसकी अनाधिकारिक तौर पर पहचान हुई है.
भारत में 12 मई में इस वेरिएंट की पहचान B.1.617 से की गई थी, जिसे भारतीय वेरिएंट कहा जा रहा था. इससे पहले विश्व स्वास्थ्य निकाय ने कहा था कि वायरस और वेरिएंट्स को किसी भी देश के नाम से नहीं जाना चाहिए, जहां पर वह पाया गया है.

डब्ल्यूएचओ में कोविड-19 के टेक्निकल लीड डॉक्टर मारिया वेन केरखोव ने बताया- “मौजूदा वैज्ञानिक नामों पर यह लेबल नहीं लगाया जाना चाहिए क्योंकि वे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सूचना देते हैं और उस शोध में इस्तेमाल किया जाता रहेगा. किसी भी देश में जहां पर यह वेरिएंट पाया जाता है उसे उसका पीड़ा नहीं दिया जाना चाहिए
इसमें कहा गया कि डब्ल्यूएचओ द्वारा बुलाए गए एक विशेषज्ञ समूह ने ग्रीक वर्णमाला के अक्षरों का उपयोग करने की सिफारिश की है, जो कि अल्फा, बीटा, गामा आदि हैं. यह गैर वैज्ञानिक लोगों के लिए ज्यादा आसान चर्चा करने में प्रैक्टिकल रहेगा.

नया रायपुर में ट्रक ड्राइवर से हुई लूट के 5 आरोपी गिरफ्तार। जिसमें 1 नाबालिग आरोपी,,

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खुलासा छत्तीसगढ़ रायपुर। राजधानी रायपुर में लूट, डकैती और चोरी की वारदात बढ़ते ही पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. नवा रायपुर में लूट की वारदात को अंजाम देने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं. नवा रायपुर में डकैतों ने खड़े ट्रक ड्राइवर से 1 मोबाइल फोन समेत 1500 रुपए नगदी रकम लेकर फरार हो गए थे. इस पूरी वारदात में पुलिस ने 1 नाबालिग समेत 5 आरोपियों की गिरफ्तारी की है.5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

दरअसल, इस मामले में प्रार्थी भुवन साहू ने बीते दिनों राखी थाने में लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उसने कहा कि ट्रक को लेकर अपने बडे भाई टेसू साहू के साथ रेत भरने कुम्हारी से रायपुर के लिए निकले थे. नवा रायपुर पहुंचने पर उसके भाई को नींद आने के कारण हाईवा को नहर के पास सड़क किनारे खड़ी कर दोनों दरवाजा खोलकर सो गए. करीबन 5 बजे एक बाइक तीन व्यक्ति अपने मुंह में मास्क लगाकर आए. दो व्यक्ति नीले रंग के एक्टिवा में पीछे थे. इसी बीच उनसे 15 हजार रुपये लूट लिया गया.

ट्रक ड्राइवर से की गई मारपीट

आरोपियों ने मुंह में एक मुक्का मारा, जिससे प्रार्थी के होंठ में चोट लगी और मारकर भागने लगा. उनकी मोटर साइकिल में एक व्यक्ति पहले से चालू करके खड़ा था. मामले की थाने में शिकायत दर्ज कराई गई. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव ने गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण तारकेश्वर पटेल को निर्देशित किया.

नगर रायपुर निवासी राजेन्द्र देवांगन को पकड़कर घटना के संबंध में पूछताछ किया गया.पूछताछ में राजेन्द्र देवांगन ने किसी भी प्रकार से अपराध में अपनी संलिप्तता नहीं होना बताकर लगातार टीम को गुमराह करता रहा. साक्ष्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ करने पर राजेन्द्र देवांगन ज्यादा देर अपने झूठ के सामने टिक न सका. अपने 4 अन्य साथियों की जानकारी दी. परसा सहारे, जयदीप देवांगन, अमित कुमार सोनी और एक नाबालि का नाम बताया. आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

पेड़ पर लटकता मिला दुष्कर्म के आरोपी का शव, गांव में फैली सनसनी।

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कानपुर 1जून 2021: जनपद के रसूलाबाद थानाक्षेत्र में बीते दिनों नाबालिग लड़की से बलात्कार करने वाले एक आरोपी ने संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटक कर आत्महत्या कर ली। मृतक के परिजनों ने लड़की के परिवारी जनों पर हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। वहीं गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जिसको लेकर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

रसूलाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में 28 मई को नाबालिग किशोरी के साथ गांव के ही गोविंद उर्फ ठाकुर, गोविंद, व मुख्य आरोपी वीरसिंह ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। बताया जाता है कि आरोपियों ने दुष्कर्म का वीडियो भी बनाया था। वही पर नाबालिग किशोरी की मां ने रविवार को थाने में तहरीर देकर तीनों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म में मुकदमा पंजीकृत कराया था। जिसके बाद हरकत में आई पुलिस गांव में दबिश देते हुए दुष्कर्म के आरोपी गोविंद को गिरफ्तार कर लिया था। मुख्य आरोपी वीर सिंह अभी भी फरार चल रहा है। पुलिस तेजी से उसकी तलाश कर रही है।

वही सोमवार सुबह दुष्कर्म के आरोपी गोविंद उर्फ ठाकुर (28) पुत्र बालकराम का शव गांव के बाहर बबूल के पेड़ से लटका मिला। जिसके बाद गांव में सनसनी फैल गई। शव देखकर मृतक के परिजनों ने हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया। राजकुमार पुत्र बालकराम ने पीड़िता के पिता रामलखन, मां केसा देवी व बहनोई राजेश कुमार उसके पुत्र की हत्या कर शव पेड़ से लटकाने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया।

मौके पर पहुंचे पुलिस क्षेत्राधिकारी परशुराम सिंह, कोतवाल शशि भूषण मिश्रा, चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह के साथ पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने घटना का निरीक्षण किया। मृतक पांच भाइयों में सबसे छोटा था। मां सोनकली का रो-रोकर बेहाल हो गया। वही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण की स्थिति साफ हो सकेगी। वहीं गांव में पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है।

AIIMS और BSP में जॉब लगवाने का किया वादा,मंत्री का रिश्तेदार बताकर युवकों को 19 लाख की ठगी की।।

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(खुलासा छत्तीसगढ़)रायपुर शहर के कोटा इलाके में रहने वाले एक शातिर युवक ने 6 बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर उनसे 19 लाख रुपए ऐंठ लिए। अब आरोपी लापता है। आरोपी ने ठगी का जाल बुनने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री शिव डहरिया के चेहरे का इस्तेमाल किया। ठग ने युवकों से कहा कि वह मंत्री डेहरिया का रिश्तेदार है, जहां चाहे वहां एक फोन करके नौकरी लगवा सकता है, लेकिन बदले में रुपए देने होंगे। इसकी बातों में आकर युवकों ने मुंह मांगी कीमत दे दी।

साइबर सेल की ली जा सकती है मदद


युवकों पर प्रभाव जमाने के लिए ठग ने खुद को छत्तीसगढ़ के कुछ IAS ऑफिसर दोस्त बताया था। कई तरह के फर्जी सरकारी दस्तावेज दिखाता था ताकि बेरोजगार इसके जाल में पूरी तरह से फंसे रहे। अब जब आरोपी लापता हो गया है तो ठगी का शिकार हुए युवक पुलिस के पास पहुंचे हैं। सरस्वती नगर थाने में इसकी शिकायत दर्ज की गई है। रविवार को यह मामला सामने आने के बाद सोमवार को इस पूरे केस की नए सिरे से जांच पुलिस शुरू कर रही है, इस केस में साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है ताकि जल्द से जल्द आरोपी का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया जा सके।

कार शो रूम में तोडफ़ोड़ करने वाला आरोपी कभी रहा है केंद्रीय मंत्री का करीबी…

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खुलासा छत्तीसगढ़ रायपुर। राजधानी के कार शो रूम में तोडफ़ोड़ करने के साथ संचालक की हत्या कर देने का धमकी देने वाला आरोपी साहिल जैन अभी भी फरार है पुलिस तलाश रही है। इस बीच पता चला है कि वह आज से आठ माह पहले केन्द्रीय मंत्री रेणुका सिंह का सोशल मीडिया प्रभारी था। लेकिन ऐसी ही करतूतों और मिल रही शिकायतों के चलते उसे हटा दिया गया था। उसके साथी को गिरफ्तार तो किया गया था पर वह जमानत पूर छूट गया है। 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई लोगों को केंद्रीय मंत्री के नाम की धौंस जमाकर पहले भी धमका चुका है। खुद केंद्रीय मंत्री तक कई बार साहिल की कारस्तानियों की शिकायतें पहुंची। कुछ महीने पहले ही मंत्री ने उसे इस काम से हटा दिया। अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साहिल कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज और छत्तीसगढ़ के नेताओं के साथ तस्वीरें पोस्ट करता है। उसे इसका शौक भी है और ये तस्वीरें रौब जमाने में भी काम आती हैं।
 सूत्रों ने बताया कि काम से हटाए जाने के बाद भी साहिल लगातार रेणुका सिंह के नाम का इस्तेमाल करता रहा है। कभी किसी अस्पताल में अपने परिचित का इलाज करवाने के नाम पर डॉक्टर को धमकाया तो कभी सरकार रेस्ट हाउस रेणुका सिंह का नाम लेकर बुक करवाए। इन जगहों पर जाकर खुद भी कई बार साहिल दावतें उड़ाता रहा है। फिलहाल पेशे से इवेंट मैनेजमेंट का काम करने वाले इस युवक को पुलिस रायपुर में कारोबारी के दफ्तर में तोड़-फोड़ करने के जुर्म में ढूंढ रही है।