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टोल प्लाजा में 100 मीटर से अधिक कतार होने पर नही लगेगा टैक्स।

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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देशभर में टोल नाकों (Toll Plaza) पर वाहनों का वेटिंग टाइम कम करने को लेकर टोल प्लाजों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किये है. NHAI ने कहा है कि प्रत्येक वाहन को 10 सेकंड में सर्विस दे दी जानी चाहिए. हाईवे पर वाहनों के दबाव के टॉप समय में भी यह समयसीमा अपनाई जानी चाहिए ताकि वाहनों को कतार में कम से कम समय प्रतीक्षा करनी पड़े.

NHAI ने एक बयान में कहा कि नए निर्देशों में टोल प्लाजा पर वाहनों की 100 मीटर से अधिक कतार नहीं लगने को लेकर यातायात के सुचारु प्रवाह को भी सुनिश्चित किया जाएगा.

बिना टोल दिए जाने की अनुमति
उसने कहा, फास्टैग (FASTag) के अनिवार्य किये जाने के बाद हालांकि ज्यादातर टोल प्लाजा पर वेटिंग टाइम बिल्कुल भी नहीं है. अगर टोल पर किसी कारण वाहनों की कतार 100 मीटर से अधिक होती है तो, उस स्थिति में सभी वाहनों को बिना टोल दिए जाने की अनुमति होगी जब तक टोल नाके से वाहनों की कतार वापस 100 मीटर के अंदर नहीं पहुंच जाती.

एनएचआईए ने कहा कि सभी टोल नाको पर 100 मीटर की दूरी का पता लगाने के लिए पीले रंग से एक लकीर बनाई जाएगी. यह कदम टोल प्लाजा ऑपरेटरों में जवाबदेही की एक और भावना पैदा करने के लिए है.

100 फीसदी कैशलेस टोलिंग को दिया अंजाम
एनएचआईए (NHAI) के अनुसार उसने फरवरी 2021 मध्य से 100 फीसदी कैशलेस टोलिंग को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. एनएचएआई के टोल नाकों पर फास्टैग की उपलब्धता कुल मिलाकर 96 फीसदी और इनमें कईयों में तो 99 फीसदी तक पहुंच गई है.

उसने कहा, देश में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से बढ़ते टोल संग्रह को ध्यान में रखते हुए अगले 10 वर्षों के दौरान यातायात के अनुमान को ध्यान में रखते हुये टोल प्लाजों के आकार और निर्माण पर जोर दिया जाएगा ताकि टोल संग्रह प्रणाली को कुशल बनाया जा सके.

NHAI ने कहा कि कोविड-19 (COVID-19) के कारण सामाजिक दूरी एक नया नियम बन गया है. FASTag के बढ़ते इस्तेमाल से इसका पालन भी आसानी से किया जा रहा है जिससे टोल संचालक और वाहन यात्री संपर्क में भी नहीं आते.

एस,आई निलंबित,डॉक्टर को डरा धमका कर 3 लाख की वसूली करने का आरोप।

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(खुलासा छत्तीसगढ़ )सारंगढ़। सारंगढ़ थाना प्रभारी एसआई कमल किशोर पटेल को निलंबित कर दिया गया है। एसआई पर डॉक्टर को डरा धमकाकर तीन लाख वसूलने का आरोप है। पीडि़त डॉक्टर की शिकायत के बाद एसपी संतोष सिंह ने कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन के दौरान एसआई रायगढ़ मुख्यालय रक्षित केंद्र में तैनात रहेंगे।
दरअसल मामले का ब्यौरा यह है कि सारंगढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम हिर्री स्थित वारे क्लीनिक में 7 मई को सारंगढ़ थाना प्रभारी कमल किशोर पटेल, सारंगढ़ तहसीलदार सुनील अग्रवाल और बीएमओ डॉ आरएल सिदार निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इस दौरान तहसीलदार ने डॉ वारे से क्लीनिक में अनियमितता के नाम पर कार्रवाई करने की बात कही। साथ ही कार्रवाई नहीं करने के नाम पर पांच लाख की मांग भी की थी, जिसके बाद डॉक्टर वारे ने तीन लाख रूपए तहसीलदार को रिश्वत के तौर पर देकर मामले को रफा-दफा करवाया। इस दौरान रूपए लेते हुये क्लीनिक में लगे सीसीटीवी में तहसीलदार, बीएमओ और थाना प्रभारी कैद हो गये थे।
सीसीटीवी फुटेज क आधार पर डॉ वारे ने इसकी शिकायत एसपी संतोष कुमार सिंह से की थी। शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुये डीएसपी गरिमा द्विवेदी को जांच के आदेश दिये गए थे। जांच को सहीं पाये जाने के बाद एसपी ने एसआई कमल किशोर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं इस मामले में कलेक्टर ने भी तहसीलदार और बीएमओ के खिलाफ जांच के आदेश दिये है। फिलहाल दोनों अधिकारी के खिलाफ जांच चल रही है। जांच के बाद दोनों के खिलाफ उचित कार्रवाई भी की जाएगी।

कोरोना वैक्सीन लेने के 2 साल के अंदर हो जाएगी मौत? जानें ‘नोबेल विजेता’ के वायरल दावे का सच…

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देश में कोरोना वायरस महामारी (Covid Vaccination in India) को हराने के लिए सरकार वैक्सीनेशन में तेजी ला रही है. वहीं, दूसरी ओर कुछ लोग वैक्सीनेशन को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने में जुटे हैं. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें फ्रेंच नोबेल विजेता के हवाले से कहा जा रहा है कि कोरोना वैक्सीन लगवाने वाले लोगों की 2 साल के अंदर मौत हो जाएगी. सरकारी संस्था पीआईबी ने इसकी पड़ताल की है. पीआईबी ने इस दावे को पूरी तरह झूठा बताते हुए कहा है कि टीका पूरी तरह सुरक्षित है.

सोशल मीडिया पर नोबल विजेता और फ्रेंच वायरोलॉजिस्ट ल्यूक मॉन्टेनियर के हवाले से एक खबर शेयर की गई है. वायरल मैसेज में लिखा है- ‘वैक्सीन लगवाने वाले सभी लोग दो साल के अंदर मर जाएंगे. नोबेल विजेता ल्यूक मॉन्टेनियर ने पुष्टि की है कि जिन लोगों को वैक्सीन दी गई है, उनके बचने की कोई संभावना नहीं है. चौंकाने वाले साक्षात्कार में, दुनिया के शीर्ष वायरोलॉजिस्ट ने स्पष्ट रूप से कहा: उन लोगों के लिए कोई उम्मीद नहीं है, और जिनके लिए पहले से ही टीका लगाया गया है, उनके लिए कोई संभावित इलाज नहीं है. हमें शवों को भस्म करने के लिए तैयार रहना चाहिए.’

वायरल मैसेज में बताया गया मौत का कारण
मैसेज में कहा गया है- ‘वैक्सीन के घटकों का अध्ययन करने के बाद अन्य प्रमुख वायरोलॉजिस्टों ने वैज्ञानिक के दावों का समर्थन किया. वे सभी एंटीबॉडी निर्भर वृद्धि से मर जाएंगे.’

पीआईबी ने की दावे की पड़ताल
फर्जी खबर यानी फेक न्यूज से निपटने के लिए पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों और योजनाओं के बारे में खबरों का सत्यापन करने के लिए एक ‘तथ्य जांच इकाई’ गठित की है जिसे पीआईबी फैक्ट चेक टीम कहा जाता है. पीआईबी फैक्ट चेक टीम ने इस पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा है कि यह इमेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नोबेल विजेता का हवाला देकर दावा किया जा रहा है. कोरोना टीकाकरण के दो साल के भीतर मौत का दावा फर्जी है. कोरोना टीका पूरी तरह सुरक्षित है. इस इमेज को फॉरवर्ड ना करें.

पीआईबी फैक्ट चेक टीम द्वारा आप भी किसी भी संदेश की सत्यता की जांच करा सकते हैं. इसके तहत मीडिया में सरकार और सरकारी योजनाओं से जुड़ी खबरों की सच्चाई का पता लगाया जाता है. अगर आपके पास भी कोई डाउटफुल खबर है तो आप उसे factcheck.pib.gov.in या फिर वॉट्सऐप नंबर +918799711259 या ईमेलः pibfactcheck@gmail.com पर भेज सकते हैं. इसके बारे में ज्यादा जानकारी पीआईबी की वेबसाइट pib.gov.in पर भी उपलब्ध है

शराब दुकान के बाहर,शरीर में तकरीबन 10 वार किए गए चाकू से युवक की हत्या..

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खुलासा छत्तीसगढ़ रायपुर। कोरोनाकाल में लंबे अरसे बाद शराब दुकानें खुली और उसी दुकान के सामने हत्या की वारदात हो गई है,हालांकि मामला पुरानी रंजिश का बताया जा रहा है। अभनपुर थाना इलाके में  देशी शराब दुकान के बाहर चाकू मारकर  एक युवक को मौत के घाट उतार दिया गया है। जानकारी के मुताबिक मृतक का नाम किशोर बघेल है, जिसकी चाकू से गोदकर हत्या की गई है। पुरानी रंजिश के चलते युवक की हत्या की गई है। युवक के शरीर में चाकू से तकरीबन  10 वार किए गए हैं।पुलिस ने मामला दर्ज करआरोपियों की तलाश शुरु कर दी है।

हैवानियत की सारी सिमा हुई पार,शौच के लिए गई महिला के साथ किया गैंगरेप फिर खम्बे से लटका दी लाश।

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बिहार के समस्तीपुर जिले से एक शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. विभूतिपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में घर से शौच के लिए निकली एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का मामाला सामने आया है. इतना ही नहीं इस घटना को अंजाम देने के बाद दुष्कर्मियों ने महिला को बेहोशी की हालत में नग्न अवस्था में बिजली के खंभे से फंदा लगाकर छोड़ दिया. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने महिला को गंभीर हालत में सदर अस्पताल में भर्ती कराया है. पुलिस इस मामले की जांच में जुट गयी है.

परिवारवालों के मुताबिक विभूतिपुर थाना क्षेत्र के चकहबीब गांव में अगले सुबह एक महिला शौच के लिए निकली थी. इसी बीच पहले से घात लगाए लोगों ने महिला को उठा लिया और सुनसान जगह पर ले गए. उसके बाद दुष्कर्म करने का प्रयास करने लगे. महिला ने जब इसका विरोध किया तो दुष्कर्मियों ने महिला की पिटाई की और हत्या की धमकी देकर चुप रहने को कहा. इस तरह सभी लोगों ने बारी बारी से महिला के साथ सामुहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया.

इसके बाद अधमरी स्थिति में महिला को बिजली के एक खंभे के सहारे फंदे से लटका दिया. उन्हें लगा कि महिला की मौत हो गई. कुछ देर के बाद जब गांव के लोग खेत की ओर जा रहे थे तो उनलोगों ने बिजली के खंभे से महिला को बेहोशी की हालत में लटके देख शोर मचाना शुरू किया. घटनास्थल पर जुटे ग्रामीणों ने महिला को पोल से खोलकर स्थानीय स्तर पर इलाज कराना शुरू किया. उसके बाद अनुमंडलीय अस्पताल दलसिंहसराय में भर्ती करवाया गया. जहां से डॉक्टरों ने उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया. यहां पीड़िता जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है.

शादी समारोह के बाद घटना को दिया गया अंजाम
पीड़ित महिला के घर में शादी समारोह था. उसी शादी की तैयारी के लिए टेंट और बाजे वाले मजदूर भी आए थे. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि मंगलवार सुबह जब घर की बहू खेत की ओर निकली तो टेंट बाजा वाले मजदूरों ने उसका पीछा किया. महिला को सभी ने घेरकर कब्जे में ले लिया. उसके बाद महिला के गहने और कपड़े जबरन उतार कर सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया.

घटना से गुस्साए लोगों ने 7 लोगों को बनाया बंधक
महिला के साथ क्रूर घटना को अंजाम देने से गुस्साए लोगों ने शक के आधार पर टेंट पंडाल में काम करने वाले 7 मजदूरों को बंधक बना लिया है. घटना की सूचना पाकर वहां पुलिस पहुंची. जिसके बाद ग्रामीणों ने बंधकों को उन्हें सौंप दिया. पुलिस पंडाल में काम करने वाले मजदूरों से पूछताछ कर रही है.

महिला थाने की पुलिस जांच में जुटी इस बड़ी घटना के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गया है. गम्भीर हलात में भर्ती पीड़ित महिला का बयान लेने महिला थाने की पुलिस सदर अस्पताल पहुंची थी. हालांकि पीड़िता बोलने की स्थिति में नहीं थी, जिसकी वजह से पुलिस उसके बयान का इंतज़ार कर रही है. महिला थानाध्यक्ष पुष्पलता कुमारी ने बताया कि शादी समारोह के बाद पीड़िता सुबह शौच के लिए गयी थी तो लड़कों ने बदतमीजी की. पूरा मामला पीड़िता के होश में आने के बाद ही पता चलेगा. फिलहाल मामला दर्ज नहीं किया गया है. सातों बंधकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है

कोरोना संक्रमण की गति थमते ही हुई विकास कार्यों की रफ्तार तेज।

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रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। संक्रमण दर भी घटकर मात्र 5 प्रतिशत के आस-पास रह गयी है। अब जन-जीवन सामान्य होने के साथ विकास कार्य भी तेजी से पूरे किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नवा छत्तीसगढ़ गढऩे की हमारी मुहिम कोरोना संकट से थोड़ी देर के लिए प्रभावित जरूर हुई है, लेकिन नवा छत्तीसगढ़ गढऩे का न तो हमारा संकल्प प्रभावित हुआ और न प्रदेश के विकास और उन्नति की मुहिम की रफ्तार को प्रभावित होने दिया जाएगा। कोरोना की वजह से समय की जो क्षति हुई है, विकास कार्यों की गति बढ़ाकर इसकी पूर्ति कर लेंगे। मुख्यमंत्री ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में दुर्ग जिले के नगर निगम भिलाई, दुर्ग एवं भिलाई-चरौदा में लगभग 114 करोड़ रुपए की लागत के विभिन्न कार्यों का वर्चुअल भूमिपूजन और लोकार्पण करने के बाद इस आशय के विचार प्रकट किए।

मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले में कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से दुर्ग जिले में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए अभूतपूर्व काम किया गया है। इसकी जितनी भी सराहना की जाए कम है। एक समय था जब दुर्ग जिले में संक्रमण की दर 30 प्रतिशत तक पहुंच गयी थी। जिसे सभी के प्रयासों से 3 प्रतिशत के नीचे लाने में सफलता मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों ने टीम भावना के साथ काम करते हुए जिले में ऑक्सीजन, ऑक्सीजन बेड, डॉक्टरों और दवाईयों की व्यवस्था की। मितानिनों ने कोरोना किट की दवाईयों के गांव-गांव में वितरण का सराहनीय काम किया। सफाई कर्मचारियों और चिकित्सा स्टॉफ ने भी प्रशंसनीय काम किया। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों में दिए गए सहयोग के लिए सभी लोगों को धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने भिलाई-चरौदा निगम में ट्रांसपोर्ट नगर का भूमिपूजन किया, इसका निर्माण 56 करोड़ 21 लाख रुपए की लागत से किया जाएगा। इसके बनने से ट्रांसपोर्टर्स को काफी राहत मिलेगी और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा। इसके साथ ही उन्होंने भिलाई-चरौदा निगम में ही गौरवपथ के कार्य का भूमिपूजन किया। इसकी लागत 16.19 करोड़ है। श्री बघेल ने नगर निगम भिलाई में 2.54 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित 22 कार्यों का लोकार्पण और 22.33 करोड़ रूपए के 172 कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने नगर निगम दुर्ग के अंतर्गत 14 वें वित्त आयोग मद से 17 करोड़ 38 लाख रुपए लागत के कार्यों का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम के दौरान दो दिवंगत शासकीय कर्मियों के एक-एक परिजन को अनुकंपा नियुक्ति का पत्र सौंपा गया। कलेक्टर दुर्ग ने बताया कि राज्य शासन द्वारा अनुकंपा नियुक्ति के शिथिल किए गए प्रावधान के अनुसार 40 दिवंगत कर्मियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति देने के प्रकरण तैयार किए जा रहे हैं।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, राज्य भंडारगृह निगम के अध्यक्ष अरुण वोरा, क्षेत्र के विधायक एवं निगम के महापौर भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। वनमंत्री एवं दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रुद्रकुमार तथा नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ महीने से कोरोना की दूसरी लहर के कारण पूरे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को भी बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। इन डेढ़ महीनों में विकास कार्य भी बहुत प्रभावित हुआ है। लेकिन अब प्रदेश में स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। संक्रमण-दर भी घटकर मात्र 5 प्रतिशत के आसपास रह गई है। लाकडाउन में छूट दी जा चुकी है। अब जन जीवन तेजी से सामान्य होने के साथ-साथ विकास कार्य भी तेजी से किए जाएंगे। पिछले डेढ़ महीनों के दौरान जो काम रुके हुए थे, उन्हें भी तेजी से पूरा किया जाएगा। कोरोना की वजह से समय की जो क्षति हुई है, हम अपनी रफ्तार बढ़ाकर उसकी भी पूर्ति कर लेंगे। इसके लिए बहुत जरूरी है कि हम कोरोना के प्रति बहुत सावधानी बरतें, ताकि हमारे विकास कार्य दुबारा बाधित न हो सकें। सोशल डिस्टेंसिंग, सैनेटाइजेशन मास्क और टीकाकरण से ही हम कोविड के खिलाफ जंग जीत सकते हैं।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री गुरू रूद्रकुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में दुर्ग जिले में विकास के कार्य तेजी से पूरे होंगे। उन्होंने तीनों नगर निगम क्षेत्रों के नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों के बावजूद मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्यों को गति प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। हर क्षेत्र में विकास कार्यों को बखूबी अंजाम दिया जा रहा है। राज्य में सभी वर्गो के लिए योजनाएं बनाई गई और उन पर अमल किया गया। किसी भी स्तर पर कमी नहीं होने दी गई। आने वाले समय में विकास की गति और तेज होगी।

वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता किसान और गांव हैं। प्रदेश के सर्वांगीण विकास और आर्थिक उन्नति के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है। राजीव गांधी किसान योजना के अंतर्गत किसानों को लगभग 5700 करोड़ रूपए की राशि चार किश्तों में देने की शुरूआत कर दी गयी है। 1500 करोड़ रूपए की पहली किश्त का किसानों को भुगतान किया जा चुका है। गोधन न्याय योजना के माध्यम से प्रदेश के लगभग डेढ़ लाख गौपालक लाभान्वित हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ में 154 करोड़ रूपए लघु वनोपजों की खरीदी की गयी है। वनोपज खरीदी में छत्तीसगढ़ का देश में पहला स्थान है। तेन्दूपत्ता संग्रहकों को 649 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया जाएगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि प्रदेश के 169 नगरीय निकायों में मूलभूत कार्यों के लिए राशि स्वीकृत की गयी है। आज दुर्ग जिले के 3 नगर निगमों में लगभग 114 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। ये कार्य इन नगर निगम क्षेत्रों के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का सपना जल्द साकार होगा। कार्यक्रम को विधायक श्री देवेन्द्र यादव और छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अरूण बोरा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में कलेक्टर दुर्ग डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने विकास कार्यों के संबंध में संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

रविवार छोड़कर रायपुर पूरी तरह अनलॉक शॉपिंग मॉल, शराब दुकानें, जिम और जाने क्या क्या खुलेगा।

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रायपुर के कलेक्टर ने मंगलवार शाम वो आदेश जारी कर दिया जिसका सभी को इंतजार था। अब नई गाइडलाइन के मुताबिक शहर में सभी दुकानें, सैलून, ब्यूटी पार्लर, स्पा, पार्क और जिम, शॉपिंग मॉल, ठेला-गुमटी, सुपर मार्केट, सुपर बाजार, फल और सब्जी मंडी, अनाज मंडी, शोरूम, क्लब और शराब की दुकानें शाम 6:00 बजे तक खुलेंगी। रविवार के दिन पूरे जिले में टोटल लॉकडाउन का पालन कराया जाएगा। नई गाइडलाइन का आदेश अब लागू कर दिया गया है।

ये सर्विसेस होंगी शुरू
जिला प्रशासन के नए आदेश के मुताबिक सभी दुकानें, शॉपिंग मॉल, कमर्शियल कंपलेक्स खुलेंगे।

सभी तरह के ठेले गुमटी, यानी कि पान के ठेले, गुपचुप, चाट, पकौड़ी चौपाटी, पाव भाजी के ठेले खुलेंगे।

सुपर मार्केट, सुपर बाजार, डिपार्टमेंटल स्टोर, फल और सब्जी की मंडी, अनाज के सभी तरह की दुकानें और बाजार खुलेंगे।

शहर में सभी तरह के शोरूम, क्लब, शराब की दुकानें, सैलून, ब्यूटी पार्लर, स्पा, बच्चों के पार्क और जिम खुलेंगे।

रात 10 बजे तक होटल या रेस्टोरेंट से अब ऑनलाइन पार्सल के अलावा, काउंटर से पार्सल भी लिया जा सकेगा।

लड़के या लड़की के घर पर या फिर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किसी होटल में अब 10 की जगह 50 लोगों की मौजूदगी में लोग शादी के कार्यक्रम कर सकेंगे।

दशगात्र या किसी की मृत्यु संबंधी कार्यक्रम में अब 10 की जगह 20 लोग ही इकट्ठा हो सकेंगे।

ये पाबंदियां अब भी रहेंगी
रायपुर शहर के सभी मैरिज हॉल, स्विमिंग पूल, सिनेमा हॉल, थिएटर बंद रहेंगे।

सभी स्कूल, कॉलेज, स्टूडेंट्स के लिए बंद रहेंगे।

सभी प्रकार के सभा जुलूस, धरना प्रदर्शन, सामाजिक राजनीतिक, धार्मिक, कार्यक्रमों पर प्रतिबंध होगा

सभी रिसोर्ट, धार्मिक स्थल, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थल जैसे रायपुर का मुक्तांगन, जंगल सफारी ये अब भी आम लोगों के लिए बंद ही रहेंगे।

ऐसा होगा संडे लॉकडाउन
संडे को रायपुर शहर में पूरी तरह से लॉक डाउन का पालन कराया जाएगा। इस दौरान सिर्फ अस्पताल, क्लीनिक मेडिकल दुकान, पेट्रोल पंप, सरकारी राशन की दुकान, एलपीजी, पेट शॉप, न्यूज़पेपर सप्लाई और दूध की सप्लाई के अलावा फल सब्जी जैसी जरूरी चीजों की सिर्फ होम डिलीवरी की जा सकेगी। इसके अलावा कोई भी शॉप या ऑफिस संडे को नहीं खोला जाएगा बाजार भी पूरी तरह से बंद रहेंगे।

शराब दुकानों को लेकर ये है निर्देश
शराब दुकानों को लेकर आबकारी विभाग की तरफ से कहा गया है कि देशी शराब की दुकानें बुधवार 26 मई से खोल दी जाएंगी। इन के काउंटर पर जाकर नगद देकर शराब खरीदी जा सकती है। अब तक सिर्फ ऑनलाइन की ही सुविधा थी। देशी शराब दुकानें सुबह 9:00 बजे से रात 8:00 बजे तक के लिए खुलेंगी। जिलों के कलेक्टर समय घटा या बढ़ा सकते हैं। विदेशी शराब (अंग्रेजी) के लिए होम डिलीवरी पिकअप व्यवस्था पहले की ही तरह होगी। इसकी दुकानें नहीं खुलेंगी।

अनलॉकिंग की प्रक्रिया शुरु।

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बिलासपुर/कोरिया/ कोण्डागांव/मुंगेली: कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमने के ​बाद प्रशासन के निर्देशानुसा जिलों में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी कड़ी में बिलासपुर, कोरिया, कोण्डागांव और मुंगेली जिले में अनलॉक के लिए गाइडलाइन जारी कर दी गई है। जारी निर्देश के अनुसार इन जिलों में अब सभी दुकानें शाम 6 बजे तक खुली रहेंगी।

बता दें कि सरकार ने सोमवार रात आदेश जारी करते हुए कहा था कि 8 प्रतिशत से कम पॉजिटिविटी वाले क्षेत्रों में अनलॉक किया जा स​कता है। सरकार की ओर से जारी निर्देश के अनुसार सभी जिलों में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

गौरतलब है कि शासन के निर्देशानुसार राजधानी रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा और बालोद में जिले में भी अनलॉक के लिए गाइडलाइन जारी कर दी गई है।

8%से कम पॉसिटीवीटी वाले क्षेत्र होंगे अनलॉक।

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के जिन जिलों में 8 फीसदी से कम कोरोना पॉजिटिविटी रेट है। वो 1 जून से अनलॉक कर दिए जाएंगे, जबकि जिन जिलों में पॉजिटिविटी रेट ज्यादा होगा, वहां कुछ प्रतिबंधों के साथ लॉकडाउन लागू रहेगा। बता दें कि फिलहाल अभी प्रदेश के 25 जिलों में पॉजिटिविटी रेट 8 फीसदी से कम है।

सिर्फ सूरजपुर, धमतरी और रायगढ़ में पॉजिटिविटी रेट 8 फीसदी से ज्यादा है। संडे का टोटल लॉकडाउन भी उन्हीं जिलों में रहेगा, जहां पॉजिटिविटी रेट 8 फीसदी से ज्यादा है।

हालांकि कलेक्टर अपने जिलों के हालात के आधार पर निर्देश जारी करेंगे। लॉकडाउन हटने के बाद भी प्रदेश में नाईट कर्फ्यू लागू रहेगा। दुकानों को हर हालत में शाम 6 बजे बंद कर दिया जाएगा।

राज्य सरकार ने सभी दुकानों, शोरूम, मॉल्स को खोलने के आदेश भी दे दिए हैं। शाम 6 बजे तक ही ये भी खुलेंगे। होटल और रेस्टोरेंट में बैठकर खाने की सुविधा नहीं होगी। केवल पार्सल सेवा जारी रहेगी। सिनेमाहॉल और थियेटर आगामी आदेश तक बंद रहेंगे।

अब पानी मे भी कोरोना।तीन जगह से लिये गए थे सैंपल।

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लखनऊ : कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच राज्य सरकार निपटने के इंतजाम में जुटी थी वहीं अब राजधानी लखनऊ में सीवेज के पानी में कोरोना वायरस की पुष्टि होने से हड़कंप मच गया है.

लखनऊ के पीजीआई ने पानी के सैंपल की जांच की. जिसके बाद पानी में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है. पीजीआई माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. उज्ज्वला घोषाल ने बताया कि आईसीएमआर-डब्लूएचओ द्वारा देश में सीवेज सैंपलिंग शुरू की गई.

इसमें यूपी में भी सीवेज के नमूने लिए गए है. एसजीपीआई लैब में आये सीवेज सैंपल के पानी में वायरस की पुष्टि हुई है. उन्होंने बताया कि लखनऊ में खदरा के रूकपुर, घंटाघर व मछली मोहाल के ड्रेनेज से सीवेज सैंपल लिए गए थे.

यह वह स्थान है जहां पूरे मोहल्ले का सीवेज एक स्थान पर गिरता है. 19 मई को इस सैंपल की जांच की गई तो रूकपुर खदरा के सीवेज के सैंपल में कोरोना वायरस पाया गया है. पूरी स्थिति से आईसीएमआर और डब्ल्यूएचओ को अवगत करा दिया गया है. घोषाल ने बताया कि अभी यह प्राथमिक अध्ययन है। भविष्य में इस पर विस्तार से अध्ययन किया जाएगा.

मल से पानी में पहुंच सकता है वायरस

डॉ उज्जवला घोषाल ने बताया कि कुछ समय पहले पीजीआई के मरीजों में अध्ययन किया गया था उस वक्त यह पाया गया था कि मल में मौजूद वायरस पानी में पहुंच सकता है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि कोरोनावायरस से पीड़ित तमाम मरीजों के स्टूल (मल) से सीवेज तक कोरोनावायरस पहुंचा हो.

कई अन्य शोध पत्रों में भी यह बात सामने आई है कि 50 फ़ीसदी मरीजों के स्टूल के वायरस सीवेज तक पहुंच जाते हैं.

पानी के संक्रमित होने पर अध्ययन

डॉ उज्ज्वला घोषाल ने बताया कि सीवेज के जरिए नदियों तक पानी पहुंचता है. ऐसे में यह आम लोगों के लिए कितना नुकसान देह होगा इस पर अध्ययन किया जाना बाकी है.