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प्रदेश में आज शाम तक 6918 नए कोरोना पॉजिटिव, सर्वाधिक इस जिले में 547, देखिये जिलेवार आंकड़े

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रायपुर, 15 मई। राज्य में आज शाम 5.51 तक 6918 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें सर्वाधिक 547 अकेले रायगढ़ जिले के हैं। केन्द्र सरकार के संगठन आईसीएमआर के इन आंकड़ों के मुताबिक आज शाम तक 22 जिलों में सौ-सौ से अधिक कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।

आईसीएमआर के मुताबिक आज बालोद 352, बलौदाबाजार 287, बलरामपुर 385, बस्तर 215, बेमेतरा 93, बीजापुर 33, बिलासपुर 301, दंतेवाड़ा 81, धमतरी 172, दुर्ग 277, गरियाबंद 164, जीपीएम 138, जांजगीर-चांपा 456, जशपुर 336, कबीरधाम 165, कांकेर 178, कोंडागांव 50, कोरबा 314, कोरिया 376, महासमुंद 214, मुंगेली 189, नारायणपुर 25, रायगढ़ 547, रायपुर 468, राजनांदगांव 204, सुकमा 39, सूरजपुर 483, और सरगुजा 368 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।

केन्द्र सरकार के संगठन आईसीएमआर के इन आंकड़ों में रात तक राज्य शासन के जारी किए जाने वाले आंकड़ों से कुछ फेरबदल हो सकता है क्योंकि ये आंकड़े कोरोना पॉजिटिव जांच के हैं, और राज्य शासन इनमें से कोई पुराने मरीज का रिपीट टेस्ट हो, तो उसे हटा देता है। लेकिन हर दिन यह देखने में आ रहा है कि राज्य शासन के आंकड़े रात तक खासे बढ़ते हैं, और इन आंकड़ों के आसपास पहुंच जाते हैं, कभी-कभी इनसे पीछे भी रह जाते है।।

यात्रा करने वालो को नही होगी किसी पास की आवश्यकता टिकिट ही होगा उनका पास।

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के मामलों में आई कमी के बाद आज रायपुर जिला कलेक्टर ने जहां राजधानी में व्यापारिक प्रतिष्ठानों को खोलने की अतिरिक्त छूट देने के साथ लॉकडाउन को 31 मई सुबह 6 बजे तक बढ़ाने का आदेश जारी किया है, वहीं रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व एयरपोर्ट के यात्रियों को भी राहत देते हुए कोई भी पास की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। यानी यात्रियों की टिकट ही उनका ई-पास मान्य होगा।

रायपुर जिला कलेक्टर जारी आदेश में कहा है कि रेल, बस व हवाई यात्रा हेतु रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले यात्रियों को कोई पास की आवश्यकता नहीं होगी। यात्रियों को निवास, स्टेशन तक आने-जाने हेतु उनके पास उपलब्ध यात्रा टिकट ही उनका ई-पास मान्य किया जायेगा।

अपरिहार्य परिस्थितियों में रायपुर जिले से अन्यत्र आने-जाने वाले यात्रियों को ई-पास के माध्यम से पूर्व अनुमति लिया जाना अनिवार्य होगा तथा प्रतियोगी, अन्य परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों हेतु उनका एडमिट कार्ड तथा रेलवे, टेलीकॉम, एयरपोर्ट संचालन एवं रख-रखाव कार्य या हास्पिटल या कोविड-19 ड्यूटी में संलग्न कर्मचारियों-चिकित्सकों की दशा में नियोक्ता द्वारा जारी आईडी कार्ड ई-पास के रूप मान्य किया जायेगा। यह आदेश 17 मई से लागू होगा।

इलेक्ट्रॉनिक मोपेड जो चलेगी एक बार चार्ज करने पर 250 k.m.

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भारत में आने वाले कुछ महीने ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए बेहद ही ख़ास है क्योंकि इनमें कुछ बेहतरीन इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च किए जाने वाले हैं जिनमें हाई रेंज वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर्स भी शामिल हैं। आपको बता दें कि ये स्कूटर भारत में मिलने वाले मौजूदा इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से काफी हाईटेक होंगे और आज हम आपको भारत में लॉन्चिंग को तैयार एक एक ऐसे ही इलेक्ट्रिक स्कूटर के बारे में बताने जा रहे हैं जो जल्द ही भारतीय सड़कों पर रफ़्तार भरता हुआ नजर आ सकता है।

Ola Electric Scooter
Ola Electric Scooter की लॉन्चिंग को लेकर काफी समय से चर्चा चल रही है और कुछ महीने पहले कंपनी ने इसकी पहली झलक भी दिखाई थी। ये स्कूटर भारत में पहले से मौजूद बजाज चेतक इलेक्ट्रिक और टीवीएस आईक्यूब को टक्कर देगा। हालांकि इसकी लॉन्चिंग के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि इस साल के आखिर तक कंपनी इसे भारत में उतार सकती है।

आपको बता दें कि भारत में मौजूद ज्यादातर इलेक्ट्रिक स्कूटर्स को एक सीमित दूरी तक ही चलाया जा सकता है लेकिन ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर को आपको दोगुनी रेंज देने में सक्षम होगा। बता दें कि ख़ास बात ये है कि इस स्कूटर को लंबी रेंज तक चलाने के लिए आपको इसे बार-बार चार्ज नहीं करना पड़ेगा।

आपको बता दें कि कुछ समय पहले ओला ने Etergo को टेकओवर किया है जिसके बाद कंपनी इलेक्ट्रिक स्कूटर लेकर आ रही है। जानकारी के अनुसार इस स्कूटर में स्वैपेबल हाई एनर्जी डेंसिटी बैटरी का इस्तेमाल किया गया है।

जबरदस्त रेंज देने में है सक्षम
आपको बता दें कि ये इलेक्ट्रिक स्कूटर हाई रेंज देने में सक्षम होगा और इसके पीछे एक ख़ास तकनीक का हाथ है। दरअसल इस स्कूटर में डिटैचेबल या स्वैपेबल बैटरी लगी है जिसके डिस्चार्ज होने पर आप दूसरी चार्ज बैटरी को इसकी जगह पर लगा के स्कूटर को लंबी रेंज तक चला सकते हैं। इस स्कूटर की रेंज सिंगल चार्ज में तकरीबन 240 किलोमीटर हो सकती है। ऐसे में अगर आपके घर पर एक और चार्ज बैटरी रखी हुई है तो आप इसे डिस्चार्ज बैटरी से की जगह पर लगा देंगे तो इसकी रेंज दोगुनी हो जाएगी। इस प्रक्रिया में महज 5 मिनट का समय लगेगा।

अगर बात करें इस इलेक्ट्रिक स्कूटर के फीचर्स की तो इसमें ग्राहकों को एक बड़ा स्टोरेज बूट, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर दिया जा सकता है। इसके साथ ही कई अन्य हाईटेक फीचर्स भी इस स्कूटर में मिलने की उम्मीद है।

10 जून तक मानसून ka aana तय।

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रायपुर। मानसून को लेकर एक अच्छी खबर है. छत्तीसगढ़ में इस बार 10 जून को दस्तक देगा. मौसम विभाग के मुताबिक, सबसे पहले प्रदेश के जगदलपुर में मानसून का प्रवेश होगा, फिर अन्य जिलों तक पहुंचेगा. लेकिन छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर अब भी गरज चमक के साथ बारिश व कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है.

मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा का कहना है कि चक्रीय चक्रवाती घेरा विदर्भ के ऊपर 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है. प्रदेश में बंगाल की खाड़ी से नमी का आगमन जारी है. इससे प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है.

छत्तीसगढ़ मै भयंकर तूफान की चेतावनी जारी अगले 48 घंटे में, …ट्रेनों को किया गया रद्द…

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भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अरब सागर में बने दबाव के क्षेत्र के 17 मई को ‘अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान’ में तब्दील होने की संभावना है. भीषण चक्रवाती तूफान शनिवार को गुजरात तट को पार कर सकता है. इससे पहले मौसम की स्थिति भी ऐसी ही दिख रही है. जो गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गई है और इसके शनिवार सुबह तक  तूफान में तब्दील होने की संभावना है।

चक्रवाती तूफान के मद्देनजर कई ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया है। तटीय गुजरात क्षेत्र में 17-05-21 और 18-05-21 को चक्रवात की चेतावनी के कारण। निम्नलिखित ट्रेनों को रद्द और शॉर्ट टर्मिनेशन किया जाएगा।

1) 09206 (हावड़ा- पोरबंदर) 15 मई,2021 को रद्द

२) 09094 (संतरागाछी पोरबंदर ) 16 मई,2021 को रद्द

गंतव्य से पहले समाप्त होने वाली गाड़ी :

1) 02974 (पुरी -गांधीधाम) 15 मई, 2021 को पुरी से चलने वाली गाड़ी अहमदाबाद में समाप्त कर दी जाएगी।

मौसम विभाग ने जारी किया खतरे का अलर्ट 

मौसम विज्ञान विभाग(IMD) ने यह जानकारी दी है कि तूफान के शनिवार रात तक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है. तूफान की आशंका वाले प्रदेशों और लक्षद्वीप के लिए भारतीय मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के दृष्टिगत दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं. आईएमडी ने पहले ही मुंबई और ठाणे को येलो अलर्ट जारी कर दिया है, जबकि गुजरात और केरल के कई जिलों के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किए गए हैं.

21 से सीधे 42 हो चुके ब्लैक फ़ंगस के मरीज़ ,दो नए मरीज रायपुर एम्स में हूवे भर्ती, आंख-नाक-जबड़े पर ब्लैक फंगस का हमला ,जानिये बचने के तरीक़े……..

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छत्तीसगढ़ में ब्लैक फंगस (म्यूकर माइकोसिस) के दो नए मरीज मिले। ये मरीज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर(एम्स) में भर्ती हुए हैं। अब तक अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या 42 हो गई है। एक दिन पहले एम्स रायपुर में 21, आंबेडकर अस्पताल रायपुर में दो, रामकृष्ण केयर अस्पताल में पांच, श्री बालाजी अस्पताल में दो और भिलाई से 10 मरीज मिले थे।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक एम्स में अभी 23 रोगियों का उपचार किया जा रहा है। वर्तमान में सात रोगियों की आंख का ऑपरेशन कर दिया गया है, जबकि शेष रोगियों के लिए आपरेशन की औपचारिकताएं पूर्ण की जा रही है।

कोरोना से तबाही के बीच म्यूकरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने लोगों को ब्लैक फंगस के शुरुआती लक्षणों की पहचान कर इससे बचने की सलाह दी है, जो कि मुख्यतौर पर महाराष्ट्र में कई मरीजों में देखे गए हैं. हर्षवर्धन ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट में बताया कि जागरूकता और शुरुआती लक्षणों की पहचान कर इसके खतरे से बचा जा सकता है.

क्या है म्यूकरमाइकोसिस– म्यूकरमाइकोसिस एक ऐसा फंगल इंफेक्शन है जिसे कोरोना वायरस ट्रिगर करता है. कोविड-19 टास्क फोर्स के एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये उन लोगों में आसानी से फैल जाता है जो पहले से किसी ना किसी बीमारी से जूझ रहे हैं और जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है. इन लोगों में इंफेक्शन से लड़ने की क्षमता कम होती है.

किन लोगों को खतरा– इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, कुछ खास कंडीशन में ही कोरोना मरीजों में म्यूकरमाइकोसिस का खतरा बढ़ता है. अनियंत्रित डायबिटीज, स्टेरॉयड की वजह से कमजोर इम्यूनिटी, लंबे समय तक आईसीयू या अस्पताल में दाखिल रहना, किसी अन्य बीमारी का होना, पोस्ट ऑर्गेन ट्रांसप्लांट, कैंसर या वोरिकोनाजोल थैरेपी (गंभीर फंगल इंफेक्शन का इलाज) के मामले में ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ सकता है.

क्या हैं लक्षण– ब्लैक फंगस में मुख्य रूप से कई तरह के लक्षण देखे जाते हैं. आंखों में लालपन या दर्द, बुखार, सिरदर्द, खांसी, सांस में तकलीफ, उल्टी में खून या मानसिक स्थिति में बदलाव से इसकी पहचान की जा सकती है. इसलिए इन लक्षणों पर बारीकी से गौर करना चाहिए.

कैसे बनाता है शिकार– एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हवा में फैले रोगाणुओं के संपर्क में आने से कोई व्यक्ति फंगल इंफेक्शन का शिकार हो सकता है. ब्लैक फंगस मरीज की स्किन पर भी विकसित हो सकता है. स्किन पर चोट, रगड़ या जले हुए हिस्सों से ये शरीर में दाखिल हो सकता है.

म्यूकरमाइकोसिस से कैसे बचें– ब्लैक फंगस से बचने के लिए धूल वाली जगहों पर मास्क पहनकर रहें. मिट्टी, काई या खाद जैसी चीजों के नजदीक जाते वक्त जूते, ग्लव्स, फु स्लीव्स शर्ट और ट्राउजर पहनें. साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें. डायबिटीज पर कंट्रोल, इम्यूनोमॉड्यूलेटिंग ड्रग या स्टेरॉयड का कम से कम इस्तेमाल कर इससे बचा जा सकता है.

ब्लैक फंगस से बचने के लिए क्या करें– हाइपरग्लीसीमिया (ब्लड शुगर) को कंट्रोल रखें. कोविड-19 से रिकवरी के बाद भी ब्लड ग्लूकोज का लेवल मॉनिटर करते रहें. स्टेरॉयड का इस्तेमाल सिर्फ डॉक्टर्स की सलाह पर ही करें. ऑक्सीजन थैरेपी के दौरान ह्यूमिडिटीफायर के लिए साफ पानी का ही इस्तेमाल करें. एंटीबायोटिक्स या एंटीफंगल दवाओं का इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर ही करें.

क्या न करें– ब्लैक फंगस से बचने के लिए इसके लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें. बंद नाक वाले सभी मामलों को बैक्टीरियल साइनसाइटिस समझने की भूल न करें. खासतौर से कोविड-19 और इम्यूनोसप्रेशन के मामले में ऐसी गलती न करें.

फंगल एटियोलॉजी का पता लगाने के लिए KOH टेस्ट और माइक्रोस्कोपी की मदद लेने से न घबराएं. यदि डॉक्टर्स इसका तुरंत इलाज करने की सलाह दे रहे हैं तो उसे इग्नोर न करें. रिकवरी के बाद भी इसके बताए गए लक्षणों को अनदेखा न करें, क्योंकि कई मामलों में फंगल इंफेक्शन रिकवरी के एक सप्ताह या महीनेभर बाद भी उभरते देखा गया है.

बता दें कि म्यूकरमाइकोसिस के मामले अब महाराष्ट्र के अलावा दूसरे राज्यों में भी मिलने लगे हैं. इस वक्त गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, झारखंड और राजस्थान में ब्लैक फंगस के मामले देखे जा रहे हैं. ये मरीज की आंख, नाक की हड्डी और जबड़े को भी बहुत नुकसान पहुंचा सकता है.

छत्तीसगढ़ में 31 तक रहेगा लॉक डाउन ,जानिए क्या खुलेगा और क्या रहेगा बंद।

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन को लेकर सरकार ने निर्देश जारी कर दिया है। जारी निर्देश के अनुसार प्रदेश में 31 मई तक लॉकडाउन रहेगा। वहीं, इस दौरान रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव जिले में अ​तिरिक्त छूट रहेगी। लॉकडाउन के दौरान दुकानें ऑड-ईवन फार्मूले से खोली जाएंगी। जबकि थोक व्यापार रात में संचालित होगा।।

देखिए दिशा निर्देश
क. भाग ए में 4 मई को जो छूट दी गई थी, उसके अलावा आगे खोला जाना है।
1. सभी सरकारी। श्रम सुरक्षा और कोरोना एसओपी प्रोटोकॉल के लागू होने पर निजी निर्माण गतिविधियां।
2. किराना और दैनिक जरूरतों, सब्जियों और फलों से संबंधित केवल व्यक्तिगत दुकानें/व्यक्तिगत दुकानें। दुकानें खुलने के बावजूद होम डिलीवरी को बढ़ावा मिलता रहेगा।
3. मांस, मुर्गी, अंडे, मछली, दूध, दूध उत्पाद बेचने वाली दुकानें। यहां भी होम डिलीवरी को बढ़ावा मिलता रहेगा।
4. बैंक, डाकघर सभी ग्राहकों के लिए, लेकिन 50% कर्मचारियों के साथ और उचित सामाजिक / शारीरिक दूरी के उपाय।
5. सभी रजिस्ट्रियों के लिए बुनियादी कर्मचारियों के साथ रजिस्ट्री कार्यालय। टोकन प्रणाली/ऑनलाइन प्रणाली लागू की जानी है (पिछले वर्ष की तरह)।
6. लोक सिलाई केंद्र / पसंद केंद्र।

ख। खोला जाना है लेकिन प्रतिबंध के साथ –
1. स्थापित बाजार दैनिक आधार पर खोले जा सकते हैं, लेकिन ऑड-ईवन नंबर की दुकानें वैकल्पिक दिनों में खुल सकती हैं, या वैकल्पिक रूप से सप्ताह में 6 दिन, वैकल्पिक दिनों में सड़क के दोनों ओर दुकानें खोली जा सकती हैं। ज़ोन आधारित दुकानों के खोलने या बंद करने पर कोई जिला लागू नहीं करेगा। Coll.s & SP स्थानीय व्यापारी संघों के परामर्श से तौर-तरीके तय करेंगे।
2. शाम 5 बजे तक थोक अनाज की दुकानों को अनुमति दी जाए।
3. ई-कॉमर्स जैसे अमेज़न और फ्लिपकार्ट।
4. रात 10 बजे तक होटल और रेस्तरां से होम डिलीवरी की अनुमति। भोजन के आर्डर रात 9 बजे तक लिए जा सकते हैं।
5. लोड हो रहा है और माल, माल, थोक सब्जियों और फलों को उतारने का काम किसी भी समय रात 10.00 बजे से सुबह 6.00 बजे के बीच किया जा सकता है। जिला प्रशासन स्थानीय समय तय कर सकता है, लेकिन सुबह छह बजे के बाद कभी नहीं।
6. प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल्स, हार्डवेयर, एसी, कूलर जैसी स्थानीय व्यक्तिगत और निर्माण संबंधी दुकानें सप्ताह में 6 दिन खोलने की अनुमति दी जा सकती है।
7. अधिकतम 10 व्यक्तियों के लिए अनुमति के साथ विवाह और अंतिम संस्कार।

C. नहीं खोला जाना –
1. सभी मंडी और सब्जी बाजार (रायपुर में शास्त्री मार्केट जैसे बड़े बाजार) जनता के लिए नहीं खुलेंगे। (सबजी की ठोक व्यपार)
2. होटल और रेस्तरां (केवल होम डिलीवरी की अनुमति है)।
3. मैरिज हॉल, सिनेमा हॉल, जिम।
4. मॉल, क्लब, स्विमिंग पूल, सुपर मार्केट, पार्क, शोरूम, अन्य सामान्य स्थान।
5. समूह उपस्थिति वाले सभी धार्मिक स्थल।
6. उपरोक्त बी7 को छोड़कर, सभी सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक सभा, सार्वजनिक विरोध निषिद्ध रहेंगे।
7. कोचिंग कक्षाएं।
8. स्कूल और कॉलेज (छात्रों के लिए), छात्रावास (केवल परीक्षा देने वाले छात्रों को छोड़कर)। सरकार के अनुसार परीक्षा की अनुमति दी जा सकती है। तटरक्षक के आदेश।
9. शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी (केवल ऑनलाइन डिलीवरी की अनुमति होगी)
10. तेलीबांधा, बुद्ध तालाब, जंगल सफारी, अन्य राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य जैसे पर्यटक स्थल 31.05.2021 तक बंद रहेंगे।
11. पान ठेला, गोलगप्पे ठेले, और इसी तरह के मोबाइल भोजनालयों, चौपाटी, ठेला और सड़क किनारे छोटी भोजनालयों की दुकानों की अनुमति नहीं है।
12. सैलून / स्पा
13. सरकार में जनता की आवाजाही या उपस्थिति। कार्यालय, विशिष्ट आदेशों को छोड़कर। (रजिस्ट्री कार्यालयों के लिए अपवाद जो खोले जाएंगे)।

डी। सभी दुकानें और प्रतिष्ठान रविवार को छोड़कर प्रत्येक कार्य दिवस पर शाम 5.00 बजे के बाद बंद रहेंगे, और अगले कार्य दिवस को खोलने के अपने सामान्य कार्यक्रम के अनुसार खुलेंगे।

ई। ऊपर और नीचे बी 4 और बी 5 को छोड़कर, शाम 5.00 बजे से रात 6 बजे तक रात के लॉकडाउन का पूर्ण प्रवर्तन होगा।

F. हर रविवार को पूर्ण रूप से लॉकडाउन रहेगा। केवल पेट्रोल पंप, अस्पताल चिकित्सा प्रतिष्ठान, दवा की दुकानें, पीडीएस दुकानें, दूध होम डिलीवरी, पालतू जानवर की दुकानें, एलपीजी, समाचार पत्र और फलों, सब्जियों की होम डिलीवरी, और अन्य अनुमत वस्तुओं और सेवाओं को रविवार को अनुमति दी जाएगी।

रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव के जी जिले उपरोक्त छूट प्रदान कर सकते हैं। अन्य जिलों को अपनी स्थानीय स्थितियों का आकलन करने और इस समूह में दिए गए निर्देशों के अनुसार पहली श्रेणी की छूट का चयन करने के लिए, 4 मई को भाग बी में।

एच। Coll.s को यह चुनने के लिए लचीलापन दिया जाता है कि क्या कोई विशेष छूट प्रदान करना है या नहीं, हालांकि यह केवल स्थानीय व्यापारी सहयोगियों आदि के परामर्श से होगा।
हालांकि, राज्य-व्यापी एकरूपता के हितों में, यह दृढ़ता से सलाह दी जाती है कि कोई भी जिला ऊपर उल्लिखित की तुलना में अधिक आराम की अनुमति नहीं देगा।

26 मई तक लॉकडाउन छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में ! यहाँ खबर झूठी है

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समाज में भ्रम, गलतफहमी और भय पैदा करने के इरादे से कुछ असामाजिक और शरारती तत्वों द्वारा पुराने समाचार के वीडियोज और फोटो को अभी का बताकर सोशल मीडिया में वायरल किया जा रहा है

जिसमें छेड़छाड़ कर यह दावा किया जा रहा है कि प्रदेश के कुछ जिलों में 16, 25 और 26 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है।

आज के संदर्भ में यह पूरी तरह से फेक है। प्रशासन द्वारा इस प्रकार का कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है।

ईद की नमाज के बाद बच्चों ने घर में मांगी दुआ।…..

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{{खुलासा छत्तीसगढ़}}
14 मई रायपुर शहर के बच्चों ने रखे रोजे
एहतेशाम और माहेनूर ने रखे पूरे 30 रोजे
दुनिया से कोरोना महामारी खत्म करने की मांगी दुआ। रमजान उल मुबारक पाक महीना अब हमारे आंखों से ओझल होने वाला है वही ईद-उल-फितर को लेकर रोजेदारों में जहां खुशियां देखी जा रही है वही उन्हें रमजान मुबारक के बरकत वाले महीने के गुजरने का गम भी है ।

अल्लाह की रजा के लिए रोजे रखते हैं

बच्चो ने कहा रोजे रखकर उन्हें काफी खुशी मिलती है सुबह उठकर शायरी करना दिन भर भूख की शिद्दत के एहसास के बाद शाम को इफ्तार करने में बहुत सुकून मिलता है और इफ्तार के वक्त हाथ उठाकर अल्लाह के मुल्क हिंदुस्तान से करोना जैसी बीमारी को हमेशा के लिए खत्म हो जाने की दुआएं मांगी। क्योंकि ये ऎसा वक्त होता है जब सच्चे दिल से अल्लाह से जो भी जायज दुआ मांगो इंशा अल्लाह पूरी करता है।।

आख़िर कब थमेगी दूसरी लहर?

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देश की आज सबसे बड़ी फिक्र यही है कि कोरोना की दूसरी लहर (Corona Second Wave) कब थमेगी? कोरोना के डेली केस कब तेजी से नीचे जाने लगेंगे? और इस महामारी से आखिर निजात कब मिलेगी? आज 135 करोड़ लोग इन्हीं सवालों के जवाब तलाश रहे हैं, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से कोरोना का ग्राफ गिरने के बाद फिर ऊपर उठ जाता है. जैसे 9 और 10 मई को कोरोना के डेली केस कम आए, लेकिन 11 मई को कोरोना के ज्यादा मरीज मिले और 12 मई को ये आंकड़ा 3 लाख 62 हजार को पार कर गया.

इसी तरह, 10 और 11 मई को जितने नये कोरोना मरीज मिले, उनसे से ज्यादा पुराने मरीज ठीक हुए, लेकिन 12 मई को डेली केस फिर रिकवरी से आगे निकल गया और रिकवरी भी पहले से कम दर्ज हुई, लेकिन अभी ये आंकड़े चिंता को ज्यादा नहीं बढ़ा रहे. आज स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने भी कहा कि देश में 3 मई से रिकवरी बढ़ती जा रही है. पॉजिटिविटी रेट में भी कमी आई है, पिछले तीन दिनों में पॉजिटिविटी रेट (Positivity Rate) 20 फीसदी से नीचे रही है.

देश के 24 राज्यों में पॉजीटिविटी रेट 15 फीसदी, 10 राज्यों में 25 प्रतिशन और 4 राज्यों में 5 फीसदी से कम है. देश के 187 जिले ऐसे हैं, जहां दो हफ्तों में कोरोना के केस कम हुए हैं. नासिक, अहमदाबाद, ठाणे, भोपाल, सूरत, वाराणसी और अलवर में केस कम आ रहे हैं. वहीं, देश के 316 जिलो में केस बढ़ रहे हैं. जिनमें चेन्नई, अहमदनगर और देहरादून शामिल हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने नोएडा, रायपुर और वाराणसी की केस और हालात संभालने के लिए तारीफ भी की.

‘पीक तो आएगा ही, लेकिन हमें तैयारी करते रहना है’
यही आंकड़े देश में कोरोना की दूसरी लहर के खिलाफ उम्मीद को जगा रहे हैं और लोग पूछ रहे हैं कि दूसरी लहर कब खत्म होगी? इसके बारे में नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वी के पॉल (Dr. VK Paul, NITI Aayog) ने कहा, “वायरस कहीं नहीं गया है, वो गांवों तक फैल गया है, इसलिए पीक का कोई अनुमान नहीं कर सकता. पीक तो आएगा ही, लेकिन हमें तैयारी करते रहना है”. तो सुना आपने कि अभी दूसरी लहर का पीक नहीं आया है, बस कोरोना गांवों में ज्यादा फैल रहा है. इस बीच, कोरोना की इस लहर की पीक को लेकर एक नई भविष्यवाणी सामने आई है.

‘भारत में आ चुका है कोरोना की दूसरी लहर का चरम’
भारत में कोरोना की दूसरी लहर का पीक कब होगा? ये लहर कब थमेगी? इसको लेकर जितनी मुंह उतनी बातें हो रही हैं. कोरोना पीक को लेकर लगभग हर दिन वैज्ञानिक अध्ययन सामने आ रहे हैं. सबसे नई स्टडी कैम्ब्रिज जज बिजनेस स्कूल और द नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक एंड सोशल रिसर्च का है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस संस्थान में एक ट्रैकर डेटा से मिली रिसर्च के आधार पर ये जानकारी दी है कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर का पीक यानी चरम आ चुका है.

राज्यों के आंकड़ों में फर्क, मामलों में उतार-चढ़ाव
मतलब, इस स्टडी की मानें तो मई के दूसरे हफ्ते में ही कोरोना का पीक चल रहा है, हालांकि कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आंकड़ों में फर्क देखा जा रहा है. अगले दो हफ्तों में कुछ राज्यों जैसे असम, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और त्रिपुरा में मामले बढ़ सकते हैं. देश में कोरोना के जो डेली केस आ रहे हैं, उनमें भी एक हफ्ते से उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. 10 और 11 मई को नये मरीज से ज्यादा पुराने मरीज ठीक हुए थे, जो अच्छा संकेत दे रहे थे, लेकिन फिक आंकड़ों में उलट-पुलट हुआ. इसीलिए दूसरी लहर की पीक कब थमेगी? ये सवाल अभी मौजूद है.

इसलिए हम आपको दूसरी लहर की पीक को लेकर कुछ और भविष्यवाणियां दिखाते हैं-

–स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, इस लहर का पीक मई के तीसरे हफ्ते में आएगा.

–IIT कानपुर और IIT गोवा के साइंटिस्ट्स के मुताबिक, 14 से 18 मई के बीच पीक का अनुमान है.

–वहीं, ब्राउन स्कूल के डीन का अनुमान है कि भारत में दूसरी लहर का पीक जून तक आ सकता है.

–जबकि AIIMS के डारयेक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि देश के अलग-अलग राज्यों का पीक टाइम अलग-अलग होगा.

हम क्यों कह रहे हैं कि देश में कोरोना पीक को लेकर कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि कल हमने आपको बताया था कि देश में भले ही कोरोना के डेली केस थोड़े स्थिर हुए हैं और शहरों में कम हुए, लेकिन गांवों में डेली केस ज्यादा आ रहे हैं और अभी देश के करीब 24 राज्य ऐसे हैं, जहां शहरों की तुलना में कोरोना के नये मामले ज्यादा आ रहे हैं, जबकि सच्चाई ये है कि शहरों की तुलना में वहां टेस्टिंग काफी कम हो रही है.

‘दूसरी लहर से पूरी तरह बाहर आने में लगेंगे ढाई महीने’
ICMR यानी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के डायरेक्टर डॉक्टर बलराम भार्गव भी कहते हैं कि देश को अभी दूसरी लहर से पूरी तरह बाहर आने और फरवरी से पहले वाली स्थिति में लौटने में करीब ढाई महीने लग जाएंगे, यानी नॉर्मल होने के लिए जुलाई तक इंतजार करना होगा. इसमें कोई दो राय नहीं कि इन दिनों कोरोना कहर पर जितना कुछ भी कंट्रोल किया जा सका है, वो लॉकडाउन और कर्फ्यू का नतीजा है, इसलिए ICMR के डायरेक्टर ने कोरोना संक्रमण से ज्यादा प्रभावित जिलों में हालात काबू में लाने के लिए 6 हफ्तों तक लॉकडाउन की पैरवी की है.

कोरोना के बदलते रूपों पर भी निर्भर है ये बात
डॉ. बलराम भार्गव का ये भी कहना है कि जिन जिलों में संक्रमण दर 10 फीसदी से ज्यादा है, उन्हें 6 से 8 हफ्तों के लिए अभी और बंद करने की जरूरत है. फिलहाल देश के 718 में से तीन चौथाई जिलों में ज्यादा संक्रमण के हालात हैं. इनमें दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरू जैसे शहर शामिल हैं. हालांकि, एक्सपर्ट ये भी कहते हैं कि कोरोना की लहर कब रुकेगी, ये वायरस के बदलते रूप पर भी निर्भर करता है.

छोटी-छोटी चूक जीत की उम्मीदों पर फेर सकती है पानी
वायरस का म्यूटेशन लगातार जारी रहता है तो लहर फिर से लौट सकती है, वहीं जिन लोगों में अभी इम्युनिटी (Immunity) बनी हुई है, यदि वो कुछ समय के बाद खत्म हो जाती है तो फिर उनके भी संक्रमण की संभावना बनी रहती है और ऐसे में लहर खत्म होती नहीं दिखती है, इसीलिए अगर कोरोना की दूसरी लहर पर विजय पानी है, तो एप्रोपिएट कोविड विहेवियर को फॉलो कीजिए और सरकार की गाइडलाइंस का पालन कीजिए, नहीं तो छोटी-छोटी चूक कोरोना से हमारी जीत की उम्मीदों पर पानी फेर सकती है