नेहरू युवा केंद्र रायपुर छत्तीसगढ़ और निर्भया गर्ल्स तिल्दा ग्रुप के सदस्य भारतीय साहू और आरती साहू द्वारा कोरोना से बचने एवं वैक्सीन लगवाने हेतु जागरुकता के लिए एक अनोखे गीत की प्रस्तुति दी है जो सराहनीय है आरती साहू और भारतीय साहू दोनों बहने हैं दोनों तिल्दा निवासी हैं और इन्होंने समाज में फैले कोरोना से बचने एवं वैक्सीन लगवाने हेतु संगीत के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया है जो काफी कारगर साबित हो रहा है ग्रुप के अन्य सदस्य निशा वर्मा स्वाति साहू और साक्षी साहू भी जागरूकता के इस अभियान में कदम से कदम बढ़ा कर सराहनीय कार्य कर रहे हैं
{खुलासा छत्तीसगढ़ } 12 मई Aadhaar Card Address Update: भारत में ज्यादातर आधिकारिक कामों में इस्तेमाल होने वाला आधार कार्ड सबसे जरूरी दस्तावेजों में से एक है. इसकी जरूरत अब बहुत सारे काम के लिए पड़ती है. इसलिए जरूरी है कि आपके आधार कार्ड की सारी डिटेल्स एकदम सही हों. जन्मदिन, नाम, पता वगैरह की जानकारी सही सही भरना बेहद जरूरी है, नहीं तो आपके आधार से जुड़े हुए कई काम अटक सकते हैं.
ऑनलाइन ही घर का पता बदले
आधार कार्ड (Aadhaar Card) में दी गई कई जानकारियों में ऑनलाइन ही सुधार कर सकते हैं, जैसे नाम, जन्मतिथि वगैरह, लेकिन समस्या आती है पता बदलवाने में. ये समस्या ज्यादातर उन लोगों को पेश आती है जो किराए के घरों में रहते हैं. क्योंकि घर बदलने के बाद बार-बार आधार कार्ड में पता बदलना मुश्किल होता है. किरायेदारों की इसी परेशानी को देखते हुए UIDAI ने एक खास सुविधा दी है, जिससे लोग अब घर बैठे ही पता अपडेट कर सकते हैं.
आधार सेंटर जाने की जरूरत नहीं
आधार कार्ड में स्थायी पता बदलने के लिए पहले लोगों को आधार सेंटर जाना होता था. यहां पर उन्हें सभी सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स जमा करने होते थे. इसके बाद ही आधार कार्ड में पता बदलने की एप्लीकेशन लग पाती थी. लेकिन अब ये काम घर बैठे ऑनलाइन ही किया जा सकता है. इसके लिए आधार सेंटर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है.
यह है आवेदन का प्रोसेस
अगर आप भी आधार कार्ड में पता बदलवाना चाहते हैं तो इसका प्रोसेस बहुत आसान है. सबसे पहले UIDAI की आधिकारिक साइट https://uidai.gov.in/ पर जाएं. यहां Address Request (Online) पर क्लिक करें. ऐसा करते ही एक नई विंडो खुलेगी. यहां Update Address के विकल्प पर क्लिक करें. फिर आधार कार्ड (Aadhar Card) नंबर डालकर लॉग इन करें. इसके बाद आपको जो भी डिटेल्स मांगी गई है उसे भरें.
रेंट एग्रीमेंट की हो गई जरूरत
सारी डिटेल्स भरने के बाद Rent Agreement की PDF कॉपी को अपलोड करना होगा. प्रोसेस को आगे बढ़ाने पर आपके मोबाइल पर OTP आएगा. OTP को भरने के बाद Submit का बटन दबाएं. बस ऐसा करते ही आपकी Request चली जाएगी और कुछ दिन बाद आपके आधार में पता बदल जाएगा. याद रहे कि इस प्रक्रिया में आपको रेंट एग्रीमेंट की जरूरत पड़ेगी. इस एग्रीमेंट में आपका नाम लिखा होना चाहिए. आवेदन के समय रेंट एग्रीमेंट को स्कैन करके इसकी पीडीएफ कॉपी अपलोड करनी होगी.
सेंटर जाकर पता बदलने का तरीका।
अगर आप ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन ही पते में बदलाव करवाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको आधार सेंटर पर जाना होगा. यहां आधार अपडेशन या करेक्शन फॉर्म भरकर जमा करना होगा. इसके साथ आपको आधार कार्ड (Aadhar Card) की फोटोकॉपी, पैन कार्ड, वोटर कार्ड या पासपोर्ट की फोटोकॉपी लगानी होगी. फॉर्म जमा करने के एक हफ्ते या 10 दिन में आधार कार्ड में पता बदल जाएगा.
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिसका असर अब गंगा किनारे के घाटों पर देखने को मिलने लगा है. गंगा के किनारे बड़ी संख्या में शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है. पैसे न होने के कारण लोग, शवों का जलाने के बजाय दफनाकर अंतिम संस्कार कर रहे हैं. गंगा के किनारे के घाटों का आलम ये है कि अब शव दफन करने की जगह घाटों पर जगह नहीं बची है. स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले एक माह में तीन सौ से ज्यादा शव यहां अंतिम संस्कार के लिए आए हैं. आये हुए शवों में से अधिकतर को गड्ढा खोदकर दफन कर दिया जाता है. इस कारण घाट के किनारे अब शव दफनाने के लिए जगह नही बची है. कुछ ऐसा ही हाल उन्नाव के दो घाटों बक्सर और रौतापुर में देखने को मिला है.
उन्नाव के ग्रामीण इलाकों में एक के बाद एक संदिग्ध परिस्थितियों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौत हो रही है. मरने वालों में से ज्यादातर को खांसी, बुखार और सांस लेने में दिक्कत हुई और बाद में मौत हो गई. इस तरह से मरने वालों की संख्या ग्रामीण इलाक़ो में ही हज़ारों में होगी. उन्नाव के रौतापुर घाट पर ही एक माह में करीब 300 शवों का दफनाकर अंतिम संस्कार किया गया. आलम ये हैं कि अब यहां, शव दफनाने की जगह गंगा की रेती में नहीं बची है. अब सिर्फ एक पट्टी, जिस पर शवों को जलाकर अंतिम संस्कार किया जाता है, बची है. इसके अलावा आसपास के खेतों में भी कुछ लोग देरसबेर शवों को दफना जाते हैं. आपको बता दें कि इस घाट पर रौतापुर, मिर्जापुर, लँगड़ापुर, भटपुरवा, राजेपुर, कनिकामऊ, फत्तेपुर समेत दो दर्जन से ज्यादा गांवों के लोग अंतिम संस्कार के लिए आते हैं.
घाट के आसपास जानवर चरा रहे युवकों ने बताया कि अब यहां एक दिन में 30 शव तक आ जाते हैं जबकि पहले एक दिन में सिर्फ एक दो शव ही आते थे. इतनी बड़ी संख्या में शव दफन करने से आसपास के गांवों में संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है. उन्नाव के बक्सर घाट पर भी बड़ी संख्या में शवों को दफना कर अंतिम संस्कार किया गया है. जिस जगह पर दफनाकर अंतिम संस्कार किया गया है वो पट्टी अब पूरी तरह से गंगा की धारा से घिर चुकी है. और आसपास के इलाके के कुत्ते भी उसी क्षेत्र में मंडराते नजर आ रहे हैं. कई शव तो अब खुल भी चुके हैं, जो आगे चलकर संक्रमण का खतरा बन सकते थे
छत्तीसगढ़ राजधानी रायपुर समेत कई इलाको में चाँद नज़र आया। चारो तरफ सायरन की आवाज़ें और चाँद दिखने की ख़ुशी छई हुई है।
दुनिया भर में मुस्लिम समुदाय ईद-अल-फितर के पवित्र त्योहार को मनाने की तैयारी में जुटा है। सऊदी अरब में 30वें रमजान का चांद देखते हुए गुरुवार को शावाल की पहली तारीख़ को ईद मनाई गई । उलेमाओं ने मुसलमानों से बुधवार को ईद का चांद देखने की अपील की थी पर भारत में चाँद की तस्दीक नहीं हुई । इसलिए भारत में शुक्रवार को ईद मनाई जाएगी।
ईद-उल-फितर का त्योहार चांद के निकलने पर निर्भर करता है। इस वर्ष चांद अगर 12 मई यानी बुधवार को निकलता है तो उसके अगले दिन 13 मई यानी गुरुवार को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा। चांद 13 मई को दिखा है, तो पूरे देश में ईद-उल-फितर का त्योहार 14 मई दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा। सही तारीख का निर्धारण चांद के निकलने पर ही निर्भर होता है।
दरअसल, इस्लामिक कैलेंडर चांद पर आधारित है। चांद के दिखाई देने पर ही ईद या प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं। रमजान के पवित्र माह का प्रारंभ चांद के देखने से होता है और इसका समापन भी चांद के निकलने से होता है। रमजान के 29 या 30 दिनों के बाद ईद का चांद दिखता है।
मान्यताओं के अनुसार, पैगंबर मुहम्मद साहब के नेतृत्व में जंग-ए-बद्र में मुसलमानों की जीत हुई थी। जीत की खुशी में लोगों ने ईद मनाई थी और घरों में मीठे पकवान बनाए गए थे। इस प्रकार से ईद-उल-फितर त्योहार का प्रारंभ जंग-ए-बद्र के बाद से ही हुआ था। ईद-उल-फितर के दिन लोग अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं। उनका मानना है कि उनकी ही रहमत से वे पूरे एक माह तक रमजान का उपवास रख पाते हैं। आज के दिन लोग अपनी कमाई का कुछ हिस्सा गरीबों में बांट देते हैं। उनको उपहार में कपड़े, मिठाई और भोजन आदि देते हैं।
सत्यपाल राजपूत, रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल ने 10वीं-12वीं परीक्षा को लेकर आदेश जारी किया है. प्रदेश में कोरोना के हालात को देखते हुए परीक्षा आगामी आदेश तक स्थगित की गई है. यह फैसला प्रदेश में कोरोना मरीजों की स्थिति को देखते हुए लिया गया है. जारी आदेश में जिलों में लगे लॉकडाउन का हवाला दिया गया है. छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के सचिव वीके गोयल ने आज यह आदेश जारी किया है.
राज्य ओपन स्कूल एवं माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव वीके गोयल ने बताया कि राज्य में वर्तमान समय प्रतिदिन कोरोना के अत्याधिक मामला सामने आ रहे हैं. जिसके कारण कई ज़िलों में लॉकडाउन किया गया है. इस परिस्थिति को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के कक्षा दसवीं एवं बारहवीं के दिनांक 24-05-21 से 15-6-21 तक आयोजित होने वाली परीक्षा आगामी आदेश तक स्थगित कर दी गई है.
रायपुर। शराब की ऑनलाइन बुकिंग और होम डिलीवरी जारी है। आबकारी विभाग समय पर डिलीवरी करने में नाकाम साबित हुआ है।
ऑनलाइन बुकिंग करने वालों को चौराहों पर बुलाकर शराब लोगों को दी जा रही है। छत्तीसगढ़ में अब तक 7 करोड़ की शराब आर्डर की गई है। बता दें कि सोमवार से शराब की ऑनलाइन बुकिंग की शुरुआत हुई है।
बिलासपुर । पेट्रोल पंप में पैसा नहीं देने का लेकर जमकर विवाद हुआ। भड़के युवकों ने पंप कर्मचारी की जमकर पिटाई कर दी। जानकारी के अनुसार रतनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुछ युवक पेट्रोल भरवाने के बाद पैसे नहीं दिए। कर्मचारी इस बात पर उलझ गए।
वहीं युवकों ने कर्मचारी की बेदम पिटाई कर दी। बीच बचाव के बाद युवक को बचाया और पीड़ित ने मामले की सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस ने युवकों के खिलाफ बलवा का मामला दर्ज किया। रतनपुर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
【【खुलासा छत्तीसगढ़】】 नई दिल्ली 13 मई भारत के कई हिस्सों में अगले 3-4 दिनों में तूफान के साथ बारिश हो सकती है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने कहा कि पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर बिजली, ओलावृष्टि और आंधी की संभावना है।
उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और लक्षद्वीप में 13 मई को भारी बारिश की संभावना है।
15 मई को मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, रायलसीमा, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे और लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर बिजली और आंधी (30-40 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंचने) के साथ आंधी की संभावना है।
16 मई को तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, लक्षद्वीप और कोकण, गोवा और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा के कारण अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना है।
रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में ब्लैक फंगस के संक्रमण होने की जानकारी को गंभीरता से लिया है, उन्होंने छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में ब्लैक फंगस के उपचार के लिए सभी जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिये हैं।
ज्ञातव्य है कि वर्तमान मेें छत्तीसगढ़ राज्य में ब्लैक फंगस का संक्रमण होने की जानकारी प्राप्त हो रही है। जिसके रोकथाम हेतु पोसाकोनाजोल एवं एम्फोटेरसिन-बी औषधियों की आवश्यकता होती है, जिसकी नियमित एवं विधिवत् आपूर्ति किया जाना अतिआवश्यक है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के परिपालन में छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं औषधि प्रशासन नियंत्रक ने सभी जिलों में पदस्थ औषधि निरीक्षकों को अपने जिलों में औषधि पोसाकोनाजोल एवं एम्फोटेरेसिन-बी (समस्त डोसेज फॉर्म, टेबलेट, सीरप, इंजेक्शन एवं लाइपोसोमल इंजेक्शन) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये हैं।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन नियंत्रक ने औषधि निरीक्षकों को निर्देशित किया है, कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र के भीतर समस्त होलसेलर, स्टॉकिस्ट, सीएंडएफ से उक्त औषधियों की वर्तमान में उपलब्ध मात्रा की जानकारी प्रतिदिन प्राप्त करें। औषधि निरीक्षक अपने क्षेत्र के सभी औषधि प्रतिष्ठानों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करें।
कोरोना से बचने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं. कई लोग घरेलू नुस्खे अपना रहे हैं. लोग भाप ले रहे हैं, काढ़ा पी रहे हैं, गरारे कर रहे हैं, ताकि कोरोना से दूर रहें. कुछ लोगों को लगता है कि इससे उन पर कोरोना वायरस का असर नहीं होगा या कोरोना वायरस बाहर आ जाएगा. लेकिन क्या ये सच है. जानते हैं इस पर एक्सपर्ट्स की क्या राय है.
गरारा क्यों करने चाहिए ? डॉक्टर्स का कहना है कि गरारा करने से गले में मौजूद गंदगी साफ हो जाती है. अगर गला खराब है या किसी तरह की सूजन है तो गरारे करने से उसमें आराम पड़ता है. हालांकि आजकल लोग नमक और हल्दी के पानी से गरारे कर रहे हैं लेकिन अभी तक ये जानकारी सामने नहीं आई कि इससे कोरोना वायरस मर जाएगा. एक्सपर्ट्स का कहना है कि गरारा ओरल हाइजीन के लिए जरूरी है. अगर आपको जुकाम या फिर गला खराब है, तो आपको गरारे से फायदा मिल सकता है.
ज्यादा गरारा करने के नुकसान ?
अगर आप ज्यादा गरारा कर रहे हैं तो आपको कई नुकसान भी हो सकते हैं.
1- हाई ब्लड प्रेशर के लोगों को ज्यादा नमक के पानी से गरारे नहीं करने चाहिए इससे ब्लड प्रेशर पर असर पड़ सकता है. आपका शरीर नमक को अब्जॉर्ब करने लगता है जिससे बीपी पर असर हो सकता है.
2- कुछ लोग दिन में कई बार गरारे करते हैं उनके गले में सूजन आ सकती है. इसलिए ज्यादा गरारे करने से बचना चाहिए.
3- ज्यादा गर्म पानी से गरारे करने पर आपके गले अल्सर हो सकता है. इसलिए बहुत गर्म पानी से गरारे नहीं करने चाहिए.
4- बार-बार गर्म पानी से गरारे करने पर गले में रैशेज हो सकते हैं. कुछ लोगों को मुंह में छाले और रैशेज भी हो सकते हैं.
कितनी बार और कब गरारे करने चाहिए?
अगर आपके गले में कोई परेशानी है तो डॉक्टर आपको दिन में कई बार गरारे करने के लिए कह सकते हैं. लेकिन एक सामान्य व्यक्ति को सुबह-शाम या फिर दिन में 3 बार ही गरारा करना चाहिए. डॉक्टर्स खाने के बाद गरारा करने की सलाह देते हैं. आप ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर के बाद गरारा कर सकते हैं. ध्यान रहे पानी ज्यादा गर्म नहीं हो. आप चाहें तो नॉर्मल पानी से भी गरारा कर सकते हैं. गरारा करने से आपको जुकाम, गले की खराश जैसी समस्याओं में आराम मिलेगा. इससे आप ओरल हाइजीन रख सकते हैं.
कैसा गरारा बेहतर होता है?
बीटाडीन से गरारे- अगर आपका गला खराब है, गले में किसी तरह की सूजन है या फिर गले में दर्द है, तो आप पानी में बीटाडीन डालकर गरारे करें. बीटाडीन एक एंटीबैक्टीरियल दवा है जिससे इंफेक्शन दूर होता है.
नमक के पानी से गरारे- अगर आपको कोई परेशानी नहीं है तो आप गुनगुने पानी में 1 चुटकी नमक डालकर भी गरारे कर सकते हैं. आपको दिन में 3 बार से ज्यादा गरारे नहीं करने चाहिए.
हल्दी के पानी से गरारे- हल्दी में एंटी-सेप्टिक और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. इससे कई तरह की समस्याएं दूर होती हैं. आप सही मात्रा में हल्दी डालकर गरारे कर सकते हैं. लेकिन इसका ज्यादा इस्तेमाल भी नुकसान कर सकता है.