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भालू ने सुबह एक छत्तीसगढ़ के ग्रामीण पर किया हमला, सिर और कमर से मांस नोचकर ले गया, तेंदूपत्ता तोड़ने गया था ग्रामीण

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छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में भालू ने बुधवार सुबह एक ग्रामीण पर हमला कर दिया। इस दौरान भालू ने ग्रामीण के सिर और चेहरे से मांस नोच लिया है। ग्रामीण ने मदद के लिए शोर मचाया, तो लोग मदद के लिए पहुंचे। लोगों को आता देख भालू वहां से भाग निकला। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम ने ग्रामीण को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना पसान रेंज सरमा ग्राम पंचायत की है।

जानकारी के मुताबिक, सरमा ग्राम पंचायत के कर्रा बहरा निवासी ज्ञान सिंह (41) बुधवार सुबह तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए जंगल की ओर गया था। इसी दौरान अचानक से भालू ने उस पर हमला कर दिया। ज्ञान सिंह ने बचने का प्रयास किया, लेकिन तब तक भालू ने उसके सिर और कमर पर पंजा मार दिया था। हमले में दोनों जगह से ज्ञान के शरीर का मांस निकल गया और वह वहीं गिर पड़ा। शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्र हुए तो भालू भाग गया।

परिजनों को मुहैया कराई गई सहायता राशि
इसके बाद ग्रामीणों ने वनकर्मियों को इसकी जानकारी दी। इस पर वनरक्षक सुरेश यादव मौके पर पहुंचे और डायल 112 की मदद से ज्ञान को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। जहां से पोंडी उपरोड़ा अस्पताल रेफर कर दिया गया है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं वन विभाग की ओर से परिजनों को तात्कालिक रूप से सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है। वन विभाग की टीम भालू का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

जिले में लगातार लोगों पर हमला करते रहे हैं भालू
जिले में भालुओं का लगातार हमला लोगों पर होता रहा है। वहीं एक दुर्लभ प्रजाति के सफेद भालू की मौत भी हो चुकी है। दिसंबर माह में वह कुएं में गिर पड़ा था। लोगों ने देखा भी, लेकिन बाहर मादा भालू को देख कोई उसे बचाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। इससे पहले मार्च में भालू मरवाही स्थित इंदिरा गार्डन और उसके आसपास के क्षेत्र में पहुंच गया था। दिसंबर में गौरेला क्षेत्र के खोडरी में एक वृद्ध को मार दिया और जनवरी में देवरानी-जेठानी पर हमला किया था।

18+ टीकाकरण के लिए अब ‘CGTeeka’ पर होगा रजिस्ट्रेशन छत्तीसगढ़ ने बनाया केंद्र सरकार से अलग पोर्टल,

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सरकार का यह पोर्टल केंद्र सरकार के पोर्टल से अलग है। इसमें चार अलग-अलग वर्गों में पंजीयन सुविधा उपलब्ध होगी।

छत्तीसगढ़ में सरकार ने 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के टीकाकरण के लिए अपना अलग ही पोर्टल बना लिया है। यह केंद्र सरकार के COWIN Portal से अलग है। आज देर शाम बजे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस पोर्टल का लोकार्पण किया है। इसमें इस आयु वर्ग में आने वाले लोगों के रजिस्ट्रेशन की सुविधा होगी।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया, इस पोर्टल की बीटा टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद शेड्यूलिंग और वैक्सीनेशन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हो जाएंगी। यानी रजिस्टर्ड व्यक्ति पसंद के टीकाकरण केंद्र का चुनाव कर सकता है। वहीं अपनी सुविधा के अनुसार समय का भी चयन कर सकता है। इस पोर्टल को CHIPS ने विकसित किया है। इस लिंक के जरिए पोर्टल तक पहुंचा जा सकता है –

http://cgteeka.cgstate.gov.in/user-registration

बताया गया, जिन लोगों के पास स्मार्ट फोन अथवा इंटरनेट की सुविधा नहीं है, ऐसे लोगों के लिए हेल्प डेस्क बनाया जाएगा। सभी पंचायत मुख्यालयों, नगरीय निकायों के मुख्यालयों एवं नगर निगम मुख्यालयाें के अलावा कुछ चुनिंदा स्थानों पर बने इन हेल्प डेस्क के जरिए ऐसे लोगों का पंजीयन होगा। स्थानीय प्रशासन को हेल्प डेस्क के संबंध में प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी दी गई है ताकि अधिक से अधिक लोग इसका फायदा उठा सकें।

चार अलग-अलग कैटेगरी में रजिस्ट्रेशन की सुविधा

बताया जा रहा है, इस पोर्टल में टीकाकरण के लिए बनाए गए चार अलग-अलग कैटेगरी में रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है। अन्त्योदय, अन्नपूर्णा, निराश्रित और गरीबी रेखा से नीचे आने वाले लोगों को इसमें अपने राशन कार्ड का विवरण भी देना होगा। फ्रंट-लाइन वर्कर्स को भी डीटेल देना होगा। शेष वर्ग को आधार अथवा किसी अन्य मान्य पहचान पत्र का विवरण साझा करना होगा।

अभी भीड़ से जूझ रहे हैं शहरी केंद्र

राज्य सरकार एक केंद्र पर चार अलग-अलग काउंटर के जरिए यह टीका लगा रही है। इसमें अन्त्योदय, BPL, APL और फ्रंटलाइन वर्कर्स का अनुपात तय है। ऐसे में शहरी टीकाकरण केंद्रों पर भारी भीड़ हो रही है। यहां फ्रंटलाइन वर्कर्स और APL श्रेणी के लोगों की संख्या अधिक है। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन सुविधा शुरू होने से इस भीड़ से निजात मिल सकती है।

पिछले एक मई से प्रदेश में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगो का टीकाकरण हो रहा है।

इन मान से हो रहा है टीकाकरण

सरकार की योजना के मुताबिक किसी केंद्र पर कुल उपलब्ध वैक्सीन का 20% फ्रंटलाइन वर्कर और कोमार्बिडिटी (गंभीर बीमारियों से पीड़ित) वाले लोगों के लिए है। वैक्सीन का 12% अन्त्योदय, निराश्रित, अन्नपूर्णा और नि:शक्त श्रेणी के राशन कार्ड वालों के लिए उपयोग हो रहा है। वैक्सीन का 16% हिस्सा APL श्रेणी के लोगों के लिए और सबसे बड़ा 52% हिस्सा BPL श्रेणी के कार्ड धारकों के लिए सुरक्षित है।

ओलंपिक के आयोजन की तैयारी ,वायरस के बावजूद जापान की जनता निराश

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तोक्यो, 12 मई (एपी) जापान के समाचार पत्र में पूरे पन्ने के विज्ञापन में कहा गया है कि देश के लोग ‘राजनीति से मारे जाएंगे’ क्योंकि सरकार उन्हें टीके के बिना महामारी का सामना करने के लिए बाध्य कर रही है।

तीन लाख से अधिक लोगों ने याचिका पर हस्ताक्षर करके तोक्यो ओलंपिक को रद्द करने की मांग की है। एक स्टार तैयार पर खेलों से हटने का दबाव है।

प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने इस बीच उलझन का सामना कर रहे सांसदों को यह कहकर नाराजगी और भ्रम पैदा कर दिया है कि ओलंपिक सुरक्षित होंगे जबकि कुछ अस्पताल बीमार और मरते हुए लोगों के लिए जगह का इंतजाम करने में नाकाम हो रहे हैं और बुधवार को जापान में और अधिक जगहों पर आपात स्थिति लगा दी गई।

जापान की सिर्फ एक प्रतिशत जनता का टीकाकरण हो पाया है जबकि टीके की लाखों डोज फ्रीजर में रखी हुई हैं। सुगा के इस आग्रह से लोगों की हताशा बढ़ रही है कि वायरस से जुड़े और आपात नियमों को अपनाएं जबकि लगभग दो महीने में शुरू होने वाले ओलंपिक के लिए संसाधन झोंके जा रहे हैं।

इस आलोचनात्मक विज्ञापन में कहा गया, ‘‘टीका नहीं। दवाई नहीं। क्या हमें बांस के भालों से लड़ना है? चीजें नहीं बदली तो हम राजनीति के कारण मर जाएंगे।’’

इस विज्ञापन में द्वितीय विश्व युद्ध के समय की जापान के बच्चों की तलवार के आकार की लकड़ी ‘नेगिनाटा’ के साथ अभ्यास करती हुई तस्वीर पर लाल कोरोना वायरस की छवि बनी है।

चाकू-तलवार लहरा रहे युवक, लॉकडाउन के बीच राजधानी रायपुर आतंक फैलाते युवक

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रायपुर। राजधानी में लॉकडाउन के बीच बदमाश युवकों का आतंक जारी है, इस बीच चाकू और तलवार लेकर युवकों के आतंक का एक वीडियो वायरल हो रहा है, हालाकि यह वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है जो कि समता कॉलोनी क्षेत्र में चाकू और तलवार लेकर घूम करीब एक दर्जन युवको का है।

इस प्रकार की घटनाओं से मोहल्ले और कॉलोनियों के लोग भी दहशत में हैं, वहीं लॉकडाउन में इस प्रकार की वारदातों से पुलिस प्रशासन पर भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं। वीडियो में 10 से 12 युवक दिखाई दे रहे हैं जिनके हाथो में धारदार चाकू हैं वे गाली गलौच करते भी दिखाई दे रहे हैं।

निर्वाचित अध्यक्ष युवा कांग्रेस आशीष शिंदे की टीम द्वारा बाटा गया उत्तर विधानसभा के सभी थानों में भाप मशीन

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{{खुलासा छत्तीसगढ़ }} आशीष शिंदे

निर्वाचित अध्यक्ष युवा कांग्रेस
रायपुर उतर विधानसभा

अपनी जान जोखिम में डाल कर जनता की सेवा में दिन रात डटे रहने वाले कोरोना योद्धा सम्मानीय रायपुर उत्तर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले सभी थानों के सम्मानीय पुलिसकर्मियों को मेरे द्वारा आज कोरोना बीमारी से बचाव में उपयोग की जाने वाली भाप मशीन भेंट की गयी।
इस कड़ी में तेलीबांधा थाना 50 , तेलीबांधा ट्रैफिक थाना 80, सिविल लाइन थाना 90, गोल बाज़ार थाना 37, मौदहापारा थाना 40, गंज थाना 40, देवेन्द्र नगर थाना 40 , पंडरी मोवा थाना 50, खम्हारडीह थाना 35, ट्रैफिक थाना बस स्टैंड 40, सी एस पी ऑफिस सिविल लाईन 10 ।
आज हमने उत्तर विधानसभा के सभी थानों में पहुंच कर कुल 512 भाप मशीन भेंट करने का यह कार्यक्रम यह एक छोटा सा प्रयास इस कोरोना से जारी जंग में अहम भूमिका निभाने वाले इस संकट की घड़ी में अपनी जान की परवाह किये बगैर अपने कर्तव्यों का पालन करने वाले जनता की सेवा और सुरक्षा में दिन रात लगे सम्मानीय पुलिसकर्मियों के सम्मान में किया है ।
मैं आशा करता हूँ की इसी तरह हम एकजुट होकर एक दूसरे का विश्वास बने तो इस कोरोना के खिलाफ़ जारी जंग को जल्द ही जीत सकते है।#SOSIYC Indian Youth Congress Indian National Congress – Chhattisgarh Chhattisgarh Youth Congress

राजधानी के एम्स में कोरोना से स्वस्थ हुए 15 मरीजों में मिले ब्लैक फंगस के लक्षण… स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

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रायपुर। कोरोना संक्रमितों के फेफड़ों का इंफेक्शन कंट्रोल करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं हाईडोज स्टेरॉयड से राजधानी रायपुर के एम्स अस्पताल में ब्लैक फंगस ( म्यूकरमायकोसिस) के मामले सामने आ रहे हैं।

गौरतलब है की रायपुर एम्स के कोरोना से ठीक हो चुके 15 मरीजों की आंखाें में ब्लैक फंगस के लक्षण मिल रहे है।प्रारंभिक जांच में इस बात की जानकारी सामने आयी है कि रायपुर एम्स में भर्ती 15 ब्लैक फंगल के मरीजों में 8 मरीजों की आंखों में फंगल इंफेक्शन है, जबकि बाकी मरीजों के अन्य पार्टों में संक्रमण है।

पूरे प्रदेश में कोरोना के बाद ब्लैंक फंगल का शिकार हुए मरीजों की संख्या करीब 50 की बतायी जा रही है, जो अलग-अलग जिलों में है। हालांकि पूरी तरह से उन मरीजों की जानकारी सामने नहीं आ पायी है। हालांकि रायपुर एम्स में करीब 15 मरीजों के ब्लैक संक्रमण से प्रभावित होने की स्पष्ट जानकारी आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गयी है।

जानिए क्या होता है ब्लैक फंगस

ब्लैक फंगस घातक इंफेक्शन होता है कि जो कि हमारे शरीर में ब्लड सप्लाई को प्रभावित करता है। जहां पर यह ब्लैक फंगस हो जाता है वहां से आगे की ब्लड सप्लाई रुक जाती है और एक प्रकार से यह जितनी दूरी तक फैल चुका होता है वहां के नर्व सिस्टम में ब्लड की सप्लाई को डैमेज कर देता है। सर्जरी के बाद ही उतने हिस्से से ब्लैक फंगस हटाकर मरीज को बचाया जाता है। इस समय कोरोना वाले मरीजों में नाक में मरीजों को ब्लैक फंगस हो रहा है।

ये हैं ब्लैक फंगस के लक्षण

नेजल ड्राइनेस
नाक बंद होना
नाक से अजीब से कलर या काले खून का डिस्चार्ज होना
आंख खोलने में दिक्कत होना
अचानक से दोनों आंख या एक आंख से कम दिखाई देना, आंख में सूजन होना।

ऐसे रहें अलर्ट

कोरोना होने पर स्टोरॉयड की डोज अपने मन से या किसी के बताए अनुसार न लें। डॉक्टर की सलाह के बाद ही तय मात्रा में स्टोरॉयड का इस्तेमाल करें।

डायबिटीज के मरीज हैं तो कोरोना रिकवरी के बाद कई महीने तक अलर्ट रहने की जरूरत है।

जरा सा भी लक्षण होने पर सीधे डॉक्टर के पास जाएं। नेजल एंडोस्कॉपी या जरूरत के अनुसार नेजल बायोप्सी से इसका पता लगाया जाता है।जितनी जल्दी बीमारी पकड़ में आएगी

राजधानी रायपुर में एक हफ्ते और बढ़ेगा लॉकडाउन!… जल्द हो सकती है घोषणा… इन व्यवसाय में छूट की उम्मीद

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में लागू लॉकडाउन हफ्तेभर और बढ़ सकता है। इसके साथ ही कारोबार को पटरी पर लाने रियायतों के साथ 70 फीसदी पाबंदियों से छूट मिल सकती है। कपड़ा दुकानों, शादी-ब्याह और जरूरी सामान की दुकानों को शर्तों के साथ खोलने की छूट मिल सकती है। इसे लेकर पुलिस-प्रशासन होमवर्क कर रहा है। 14 मई के बाद लॉकडाउन बढ़ाने और कारोबार को छूट देने पर फैसला हो सकता है।

दरअसल राजधानी में कोरोना की स्थिति बेकाबू होने के बाद टोटल दुकानें बंद कर दी गई थीं। राशन-किराना से सब्जी दुकान तक बंद थीं, लेकिन संक्रमण कम होने पर कुछ रियायतें मिलीं। अब आगे भी कई दुकानों को कारोबार की छूट मिलने की संभावना है। इसलिए छूट की उम्मीद है।

जानकारी के मुताबिक वर्तमान में रायपुर जिलेभर में रोज औसतन करीब 500 कोरोना पॉजिटिव केस आ रहे हैं, जबकि 15 दिन पहले यह संख्या 3000 हजार से अधिक थी। बीते हफ्तेभर से रोज पॉजिटिव मरीजों की संख्या में कमी आ रही है। इससे संभावना बन रही है कि जरूरी और शादी-ब्याह के सामान से जुड़ी दुकानों को शर्तों के साथ खोलने की छूट मिल सकती है।

रायपुर 32 दिनों से शहर लॉक :

राजधानी में कोरोना महामारी रोकने कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने 9 अप्रैल से 19 अप्रैल तक पहली बार लॉकडाउन किया था, लेकिन संक्रमण की अवधि को बढ़ाकर 25 अप्रैल और फिर 6 मई की सुबह 6 बजे तक, फिर 17 मई सुबह 6 बजे तक किया गया है। अब लॉकडाउन को हफ्तेभर और बढ़ाया जा सकता है।

इन कारोबारों को मिल सकती है छूट :

जानकारी के मुताबिक शादी के सीजन में कपड़ा, जूता-चप्पल समेत अन्य जरूरी सामान खरीदने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। वहीं मेनरोड की किराना दुकानों को खोलने की छूट नहीं मिलने से पब्लिक को अनाज से किराना तक का सामान मिलने में परेशानी हो रही है। यही नहीं, बाल कटिंग कराने भी पब्लिक को परेशानी हो रही है। इन सभी बिंदुओं पर शासन-प्रशासन स्तर पर होमवर्क चल रहा है। उम्मीद है कि इन्हें शर्तों के साथ 17 मई से छूट मिल सकती है।

अपोलो में गूंजी किलकारी कोरोना पॉजिटिव महिला ने दिया स्वस्थ बच्चे को जन्म….

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बिलासपुर/-कोरोना संक्रमण का दौर एक ओर जहां मुश्किलों भरा है वहीं डॉक्टर्स के समर्पण और सेवाभाव के चलते राहत भरी खबरें भी आ रही हैं। कोरोना काल की चुनौतियों के बीच अपोलो में डॉक्टर्स की टीम द्वारा सफल ऑपरेशन करने के कारण 35 वर्षीय कोरबा निवासी कोरोना पाॅजिटिव महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। जिससे परिवार के सदस्य बहुत खुश हैं। महिला को कोरबा से प्रसव पीड़ा के साथ गंभीर हालत में अपोलो अस्पताल में लाया गया था। डॉक्टरों ने जांच किया तो मालूम चला कि कोरोना पीड़ित महिला की नॉर्मल डिलीवरी संभव नहीं है, बच्चे की स्थिति भी नाजुक थी। इस विपरीत परिस्थिति में भी काबिल डॉक्टरों ने सभी सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए गर्भवती महिला का ऑपरेशन कर सुरक्षित डिलीवरी करायी। डॉक्टर संध्या चंदेल की टीम द्वारा सफल ऑपरेशन किया गया। बच्चे के जन्म पर परिवार के सदस्य बहुत खुश हैं और इसके लिए उन्होंने अपोलो प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया।

हिंदुस्तान में काबा शरीफ के किब्ला बनने से भी पहले की मस्जिद

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भारत की सबसे पुरानी मस्जिद: गाँव घोघा, जिला, भावनगर, गुजरातपृथ्वी के मुख पर एकमात्र मस्जिद हो सकती है जिसका रुख यरुशलम (बैतुल मुक़द्दस रूख) है।  लगभग 1300 साल पुराना। 7 वीं शताब्दी के प्रारंभ में घोघा, (भावनगर, गुजरात भारत) में पहले अरब व्यापारी उतरे और यहाँ एक मस्जिद का निर्माण किया। 

यह वह समय था जब मक्का के बजाय किबला दिशा यरूशलेम थी।  हिज्रत  मदीना के बाद 622 और 624 A.D के बीच 16 से 17 महीनों की संक्षिप्त अवधि के लिए, पैगंबर (SAW) और विश्वासियों ने नमाज की पेशकश करते हुए यरूशलेम का सामना किया।  यह प्राचीन मस्जिद, जिसे स्थानीय रूप से बरवाड़ा मस्जिद या जूनी मस्जिद के रूप में जाना जाता है, इस अवधि के दौरान बनाया गया था और यह भारत की सबसे पुरानी मस्जिद में से एक है। बाद में पैगंबर (SAW) ने वाही (रहस्योद्घाटन) प्राप्त किया जो उन्हें उत्तर में येरुशलम से उत्तर Mecca के दक्षिण में बिंदु की ओर ले जाता है।  यह मस्जिद, वहाँ , भारत के अन्य सभी मस्जिदों से मिलती है, जिनके मेहरब का सामना मक्का से होता है।  यह प्राचीन मस्जिद भारत में सबसे पुराना अरबी शिलालेख भी है। और आज मस्जिद बरवाड़ा जमात की देखरेख में है।
ऐसा माना जाता है कि पैगंबर मोहम्मद सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम के जमाने पर ईमान लाने वाले  सहाबा व्यापार करने या किसी अन्य कारण से यहां आए हो और उन्होंने इस मस्जिद का निर्माण किया है उस वक्त  मुस्लिमों का कीबला मस्जिद ए अक्सा था 
हो सकता है यह उसी वक्त या उसी  दौर की बातें हो

पहले खलीफा हज़रत अबू बकर सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु अन्हु

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आपका नाम अब्दुल्लाह बिन अबी क़ुहाफा, कुन्नियत अबू बकर और वाक़या मेराज की तसदीक़ करने से लक़ब सिद्दीक़ हुआ। हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को नबी बनाए जाने के रोज़ ही हज़रत खदीजा रज़ियल्लाहु अन्हा के बाद सबसे पहले इस्लाम क़बूल किया। इनकी तबलीग से बेशुमार सहाबा इस्लाम लाए जिनमें बाज़ अहम नाम यह हैं, हज़रत उसमान गनी, हज़रत ज़ुबैर बिन अवाम, हज़रत अब्दुर रहमान बिन औफ, हज़रत तल्हा बिन उबैदुल्लाह और हज़रत साद बिन अबी वक़्क़ास रज़ियल्लाहु अन्हुम। इस्लाम लाने के बाद से मौत तक पूरी ज़िन्दगी एलाए कलेमतुल्लाह और एहयाए इस्लाम में लगा दी। अल्लाह तआला के अता करदा माल को अल्लाह तआला के रास्ते में आप बड़ी सखावत और फरावानी से खर्च करते थे, मसलन बेशुमार गुलामों को खरीद कर आज़ाद किया जिनमें रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के मुअज़्ज़िन हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु भी हैं। आपकी साहबज़ादी हज़रत आइशा रज़ियल्लाहु अन्हा से नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हज़रत खदीजा रज़ियल्लाहु अन्हा के इंतिक़ाल के बाद निकाह फरमाया। आपने मदीना की तरफ हिजरत नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ की। क़ुरान करीम की आयत (सूरह तौबा 40) में हज़रत अबू बकर रज़ियल्लाहु अन्हु का ज़िक्र है। नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के हुकुम से नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की वफात से पहले चंद नमाजें हज़रत अबू बकर रज़ियल्लाहु अन्हु ही ने इमामत करके सहाबा को पढ़ाईं। इंतिक़ाल के दिन हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हज़रत अबू बकर रज़ियल्लाहु अन्हु के साथ मिलकर नमाज़े फजर की इमामत की। हज की फर्ज़ियत के बाद 9 हिजरी में हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हज़रत अबू बकर रज़ियल्लाहु अन्हु को सफरे हज के लिए सहाबए किराम का अमीरे लश्कर बना कर भेजा।

हज़रत अबू बकर सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु अन्हु अरब के मुमताज़ ताजिरीन और अमीर लोगों में शुमार किए जाते थे, क़बूले इस्लाम से पहले पाकीज़ा अखलाक और अच्छे औसाफ से अल्लाह तआला ने नवाजा था। जब इस्लाम का सूरज तुलू हुआ तो जज़्बाए सखावत मज़ीद परवान चढ़ा और इस्लामी तारीख में आपकी फय्याज़ी व सखावत एक मिसाल बन गई।

हज़रत अबू बकर रज़ियल्लाहु अन्हु के बेशुमार फज़ाइल हैं, एक फज़ीलत पेश है, हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हज़रत अबू बकर रज़ियल्लाहु अन्हु के मुतअल्लिक़ इरशाद फरमाया बेशक सबसे ज़्यादा अपनी रिफाकत और माल से मुझ पर एहसान करने वाले अबू बकर हैं और अगर मैं अल्लाह के सिवा किसी को दोस्त बनाता तो अबू बकर को बनाता, लेकिन उनसे इस्लाम की उखुव्वत और मोहब्बत है और मस्जिद में सिवाए अबू बकर के और किसी की खिड़की न बाक़ी रखी जाए। (सही बुखारी)

हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की वफात के बाद सहाबए किराम के मशवरे से आपको खलीफा बनाया गया। आपकी खिलाफत के चंद अहम काम यह हैं:
― हज़रत उसामा बिन ज़ैद रज़ियल्लाहु अन्हु के लश्कर को मुल्के शाम रवाना किया जो क़ैसर की फौज को शिकस्त देकर सही सालिम वापस आया।
― मुरतदीन, ज़कात न देने वाले और दाइयाने नुबूवत से क़िताल करके नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की वफात के बाद पैदा हुए तमाम फितनों को खत्म किया।
― मज़कूरा फितनों को खत्म करने में बेशुमार हुफ्फाज़े किराम शहीद हुए, चुनांचे हज़रत उमर फारूक़ रज़ियल्लाहु अन्हु की राय पर आपने क़ुरान करीम को एक जगह जमा कराया।
हज़रत अबू बकर रज़ियल्लाहु अन्हु का 22 जुमादस सानी 13 हिजरी में इंतिक़ाल हुआ, इस्लाम में दाखिल होने के वक़्त आपका शुमार मक्का के बड़े ताजिरों में होता था लेकिन सारी दौलत अल्लाह के रास्ते में लगादी हत्ताकि इंतिक़ाल के वक़्त कोई क़ाबिले ज़िक्र चीज़ आपके पास मौजूद नहीं थी। हज़रत आइशा रज़ियल्लाहु अन्हा के हुजरे में नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पहलू में दफन हुए। आपकी उम्र तक़रीबन 63 साल और खिलाफत 11 हिजरी से 13 हिजरी तक दो साल तीन महीने दस दिन रही।