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कवीड अपडेट :-छत्तीसगढ़ में आज भी स्वस्थ होने वालों की संख्या नए केस से ज्यादा… 12,000 से ज्यादा हुए डिस्चार्ज… 11,867 नए मरीज… 172 की मौत…

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शराब की ऑनलाइन आर्डर और पेमेंट कर चुके ग्राहकों को आज दोपहर तक होगी शराब की होम डिलीवरी, आबकारी विभाग ने दी जानकारी

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रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने लॉकडाउन के दौरान शराब की होम डिलीवरी करने का फैसला किया है। शराब की होम डिलीवरी सोमवार से शुरू होनी थी, लेकिन पहले ही ​दिन इतने लोगों ने शराब ऑर्डर किया कि सर्वर डाउन हो गया। सर्वर डाउन होने के ​बाद जिन उपभोक्ताओं के पैसे फंसे हैं उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। विभाग की ओर से भुगतान किए गए लोगों को दोपहर बाद शराब की होम डिलीवरी की जाएगी। इस बात की जानकारी खुद आबकारी विभाग की ओर से दी गई है।

आबकारी विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार CSMCL पोर्टल की तकनीकी समस्याओं को दूर कर लिया गया है और कल से शराब की होम डिलीवरी शुरू हो जाएगी। बताया गया कि अधिक लोगों के द्वारा ऑर्डर किए जाने के चलते CSMCL पोर्टल क्रैश हो गया था, जिसके बाद भी पहले दिन 4 करोड़ 32 लाख रुपए का ऑर्डर मिला है। बताया गया कि आज 29 हजार से अधिक लोगों ने शराब के लिए ऑर्डर किया है। जबकि 1 लाख से ज्यादा लोगों ने CSMCL पर रजिस्ट्रेशन किया है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक शराब की होम डिलीवरी होगी। मदिरा प्रेमियों को शराब ऑर्डर करने के दौरान ही पहले पेमेंट करना होगा। आबकारी विभाग ने शराब की होम डिलीवरी के लिए पहले पेमेंट लेने अनिवार्य किया है। शराब प्रेमियों को ऑनलाइन ऑर्डर के लिए https://csmcl.in/ लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद दिए गए विकल्प के अनुसार आप शराब मंगवा सकते हैं।

गौरतलब है कि कोरोना के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने के लिए जिला कलेक्टरों ने समीक्षा के बाद लॉकडाउन लगाया। इस दौरान शराब दुकानों को बंद कर दिया था। 8 अप्रैल से शराब दुकानें बंद है। वहीं अब होम डिलीवरी के जरिए शराब मदिरा प्रेमियों के दरवाजे तक पहुंचेगा। डिलीवरी ब्वॉय के माध्यम से शराब की होम डिलीवरी होगी। मामलू होगा कि पिछले वर्ष भी लॉकडाउन में शराब की होम डिलीवरी शुरू हुई थी।

अब छत्तीसगढ़ की जेलों में बंद कैदियों में भी फैलने लगा कोरोना का खतरा 70 से अधिक संक्रमित,5 की मौत कैदियों को रिहा करने की कवायद शुरू।

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। रोजाना प्रदेश के अलग-अलग जिलों से रोजाना हजारों नए मरीजों और मौत के आंकड़े सामने आ रहे हैं। वहीं, प्रदेश की जेलों में बद कैदी भी अब कोरोना की जद में आने लगे हैं। जेलों में लगातार मिल रहे कोरोना मरीजों को देखते हुए प्रशासन ने कैदियों को छोड़ने का फैसला लिया है।

मिली जानकारी के अनुसार कानूनविदों की हाईपावर कमेटी के निर्णय के बाद प्रदेश के जेलों से कैदियों को छोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जेलों में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रक्रिया जारी है। बता दें कि प्रदेश के जेलों में अब तक 70 कैदी संक्रमित हो चुके है और रायपुर, दुर्ग केंद्रीय जेल में अब तक 5 कैदियों की मौत हो चुकी है।

मदिरापान के शौकीनों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, शराब की ऑनलाइन बुकिंग पर ऐसे टूट पड़े एक साथ… चंद घंटे में ही सर्वर हुआ फेल…

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शराब के शौकिन लोग होम डिलीवरी का ऑफर मिलते ही शराब खरीदने टूट पड़े हैं। आलम ये है कि कुछ ही घंटों में इतने लोगों ने शराब का आर्डर दे दिया कि CSMCL (शराब की होम डिलेवरी) का सर्वर ही फेल हो गया।

दरअसल आज सुबह 9 बजे से शराब की होम डिलेवरी एप के जरिये शुरू की गयी थी, लेकिन करीब 12 बजते-बजते ही सर्वर फेल हो गया। अफसरों के मुताबिक क्षमता से अधिक लोगों के एप पर आने की वजह से सर्वर में दिक्कत हुई है।

आबकारी सचिव निरंजन दास ने बताया कि रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग से सबसे ज्यादा डिमांड आयी है। कुछ ही घंटे में उम्मीद से काफी ज्यादा लोगों ने एप का उपयोग किया, जिसकी वजह से सर्वर में दिक्कत आयी है। हालांकि अभी तक पूरा आंकड़ा तो नहीं मिला है, लेकिन जानकारी के मुताबिक करीब 10 हजार से ज्यादा लोगों ने अब तक होम डिलेवरी का आर्डर किया है, लेकिन अब इन्हें आपूर्ति कैसे की जायेगी, ये भी एक बड़ी चुनौती बन गयी है।

आबकारी सचिव के मुताबिक :

“काफी ज्यादा लोगों ने होम डिलेवरी के जरिये आर्डर किया है, ओवरलोड की वजह से सर्वर में कुछ तकनीकी दिक्कत आयी है, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में काफी लोगों ने होम डिलेवरी दिया है, बाकी जिलों में वैसी दिक्कत नहीं है। अधिकारी और एक्सपर्ट सर्वर में सुधार करने में जुटे हुए हैं, जल्द ही सर्वर में सुधार कर लिया जायेगा”

छत्तीसगढ़ के इस जिले में 3 दिन और बढ़ा LOCKDOWN, मॉर्निंग वॉक और इवनिंग वॉक करने वालों पर लगेगा 10,000 का जुर्माना

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पेंड्रा। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में लॉकडाउन 3 दिन के लिए और बढ़ा दिया गया है, इस आशय के आदेश आज जिले की कलेक्टर नम्रता गांधी ने जारी कर दिए हैं, जारी आदेश के अनुसार अब यहां 15 मई रात 12 बजे तक टोटल लॉकडाउन जिले में रहेगा।

इस आदेश के बाद अब 12 मई से 15 मई तक GPM में पूर्ण रूप से तालाबंदी रहेगी, यानि की ​तीन दिन और पाबंदी जारी रहेगी, पहले यहां 12 मई तक लॉकडाउन का आदेश था। अति आवश्यक सेवाएं चालू रहेंगी। बेवजह घूमने, मॉर्निंग वॉक और इवनिंग वॉक, अनावश्यक आवाजाही करने वाले लोगों पर ₹10,000 का चालान किया जाएगा।

इसके अलावा जिले में अंतिम संस्कार एवं विवाह जैसे कार्यक्रमों में अनुमति के साथ अधिकतम 10 लोग ही शामिल हो सकेंगे।

शराब की होम डिलीवरी शुरू 100 रुपये प्रति बोतल लगेगा एक्सट्रा चार्ज।

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रायपुर: लॉकडॉउन अवधि में सोमवार से शराब की होम डिलीवरी प्रारंभ होगी। शराब लोगो को सुबह 9 बजे से रात्रि 8 बजे तक मिलेगी। शराब की घर पहुँच सेवा के लिए मदिरा प्रेमियो से 100 रुपया प्रति बोतल अतिरिक्त चार्ज लगेगा।

गौरतलब हो कि कोरोना संक्रमण काल मे शराब की होम डिलीवरी को लेकर तमाम आलोचना झेल रही राज्य सरकार ने शराब की घर पहुंच सेवा शुरू की है। इसके लिए छत्तीसगढ़ मार्केटिंग कारपोरेशन को जिम्मेदारी सौपी गई है। बताया गया है घर पहुँच सेवा के लिए सरकार ने 5 कंपिनयों से अनुबंध किया है। जिसके तहत सीधे दुकानो से शराब की डिमांड के अनुसार शराब को सप्लाई की जाएगी।

शराब की होम डिलीवरी के लिए वेबसाइट बनाई गई है। साथ ही फ़ोन के प्ले स्टोर से एप को डाउनलोड भी किया जा सकता है। जिसमे नजदीकी शराब दुकानों का जिक्र है। जंहा से शराब मंगवाई जा सकती है, इसके लिए शराब की कीमत का भुगतान पहले करना होगा, उसके बाद ही डिलीवरी होगी। रायपुर शहर में 15 से अधिक शराब की दुकानें है बताया गया है कि इसमें केवल आधी दुकानें ही खोली जा रही है।

2 गज की दूरी कोरोना से बचने के लिए पर्याप्त नहीं CDC की नई गाइडलाइन जारी।

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कोरोना से लड़ने के लिए दो गज की दूरी यानि छ: फीट की दूरी पर रहना प्रोटोकॉल के तहत जरूरी बताया जाता है. लेकिन नए सीडीसी गाइडलाइन्स में छ: फीट की दूरी को कोरोना से बचने के लिए पर्याप्त नहीं बताया गया है. हम आपको बता दें कि सीडीसी अमेरिका की नामचीन संस्था है जिसे सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के नाम से जाना जाता है और यह संस्था माहमारी और गंभीर रोगों पर बेहतरीन रिसर्च के लिए जानी जाती है. दरअसल अमेरिका की सीडीसी अपने पुराने गाइडलाइन्स से अब अलग हटकर बात करने को मजबूर हो गई है.

पहले ये कहती थी कि ज्यादातर संक्रमण नजदीक के लोगों से (Close Contact) और सतह को छूने (Surface Transmission) से होता है. लेकिन सीडीसी के नए गाइडलाइन्स के मुताबिक एयरबॉर्न वायरस एक मीटर की दूरी पर भी दूसरे शख्स को संक्रमित कर सकता है. ताजा शोध में पता चला है कि वायरस मिस्ट पार्टिकल के रूप में ट्रांसमिट होने के साथ-साथ प्रसार करता है. ऐसा तब होता है जब संक्रमित व्यक्ति द्वारा सांस के जरिए रेस्पिरेट्री फ्लूड बाहर छोड़ा जाता है. हवा में सांस के द्वारा छोड़ा जाने वाला वायरस मिस्ट पार्टिकल के रूप में काफी समय तक तैरता रहता है.

मुख्य रूप से संक्रमण रेस्पिरेट्री फ्लूड से फैलता है
सीडीसी के शोध में बताया गया है कि मुख्यतौर पर लोग संक्रमित रेस्पिरेट्री फ्लूड से होते हैं जिसमें संक्रमण करने की क्षमता रखने वाला वायरस मौजूद रहता है. बंद चारदिवारी और खराब वेंटिलेशन वाली जगहों पर एरोसॉल हवा में काफी देर तक तैरता रहता है (Aerosol Remains Suspended In The Air For Longer Period Of Time) और एक मीटर से ज्यादा दूरी तक हवा में तैरकर ये लोगों को संक्रमित करने की क्षमता रखता है. इसलिए सीडीसी गाइडलाइन्स उन नियमों को इंडोर्स करता है जिसके तहत क्लोज्ड परिवार में लोगों को मास्क के साथ-साथ दूरियां और प्रॉपर वेंटिलेशन पर ध्यान दिया जाना चाहिए.

सीडीसी के नए गाइडलाइन्स के अभिप्राय
सीडीसी ने पहले एरोसॉल ट्रांसमीशन थ्योरी को ज्यादा महत्ता नहीं दी थी. एक्सपर्ट्स के मुताबिक इससे सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ पर्सनल डिस्टेंसिंग के पालन का अनिवार्य रूप से खतरा था. सीडीसी के ताजा गाइडलाइंस से कई चीजों के मायने बदल सकते हैं. उदाहरण के तौर परिवार के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बाहर मिलना ज्यादा सुरक्षित है, खास तौर पर उन लोगों के लिए जो प्रॉपर वेंटिलेशन वाली जगहों पर नहीं रहते हैं.

वहीं युएस के कॉलेज और स्कूलों में 3 फीट की दूरी रखकर पढ़ाई शुरू करने की बातों पर राय अलग होंगी. इस गाइडलाइंस के बाद अमेरिका ही नहीं बल्कि दुनियां की सोच और व्यवहार में कई परिवर्तन देखा जा सकता है. ज़ाहिर है जिस कोरोना के वायरस को एक्सपर्टस मोटू वायरस तक करार दे रहे थे यानि की साइज और आकार में वह इतना बड़ा माना जाता था कि उसका छ: फीट या दो गज की दूरी तय करना उसके लिए आसान नहीं माना जाता था. लेकिन वही वायरस म्यूटेट कर इतना छोटा हो गया है कि काफी देर तक हवा में रहकर वो 1 मीटर की दूरी का सफर तय करने में सक्षम हो गया है. ऐसे में कोरोना से लड़ाई के तौर तरीकों में परिवर्तन करना बेहद अहम हो गया है और सीडीसी ने नए गाइलाइंस में इन्हीं बातों की ओर साफ-साफ इशारा किया है.

भारत में अगले तीन महीने में कोरोना से बड़ी तबाही की आशंका: दी लोसेन्ट रिपोर्ट

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कोरोना के कहर से इस समय पूरा भारत कराह रहा है. मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. इसी बीच ब्रिटेन से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई जिसमें यह बताया गया है कि एक अगस्त तक भारत में कोरोना से कुल 10 लाख मौतें हो सकती हैं. रिपोर्ट में इन मौतों के लिए सीधे सरकार को जिम्मेदार माना गया है.

दरअसल, ब्रिटिश मेडिकल जर्नल ‘द लांसेट’ में शुक्रवार को प्रकाशित एक संपादकीय में कहा गया है कि भारत एक अगस्त 2021 तक एक मिलियन अर्थात दस लाख कोरोना मौतों का गवाह बन सकता है. इसमें कहा गया है कि अगर यह परिणाम एक वास्तविकता होंगे तो इसकी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी. रिपोर्ट के मुताबिक अगले तीन महीने में साढ़े सात लाख मौत का खतरा है.

लांसेट एडिटोरियल ने ‘इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन’ के हवाले से लिखा है. यह एक स्वतंत्र वैश्विक स्वास्थ्य अनुसंधान संगठन है. संपादकीय में कहा गया कि भारत ने कोरोना को नियंत्रित करने में भारी कोताही बरती है, जिसका परिणाम वह भुगत रहा है.

मेडिकल जर्नल के संपादकीय ने भारत में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. कहा गया है कि सुपरस्प्रेडर इवेंट की चेतावनी के बावजूद सरकार ने धार्मिक त्योहारों को अनुमति दी, जिनमें पूरे देश से लाखों लोग पहुंचे. राजनीतिक रैलियां की गईं, जिनमें कोरोना प्रोटोकॉल की कोई परवाह ही नहीं की गई.

इसके अलावा टीकाकरण अभियान का धीमा पड़ना भी वायरस के संक्रमण के सबसे बड़े कारणो में से एक रहा है. संपादकीय में यह भी लिखा गया कि कोरोना संकट के दौरान सरकार की आलोचना और विमर्श को रोकने की सरकार की कार्रवाईयों के लिए कोई बहाना नहीं दिया जा सकता है.

यह भी बताया गया कि कोरोना की दूसरी लहर के बारे में शुरू में ही चेतावनियां जारी की गई थीं, उसे नजरअंदाज कर दिया गया. मार्च की शुरुआत में कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने से पहले, भारत के स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना को Endgame घोषित कर दिया था. जबकि ऐसा नहीं हुआ और कोरोना वायरस ने जमकर तबाही मचाई.

लांसेट में भारत में कोरोना काबू करने को लेकर सलाह भी दी गई है. इसमें बताया गया कि पहले टीकाकरण अभियान में बदलाव कर इसे तार्किक बनाया जाए और तेजी से लागू किया जाए. इसके लिए वैक्सीन की आपूर्ति बढ़ाई जाए और डिस्ट्रीब्यूशन कैंपेन चलाया जाए, जो शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करे.

दूसरी सलाह यह दी गई कि अगर लॉकडाउन की संभावना बन रही है तो इससे इंकार नहीं किया जाना चाहिए. लोगों के सामने सही आंकड़े प्रकाशित करने होंगे. ताकि जनता को बताया जा सके कि असलियत में देश में क्या हो रहा है.

वहीं Institute for Health Metrics and Evaluation, Washington के मुताबिक, भारत में अगर हालात नहीं सुधरे तो एक सितंबर 2021 तक मरने वालों की संख्या 1,496,460 पहुंच सकती है.

मालूम हो कि भारत में अभी वर्तमान में कोरोना से कुल मौतों का आंकड़ा दो लाख 42 हजार के ऊपर हो चुका है. भारत में कोरोना के कहर का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि देश में लगातार चौथे दिन कोरोना के 4 लाख से अधिक नए केस सामने आए हैं. जबकि लगातार दूसरे दिन 4 हजार से ज्यादा कोरोना मरीजों की मौत हुई है

कोरोना का कहर! राज्यसभा सांसद छाया वर्मा की मां का निधन… बलौदाबाजार विधायक प्रमोद शर्मा और कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल के पिता ने भी तोड़ा दम

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रायपुर। कांग्रेस की नेत्री और राज्यसभा सांसद छाया वर्मा की मां का निधन हो गया है, सांसद की मां गीता टिकरिया का कोरोना के कारण निधन हो गया, उनकी उम्र 75 वर्ष थी।

इधर बलौदाबाजार से विधायक प्रमोद शर्मा के पिता का निधन हो गया है, 75 वर्षीय प्रेमलाल शर्मा का कोरोना के कारण निधान हुआ है।

उधर गुजरात में कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल के पिता भरतभाई का कोरोना के कारण निधन हो गया है। जानकारी के मुताबिक पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के पिता भरतभाई पटेल को सांस लेने में दिक्कत आने के बाद उन्हें अहमदाबाद के यूएन मेूता अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। हार्दिक पटेल भी कोरोना संक्रमित हैं, उन्होंने 6 दिन पहले अपने ट्विटर पर ये जानकारी दी थी, कि वो कोरोना संक्रमित हो गए हैं।

कचरे में मिला साँपों से भरा डब्बा,किस्मत से बची सफाईकर्मी की जान

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कोरबा. पूरे जिले में जिला प्रशासन ने रविवार के दिन संपूर्ण लॉकडॉउन घोषित कर रखा है. इस बीच घर-घर से कूड़ा उठाने का काम जिले के समस्त जोन में किया जा रहा है. आज इसी क्रम में पोड़ीबाहर जोन के मणि कंचन केंद्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब किसी घर से कूड़े के रूप में मिले बैग से ढेर सारे संपोले (सांप के बच्चे) मिले.

बताया जा रहा है कि पोड़ीबाहर के मणि कंचन केंद्र में आज जब घर-घर से जमा किया गया कूड़ा निकाला जा रहा था तो अचानक वहां चीख पुकार मच गया. तब केंद्र पर मौजूद लोग दौड़कर उस रिक्शे के पास पहुंचे कि आखिर माजरा क्या है. तब महिलाकर्मी ने बताया कि इस बैग में बहुत सारे सांप के बच्चे हैं. इसके बाद सुनील नाम के कर्मचारी ने तुरंत स्नेक रेस्क्यू टीम के प्रमुख जितेंद्र सारथी को इसकी जानकारी दी.

जंगल में छोड़े गए सांप
कुछ देर बाद जितेंद्र सारथी अपनी टीम के सदस्य राजू बर्मन के साथ मौके पर पहुंचे. फिर बैग से एक-एक कर सांप के बच्चों को बाहर निकाल कर डब्बे में रखा. इन सांपों को रेस्क्यू करने के बाद उन्हें जंगल में ले जाकर छोड़ा गया. इस घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर वॉर्ड पार्षद प्रदीप राय भी पहुंचे. उन्होंने सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर एक के लिए प्रशासन से ग्लब्स की मांग की. साथ ही जितेंद्र सारथी के कार्यों की प्रशंसा की.