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कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई 10 लाख की कफ सिरप और नशीली दवाई के साथ पांच आरोपी गिरफ्तार जिसमें एक आरोपी निकला कोविड पॉजिटिव

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(खुलासा छत्तीसगढ़) अंबिकापुर। कोतवाली पुलिस व स्पेशल पुलिस की टीम ने अंबिकापुर शहर के मोमिनपुरा व अन्य इलाकों में दबिश देकर 10 लाख रुपए की कफ सिरप व नशीली दवाइयों के साथ 5 युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक आरोपी कोरोना संक्रमित पाया गया है। मुख्य आरोपी पूर्व में भी इसी अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ था व जेल भी जा चुका है।

कोतवाली पुलिस व स्पेशल टीम ने नशे के विरुद्ध चल रहे अभियान के तहत कार्यवाही करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोपियों के कब्जे से 10 लाख रुपये की नशीली दवा व कफ सिरप जप्त किया है। कोरोना संक्रमण की वजह से राज्य में लॉक डाउन लगा हुआ है इसी का फायदा उठाकर आरोपियों द्वारा झारखंड से नशीली दवाओं को खरीदकर शहर में खपाया जा रहा था। मुखबिर की सूचना पर कोतवाली व स्पेशल पुलिस की टीम के द्वारा मोमिनपुरा निवासी मो. याकूब के घर के पास दबिश दी गई जिस वक्त मो. याकूब नशीली दवाओं की खरीदी बिक्री कर रहा था,मौके पर पहुंची कोतवाली व स्पेशल पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी मो.याकूब को गिरफ्तार कर आरोपी याकूब के कब्जे से भारी मात्रा में नशीली कफ सिरप व दवाओं को बरामद किया गया है।
जब्त अवैध दवाइयों व सिरप की कीमत 10 लाख रुपए बताई गई है।मुख्य आरोपी के साथ पुलिस ने खरीददारो को भी गिरफ्तार किया है।इस मामले में संलिप्त 5 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।जिसमे से एक आरोपी कोरोना संक्रमित पाया गया है।पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत कार्यवाही करते हुए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
जब्त दवाइयों में एल्जीलम 0.25 एमजी के 28 हजार 500 टैबलेट, स्पॉस्मो प्रोक्सीवोन प्लस कैप्सुल 11 हजार 88 नग तथा 252 नग आरसी कफ सिरप शामिल हैं। जब्त अवैध दवाइयों व सिरप की कीमत 10 लाख रुपए बताई गई है।

छत्तीसगढ़: सामान्य लक्षण वाले मरीजों की कोरोना जांच रुकी… दवाई खाने की दी जा रही सलाह…

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कोविड-19 से संबंधित मामलों में अब केवल जटिल लक्षण दिखाई देने पर ही लोगों की कोरोना जांच की जाएगी। सामान्य लक्षण के मामले में जांच करने के बजाय लोगों को परीक्षण केंद्रों से चलता किया जा रहा है। उन्हें कहा जा रहा है कि विटामिन-सी और पैरासिटामॉल का प्रयोग किया जाए। इससे बात बन जाएगी। इस स्थिति में परेशानी महसूस करने वाले लोग कोरोना परीक्षण के लिए यहां-वहां एप्रोच लगाने को मजबूर हैं।

कटघोरा विकासखंड के दीपका और आसपास के इलाके से इस तरह की जानकारी मिली हैं। इनमें कहा गया है कि सर्दीए खांसी और बुखार से दिक्कत महसूस करने वाले लोगों को कोरोना जांच केंद्रों से यह कहकर उल्टे पैर लौटने को मजबूर किया जा रहा है कि उनकी जांच नहीं हो सकती। सामान्य दवाओं का उपयोग करने के साथ वे ठीक हो सकते हैं। सलाह यह भी दी जा रही है कि जो दिशा-निर्देश बनाए गए हैं उन पर अमल किया जाए।

अनेक लोग इस तरह की शिकायतों को लेकर आसपास में पहुंच रहे हैं और यहां-वहां अपनी परेशानी साझा कर रहे हैं। बताया गया कि जिन लोगों के घर में एक-दो व्यक्ति पॉजिटिव हैं, उन्हें छोडक़र दूसरों की जांच करने से साफ मना किया जा रहा है। वहीं जिन प्रकरणों में लोगों को शुरुआती लक्षण नजर आ रहे हैं, उनकी भी उपेक्षा जांच के मामले में की जा रही है। चूंकि कोरोना के लक्षणात्मक प्रकरणों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने खुद ही जानकारी सार्वजनिक की है और लोगों को जागरूक किया है कि वे मामलों को छिपाएं नहीं बल्कि आगे आकर बताएं।

जिले में केजुअल्टी होने और संक्रमण का दायरा बढऩे के कारण कोई भी व्यक्ति नहीं चाहता कि वह अनावश्यक जोखिम ले। इसलिए थोड़ी सी दिक्कत होने पर लोग खुद ही डॉक्टर बनने के बजाय सीधे कोरोना जांच केंद्र में पहुंच रहे हैं। समस्या तब खड़ी हो रही है जब लाइन में लगने और कई घंटे धूप बर्दाश्त करने के बाद भी जांच करने के बजाय उन्हें लौटाया जा रहा है। दीपका क्षेत्र में इस तरह की चर्चा है कि हाल में ही एक बैठक इस संबंध में ली गई। इसमें कई पक्षों पर विचार किया गया और साफ तौर पर कहा गया कि अब ज्यादा परेशानी वाले प्रकरणों में ही जांच की जाए ताकि संक्रमितों के आंकड़ें कम हो। केवल आंकड़ों की बाजीगरी दिखाने मात्र से समस्या का समाधान हो सकेगा, यह अपने आप में विचारणीय मुद्दा तो है ही।

कोरबा जिले में प्रशासन के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में कोरोना संक्रमित लोगों की निगरानी करने के लिए नगरीय निकायों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के स्तर पर टीमें बनाई गई है। शासकीय सेवक इसमें नामजद किये गए हैं। इसी के साथ शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों की ड्यूटी एक्टिव सर्विलेंस वर्क में लगाई गई है। इन्हें यह पता करना है कि कितने लोगों ने टीका लगवा लिया है और कहां-कहां संक्रमण के मामले हैं। जिस तरह से वर्तमान में सामान्य पीडि़तों की जांच से किनारा किया जा रहा है, उससे सवाल खड़ा होता है कि इस स्थिति में सर्वेक्षण और दूसरी कवायद का आखिर क्या मतलब है।

अजीब बात है कि एक तरफ कोरोना की संभावना वाले लोगों के परीक्षण से बचने की कोशिश अनेक स्थानों पर की जा रही है वहीं दूसरी तरफ परेशानी को दूर करने के लिए मेडिसिन किट भी तैयार की जा रही है। जिला स्तर पर कोरबा के जिला संसाधन केंद्र में यह काम दो शिफ्ट में चल रहा है। यहां पर 48 से अधिक मैनपावर लगाया गया है। इनमें अधिकांशतरू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं शामिल हैं। 6 तरह की दवाओं की किट यहां पर बनाई जा रही है। यहां से इन्हें अगली यूनिट के लिए भेजा जाता है और फिर वहां से सूची के आधार पर संबंधित स्तर पर वितरण की व्यवस्था की जाती है।

आंध्रा-तेलंगाना,ओडिसा बोर्डरों में हो रही हैं सख्ती से जांच,10 प्रवासी मजदूरों की रिपोर्ट पोसिटिव।

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रायपुर/जगदलपुर: आंध्रप्रदेश और तेलंगाना बॉर्डर पर प्रशासन सख्ती से आने-जाने वालों की जांच कर रहा है। एक दिन में लगभग 366 लोगों की कोरोना जांच की गई। इनमें से 10 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने से हडक़ंप मच गई।

सभी प्रवासी प्रवासी मजदूर बताए जा रहे हैं। इनमें से 6 कोंडागांव के 1 बस्तर व 3 सुकमा जिले के है। मरीजों को उनके जिलों में शिफ़्ट किया जा रहा है। बता दें कि सुकमा जि़ला प्रवेश पर आरटी-पीसीआर रिपोर्ट की अनिवार्यता लागू है। वहीं जो लोग बिना रिपोर्ट के आ रहे हैं सीमा पर जांच किया जा रहा है।

कलेक्टर विनीत नंदनवार स्वयं सीमाओं पर नजर बनाए हुए हैं। इधर उड़ीसा सीमा पर भी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट अनिवार्य किया गया है।

महज 9 साल की बच्ची रुकैया लगातार रख रही रोजे।

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रायपुर । रुकैया सरफराज मात्र 9 वर्ष की उम्र में रमजान के पवित्र महीने के लगातार रोजे रखते आ रही है जो तारीफ ए काबिल है रुकैया के पिता सरफराज उद्दीन मोती नगर के निवासी है रुकैया 14 से 15 घंटे बिना कुछ खाए पिए रमजान के रोजे रखती है और इबादत और दुआओं में मशगूल रहती है यह काफी कठिन कार्य है लेकिन रुकैया की माने तो उसे यह सब करने की हिम्मत और ताकत उन्हें खुदा से मिलती है इतनी कम उम्र में इतने रोजे रखना वाकई तारीफे काबिल है रुकैया दुनिया में फैली बीमारी और परेशानियों से निजात के लिए हर वक्त दुआ भी करती है रुकैया अपने नेक कामों के जरिए अपने पिता के नाम के साथ-साथ अपने समाज का भी नाम रोशन कर रही है।

बढ़ते हुए कोरोना मामलो के कारण कर्नाटक सरकार ने भी लगाया 14 दिनों का पूर्ण लॉकडाउन।

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कोरोना संकट को बढ़ता देख कर्नाटक सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. वहां अब 14 दिनों के लिए पूर्ण लॉकडाउन लगाने का ऐलान किया गया है. कर्नाटक में यह पूर्ण लॉकडाउन 10 मई को सुबह 6 बजे से 24 मई को सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा. कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने इसका ऐलान किया. वह बोले कि कर्नाटक में कोरोना कर्फ्यू सफल नहीं हो पा रहा है, मतलब कर्फ्यू के बावजूद केसों का बढ़ना जारी है.

कर्नाटक में पिछले 24 घंटे में 48,781 नए कोरोना केस सामने आए हैं. वहीं 28,623 लोग ठीक हुए हैं और 592 की मौत हुई है. राज्य में अबतक कोरोना के कुल 18,38,885 केस मिले हैं. इसमें से 5 लाख के ज्यादा एक्टिव हैं.

कर्नाटक में 4 घंटे के लिए खुलेंगी सब्जी, मीट आदि की दुकान
कर्नाटक में कोरोना लॉकडाउन के क्या बंद रहेगा और क्या खुलेगा इसकी जानकारी भी दी गई है. बताया गया है कि सभी होटल, पब, बार बंद रहेंगे. वहीं जरूरी खानपान की दुकानें खुली रहेंगी. इसमें सभी भोजनालय या रेस्तरां, मीट की दुकान, सब्जी की दुकान आदि सुबह 6 बजे से सुबह 10 बजे तक यानी 4 घंटे के लिए खुले रह सकते हैं.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कामगार मजदूरों से नहीं घबराने की भी अपील की है. उन्होंने कहा है कि यह अस्थाई लॉकडाउन है, इससे घबराकर अपने घर लौटने की जरूरत नहीं है.

कर्नाटक में 5 लाख से ज्यादा कोरोना एक्टिव केस
कर्नाटक में वर्तमान में उपचाराधीन मरीजों की संख्या पांच लाख के पार पहुंच गई है और गुरुवार को संक्रमण के 49,058 नए मामले सामने आये हैं जिसमें बेंगलुरु शहरी जिला से 23,706 मामले आये हैं. कर्नाटक उन राज्यों में शामिल है जहां कोविड-19 के दैनिक नये मामले लगातार बढ़ रहे हैं. कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और ओडिशा भी इस लिस्ट में हैं. येदियुरप्पा ने पहले ही कहा था कि अगर लोग सहयोग नहीं करेंगे तो कोविड-19 के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाना अनिवार्य हो जाएगा.

फिर शुरू हुई 18 से 44 तक उम्र वाले लोगो को कोरोना वेक्सीन,पहले आओ पहले पाओ के आधार पर हो रहा टिका कारण

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज से फिर 18 से 44 तक उम्र वाले लोगो को कोरोना वेक्सीन की डोज लगनी शरू हो गई है वही 18 से 44 साल आयुवर्ग के वैक्सीनेशन के लिए राजधानी में केवल तीन और जिले में आठ केंद्र बनाए गए हैं।

सीमित वैक्सीन की वजह से पहले आओ पहले पाओ के आधार पर टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। इससे भगदड़ मचने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति पर नियंत्रण के लिए टीका केंद्रों में प्रभारी के साथ खाद्य अधिकारी और मजिस्ट्रेट की ड्यूटी भी लगाई गई है।

दो दिन ब्रेक के बाद जिले में वैक्सीनेशन अभियान आज शनिवार से पुन: शुरू किया गया है। अंत्योदय श्रेणी के लोगों के वैक्सीनेशन के लिए जिले में 14 केंद्र बनाए गए थे, जबकि तीनों वर्गों के वैक्सीनेशन के लिए जिले में आठ केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें रायपुर जिले के तीन केंद्र शामिल हैं।

अधिकारियों के मुताबिक पहले टीका केंद्रों में हितग्राहियों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है इसके बाद निर्धारित अनुपात यानी एक तिहाई आधार पर वैक्सीनेशन किया जाना है। सूत्रों के मुताबिक जिले के प्रत्येक केंद्र में कुल 600 डोज दिए जाएंगे जिसमें प्रत्येक श्रेणी के लिए दो-दो सौ का कोटा निर्धारित किया है। टीका केंद्रों में व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

30 घंटे से भी कम समय मे पकड़ा गए, भागे हुए 5 कैदी लापरवाही करने वाले चार अफसर निलंबित,जाँच करने वाली टीम को 30000 इनाम देंगे IG

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छत्तीसगढ़ के महासमुंंद जेल से भागने वाले 5 के 5 फरार कैदी अब पकड़ लिए गए हैं। इनसे पुलिस अब पूरे कांड के बारे में पूछताछ कर रही है। एक बदमाश को तुमगांव और दो को कोमाखान के पास से पकड़ा गया है। ये जेल से भागकर करीब 10 किलोमीटर के इलाके में छिपते फिर रहे थे। पुलिस की अलग-अलग टीमें इन्हें तलाश रही थीं। गुरुवार की दोपहर ये बेमचा इलाके में बनी जिला जेल से दीवार फांदकर फरार हो गए थे। इस मामले में जेल के एक मुख्य प्रहरी और तीन अन्य प्रहरियों को निलंबित कर दिया गया है।

30 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद अलग-अलग इलाकों से इन बदमाशों को पकड़ने में जिले की पुलिस कामयाब रही। SP प्रफुल्ल ठाकुर की टीम को आईजी आनंद छाबड़ा ने इस मिशन की कामयाबी के लिए 30 हजार रुपए का कैश प्राइज देने का एलान किया है। दोपहर तक इस केस के 4 बदमाशों को पकड़ लिया गया था। शुक्रवार की रात खल्लारी इलाके से फरार चल रहे कैदी धनसाय को भी पकड़ लिया गया। इससे पहले कोमाखान इलाके से करण और दौलत, पटेवा से राहुल, और बेमचा इलाके से डमरूधर को पकड़ लिया गया है।

लापरवाही करने वाले चार प्रहरियों पर गिरी गाज
इधर, मामले में जेल प्रशासन ने देर रात ही चार प्रहरियों को निलंबित कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार निलंबन की कार्रवाई प्रहरी भरत राम सेन, गणेश राम और सुखीराम कोसले के साथ ही मुख्य प्रहरी राजकुमार त्रिपाठी पर की गई है। घटना के वक्त भरत राम सेन की ड्यूटी बैरक नंबर 5-6, गणेश राम की ड्यूटी बैरक नंबर 7-8-9 पर और सुखीराम कोसले की ड्यूटी दीवार के पास थी।

जहां गार्ड को ड्यूटी देनी थी वहां वो नहीं था, बैरक से बाहर कैसे आए कैदी
इस पूरे मामले में जांच कर रही ASP मेघा टेंभुरकर ने बताया कि दोपहर करीब 3 बजकर 30 मिनट के आस-पास की इस घटना में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। अब तक हुई जांच में ये बात सामने आई है कि जिस जगह पर गार्ड की ड्यूटी होनी थी वहां पर वो था ही नहीं। करीब आधे घंटे तक दीवार पर कंबल से रस्सी बनाकर कैदी भागने का प्रयास करते रहे, मगर किसी की नजर इन पर नहीं पड़ी थी।

इसी मौके का फायदा उठाकर वो भाग गए थे। दूसरी सबसे बड़ी बात कि जिस वक्त ये कांड हुआ बैरक से बाहर कैदियों के आने का सवाल ही पैदा नहीं होता। क्योंकि उस समय किसी को बाहर नहीं रखा जाता तो ये बाहर कैसे थे, हम इन सभी एंगल पर पड़ताल कर रहे हैं।

ये कैदी हुए थे फरार
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक भागे हुए कैदी में शामिल 33 साल का धनसाय, 24 साल का डमरूधर और 22 साल का राहुल लूट के आरोपी हैं। महासमुंद में ही इन्होंने एक वारदात को अंजाम दिया था साल 2019 से ये इसी जेल में थे। इनमें से राहुल यूपी का रहने वाला है और अन्य दो महासमुंद के ही निवासी हैं। 23 साल के दौलत को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 21 साल का करण नशीली चीजें रखने के मामले में पकड़ा गया था, ये दोनों भी महासमुंद के ही रहने वाले हैं। पांचों ने कंबल की एक लंबी रस्सी बनाई, इसके आगे लोहे की रॉड से एंगल बनाकर उसे 21 फीट ऊंची दीवार पर फंसाया और इसी के सहारे दीवार फांदकर बाहर चले गए।

दवा, दूध ,फल ,सब्जी एवं किराना जैसे मूल भुत सुविधा देने वालों का किया जाएगा एंटीजेन टेस्ट

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महासमुंद: जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों को कोविड-19 के संक्रमण, रोकथाम, उपाय एवं बचाव के लिए हर सम्भव प्रयास किए जा रहें हैं। इसके लिए सम्पूर्ण जिले को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है, इस वजह से कोविड-19 पॉजिटीव प्रकरणों की संख्या में कमी आई है। जिसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है। जिले के नागरिकों तथा सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाले नागरिकों का कोविड-19 का टेस्ट भी लगातार किए जा रहें हैं। ताकि कोविड-19 के धनात्मक प्रकरण मिलने पर उन्हें चिकित्सालय में समुचित उपचार एवं होम आईसोलेशन में ही रहकर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डोमन सिंह ने जिले में कंटेनमेंट जोन घोषित करने के उपरांत भी उन्होंने आवश्यक गतिविधियों एवं मूलभूत सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए छूट एवं अनुमति प्रदान की है। इस दौरान भी किसी भी व्यक्ति को कोविड-19 संक्रमण का खतरा न हो इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारियों को नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सब्जी, फल, दूध, दवाई, किराना सामग्री विक्रेता, वाहन चालक और जिन दुकानों को दुकान खोलने की अनुमति दी गई है।

उन सभी दुकानदारों एवं उनके स्टॉफ के सभी लोगों का एंटीजन टेस्ट करवाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा है कि एंटीजन टेस्ट नगरीय क्षेत्रों में कराएं। इस दौरान टीम में एक राजस्व विभाग के कर्मचारी, नगरीय निकाय के कर्मचारी, स्वास्थ्य विभाग के टीम और पुलिस विभाग के कर्मचारी रहेंगे। यह कार्य लगातार तीन-चार दिवस तक कराएं और इसकी जानकारी एसडीएम निर्धारित प्रपत्र में जिला कार्यालय को प्रतिदिन शाम को भेजें। इसी के परिपालन में आज जिले के सभी नगरीय निकाय क्षेत्रों में संबंधितों का एंटीजन टेस्ट किया गया।

कलेक्टर ने कहा है कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर घूमने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही कर जुर्माना करें। उन्होंने कहा कि गांव के तालाब में एक साथ अधिक संख्या में नहाते है तो उसे बंद कराएं। कंटेनमेंट जोन मे टेस्टिंग एवं अन्य अत्यावश्यक सेवाएं उपलब्ध कराएं तथा क्षेत्र बैरिकेटेड रहे। गांव के प्रवेश मार्ग में बैरिकेटिंग प्रभावी रूप से सुनिश्चित कराएं। क्वॉरेंटाइन सेंटर में ठहरें हुए व्यक्तियों के लिए टेस्टिंग एवं भोजन पानी की व्यवस्था सुचारू रूप से जारी रखें।

अनुविभागीय अधिकारी द्वारा दिए गए विवाह कार्यक्रम के लिए अनुमति देते समय आवेदक को यह जानकारी भी उपलब्ध कराएं कि विवाह कार्यक्रम में निर्धारित संख्या से अधिक भीड़ एकत्रित न हो। इसके अलावा राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी कार्यक्रम दिवस के अवसर पर जाकर यह जांच करें कि वहां निर्धारित संख्या से अधिक भीड़ तो नहीं है। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करते पाया जाता है तो उस पर जुर्माना की कार्यवाही की जाए। इसी तरह अन्य किसी भी कार्यक्रम की अनुमति देते हैं उस पर भी यह नियम लागू होगा। जिले में एलोपैथी दवाई दुकानों के साथ-साथ होम्योपैथी, आयुर्वेदिक दवा दुकान खोलने की अनुमति दी गई है।

MP से 4 राज्यों के लिए बस सेवा बंद:प्रदेश से उप्र, छग, राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच अब 15 मई तक न कोई बस आ सकेगी और न ही जा सकेगी, पहले 7 तक रोक थी

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भोपाल मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच अब 15 मई तक बस नहीं चलेंगी। – प्रतीकात्मक फोटो

  • परिवहन विभाग ने नए आदेश जारी किए

मध्यप्रदेश से 4 राज्यों के लिए बस सेवा 15 मई तक बंद कर दी है। प्रदेश में लॉकडाउन की वजह से परिवहन विभाग ने यह कदम उठाया है। इसके लिए विभाग ने शुक्रवार के नए आदेश जारी कर दिए।

इसमें कहा गया है कि अब 15 मई तक उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के लिए बस सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। न तो इन राज्यों से कोई बस मध्यप्रदेश में प्रवेश कर सकेगी और न ही यहां से कोई बस जाएगी। पहले लॉकडाउन 7 मई था, ऐसे में परिवहन विभाग ने 7 मई तक दोनों राज्यों के बीच बस सेवा को प्रतिबंधित किया था। अब इसे बढ़ा दिया गया है।

राजस्थान

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महाराष्ट्र

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उत्तरप्रदेश

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छत्तीसगढ़

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अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन की हुई मौत एम्स में इलाज के दौरान हुई मौत..

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{ खुलासा छत्तीसगढ़ } मुंबई 7 मई 2021 अंडरवर्ल्ड डॉन और मुंबई बम ब्लास्ट का आरोपी छोटा राजन की कोरोना संक्रमण के चलते इलाज के लिए एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां आज उपचार के दौरान राजन की मौत हो गई है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि अथवा घोषणा नहीं हुई है।
छोटा राजन को पिछले कुछ दिनों से सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, जांच पश्चात कोविड पॉजिटिव पाया गया। दरअसल तिहाड़ जेल में बंद रहने के दौरान राजन को कोरोना हो गया।

वर्ष 2015 में उसे इंडोनेशिया से भारत प्रत्यर्पित कर लाया गया था। 26 अप्रैल को उसे कोरोना संक्रमण से इलाज के लिए एम्स ले जाया गया था। तिहाड़ जेल के एक अधिकारी ने 26 अप्रैल को एक केस की सुनवाई के दौरान बताया था कि छोटा राजन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर पेशी के लिए नहीं लाया जा सकता। इसकी वजह यह है कि वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।