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महासमुंद कलेक्टर के निर्देश पर नगरीय क्षेत्रों में सब्जी, फल, दूध, दवा, वाहन चालक, किराना विक्रेताओं का किया गया एंटीजन टेस्ट संक्रमण से बचाव के लिए अधिक से अधिक लोगों का कराएं कोविड-19 टेस्ट

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(खुलासा छत्तीसगढ़ )महासमुंद 07 मई 2021/ जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों को कोविड-19 के संक्रमण, रोकथाम, उपाय एवं बचाव के लिए हर सम्भव प्रयास किए जा रहें हैं। इसके लिए सम्पूर्ण जिले को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है, इस वजह से कोविड-19 पाॅजिटीव प्रकरणों की संख्या में कमी आई है। जिसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है। जिले के नागरिकों तथा सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाले नागरिकों का कोविड-19 का टेस्ट भी लगातार किए जा रहें हैं। ताकि कोविड-19 के धनात्मक प्रकरण मिलने पर उन्हें चिकित्सालय में समुचित उपचार एवं होम आईसोेलेशन में ही रहकर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री डोमन सिंह ने जिले में कंटेनमेंट जोन घोषित करने के उपरांत भी उन्होंने आवश्यक गतिविधियों एवं मूलभूत सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए छूट एवं अनुमति प्रदान की है। इस दौरान भी किसी भी व्यक्ति को कोविड-19 संक्रमण का खतरा न हो इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारियों को नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सब्जी, फल, दूध, दवाई, किराना सामग्री विक्रेता, वाहन चालक और जिन दुकानों को दुकान खोलने की अनुमति दी गई है। उन सभी दुकानदारों एवं उनके स्टाॅफ के सभी लोगों का एंटीजन टेस्ट करवाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा है कि एंटीजन टेस्ट नगरीय क्षेत्रों में कराएं। इस दौरान टीम में एक राजस्व विभाग के कर्मचारी, नगरीय निकाय के कर्मचारी, स्वास्थ्य विभाग के टीम और पुलिस विभाग के कर्मचारी रहेंगे। यह कार्य लगातार तीन-चार दिवस तक कराएं और इसकी जानकारी एसडीएम निर्धारित प्रपत्र में जिला कार्यालय को प्रतिदिन शाम को भेजें। इसी के परिपालन में आज जिले के सभी नगरीय निकाय क्षेत्रों में संबंधितों का एंटीजन टेस्ट किया गया।

कलेक्टर ने कहा है कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर घूमने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही कर जुर्माना करें। उन्होंने कहा कि गांव के तालाब में एक साथ अधिक संख्या में नहाते है तो उसे बंद कराएं। कंटेनमेंट जोन मे टेस्टिंग एवं अन्य अत्यावश्यक सेवाएं उपलब्ध कराएं तथा क्षेत्र बैरिकेटेड रहे। गांव के प्रवेश मार्ग में बैरिकेटिंग प्रभावी रूप से सुनिश्चित कराएं। क्वॉरेंटाइन सेंटर में ठहरें हुए व्यक्तियों के लिए टेस्टिंग एवं भोजन पानी की व्यवस्था सुचारू रूप से जारी रखें। अनुविभागीय अधिकारी द्वारा दिए गए विवाह कार्यक्रम के लिए अनुमति देते समय आवेदक को यह जानकारी भी उपलब्ध कराएं कि विवाह कार्यक्रम में निर्धारित संख्या से अधिक भीड़ एकत्रित न हो। इसके अलावा राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी कार्यक्रम दिवस के अवसर पर जाकर यह जांच करें कि वहां निर्धारित संख्या से अधिक भीड़ तो नहीं है। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करते पाया जाता है तो उस पर जुर्माना की कार्यवाही की जाए। इसी तरह अन्य किसी भी कार्यक्रम की अनुमति देते हैं उस पर भी यह नियम लागू होगा। जिले में एलोपैथी दवाई दुकानों के साथ-साथ होम्योपैथी, आयुर्वेदिक दवा दुकान खोलने की अनुमति दी गई है।

केंद्र सरकार कोरोना के तीसरे लहार से निपटने की तयारी करे ,करे आक्सीजन स्टोर बनाये प्लान -सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र से कहा कि वह मेडिकल ऑक्सीजन का स्टोर कर कोरोनावायरस महामारी की तीसरी लहर की तैयारी शुरू कर दे. कोर्ट ने कहा वह तीसरी लहर में कभी भी प्रवेश कर सकते हैं और अगर हम अभी से तैयारी करते हैं, तो हम इसे संभालने में सक्षम हो सकते हैं. जो भी खरीदे गए स्टॉक हैं उन्हें अस्पतालों में भेजना होगा. यह राज्य को आवंटित करने के बारे में नहीं है, बल्कि यह देखने के लिए भी है कि यह अस्पतालों को वितरित किया जाना चाहिए.

जस्टिस न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि दिल्ली में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने में क्या समस्या है? अगर इसकी आवश्यकता नहीं है, तो इसे स्टोर किया जा सकता है. यह दिल्ली सरकार के लिए एक ऑक्सीजन स्टोर करने में मदद करेगा. प्रधानमंत्री के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. केवी विजय राघवन के तीसरी लहर को लेकर बयान के बाद सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी की है.

केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि उसने कोरोना मरीजों के इलाज के लिए दिल्ली में 730 मीट्रिक टन की आपूर्ति सुनिश्चित की है. उन्होंने विभिन्न राज्यों को ऑक्सीजन की खरीद और आपूर्ति पर एक विस्तृत योजना भी अदालत को सौंपी. इसपर कोर्ट ने दिया कि अगर केंद्र दिल्ली को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है, तो उन्हें इसे किसी अन्य राज्य के हिस्से से लेना होगा.

अवमानना ​​नोटिस पर रोक
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन सप्लाई करने के अपने निर्देश का पालन न करने पर दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा जारी केंद्र के खिलाफ अवमानना ​​नोटिस पर रोक लगा दी थी. हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि वह कोविड -19 प्रबंधन से संबंधित मुद्दों की निगरानी से हाई कोर्ट को रोक नहीं रहा था.

कोरोना: दूसरी लहर का कहर, तीसरी का डर… क्या संपूर्ण LOCKDOWN लगाएगी मोदी सरकार?

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भारत में कोरोना की दूसरी लहर तबाही मचा रही है, ऐसे में क्या भारत सरकार संपूर्ण लॉकडाउन लगाने को लेकर विचार कर रही है? केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ऐसी किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया गया है. नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नेशनल लॉकडाउन के ऑप्शन पर भी चर्चा चल रही है.

वीके पॉल का बयान इसलिए भी अहम है, क्योंकि वह नेशनल कोविड-19 टास्क फोर्स के हेड हैं. अगर उनके पूरे बयान को देखें तो उन्होंने कहा है कि ताजा हालात को लेकर एडवाइज़री जारी की गई हैं, साथ ही अगर पाबंदियों की बात करें तो अगर सख्त पाबंदियों की ज़रूरत पड़ती हैं, तो हमेशा ऑप्शन पर चर्चा होती है, ऐसे में जिन फैसलों की ज़रूरत पड़ेगी उन्हें लिया जाएगा.

बुधवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीति आयोग के सदस्य ने कहा कि राज्य सरकारों को पहले ही स्थानीय स्थिति के आधार पर, 10 फीसदी से अधिक पॉजिटिविटी रेट के आधार पर जिलावार पाबंदियां लगाने की सलाह दी गई है.

देश में संपूर्ण लॉकडाउन को लेकर तब चर्चा हो रही है, जब कई राज्य अपने यहां पहले ही लॉकडाउन, कर्फ्यू, नाइट कर्फ्यू, वीकेंड लॉकडाउन जैसे कदम उठा चुके हैं. महाराष्ट्र, केरल, राजस्थान, कर्नाटक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में पाबंदियां लागू हैं.

संपूर्ण लॉकडाउन की लगातार उठ रही है मांग

आपको बता दें कि भारत में जब से कोरोना की दूसरी लहर ने अपना असर दिखाना शुरू किया है, ऐसे में बीते कुछ दिनों से राजनीतिक हल्कों के साथ-साथ एक्सपर्ट्स की ओर से भी नेशनल लॉकडाउन को लेकर आवाज़ आनी शुरू हुई है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी संपूर्ण लॉकडाउन की मांग कर चुके हैं.

अमेरिका के टॉप हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. एंटनी फाउची भी कह चुके हैं कि भारत को मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए अपनी तमाम ताकत को झोंक देना होगा. अगर लॉकडाउन लगा जाता है, तो वह ट्रांसमिशन की रफ्तार को रोकेगा, ऐसे वक्त में सरकार को अपनी पूरी तैयारी करनी चाहिए.

गुरुवार को सामने आए हैं रिकॉर्ड मामले बता दें कि गुरुवार को ही भारत ने कोरोना के रिकॉर्ड मामले दर्ज किए हैं, गुरुवार को कुल 4.12 लाख केस दर्ज किए गए, जबकि करीब 4 हजार मौतें दर्ज की गई हैं. भारत में एक्टिव केस की संख्या भी तीस लाख से ऊपर बनी हुई है. महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु उन राज्यों में शामिल हैं, जहां सबसे अधिक केस दर्ज किए जा रहे हैं. दुनिया में इस वक्त हर रोज आने वाले नए मामलों में भारत का नाम ही सबसे ऊपर है.

तीसरी लहर की चेतावनी भी आई…

देश अभी कोरोना की दूसरी लहर का सामना ही कर रहा है, लेकिन एक्सपर्ट्स तीसरी लहर को लेकर चेतावनी भी दे चुके हैं. भारत सरकार के ही प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार ने बीते दिन कहा था कि भारत में कोरोना की तीसरी लहर का आना निश्चित है, हालांकि ये कब आएगी इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है. ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि जब दूसरी लहर के दौरान ही देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई, तो तीसरी लहर का मुकाबला कैसे होगा.

गुरुवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने भी तीसरी लहर को लेकर चिंता जता ही है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकार को अभी से तैयारी करनी होगी, क्योंकि अगर तीसरी लहर बच्चों पर असर डालती है तो बच्चों का इलाज, उनके मां-बाप का क्या होगा, ये सब सोचना होगा. साथ ही डॉक्टर्स, नर्स का बैक-अप प्लान भी तैयार करके रखना होगा.

कोरोना से संक्रमित मरीजों के लिए केंद्र सरकार की नई गाइडलाइंस… होम आइसोलेशन से लेकर दवा तक, जानें सबकुछ…

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने होम आइसोलेशन में रहने वाले हल्के संक्रमण या बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि होम आइसोलेशन में 10 दिनों तक रहने और लगातार तीन दिनों तक बुखार न आने की स्थिति में मरीज होम आइसोलेशन से बाहर आ सकते हैं और उस समय टेस्टिंग की जरूरत नहीं है।

दिशानिर्देशों के मुताबिक स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा मरीज की स्थिति को हल्का या बिना लक्षण वाला केस तय किया जाना चाहिए। ऐसे मामले में मरीज के सेल्फ आइसोलेशन की उनके घर पर व्यवस्था होनी चाहिए। ऐसे मरीज जिस कमरे में रहते हों उसका आक्सीजन सैचुरेशन भी 94 फीसद से ज्यादा होना चाहिए और उसमें वेंटिलेशन की भी बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। बिना लक्षण वाले मरीजों के संक्रमित होने की पुष्टि प्रयोगशालाओं में जांच के बाद किया जाना चाहिए।

हर समय एक केयरटेकर हो
मरीज के लिए हर समय एक देखभाल करने वाला उपस्थित होना चाहिए और होम आइसोलेशन के दौरान केयरटेकर व अस्पताल के बीच संवाद जारी रहना चाहिए। 60 साल से अधिक की उम्र के लोगों और तनाव, डायबिटीज, हार्ट डिजीज, क्रोनिक लंग/लीवर/किडनी रोग इत्यादि केसेज में कोरोना संक्रमण होने की स्थिति में चिकित्साधिकारी उचित तरीके से मरीज के स्वास्थ्य की जांच करने के बाद ही होम आइसोलेशन की मंजूरी देंगे।

बुखार नियंत्रित करने के लिए पैरासीटामोल 650 एमजी लें
अगर बुखार नियंत्रित नहीं हो पा रहा है तो पैरासीटामोल 650 एमजी दिन में चार बार ले सकते हैं। अगर इसके बाद भी बुखार नियंत्रित नहीं होता हो तो डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं जो नोप्रोक्सेन 250 एमजी जैसी नॉन-स्टेयरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग दवाइयां दिन में दो बार दे सकते हैं।

आइवरमेक्टिन टैबलेट भी ले सकते हैं
दिशानिर्देशों में कहा गया है कि ऐसे मरीज तीन से पांच दिनों के लिए आइवरमेक्टिन (200 एमसीजी/किग्रा) टैबलेट दिन में एक बार ले सकते हैं। पांच दिन से अधिक बुखार/खांसी रहने पर इंहेलर के जरिए इन्हेलेशनल बूडेसोनाइड दिन में दो बार 800 एमसीजी की डोज दे सकते हैं।

घर में रेमडेसिविर लेने की मनाही
रेमडेसिविर इंजेक्शन सिर्फ और सिर्फ हॉस्पिटल में दिया जा सकेगा और इसे घर पर रखने की कोशिश न करें।

छत्तीसगढ़: नशीली सीरप पीने से मरे 8 लोगो की मौत पर सियासत शुरू विपक्ष ने की मुआवजे और जांच की मांग

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बिलासपुर। नशीली सीरप का सेवन करने से 8 लोगों की मौत हो गई है। सारे एक ही खानदान के बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य अमले को ईलाके में कैम्प लगाना पड़ा है। वहीं, प्रदेश में विपक्षी पार्टी बीजेपी ने मृतकों को मुआवजे और घटना की विस्तृत जांच की मांग की है।

घटना बिलासपुर शहर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के ग्राम कोरमी की है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैम्प लगाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य जांच का सिलसिला जारी रखा है। जानकारी मिली है कि जिस दवा को पीने से एक ही जगह एक साथ इतनी मौतें हुईं हैं, उसमें 91 प्रतिशत अल्कोहल की है मात्रा होती है।

सिर्फ मृतक ही नही, लगभग आधा गांव लॉकडाउन के बाद से उसी सीरप का इस्तेमाल कर रहे थे। एक झोला छाप डॉक्टर की सलाह पर कुछ लोगों ने इसे दवा के रूप में इस्तेमाल किया था। बाद में यह दवा इस गाँव में प्रचलित सी हो गयी। अब प्रशासन इधर के गांव-गांव में कोटवारों से मुनादी करा रहा है, कि इस दवा का जाने-अनजाने में इस्तेमाल कर चुके लोग कैम्प पहुंचकर अपनी जान बचा लें।

छत्तीसगढ़ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष व बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने घटना पर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यह बेहद दुर्भाग्यजनक घटना है।नशीली दवा के सेवन से मौत होने से परिवार में बड़ी क्षति हुई है। दो दिनों में 8 लोगों की मौत से गांव में दहशत का माहौल है। राज्य सरकार से मृतक परिवार को उचित मुआवजा तथा घटना की विस्तृत जांच की मांग की गयी है।

जेल से भागे हुए सभी 5 कैदी गंभीर मामलो में काट रहे थे सजा

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महासमुंद। प्रदेश के महासमुंद जेल से संगीन मामलों में कैद 5 आरोपी फरार हो गए हैं। घटना गुरुवार दोपहर की है। पांचों कैदी जेल की दीवार फांदकर भाग निकले हैं। कैदियों के फरार होने की जानकारी के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

कैदियों की गिनती के दौरान पता चलते ही जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। कैदियों की तलाश में नाकेबंदी की गई है। जेल ब्रेक की घटना को अंजाम देने वाले 5 कैदियों में से 4 महासमुंद और 1 गाजीपुर उत्तरप्रदेश का रहने वाला है। इनमें धनसिंह, डमरूधर, दौलत, करण महासमुंद के निवासी हैं। राहुल करंडा गाजीपुर का निवासी है।

जेल की पीछे की दीवार फांदकर पांचों फरार हुए हैं। इनमें से एक कैदी 363, 366, 376, एक 20( ख) एनडीपीएस एक्ट, तीन 397, 341, 25,27 के अपराध में बंद थे। इनमें 4 आरोपियों को 2019 और 1 को 2020 में जेल लाया गया था।

धान की फसल देखने खेत में गए थे, तेज आवाज के साथ गिरी बिजली… पिता-पुत्रियों, दामाद सहित 4 की मौत, भाई-बहन की हालत गंभीर…

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छत्तीसगढ़ के कोरिया में गुरुवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई। इनमें पिता, 2 पुत्रियां और दामाद शामिल है। जबकि एक अन्य बेटी और बेटा गंभीर रूप से झुलस गए। यह सभी लोग खेत में धान देखने के लिए गए थे। इसी दौरान तेज आवाज के बिजली गिर पड़ी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। मामला केल्हारी थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, मनेंद्रगढ़ में बिछलीटोला निवासी जयलाल (45), अपनी बेटियों प्रमिला (20), सुभद्रा (15) व बुद्धि, बेटे सुरजन और दामाद भूपेंद्र (25) के साथ गुरुवार शाम करीब 4 बजे नदी किनारे खेत में रोपे गए धान की फसल की देखरेख करने गए थे। इस दौरान तेज आवाज हुई और आकाशीय बिजली खेत में गिर पड़ी। इस दौरान किसी को बचने का मौका नहीं मिला और चपेट में आकर सभी गंभीर रूप से झुलस गए।

गंभीर रूप से घायल भाई-बहन को जिला अस्पताल रेफर किया गया
हादसे के बाद सभी को इलाज के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र केल्हारी लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जयलाल, उसकी बेटी प्रमिला, सुभद्रा और दामाद भूपेंद्र को मृत घोषित कर दिया। जबकि गंभीर रूप से घायल हुए बेटे सुरजन और बेटी बुध्दी को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल बैकुंठपुर रेफर किया गया है। हादसे के चलते परिवार और गांव में मातम का माहौल है। अचानक हुए इस हादसे ने सभी को काफी डरा भी दिया है।

शादी समारोह के कारण फ़ैल रहा है कोरोना ,शामिल होने वाले लोग हो रहे ज्यादा संक्रमित नियमो की भी उड़ाई जाती है धज्जियाँ

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कोंडागांव: आज कलेक्टर सह टास्क फोर्स अध्यक्ष पुष्पेंद्र कुमार मीणा एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी द्वारा जिला टास्क फोर्स की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। इस बैठक में टास्क फोर्स के सदस्यों द्वारा सभी विकासखण्डों के नोडल अधिकारियों से कोरोना संक्रमण के कारणों के संबंध में विश्लेषण किया गया। इस दौरान टास्क फोर्स के सदस्यों द्वारा कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के कार्य में सटीकता एवं तत्परता लाने हेतु व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर चर्चा की गयी।

इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को किसी मरीज के पॉजिटिव पाए जाने पर उससे निजी तौर पर संपर्क कर उससे कोरोना के उन तक पहुंचने के कारण की जांच करने के लिए निर्देश दिए। जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा नए दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रश्नावली का निर्माण किया गया है। इस प्रश्नावली का प्रयोग कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए जाने वाले दलों द्वारा किया जाएगा। जिला प्रशासन का यह प्रयास रहा है कि कोरोना के कारणों की तह तक पहुंच संक्रमण फैलाने वाले कारकों को जानकर कोरोना फैलाने से रोका जाए। इसके लिए प्रतिदिन स्वास्थ विभाग द्वारा प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर ने कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की साथ ही कहा कि आने वाले दिनों में कोरोना को रोकने के लिए एक कांटेक्ट ट्रेसिंग, वैक्सीनेशन एवं एक्टिव सर्विलांस पर जोर देना होगा।

उल्लेखनीय है कि विगत दिनों स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराए गए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के अनुसार पाया गया कि 03 मई को संक्रमित पाए गए मरीजों में 31 प्रतिशत मरीज केवल विवाह समारोह में सम्मिलित होने की वजह से संक्रमित हुए थे। जो कि सभी कारणों में सर्वाधिक था। इसके पश्चात प्राथमिक संपर्क में आने से 30 प्रतिशत, दुकानों तथा बाजारों एवं हॉस्पिटलों से 12 प्रतिशत, द्वितीयक कांटेक्ट से 13 प्रतिशत, यात्रा के कारण 2 प्रतिशत, 1.6 प्रतिशत मृत्यु संस्कारों में जाने से तथा 7 प्रतिशत लोगों में कोरोना का कारण अज्ञात रहा। इस प्रकार आंकड़ों को देखते हुए प्रशासन द्वारा लोगों को विवाह संस्कारों में ना जाने की अपील की है। केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही विवाह एवं मृत्यु संस्कारों में जाएं।

कोरोना संक्रमण के चलते CGPSC मेंस 2020 परीक्षा स्थगित… 18 से 21 जून को होनी थी परीक्षा…

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में कोरोना की भयावह स्थिति को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। दरअसल CGPSC मेंस 2020 परीक्षा को संक्रमण की स्थिति को देखते हुए स्थगित कर दिया गया है। हालांकि अ​भी परीक्षा की आगामी तारीख को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है, लेकिन ये कहा जा रहा है कि छात्रों को परीक्षा से 15 दिन पहले ही सूचित किया जाएगा। इस संबंध में CGPSC सचिव ने आदेश जारी कर दिया है।

गौरतलब है कि CGPSC मेंस 2020 की परीक्षा 18 से 21 जून के बीच होनी थी। लेकिन अब परीक्षा स्थगित कर दी गई है। ज्ञात हो कि CGPSC की ओर से 175 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, जिसकी प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 6 अप्रैल को जारी किया गया था।

छत्तीसगढ़ में आज 14,000 के करीब नए मरीज… जांजगीर-चांपा से मिले सबसे ज्यादा केस… आज भी 200 से ज्यादा की मौत… रायपुर में भी 1,000 के करीब नए CORONA पॉजिटिव…

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