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क्या corona virus से बचने के लिए आप भी लेते हैं बहुत से vitamin-c

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कोरोनावायरस (Coronavirus) से बचने के लिए इम्यून सिस्टम (Immune System) मजबूत होना बहुत जरूरी है. मेडिकल विशेषज्ञ इस दावे पर मुहर लगा चुके हैं कि जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर है, उन्हें कोरोना का खतरा ज्यादा है. वहीं दूसरी ओर, मजबूत इम्युनिटी वाले लोगों को कोरोना वायरस से ज्यादा खतरा नहीं है. देश में कोरोना की पहली लहर की बात की जाए या दूसरी लहर की, लोग अपनी इम्युनिटी को लेकर काफी गंभीर दिख रहे हैं. हालांकि, लोगों की ये गंभीरता उनके लिए बड़ी मुसीबत भी बन सकती है. जी हां, कोरोना से बचने के लिए लोग अपना इम्यून सिस्टम बेहतर बनाने के लिए जिस तरह विटामिन-सी (Vitamin C) का अंधाधुंध सेवन कर रहे हैं, ये उनके लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है.

डॉक्टर की सलाह पर ही लें विटामिन-सी
कोरोना वायरस से बचे रहने के लिए बेहतर इम्युनिटी होना बहुत जरूरी है. बेहतर इम्युनिटी के लिए लोग बड़े अब विटामिन-सी युक्त फलों का सेवन कर रहे हैं. इसके अलावा कई लोग बिना फायदे-नुकसान जाने बड़े पैमाने पर विटामिन-सी की गोलियां भी खा रहे हैं. जबकि अधिक मात्रा में विटामिन-सी का सेवन करना खतरनाक हो सकता है. शरीर में विटामिन-सी की अधिकता से कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. यही वजह है कि विटामिन-सी का सही मात्रा में सेवन करने के लिए डॉक्टर की सलाह अवश्य लें.

शरीर में विटामिन-सी की अधिकता से हो सकती हैं ये दिक्कतें
विशेषज्ञों की मानें तो अत्यधिक विटामिन-सी के सेवन से डायरिया जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. इसमें आपको पेट से संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. उल्टी-दस्त होने के साथ-साथ डिहाइड्रेशन भी हो सकता है. इतना ही नहीं ज्यादा मात्रा में विटामिन-सी लेने से पेट में दर्द, ऐंठन या मरोड़ की भी शिकायत हो सकती है. इसके अलावा अनिद्रा, सिरदर्द, रात में सोते वक्त बेचैनी, मतली, छाती में जलन जैसी मुसीबतें भी हो सकती हैं. आपदा के समय ऐसी किसी भी प्रकार की समस्या से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह पर ही विटामिन-सी की सही मात्रा का सेवन करना चाहिए.

नगदी 72,55,900 रूपयें का अवैध परिवहन करते भिलाई के दो व्यक्ति को महासमुंद पुलिस ने किया गिरफ्तार, वाहन के डिक्की मे छिपाकर रखे थे भारी मात्रा में नगदी

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महासमुंद। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने दीगर राज्य से आने-जाने वालो एवं संदिग्धों पर कड़ी नजर रखकर निगरानी करने हेतु जिलें के समस्त थाना/चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया गया है। जिस पर दिनांक 04.05.21 को थाना सिंघोड़ा द्वारा संदिग्ध वाहनों पर नजर रखकर चेकिंग किया जा रहा था कि इसी दौरान एक सफेद रंग की स्वीफ्ट डिजायर कार क्र0 CG 07 BT 8880 चेक पोस्ट से गुजर रही थी जो संदिग्ध लगने पर वाहन को रोककर पूछताछ करने पर अपना नाम दिनेश तिवारी पिता आरके तिवारी उम्र 46 वर्ष सा. केम्प 01 भिलाई जिला दुर्ग व योगेश कुमार सिंग उम्र 35 वर्ष सा0 जोन नंबर 02 खुर्सीपार भिलाई बताया। जिनसे आने जाने के संबंध में पूछताछ करने पर स्पष्ट जवाब नही दिया वाहन की तलाशी ली गई। वाहन की तलाशी लेने पर डिक्की में रखे लाल रंग की बैंग एवं सफेद थैला रखा हुआ मिला। लाल रंग के बैग को खोलने पर उसमें भारी मात्रा रूपयों का बण्डल मिला। बैंग में 2000-2000 रूपयें का 259 नोट राशि 5,18,000 तथा 500-500 रूपयें का 108643 नोट राशि 54,32,000 रूपयें, 200-200 रूपयें का 3304 नोट राशि 6,60,800 रूपयें, 100-100 रूपयें का 6401 नोट राशि 6,40,100 रूपयें, 50-50 रूपयें का 100 नोट राशि 5000 कुल राशि 72,55,900 रूपयें भरा हुआ था। संदिग्ध व्यक्तियों से रूपये कहा से लाना और कहा ले जाना इसका कोई वैधानिक कागजात है तो दिखाने कहने पर उनके पास कोई वैध दस्तावेज नही मिला।
जिस पर थाना सिंघोड़ा की टीम द्वारा बैंग में रखें भारतीय मुद्रा 72,55,900 रूपयें को अपने कब्जें में लेकर धारा 102 जाफौ0 के तहत जप्त कर कार्यवाही की गई। यह सम्पूर्ण कार्यवाही पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में अति0 पुलिस अधीक्षक मेघा टेम्बुलकर साहू एवं अनु0अधिकारी (पु) सरायपाली विकास पाटले के निर्देशन में थाना प्रभारी सिंघोड़ा चन्द्रकांत साहू, आर0 श्रीकांत भोई, चितरंजन प्रधान का विशेष योगदान रहा।

छत्तीसगढ़ में 18+ के टीकाकरण को स्थगित कर दिया गया, टीकाकरण में प्राथमिकता का वाजिब कारण तलाश रही है सरकार

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छत्तीसगढ़ में एक मई से शुरू हुए 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोगो को टीकाकरण अभियान पर ग्रहण लग गया है। उच्च न्यायालय की फटकार के बाद सरकार पर टीकाकरण में कथित प्राथमिकता का वाजिब कारण तलाश रही है। इसमें वक्त लग सकता है तब तक न्यायालय की तौहीन करने के आरोपों से बचने के लिए सरकार ने टीकाकरण को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है।

स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव सुरेंद्र सिंह बाघे ने बुधवार को टीकाकरण को स्थगित करने का आदेश जारी कर दिया। कलेक्टरों को जारी आदेश में कहा गया, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को एक निर्देश दिया है। इसके मुताबिक स्वास्थ्य विभाग से 30 अप्रैल को जारी टीकाकरण में अन्त्योदय, BPL और APL के आधार पर प्राथमिकता तय करने वाले आदेश को संशोधित करने को कहा गया है। उच्च न्यायालय ने कहा है, इन वर्गों में टीकाकरण के अनुपात का निर्धारण कमजोर वर्गों, उनमें संक्रमण फैलने की संभावना और पात्र व्यक्तियों की संभावित संख्या के आधार पर होना चाहिए। इसका निर्धारण भी राज्य सरकार को करना है। इस अनुपात के निर्धारण में सरकार को कुछ समय लग सकता है। इस बीच अगर केवल अन्त्योदय राशन कार्ड वालों को टीका लगाया गया तो इसे उच्च न्यायालय की अवहेलना माना जा सकता है। ऐसे में 30 अप्रैल के आदेश में संशोधन किए जाने तक 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण स्थगित किया जाता है।

आधार तय करने सचिवों की समिति बनी

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया, उच्च न्यायालय का आदेश मिलने के बाद राज्य सरकार ने मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में सचिवों की एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है। यह समिति टीकाकरण में अन्त्योदय, BPL और APL वर्गों में प्राथमिकता का अनुपात तय करेगी। इसकी सिफारिशों के आधार पर सरकार अपना जवाब उच्च न्यायालय में पेश करेगी।

रायपुर के इस केंद्र पर एक मई से 18+ का टीकाकरण शुरू हुआ था। अब यह फिर से सूना हो जाएगा। सरकार ने अभी यहां टीकाकरण बंद होने की सूचना भी नहीं पहुंचाया है।

आदेश में गिनाई प्राथमिकता तय करने की मजबूरियां

टीकाकरण को स्थगित करने के लिए जारी आदेश में स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण में विवादित प्राथमिकता तय करने की मजबूरियां गिनाई हैं। कहा गया है, केंद्र सरकार की अनुमति मिलने के बाद राज्य सरकार ने वैक्सीन उत्पादकों से वैक्सीन की 75 लाख खुराक मांगी थी। 30 अप्रैल तक सरकार को वैक्सीन नहीं मिली थी। उस दिन देर शाम राज्य सरकार को बताया गया कि एक मई को वैक्सीन की 1.5 लाख डोज पहुंचेगी। विस्तृत कार्ययोजना बनाने का समय नहीं था। वैक्सीन लगवाने वालोें की अनुमानित संख्या 1.35 करोड़ थी। ऐसे में कानून व्यवस्था और भीड़ इकट्‌ठा होने से बचाने के लिए एक समूह विशेष को प्राथमिकता देना आवश्यक हो गया था।

अन्त्योदय समूह के पास मोबाइल न होने का भी तर्क

आदेश में अधिकारी ने अन्त्योदय समूह के लोगों के पास मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं होने का भी तर्क दिया है। कहा गया, केंद्र सरकार को कोविन पोर्टल मोबाइल नंबर और OTP के आधार पर पंजीयन करता है। ऐसे में इस वर्ग के लोगों का पंजीयन लगभग असंभव है। केंद्र सरकार ने टीकाकरण में ऑनसाइट पंजीयन की अनुमति नहीं दी है। इसलिए मजबूरी में अति गरीब लोगों के प्रति सुरक्षात्मक नीति अपनानी पड़ी है।

टीकाकरण की प्राथमिकता को अदालत में मिली है चुनौती

छत्तीसगढ़ ने 30 अप्रैल 2021 के आदेश से प्रदेश में वैक्सीन के एक लाख 3 हजार वैक्सीन डोज के साथ टीकाकरण की शुरुआत की। इसके साथ ही यह टीकाकरण में आर्थिक आधार पर प्राथमिकता तय करने वाला पहला प्रदेश बन गया। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अमित जोगी सहित कई लोगों ने उच्च न्यायालय में इसे भेदभाव और आरक्षण बताते हुए चुनौती दी। मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने सख्त टिप्पणी की। उच्च न्यायालय ने कहा, बीमारी अमीरी या गरीबी देखकर नहीं आती है। इसलिए वैक्सीन भी इस नजरिए से नहीं लगाई जा सकती। उच्च न्यायालय ने स्वास्थ्य विभाग के आदेश को गलत बताते हुए एक स्पष्ट पॉलिसी बनाने का निर्देश दिया। इस मामले की अगली सुनवाई अब 7 मई को होनी है।

अमित जोगी ने कहा, हाईकोर्ट को खलनायक दिखाना चाहती है सरकार

टीकाकरण पर रोक के आदेश के से राजनीति गरमा रही है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा, हाईकोर्ट की मंशा है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के साथ-साथ बाकी सभी को भी टीका लगना चाहिए क्योंकि सबको जीने का समान अधिकार है। किंतु देर रात इस मंशा के विपरीत स्वास्थ्य विभाग ने 18-44 आयुवर्ग के टीकाकरण पर रोक लगा देने का फरमान निकाल दिया। छत्तीसगढ़ सरकार ने हाई कोर्ट को जनता के समक्ष खलनायक बनाने की गलत नियत से यह फैसला लिया है। यह न्यायालय की अवमानना की परिधि में आता है।

बाथरूम का बहाना कर ससुराल से भागी दुल्हन।

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छत्तीसगढ़। बालोद जिले के डौंडी थाना क्षेत्र के आमडुला गांव में आधी रात को दुल्हन फरार हो गई. शादी पूरी होने के बाद रात को दुल्हन ससुराल से गायब हुई है. मामले की भनक लगते ही ससुराल में हड़कंप मच गया.

फ़िलहाल परिजनों ने मामले की शिकायत फिलहाल थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है. पुलिस ने बताया कि आमडुला निवासी कौशल कुमार की शादी कांकेर जिले के भैसाकन्हार गांव के युवती से सामाजिक रीति रिवाजों के साथ 3 मई को हुई थी. उसके बाद सारे लोग लगभग 11 बजे रात तक सो गए थे.

इसी बीच तकरीबन एक बजे नवविवाहिता बॉथरूम जाने के बहाने से घर से बाहर निकली .उसके बाद वापस नहीं आई. पुलिस का कहना है, कि मोबाइल लोकेशन के आधार पर तलाश की जा रही है. फिलहाल अपने प्रेमी संग भागने की आशंका जताई जा रही है.

आज सी एम बघेल कोरोना से बचाव और रोकथाम के लिए इन दो संभाग के अधिकारियों से करेंगे वर्चुअल मीटिंग।

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 6 मई को दोपहर 12 बजे अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल बैठक करेंगे।

इस बैठक में बिलासपुर और सरगुजा संभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी), थाना प्रभारियों (टीआई), मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

सीएम भूपेश बघेल अधिकारियों से कोरोना से बचाव एवं रोकथाम के उपायों, कोविड टीकाकरण की प्रगति, मरीजों के इलाज की व्यवस्थाओं, क्वारेंटाइन सेंटरों की स्थापना, आइसोलेशन की व्यवस्था, कोविड संक्रमण टेस्ट आदि विषयों पर चर्चा करेंगे।

छत्तीसगढ़ के डॉक्टर एसके शर्मा CMHO संक्रमित होने के 3 दिन बाद पहुंच गए ड्यूटी जिले का दौरा किया, बैठक भी ली; बोले- आइसोलेशन में रहूंगा तो आदेश कौन देगा

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छत्तीसगढ़ के मेडिकल ऑफिसर ही कोविड प्रोटोकॉल तोड़ने में लगे हुए हैं। जगदलपुर के चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर (CMHO) तो संक्रमित होने के 8वें दिन कुर्सी संभालने पहुंचे थे। बेमेतरा के CMHO डॉक्टर एसके शर्मा उनसे भी आगे निकले। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के लिए 3 दिन बाद ही ड्यूटी पर पहुंच गए। जिले का दौरा किया। कर्मचारियों की बैठक भी ली। डॉक्टर साहब से इस बारे में पूछा गया तो बोले- मैं आइसोलेशन में रहूंगा तो आदेश कौन देगा।

दरअसल, CMHO डॉक्टर एसके शर्मा 20 अप्रैल को जांच में पॉजिटिव मिले थे। उनके संपर्क में आए 2 और कर्मचारी 2 दिन बाद संक्रमित हो गए। CMHO साहब 3 दिन होम आइसोलेशन में रहे। फिर अपनी कुर्सी संभालने पहुंच गए। इस दौरान भी वे दफ्तर में नहीं बैठे, बल्कि स्वास्थ्य कर्मियों का बैठक लेते रहे। बेमेतरा, नवागढ़, साजा और बेरला के स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया। जिला अस्पताल में ट्रूनॉट सेंटर लैब और कोविड सेंटर का निरीक्षण भी किया।

चीफ मेडिकल अफसर ने ही तोड़ दिया कोविड प्रोटोकॉल, संक्रमित पाए जाने के 8वें दिन पहुंच गए पदभार ग्रहण करने

CMHO स्वास्थ्य कर्मियों का बैठक लेते रहे। बेमेतरा, नवागढ़, साजा और बेरला के स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया। जिला अस्पताल में ट्रूनॉट सेंटर लैब और कोविड सेंटर का निरीक्षण भी किया।

जहां गए अब वहां भी संक्रमण फैलने का खतरा, दोनों कर्मचारी आइसोलेट
शासन का आदेश है कि कोई भी संक्रमित मिले तो कांटेक्ट ट्रेसिंग की जाए। हालांकि CMHO साहब के साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। उनके संपर्क में आए कर्मचारी संदेह में है और डरे हुए भी हैं। हालांकि ड्यूटी के प्रोटोकाॅल के चलते कुछ भी नही कर पा रहे। संकमित मरीज को 17 दिन क्वारेंटाइन रहना है। इस बीच वह बाहर नहीं निकल सकता। नियम के उल्लंघन पर महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है। वहीं दोनों संक्रमित कर्मचारी फिलहाल होम आइसोलेशन में हैं।

कर्मचारियों को कोरोना होने पर 17 दिन के दे रहे अवकाश
जिला अस्पताल में मार्च और अप्रैल में 30 कर्मचारी और अधिकारी संक्रमित हुए हैं। इसमें 20 स्टॉफ नर्स,4 लैब टेक्नीशियन, एक ओटी टेक्नीशियन और 5 डॉक्टर शामिल हैं। ये सभी संक्रमित होने के बाद 17 दिन होम आइसोलेशन में रहे। कुछ कर्मचारी अभी भी क्वारैंटाइन हैं। कुछ दिन पहले ही कर्मचारियों के संक्रमण होने के बाद 7 दिन में ड्यूटी पर लौटने की आदेश को वापस ले लिया है। कर्मचारियों से कहा गया है कि उन्हें संक्रमित होने पर 17 की छुट्टी मिल सकती है।

CMHO डॉक्टर एसके शर्मा 20 अप्रैल को ट्रूनॉट जांच में पॉजिटिव मिले थे। उनके संपर्क में आए 2 और कर्मचारी 2 दिन बाद संक्रमित हो गए।

आम आदमी और सरकारी अधिकारी का फर्क
जिले में पिछले एक साल में कई ऐसे मामले हैं जब कोविड नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ मामले बनाये गए। लेकिन, यही गलती एक अधिकारी द्वारा किए जाने पर प्रशासन मौन हैं। ऐसे में फिर आम व्यक्ति और शासकीय अधिकारी में फर्क पैदा हो गया है। शासकीय अधिकारियों को नियमों तोड़ निकालने या फिर इसकी अवहेलना मिलने की विशेष छूट कैसे मिल जाती है, जबकि यह कुछ दिन बाद ज्वाइनिंग करने पर भी कोई विशेष फर्क नहीं पड़ जाता।

ऐसा ही जगदलपुर के CMHO ने भी किया था, फिर बोले- मेरी रिपोर्ट निगेटिव है
करीब 10 दिन पहले ऐसा ही मामला जगदलपुर में भी सामने आया था। जब CMHO डॉक्टर आरके चतुर्वेदी को हटाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने डॉक्टर जीपी शर्मा जिम्मेदारी सौंपी थी। इस दौरान जीपी शर्मा कोरोना पॉजिटिव होकर होम आइसोलेशन पर थे। ऑर्डर जारी होते ही नियमों को दरकिनार कर 8वें दिन ही पद भार ग्रहण करने दफ्तर पहुंच गए थे। इसके बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट निगेटिव होने का दावा किया था, पर 3 दिन बाद ट्रूनॉट टेस्ट में पॉजिटिव मिले थे।

  • तीन दिन में सर्दी-बुखार ठीक होने पर फिर से जांच कराई। तब मेरी रिपोर्ट निगेटिव आई है। इससे दूसरे को संक्रमण होने का खतरा नहीं है। राज्य के आदेश से क्या होता है। मैं होम आइसोलेशन में रहूंगा तो आदेश जारी और पदभार कौन संभालेगा। 17 दिन तक होम आइसोलेशन में रहना जरूरी नहीं है।
  • डॉ. एसके शर्मा, CMHO, बेमेतरा

कोरोना वॉर में बड़ी राहत, RBI ने इमरजेंसी हेल्थ सर्विसेज के लिए 50,000 करोड़ की रुकी मदद का ऐलान किया है देखना है मोदी सरकार इसका कैसे उपयोग करेगी।

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मुंबई: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शशिकान्त दास ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। आरबीआई गवर्नर ने कहा की सेन्ट्रल बैंक कोविड की परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि दुनिया के मुकाबले भारत में रिकवरी तेज हो रही है, लेकिन पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक है।

आरबीआई गर्वनर ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा पहली लहर के बाद इकोनॉमि में बेहतर रिकवरी देखी गई थी। उन्होंने उम्मीद जताई की अच्छे मानसून की वजह से गांवों में मांग बढ़ेगी। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर के प्रसार को देखते हुए व्यापक और त्वरित कार्रवाइयों की आवश्यकता है। शक्तिकांत दास ने कहा कि रिजर्व बैंक कोविड-19 से जुड़ी उभरती परिस्थितियों पर अपनी नजर बनाए रखेगा।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास कोविड -19 महामारी की दूसरी लहर को रोकने के लिए कई राज्यों में लॉकडाउन और अन्य कोविड – प्रेरित प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिससे अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचने की आशंका है। इश दौरान दास ने इमरजेंसी हेल्थ सेवा के लिए 50,000 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया।

इसके जरिए बैंक वैक्सीन मैन्युफैक्चर्स, वैक्सीन ट्रांसपोर्ट, एक्सपोर्टर्स को आसान किस्तों पर लोन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा हॉस्पिटल्स, हेल्थ सर्विस प्रोवाइडर्स को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्राइरोरिटी सेक्टर के लिए जल्द लोन और इंसेंटिव दिया जाएगा।

फार्मा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आरबीआई ने बड़ा ऐलान किया। राज्यों के लिए ओवरड्राफ्ट फैसीलिटी दी जाएगी। ओवरड्राफ्ट में राज्यों को रियायत मिलेगी। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि प्रायोरिटी सेक्टर के लिए कोविड लोन बुक बनाए जाएंगे। बैंक इनके लिए कोविड लोन बुक बनाएंगे। रिवर्स रेपो के तहत 40 आधार अंक अधिक अर्जित करेंगे।

आरबीआई ने 10,000 करोड़ रुपए तक के स्मॉल फाइनेंस बैंकों (स्स्नक्च) के लिए लंबी अवधि के रेपो ऑपरेशन की घोषणा की। इसका उपयोग प्रति उधारकर्ता 10 लाख रुपए तक के लोन के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए केवाईसी नियम में कुछ बदलाव किए गए हैं। वीडियो के जरिए केवाईसी को मंजूरी दी गई है। आरबीआई ने 1 दिसंबर 2021 तक लिमिटेड केवाईसी के उपयोग की अनुमति दी है।

BCCI के अधिकारीयो ने संक्रमित खिलाड़ियों को चोटिल बताकर IPL को बचाने की कोसिस की थी, विराट की टीम ने खेलने से मना किया तो भांडा फूटा

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कई खिलाड़ियों, कोच और सपोर्ट स्टाफ के कोरोना संक्रमित हो जाने की वजह से इंडियन प्रीमियर लीग (IPL-2021) का 14वां सीजन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। खिलाड़ियों में बढ़ते संक्रमण के माहौल में कई टीमों ने मैच खेलने से इनकार कर दिया था। अब बड़ी खबर सामने आ रही है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के कुछ बड़े अधिकारी संक्रमण के मामलों को दबाने की तैयारी में थे, ताकि लीग पूरी कराई जा सके।

RCB ने दी खिलाड़ियों की सुरक्षा को प्राथमिकता
IPL में 3 मई को अहमदाबाद में विराट कोहली की कप्तानी वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच मुकाबला खेला जाना था। सूत्रों के मुताबिक मैच से एक दिन पहले ही KKR के दो खिलाड़ी वरुण चक्रवर्ती और संदीप वॉरियर पॉजिटिव हो गए। बोर्ड के कुछ बड़े अधिकारी चाहते थे कि इन्हें आइसोलेट कर यह खबर सामने लाई जाए कि दोनों चोटिल हैं। यह बात RCB तक पहुंच गई और टीम ने खिलाड़ियों को सुरक्षा को देखते हुए मैच खेलने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद BCCI और IPL की गवर्निंग काउंसिल ने मैच स्थगित करने का फैसला लिया।

फ्रेंचाइजी के साथ बैठक में भी IPL बचाने की हुई थी कोशिश
कई खिलाड़ियों के संक्रमित होने के बाद BCCI और IPL फ्रेंचाइजीज के बीच बैठक हुई। सूत्र बताते हैं कि बैठक में भी बोर्ड के कुछ अधिकारी लीग जारी रखने का दबाव बना रहे थे, लेकिन RCB के मैनेजमेंट के साथ-साथ मुंबई इंडियंस के आकाश अंबानी और दिल्ली कैपिटल्स के पार्थ जिंदल इसे तत्काल स्थगित करने के पक्ष में अड़ गए। तब जाकर लीग को स्थगित करने का फैसला लिया गया।

पांच दिन पहले से थे कोरोना के लक्षण
दिल्ली कैपिटल्स के अमित मिश्रा और सनराइजर्स हैदराबाद के ऋद्धिमान साहा के पॉजिटिव होने की सूचना मंगलवार को सार्वजनिक हुई। सूत्रों ने बताया कि खबर भले ही मंगलवार को आई हो, लेकिन इनमें कोरोना के लक्षण 5 दिन से मौजूद थे। सनराइजर्स ने राजस्थान के खिलाफ मैच में इसी वजह से साहा को प्लेइंग-11 में शामिल नहीं किया था।

America और UAE से मिलेगी मदद रायपुर AIIMS में प्राप्त होंगे जंबो ऑक्सिजन सिलेंडर और ऑक्सिजन कंसनट्रेटर

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रायपुर। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए छत्तीसगढ़ को विदेशों से भी मदद मिलेगी, अमेरिका और यूएई से एम्स रायपुर को मदद मिलेगी, जहां 50 ऑक्सीजन कंसनट्रेटर औऱ 64 जंबो आक्सीजन सिलेंडर दिए जाएंगे।इससे AIIMS प्रबंधन को बड़ी मदद मिलेगी।

बता दें कि प्रदेश के एकमात्र एम्स पर इन दिनों बढ़ती मरीजों की संख्या के कारण काफी दबाव है, ज्यादातर मरीज एम्स की तरफ ही रुख करना चाहते हैं लेकिन मरीजों की अधिकता और संसाधनों की सीमित मात्रा में उपलब्धता के कारण कई बार मरीजों को निराशा हाथ लगती है।

प्रदेश में बढ़ते संक्रमण के कारण अस्पतालों में संसाधनों और ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार और प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

फिर नशे की लत ने ली 4 लोगो की जान ,नशा बढ़ाने महुआ शराब में मिला दी कफ सिरप ।

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बिलासपुर। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के कोरमी में रहने वाले छह युवकों ने मंगलवार की रात नशा बढ़ाने के लिए महुआ शराब में कफ सीरप मिलाकर पी लिया। इससे छह लोगों की तबीयत बिगड़ गई। दो युवकों ने रात में ही दम तोड़ दिया। वहीं, दो की बुधवार दोपहर घर में मौत हो गई। एक साथ चार युवकों की मौत की सूचना किसी ने सिरगिट्टी पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने गांव पहुंचकर पूछताछ की। इसके बाद दो लोगों को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया है। मृतक युवकों के स्वजन को पुलिस थाने लाकर घटना के संबंध में पूछताछ कर रही है।

कोरमी में रहने वाले कमलेश धुरी (32 वर्ष), अक्षय धुरी(21 वर्ष), राजेश धुरी(21 वर्ष), समारू धुरी(25 वर्ष), खेमचंद धुरी(40 वर्ष) व कैलाश धुरी(50 वर्ष) मंगलवार की शाम गांव से बाहर जाकर शराब पी रहे थे। इस दौरान युवकों ने महुआ शराब में नशा बढ़ाने के लिए होम्योपैथिक कफ सीरप को मिला दिया। इसके बाद सभी ने सीरप मिली शराब पी। कुछ देर बाद सभी अपने-अपने घर आ गए।

रात में ही इनकी तबीयत बिगड़ गई। सभी को उल्टी होने लगी। इस पर युवकों ने अपने घर में शराब पीने की बात कही। शराब पीने पर उल्टी होने के कारण परिवार वालों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। देर रात कमलेश और राजेश की मौत हो गई। परिवार के लोगों ने कोरोना की आशंका पर सुबह ही मृतक युवकों का अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं, बुधवार की दोपहर अक्षय और समारू ने दम तोड़ दिया।

गांव में एक साथ चार युवकों की मौत की सूचना किसी ने सिरगिट्टी पुलिस की दी। इस पर सिरगिट्टी थाना प्रभारी टीम के साथ गांव पहुंचे। मृतक के परिवार वालों से इस संबंध में पूछताछ की। इसमें युवकों के कफ सीरप पीने की जानकारी मिली। वहीं दो लोगों की तबीयत खराब होने की जानकारी भी गांव वालों ने दी। इस पर पुलिस ने गंभीर खेमचंद और कैलाश को सिम्स में भर्ती कराया। स्थिति गंभीर होने पर कैलाश को सिम्स से अपोलो अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं, खेमचंद का सिम्स में उपचार चल रहा है।