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जिन अधिकारियो के कारण आया ऑक्सीजन संकट उनको डालो जेल में -सुप्रीम कोर्ट

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नईदिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के प्रकोप के बीच ऑक्सीजन का संकट गहराता जा रहा है। इसी संकट के बीच आज केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को फटकार लगाते हुए कहा कि जिन अधिकारियों की वजह से ऑक्सीजन संकट बना है उन्हें जेल में डालें अन्यथा अवमानना के लिए तैयार रहें।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कोर्ट में बताया कि दिल्ली की मांग अधिक है, उसके मुताबिक संसाधन की जरूरत है। अदालत में जस्टिस शाह ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ये एक राष्ट्रीय आपदा है।ऑक्सीजन की कमी की वजह से लोगों की मौत हुई है।केंद्र अपनी ओर से कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी शॉर्टेज है ऐसे में अपना प्लान हमें बताइए।राजधानी में ऑक्सीजन संकट को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही थी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को ऑक्सीजन संकट के मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और आज ही इस मामले पर सुनवाई की अपील की। केंद्र सरकार की अपील पर मामले को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस चंद्रचूड़ की बेंच के सामने लिस्ट किया गया है।

आज सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि आपने दिल्ली को कितना ऑक्सीजन दिया है, साथ ही केंद्र ने हाईकोर्ट में ये कैसे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली को 700 एमटी ऑक्सीजन सप्लाई का आदेश नहीं दिया।केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि अप्रैल से पहले ऑक्सीजन की डिमांड ज्यादा नहीं थी, लेकिन अब ये अचानक बढ़ी है।

दूसरी बार ना करें RT-PCR टेस्‍ट… जानिये कोरोना जांच पर ICMR की नई एडवाइजरी…

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नई दिल्‍ली. देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) की दूसरी लहर चल रही है. इस दौरान रोजाना बड़ी संख्‍या में नए कोरोना केस (Corona Cases) सामने आ रहे हैं. ऐसे में देश में कोरोना वैक्‍सीन का टीकाकरण (Corona Vaccine) और जांच (Corona Test) को लेकर अभियान जारी है. इस बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने मंगलवार को कोरोना जांच को लेकर नई एडवाइजरी जारी की है. इसमें लैब का दबाव कम करने के लिए आरटी-पीसीआर जांच को कम से कम करने और रैपिड एंटीजन जांच को बढ़ाने की बात कही गई है.

आईसीएमआर का कहना है कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान जांच करने वाली प्रयोगशालाएं बेहद दबाव में काम कर रही हैं. ऐसे में बढ़ते कोरोना केस को देखते हुए जांच के लक्ष्‍य को पूरा करने में कठिनाई हो रही है. क्‍योंकि प्रयोगशालाओं का कुछ स्‍टाफ भी संक्रमित है.

आईसीएमआर के प्रमुख सुझाव-

1. जिन लोगों को एक बार आरटीपीसीआर या रैपिड एंटीजन टेस्‍ट (RAT) की जांच में संक्रमण पाया गया था, उनका दूसरी बार आरटीपीसीआर टेस्‍ट नहीं करना चाहिए.

2. अस्‍पतालों में कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद छुट्टी के समय मरीजों का टेस्‍ट करने की आवश्‍यकता नहीं है.

3. प्रयोगशालाओं में दबाव कम करने के लिए अंतरराज्‍यीय यात्रा करने वाले स्‍वस्‍थ लोगों के आरटीपीसीआर टेस्‍ट की अनिवार्यता को पूरी तरह से हटाया जाए.

4. फ्लू या कोविड 19 के लक्षण वाले लोगों को गैर जरूरी यात्रा और अंतरराज्‍यीय यात्रा करने से बचना चाहिए. इससे संक्रमण का प्रसार कम होगा.

5. कोरोना के सभी गैर लक्षणी लोगों को यात्रा के दौरान कोविड गाइडलाइंस का पालन करना होगा.

6. राज्‍यों को आरटीपीसीआर टेस्‍ट को मोबाइल सिस्‍टम के जरिये बढ़ावा देने के लिए प्रोत्‍साहित किया जा रहा है.

रैपिड एंटीजन टेस्‍ट को बताया फायदेमंद
आईसीएमआर ने अपनी नई एडवाइजरी में कहा है कि रैपिड एंटीजन टेस्‍ट को कोरोना टेस्‍ट के लिए जून 2020 में अपनाया गया था. मौजूदा दौर में यह कंटेनमेंट जोन और कुछ हेल्‍थ सेंटर पर ही सीमित है. इस टेस्‍ट का फायदा यह है कि इससे 15 से 20 मिनट में ही कोरोना का पता चल जाता है. ऐसे में मरीज को जल्‍द ठीक होने में भी मदद मिलती है.

रैपिड टेस्‍ट से संबंधित सुझाव-

1. रैपिड एंटीजन टेस्‍ट को सभी सरकारी और निजी हेल्‍थकेयर फैसिलिटी में अनिवार्य करना चाहिए.

2. शहरों, कस्‍बों, गांवों में लोगों की बड़े स्‍तर पर जांच के लिए RAT बूथ लगाए जाएं.

3. शहरों, गांवों में यह RAT बूथ कई स्‍थानों पर लगाए जाएं. इनमें स्‍कूल-कॉलेज, कम्‍युनिटी सेंटर, खाली स्‍थानों शामिल हों.

4. ये बूथ 24 घंटे और सातों दिन काम करें.

5. स्‍थानीय प्रशासन अपने स्‍तर पर ड्राइव थ्रू बूथ भी शुरू कर सकता है.

बंगाल चुनाव रिजल्ट के बाद भाजपाइयों से हुए हिंसा के कारण भाजपायों ने दिया धरना , रमन सिंह ने कहा- रिजल्ट के बाद ऐसी हिंसा इतिहास में आज तक नहीं हुई…

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रायपुर। बंगाल में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की हत्या और हमले के विरोध में छ्त्तीसगढ़ में भाजपा के नेता और कार्यकर्ता अपने अपने घरों के सामने धरने पर बैठे । पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह अपने बंगले में राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह के साथ धरने पर बैठे तो सांसद सन्तोष पांडे ने कवर्धा में अपने निवास में धरना दिया । भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदेव साय, अपनी पत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं भाजयुमो प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दीपक अंधारे के साथ अपने निवास बगिया में धरने पर बैठे ।

इधर पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल अपने निवास के सामने, रायपुर शहर जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुन्दरानी एकात्म परिसर में कुछ कार्यकर्ताओं के साथ धरना दिया । भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू ने पदाधिकारियों के साथ अपने निवास के सामने धरना दिया । बंगाल हिंसा की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि प्रजातंत्र के इतिहास ये में सबसे कलंकित करने वाला दिन रहा, चुनाव रिजल्ट जारी होने के साथ ही जैसी हिंसा हुई भारत देश में आज तक नहीं हुई थी । सत्ता के मद में चूर ममता बनर्जी के गुंडें इस प्रकार का आतंक फैला रहे हैं । बंगला हिंसा के विरोध में आज कश्मीर से कन्याकुमारी तक प्रदर्शन किया जा रहा है ।

पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ममता बनर्जी पर हत्या का केस दर्ज होना चाहिए । उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के इशारों पर लोकतंत्र की हत्या हो रही है । 12 से अधिक कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई सैकड़ों घर जला दिए गए। हजारों कार्यकर्ताओं को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है।

बंगाल में हिंसा के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा अपने-अपने घरों के सामने धरना दिए जाने पर संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने कहा कि चुनाव परिणाम के बाद इस तरह की घटनाएं बंगाल में हो रही है तो वे इसका विरोध करते हैं । ये जो हो रहा है वह लोकतंत्र के खिलाफ है ।

तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हुए ममता बनर्जी.

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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने लगातार तीसरे टर्म के लिए मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. राज्य के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने उन्हें बुधवार को पद की शपथ दिलाई. ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने इस हाई स्टेक वाले चुनावों में जी-जान से लगी हुई भारतीय जनता पार्टी को बहुत बड़े अंतरों से हराया है. पूरी मतगणना के बाद तृणमूल के हिस्से में 213 सीटें और बीजेपी के हिस्से में 77 सीटें आईं. लेफ्ट और अन्य को 1-1 सीट मिली है.

जानिए 15 में तक के लॉकडाउन में क्या खोले जाएंगे और क्या नही।

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छत्तीसगढ़ : अधिकांश जिले निरंतर सकारात्मकता दर को कम नहीं कर रहे हैं, इसी कड़ी में लॉकडाउन अवधि का विस्तार किया गया है ताकि वायरस श्रृंखला को तोड़ने का प्रयास किया जा सके ।

उपरोक्त 2 श्रेणियों के सभी एक्सटेंशन 15 मई तक, यानी, 10 दिनों तक – एक जैसे होने चाहिए, लेकिन कुछ और छूट के साथ । केवल 2 जिले, रायपुर और दुर्ग, जहां दरें कम हो रही हैं, 15 मई तक भी बढ़ सकते हैं, लेकिन अधिक छूट के साथ ।

A . रायपुर और दुर्ग (26 जिले) को छोड़कर सभी जिलों के लिए :

1. कृषि क्षेत्र – बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रों की दुकानों और उनकी मरम्मत के लिए दुकानें / गोदाम खोलना। उर्वरक ट्रकों की आवाजाही।
2. किराना दुकानें खुल सकती हैं (लेकिन मौहल्लों में केवल स्वतंत्र प्रतिष्ठान, और मॉल और सुपरमार्केट में नहीं)
3. शारीरिक रूप से दुकानें खोलने के बिना, केवल होम डिलीवरी के माध्यम से दैनिक जरूरतों / प्रावधान स्टोर (मौहल्ले और सुपरमार्केट में उन लोगों के लिए स्वतंत्र प्रतिष्ठान जिनके पास नहीं हैं)
4. बैंकों और डाकघरों को 50% जनशक्ति के साथ खोलने के लिए – केवल व्यापार लेनदेन के लिए, सभी प्रकार के व्यवसायों के लिए।
5. डाक / डाक सेवाओं के लिए कूरियर सेवाएं (ई-कॉमर्स के लिए नहीं)
6. इलेक्ट्रीशियन / प्लंबर एसी, कूलर, सैनिटरी फिटिंग की घरेलू सेवाओं / मरम्मत के लिए। इसके अलावा उनकी मरम्मत की दुकानें।
7. एसी, पंखे, कूलर (बिना दुकानें खोले) की होम डिलीवरी।
8. पेट्रोल पंप – सभी उद्देश्यों के लिए खोलना, और बिना समय की पाबंदी के।
9. गैस एजेंसियां ​​- खोलना।
10. पोल्ट्री, मांस, अंडा, दूध, डेयरी और डेयरी उत्पादों की दुकानें।
11. आटा मिल्स (अता चाकी)।
12. रजिस्ट्री कार्यालय खोलने के लिए, न्यूनतम कर्मचारियों और टोकन प्रणाली (50% कर्मचारियों के साथ, पिछले साल की तरह)।
13. अन्य केवल ऑनलाइन होम डिलीवरी की अनुमति है।
14. फल और सब्जी के तोले, फेरे करते हुए।
15. सभी श्रम गहन कार्य और सभी साइट पर काम करता है – पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, पीएचई, वन, पी एंड आरडी / आरईएस / मनरेगा, आदि से संबंधित।

उपरोक्त को शाम 5.00 बजे तक अपने सामान्य शुरुआती घंटों के कारोबार से संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। शाम 5.00 बजे के बाद अनुमति देने के लिए नहीं (पेट्रोल पंप और दवा की दुकानों को छोड़कर)

माल और गोदामों / गोदामों के लिए अनुमत लोडिंग / अनलोडिंग समय रात में, रात 11.00 बजे से सुबह 5.00 बजे के बीच जारी रहेगा।

रविवार को पूर्ण लॉकडाउन होगा (केवल अस्पताल, नैदानिक ​​प्रतिष्ठान, दवा की दुकानें, पालतू पशुओं की फीडिंग, पेट्रोल पंप, होम डिलीवरी आइटम और सेवाएं, रविवार को अनुमति दी जाएंगी)।

B. रायपुर और दुर्ग के लिए, केवल 2 जिले :

1. उपरोक्त सभी उल्लिखित A के अनुसार। प्लस निम्नलिखित छूट …
2. स्टेशनरी की दुकानें।
3. वाहन, स्कूटर, बाइक मरम्मत और पंचर मरम्मत की दुकानें।
4. होटल और रेस्तरां – होम डिलीवरी।
5. निजी साइट पर निर्माण कार्य / गतिविधियाँ।
6. पैकेजिंग सामग्री और संबंधित इकाइयाँ।
7. कपड़े धोने की सेवाएं।

C. सभी 28 जिले – निम्नलिखित नहीं खोले जाएंगे:

1. बाजार
2. होटल और रेस्तरां, (केवल होम डिलीवरी की अनुमति दी जाए)
3. मैरिज हॉल
4. मॉल, क्लब, स्विमिंग पूल, सुपर मार्केट
5. सभी धार्मिक स्थल
6. कोचिंग क्लासेस
7. स्कूल और कॉलेज (छात्रों के लिए)
8. पान और सिगरेट की तलब
9. शराब की दुकानें
10. टूरिस्ट स्पॉट्स (जैसे तेलीबांधा, बुद्ध तालाब, जंगल सफारी, बारनवापारा, सभी रिसॉर्ट्स आदि बंद रहेंगे)
11. मोबाइल भोजनालयों, थेल्स और छोटी सड़क की भोजनालयों की दुकानों को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
12. नाई की दुकानें
13. पार्क
14. मंडी – सभी प्रकार (निर्दिष्ट रात के समय लोडिंग / उतराई के लिए अपवाद)
15. जिम।
16. सभी प्रकार के विधानसभा / सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रम

करोना वैक्सिनेशन क्यों नहीं हो रहा छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने दिया जवाब

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रायपुर
छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा था कि वैक्सीनेशन नहीं होने के कारण कुछ राज्यों में मामले बढ़ रहे हैं। इन आरोपों पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि केंद्रीय मंत्री का कथन असत्य है। टीएस सिंह देव ने कहा कि मरीजों की मौत यहां हो रही है। यह हमारे लिए चिंता की बात है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के आंकड़े ही बताते हैं कि देश को टॉप चार राज्यों में छत्तीसगढ़ चौथे स्थान पर है, जहां 10 फीसदी लोगों को वैक्सीनेशन हो गया है। टीएस सिंह देव ने कहा कि ये आंकड़े केंद्र सरकार के ही हैं। उसके बाद आदरणीय केंद्रीय मंत्री ऐसा कहते हैं तो यह बहुत ही अफसोस की बात है।

छत्तीसगढ़ में सिर्फ कोविशिल्ड और को-वैक्सीन की सप्लाई हुई है। इन्हीं दो का हम प्रयोग कर रहे हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में हर दिन अब 10 हजार के करीब मरीज मिलने लगे हैं। दुर्ग और रायपुर में लॉकडाउन लागू कर दिया गया है।

पंजाब किंग्स के सह-मालिक नेस वाडिया देश में (IPL 2021) ना कराने के बोर्ड के निर्णय से खुश हैं. उन्होंने कहा कि लीग का स्थगित करने का फैसला सही है.

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पंजाब किंग्स (Punjab Kings) के सह-मालिक नेस वाडिया (Ness Wadia) ने कोरोना संकट के बीच आईपीएल (IPL 2021) का 14वां सत्र भारत में कराने के बीसीसीआई के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि यह सही फैसला था, लेकिन हालात तेजी से बिगड़े. नेस वाडिया ने कहा, ‘हालात को देखते हुए यह सर्वश्रेष्ठ फैसला था. भारत में लोग काफी जूझ रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘आईपीएल भारत में कराने का फैसला काफी सोच समझकर लिया गया था. टी20 वर्ल्ड कप चूंकि भारत में होना है, तो यह सही फैसला था, लेकिन हालात काफी तेजी से बिगड़ गए.’ उन्होंने कहा कि यूएई में भी लीग कराने से कुछ नहीं बदलता. उन्होंने कहा, ‘इसका किसी देश विशेष ( भारत या यूएई ) से कोई सरोकार नहीं है. सभी ने अपनी ओर से पूरी कोशिश की, लेकिन कई बार कोशिशें कामयाब होती है और कई बार नहीं.’

उन्होंने कहा कि अगर ग्राउंडस्टाफ बायो बबल का हिस्सा नहीं थे तो उन्हें भी सही करने की जरूरत थी. इसके अलावा रिस्क को कम करने के लिए वेन्यू में भी कटौती की जरूरत होती है. इस बार बीसीसीआई ने 6 वेन्यू पर लीग आयोजित करने का फैसला किया था. जबकि पिछले सीजन में यूएई में सिर्फ तीन वेन्यू पर मुकाबले हुए थे. यहां खिलाड़ी बस से आ जा सकते थे, लेकिन भारत में रोड से अगल-अलग वेन्यू पर जाना संभव नहीं था.

केकेआर के खिलाड़ी पॉजिटिव आए।

आईपीएल में सबकुछ ठीक चल रहा था. अचानक सोमवार को केकेआर के दो खिलाड़ी वरुण चक्रवर्ती और संदीप वॉरियर के संक्रमित होने की खबर आई. वरुण कंधे के स्कैन के लिए बाहर हो गए थे. इसके कुछ देर बात सीएसके के गेंदबाजी कोच एल बालाजी सहित तीन सदस्य संक्रमित पाए गए. इसके बाद मंगलवार को अमित मिश्रा और रिद्धिमाना साहा के संक्रमित होने के बाद बोर्ड ने लीग को स्थगित करने का फैसला किया.

छत्तीसगढ़ में बड़ते कोरोना संक्रमण केस बीच रायपुर एम्स प्रबंधन ने तीसरी लहर की चेतावनी जारी की है सभी हेल्थ वर्करों को तैयार रहने के लिए कहा गया

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छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच रायपुर एम्स प्रबंधन ने तीसरी लहर की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही सभी हेल्थ वर्करों को इसके लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है। बता दें कि बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में लॉकडाउन 15 मई तक लॉकडाउन लगाने का निर्देश जारी किया है।

रायपुर एम्स के डायरेक्टर डॉ नितिन एम नागरकर के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर में अधिकांश गंभीर रोगी ही एम्स आ रहे हैं। इनमें अधिकांश रोगी देर से पहुंच रहे हैं, जिनका ऑक्सीजन लेवल बहुत कम हो जा रहा है। ऐसे स्थिति में उन्हें फिर से सामान्य स्थिति में लाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। इसी वजह से मृत्यु दर बढ़ रहा है।

डॉ नागरकर के मुताबिक ज्यादातर मरीजों को तुरंत ऑक्सीजन और स्टिरॉयड की जरुरत पड़ रही है। उन्होंने वैक्सीनेशन और ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात भी कही है। इस बीच डॉ नागरकर ने कोविड की तीसरी लहर की आशंका से इंकार नहीं किया और कहा कि सभी को इसके लिए तैयार रहने की जरुरत है।

कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण टाला गया आईपीएल बाकी बचे मैचों पर फैसला लिया जाएगा:BCCI के राजीव शुक्लाने बताया बाक़ी के मैच कब होंगे

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आईपीएल को रोकने से फैन्स निराश हैं. 9 अप्रैल से शुरू हुए आईपीएल के इस सीजन में 29 मैच खेले गए थे. टूर्नामेंट के 31 मैच और बाकी हैं. ऐसे में सवाल कि बाकी बचे हुए मैच कब खेले जाएंगे. इसका जवाब बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने दिया है.

कोरोना वायरस से इंडियन प्रीमियर लीग( IPL) के 14वें सीजन पर ब्रेक लगा दिया. कई टीमों में कोरोना के मामले सामने आने के बाद बीसीसीआई ने आईपीएल को सस्पेंड करने का फैसला किया. आईपीएल को रोकने से फैन्स निराश हैं. 9 अप्रैल से शुरू हुए आईपीएल के इस सीजन में 29 मैच खेले गए थे. टूर्नामेंट के 31 मैच और बाकी हैं. ऐसे में सवाल कि बाकी बचे हुए मैच कब खेले जाएंगे. इसका जवाब बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने दिया है.

उन्होंने साफ कहा है कि आईपीएल को रद्द नहीं किया गया है, टाला गया है. स्टार स्पोर्ट्स से बात करते हुए राजीव शुक्ला ने कहा, ‘ एक बात मैं  स्पष्ट करना चाहता हूं कि आईपीएल को रद्द नहीं किया गया है. इसे टाला गया है. आईपीएल-14 के बचे हुए मैच होंगे. उचित समय पर, जब कोविड की स्थिति में सुधार होता है, तो इसके बारे में निर्णय लिया जाएगा.’

बीसीसीआई उपाध्यक्ष ने कहा कि निलंबन का सुझाव देने वाली रिपोर्ट केवल 5 दिनों या एक सप्ताह के लिए है, ये बात भी सच नहीं है. उन्होंने कहा कि ऐसी अटकलें हैं कि पांच दिन या एक सप्ताह के बाद टूर्नामेंट फिर से शुरू होगा, यह संभव नहीं है.

इस वजह से टाला गया आईपीएल

पिछले कुछ दिनों से आईपीएल की कुछ टीमों में कोरोना के मामले सामने आए थे, जिसके बाद बीसीसीआई को टूर्नामेंट को सस्पेंड करने का फैसला लेना पड़ा. कोरोना संकट के बीच इस बार आईपीएल का आयोजन भारत में ही हुआ. शुरुआत में बायो-बबल को तैयार किया गया, जिसमें दावा किया गया कि इससे कोई भी संक्रमण फैलने का खतरा नहीं होगा. लेकिन बीते दो दिनों में ही कई टीमें कोरोना का शिकार हो गईं. 

सोमवार को कोलकाता नाइट राइडर्स के वरुण चक्रवर्ती समेत दो खिलाड़ी कोरोना की चपेट में आ गए थे, जिसके बाद कोलकाता और बेंगलुरु का मैच टाल दिया गया था. KKR के मैच के बाद दिल्ली कैपिटल्स की पूरी टीम को क्वारनटीन कर दिया गया था. सोमवार को ही शाम में चेन्नई सुपर किंग्स के तीन सदस्यों के भी कोरोना की चपेट में आने की जानकारी आई, जिसमें बॉलिंग कोच लक्ष्मीपति बालाजी भी शामिल थे.

मंगलवार को सनराइजर्स हैदराबाद के ऋद्धिमान साहा और दिल्ली कैपिटल्स के अमित मिश्रा भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए. लगातार कोरोना के मामले आने के बाद आईपीएल पर संकट बढ़ता जा रहा था. ऐसे में बीसीसीआई ने इसे टालने का फैसला लिया.

दिशा निर्देशों के साथ 15 मई तक बढ़ लॉकडाउन रायपुर और दुर्ग के लोगो को मिलेगी अतिरिक्त छूट

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन को लेकर राज्य सरकार ने दिशा निर्देश जारी कर दिया है, जिसके अनुसार लगभग सभी जिलों में 15 मई तक लॉकडाउन बढ़ेगा। वहीं राजधानी रायपुर और दुर्ग जिले में लोगों को अतिरिक्त छूट मिलेगी।

बस्तर संभाग के जिलों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं, आंध्रप्रदेश में नए स्ट्रेन के वायरस मिलने पर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, राज्य की सीमा को अच्छे से निगरानी करने के निर्देश जारी किए गए हैं।