कोरोना के बढ़ते कहर के बीच देश में हर अगले दिन नए मामलों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। गुरुवार रात 12 बजे तक देश में बीते 24 घंटे में 3.86 लाख से अधिक मामले सामने आ चुके थे। हर दिन पिछले दिन का रिकार्ड टूट रहा है। बीते 24 घंटों के दौरान 3,501 लोगों की मौत भी हुई जिनमें महाराष्ट्र के 771 और दिल्ली के 395 लोग शामिल हैं। चिंताजनक बात यह है कि कोरोना संक्रमण से ठीक होने की दर यानी रिकवरी रेट गिरती जा रही है।
24 घंटे में 3,86,595 मामले रात 12 बजे तक उपलब्ध हुए आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के रिकार्डतोड़ 3,86,595 मामले सामने आने से अब तक इस महामारी की चपेट में आने वालों की संख्या बढ़कर 1,87,54,925 हो गई। वहीं इस दौरान 3,501 और लोगों की मौत से मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,08,313 हो गई।
रायपुर। पूरी दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना से कराह रही है। ऐसे में खुद को कोरोना वायरस संक्रमित होने से बचाना बड़ी चुनौती है। सभी लोग इस चुनौती से जूझ रहे हैं। ऐसे हालात में हमारे जनप्रतिनिधियों के समक्ष भी इस संक्रमण से बचने की चुनौती है। कोरोना वायरस के इस खतरे के बीच जहां हमारे कुछ जनप्रतिनिधि कोरोना फाइटर बनकर उभरे हैं वहीं बड़े राजनीतिज्ञ व जनप्रतिनिधि अपने घर से ही मोर्चा संभाले हुए हैं।
पंकज शर्मा
इनमें से एक रायपुर ग्रामीण के विधायक, पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण शर्मा (सत्तू भैया) और उनके दो बेटे पंकज शर्मा और विशाल शर्मा संकट की इस घड़ी में स्वंयसेवी संस्थाओं के साथ मिलकर दिन-रात जरूरतमंदों की मदद करने के साथ ही सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड, आक्सीजन, वेंटीलेटर की व्यवस्था पर निगाह रख रहे हैं।
वैक्सीन के लिए सीएम को सौंपा एक करोड़ की विधायक निधि
विधायक सत्यनारायण शर्मा ने आम जनता का ख्याल रखते हुए 18 साल से अधिक उम्र के युवाओं को वैक्सीन लगवाने प्रेरित करने के साथ इस काम के लिए विधायक निधि का एक करोड़ रुपये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में लोगों की मदद कर रहे हैं। विधायक शर्मा अस्पताल और पीडीएस दुकानों का निरीक्षण करने के साथ बीमार लोगों को अस्पताल भेजने में लगे हैं। अपने विधानसभा क्षेत्र का भ्रमण कर लोगों की कुशलता की जानकारी लेकर चिकित्सा सुविधाओं का जायजा भी ले रहे हैं।
कोरोना संक्रमितों का कराया दाह संस्कार
विधायक शर्मा के बेटे पंकज और विशाल लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए सरकारी व निजी अस्पतालों में बेड, आक्सीजन, वेंटिलेटर की व्यवस्था करा रहे है।यहीं नहीं किसी की मौत होने पर पीपीई किट पहनकर उनका अंतिम संस्कार भी करा रहे है।
बिरगांव में 30 बेड का अस्पताल कराया शुरु
विधायक शर्मा ने बताया कि बिरगांव नगर निगम में पर्याप्त मात्रा में दवाईयों का इंतजाम, कोरोना मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराने से लेकर सारी चीजों का ख्याल रख रहे है। बिरगांव में 30 बेड का अस्पताल डॉ. मढ़रिया को चलाने दिया गया है। वहीं पूर्व सांसद की स्मृति में उनके परिवार के लोगों से एक एंबुलेंस मिली है, इसका इस्तेमाल जरूरतमंद और गरीब मरीजों को लाने ले जाने में किया जा रहा है।
ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के सेजबहार, डूंडा, उरला, गोगांव, बिरगांव इलाके में करीब 20 से अधिक निजी अस्पतालों में किन-किन व्यवस्थाओं की की कमी है, इसे पूरा कराने की कोशिश कर रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी दूर करने संबंधित अधिकारियों से बात करते है। काफी हद तक व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने का दावा विधायक ने किया है।
इन अस्पतालों में बेड की कराई व्यवस्था
ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के नारायाणा एमएमआई, रामकृष्ण, सुयश, संकल्प, बी.केयर, वी.वाय समेत सरकारी अस्पताल व कोविड सेंटरों में लगातार वे जरूरतमंदों को बेड,आक्सीजन, वेंटीलेटर उपलबध कराने का काम कर रहे है।हर संभव कोशिश रहती है कि किसी मरीज को बेड के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी सहयोग कर रहे हैं।
विधायक निधि की राशि
रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में विधायक निधि से 58 लाख रुपये की राशि एवं प्रभारी मंत्री की 20 लाख रुपये की राशि राज्य सरकार को समर्पित कर दी गई। इसके अलावा एसएनएस फैंस क्लब द्वारा दो एम्बुलेन्स, पांच कार और एक शव वहां क्षेत्र वासियों की मदद के लिए दिया गया है।
साथ ही पूरे विधानसभा क्षेत्र में विधायक सत्यनारायण शर्मा जी एवं पंकज शर्मा जी की टीम जरूरत मंदों की लगातार मदद कर रही है, साथ ही हमारी टीम द्वारा अपनी जान झोखिम में डालकर कोरोना पॉजिटिव मरीजों को हॉस्पिटल तक पहुँचाया जा रहा है। कोरोना पॉजिटिव मृत व्यक्तियों का शव संस्कार में मदद भी हमारी टीम कर रही है। साथ ही टेस्टिंग और वैक्सीनेशन के लिये लोगों से अपील की जा रही है।
रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र क्रमांक- 48
विधानसभा स्तर पर कोविड-19 सेंटर और आइसोलेशन सेंटर
– माना कैम्प
– लालपुर
– फुन्डहर
– ईएसआई हॉस्पिटल रावांभाटा
टीकाकरण एवं जांच केंद्र
– पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, माना रायपुर ग्रामीण
– सिविल अस्पताल, माना रायपुर ग्रामीण
– शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, भनपुरी रायपुर ग्रामीण
– शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, लाभांडी रायपुर ग्रामीण
– शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मोवा रायपुर ग्रामीण
– शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, देवपुरी रायपुर ग्रामीण शहरी
– प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बोरियाकला रायपुर ग्रामीण
– शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कचना रायपुर ग्रामीण
– शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गोगांव रायपुर ग्रामीण
– शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बिरगांव रायपुर ग्रामीण
– शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उरला बिरगांव, रायपुर ग्रामीण
क्षेत्र के शासकीय अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था
– माना कैम्प में कुल 120 बेड है जिसमे 50 बेड में ऑक्सीजन की सुविधा तथा 70 सामान्य बेड है।
– लालपुर में कुल 70 बेड है सभी बेड में ऑक्सीजन की सुविधा है।
– फुंडहर में 210 बेड में जिसमे 40 बेड में ऑक्सीजन की सुविधा बाकी 170 सामान्य बेड है।
– ईएसआई रावांभाटा में 150 बेड है जिसमें 30 ऑक्सिजन एवं बाकी 120 बेड जल्द शुरू होंगे।
पवित्र माह रमजान में सत्रहवें रोजे का मर्तबा (महत्वपूर्ण) सबसे अलग है। इसकी वजह यह है कि आज के दिन इस्लाम के लिए पहली जंग लड़ी गई थी। अरब क्षेत्र में यह लड़ाई बुराई के खिलाफ थी।इस जंग में खुद हजरत मोहम्मद साहब भी जलवा थे, जिनकी दुआओं से अल्लाह ने अच्छाई के लिए लडऩे वालों की मदद की और वे दुश्मनों से काफी कम होने के बावजूद जंग जीते। दुश्मनों को वापस लौटना पड़ा।
कब और कहां हुई जंग: मौलाना शरफुद्दीन के मुताबिक सऊदी अरब में मदीना शहर से 200 किमी दूर स्थित एक कुआ जिसका नाम बदर था। इस वजह से उस क्षेत्र का नाम भी बदर पड़ गया था। यह जंग 624 ई. में जनवरी माह में लड़ी गई थी।
क्यों हुई थी जंग: इस्लाम के पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब ने जब बुराइयों को मिटाकर इस्लाम की तब्लीग शुरू की तो क्षेत्र में कई लोग उनकी मुखालफत कर रहे थे। वहां बूत परस्ती थी जो इंसानियत के खिलाफ थे। उस वक्त हजरत मोहम्मद साहब के साथ सिर्फ 313 अनुयायी थे।
ये सभी रोजेदार थे। उनकी मुखालफत करने वाले दुश्मन अबू जहल अपनी पूरी सेना के साथ मुसलमानों का नामो निशान मिटाने के लिए शहर मक्का से रवाना हुआ था। मदीना से मोहम्मद साहब और उनके अनुयायी बदर की ओर रवाना हुए थे। अबू जहल की सेना में 1300 से ज्यादा लोग हथियारों के साथ थे। ये सभी 700 ऊंट, 100 से अधिक घोड़े शामिल थे। मगर पैगंबर मोहम्मद सल्लल्लाहू अलैही वसल्लम और उनके सहाबा के पास चंद तलवारे और खजूर के दरख्त की लकड़ियां थी जो तलवार के मुकाबला करने के लिए थी, बहुत कम सामान के बावजूद पैगंबर मोहम्मद सल्लल्लाहू अलेही वालेवसल्लम की दुआ से अल्लाह के करम से जंग जीत ली गई बेशक अल्लाह जो चाहता है करता है अल्लाह हर चीज पर कादिर है
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी नलिनीश ठोकने ने प्रदेश सरकार से फ्रंट लाईन कोरोना वारियर्स के रूप में सतत सेवाएं दे रहे पत्रकारों के लिए कोरोना का ईलाज करने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करने की मांग की हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से पत्रकारों के ईलाज के लिए छत्तीसगढ़ मे नोडल अफसर की नियुक्ति करने व नोडल अफसर की देख रेख में संक्रमित पत्रकारों के निजी/शासकीय अस्पतालों में हरसंभव ईलाज करवाने की मांग प्रदेश सरकार से की हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था मध्यप्रदेश के इंदौर, और उज्जैन में की गई है छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी तर्ज पर पत्रकारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाए।भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी नलिनीश ठोकने ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच विपरीत परिस्तिथि में जन जन तक आवश्यक सूचनाएं खबरें पहुंचाने के नेक काम में पत्रकार साथी लगे हैं। जनता की आवाज बन कर अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं और लगातार संक्रमण की चपेट में भी आ रहे हैं परंतु पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं के आभव में वे जूझने मजबूर हैं। ऐसे में पत्रकारों के स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखने की जिम्मदरी प्रदेश सरकार की हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हमारे बहुत से पत्रकार साथी संक्रमित हुए और संक्रमण के चलते कई पत्रकारों की मृत्यु भी हो चुकी हैं जो कि छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से तत्काल पत्रकारों के हित में निर्णय करते हुए नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने व नोडल अधिकारी के देख रेख में पत्रकारों को बेहतर स्वस्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने कहा है साथ ही कोरोना महामारी में दायित्व निभाते हुए जिन पत्रकारों ने अपनी जान गवाई है उनके परिजनों को भूपेश सरकार उचित मुआवजा प्रदान करे ।
रायपुर। देश की कोविड-19 टास्क फोर्स के मेंबर और एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि अब RT-PCR टेस्ट निगेटिव आने के बावजूद जिन लोगों में कोरोना के पारंपरिक लक्षण हैं, उनका भी कोरोना के तय प्रोटोकॉल के तहत इलाज किया जाना चाहिए। कोरोना वायरस का यह नया स्ट्रेन हद से ज्यादा संक्रामक है और संक्रमित मरीज के संपर्क में केवल 1 मिनट रहने से ही दूसरा व्यक्ति भी संक्रमित हो रहा है। कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन RT-PCR टेस्ट में भी पकड़ में नहीं आ रहा है। कई लोगों में कोरोना के लक्षण दिखने के बावजूद उनकी रिपोर्ट निगेटिव है, यानी उनकी रिपोर्ट फॉल्स निगेटिव है। डॉ. गुलेरिया का कहना है कि कोरोना मामलों की बढ़ती तादाद के चलते टेस्ट रिपोर्ट आने में कई दिनों की देरी हो रही है। ऐसे मामलों में डॉक्टर्स को क्लीनिको-रेडियोलॉजिकल डायग्नोसिस करना चाहिए। अगर ऐसे लोगों के सीटी स्कैन में कोरोना के परंपरागत लक्षण दिखते हैं तो डॉक्टर्स को फौरन उनका कोरोना प्रोटोकॉल के तहत इलाज शुरू कर देना चाहिए।
दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्पतालों के नर्सिंग होम में हुईं मौतों के संबंध में रिपोर्ट दाख़िल करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने यह निर्देश भी दिया कि वह ऑक्सीजन सिलेंडरों और कोविड रोगियों के इलाज से जुड़ीं महत्वपूर्ण दवाओं की कालाबाज़ारी रोके तथा ऑक्सीजन वितरण से जुड़े मुद्दे का समाधान करे.
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली सरकार को ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्पतालों के नर्सिंग होम में हुई मौतों के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया. इस संबंध में शपथ पत्र चार दिनों के भीतर दायर किया जाएगा.
लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने कहा, ‘हम ऑक्सीजन की कमी के कारण उक्त अस्पतालों और नर्सिंग होम में हुईं मौतों के संबंध में सभी अस्पतालों और नर्सिंग होमों से पूछताछ करने के बाद दिल्ली सरकार को रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हैं.’
ऐसी सभी मौतों का ब्योरा यानी मरीज का नाम, वार्ड/कमरे जिसमें वे भर्ती थे, मृत्यु का समय और मृत्यु का कारण सारणीबद्ध रूप में इंगित किया जाना चाहिए. इस संबंध में चार दिनों के भीतर हलफनामा दायर किया जाएगा.
जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की खंडपीठ ने कोविड-19 की स्थिति और राष्ट्रीय राजधानी में चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति की कमी से संबंधित याचिका पर विचार कर रही थी.
अदालत ने आदेश दिया, ‘इसके साथ ही न्यायालय ने तरल और गैसीय ऑक्सीजन और रिफिलरों की जानकारी प्रदान करने वाला एक हलफनामा दायर करने का भी निर्देश दिया. कोर्ट ने ऑक्सीजन रिफिलर्स को सरकार के पोर्टल पर डेटा प्रदान करने का भी निर्देश दिया.’
हम यह स्पष्ट करते हैं कि यदि कोई भी ऑक्सीजन रिफिलर पोर्टल पर डेटा प्रदान नहीं करता है, तो न केवल दिल्ली सरकार बल्कि अदालत भी सख्त कार्रवाई करेगी.
दुर्ग जिले के दक्षिणी छोर पर खारुन तट पर बसे ग्राम ग्राम पंचायत ओदरागहन में पैदल मार्च निकाला गया। पैदल मार्च की शुरूआत वेलनेस सेंटर से प्रारंभ किया जिसमें रानीतराई थाना प्रभारी व्ही.प्रभा राव सहित थाना स्टाफ, पंचायत प्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग युवा सरपंच जिनेश जैन राजा के नेतृत्व मैं एवं मितानिनों का सहयोग प्राप्त हुआ। उक्त दौरान गांव को सेनिटाइज मशीन के माध्यम से किया। ग्रामीणों को मास्क बाँटा गया। और कोरोना से डरने के बजाय लड़ने का संदेश दिया।
विगत दिनों हुए ग्राम में सामान्य मौत की वजह से सरपंच राजा ने ग्रामीणों से आग्रह किया कोरोना के भय से अपने अंदर की अन्य बीमारियों को न छुपाए स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखते हुए संबंधित अस्पताल जाकर इलाज कराए। अपने मो. नम्बर को हेल्पलाइन नम्बर के रूप में बताते हुए तक़लीफ होने पर सम्पर्क करने का आग्रह भी किया। जबकि 2 दिनों पूर्व गांव में भ्रमण कर लोगो को विटामिन सी सहित जिंक की टेबलेट लोगो को बाटा गया था। जिन लोगो मे लक्षण दिए निश्चित तौर से परहेज करें। अपने घर पर ही अलग से रहे सुरक्षा बरते। अपने बच्चों को घर से बाहर न निकलने दे बच्चे एक दूसरे के संपर्क में आ रहे है जिससे संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसलये सतर्कता बरते बेवजह घर से बाहर निकलकर कोरोना को न्योता नही दे। पैदल मार्च में समम्मिलित लोगो को काढ़ा का पावडर किया भेंट आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से बनी काढा का पावडर थाना स्टाफ सहित उपस्थित सभी अतिथियों को भेंट किया। और सभी कोरोना वारियर्स का आभार व्यक्त किया। स्वास्थ्य विभाग सीएचओ वी.के. साहू ने कहा कि ग्राम के किसी भी व्यक्ति को संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर वेलनेस सेंटर से संपर्क करे। और कोरोना की जांच करवाएं। रानीतराई थाना प्रभारी वी प्रभा राव ने लोगो को सतर्कता बरतने का आग्रह किया जो लोग लापरवाही करेंगे उनके ऊपर कार्यवाही करने की चेतावनी भी दी। इस दौरान एएनएम श्रीमतिदीपक साहू, पंच ओमकार साहू,जानकीबाई,नेमिनबाई,पुष्पा बाई मितानिन तारेश्वरी बाई ,भूमिका गञ्जीर सहित उपस्थित रहे।
देश में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते 24 घंटों में 3.78 लाख से अधिक नए मामले सामने आए। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में इतने मामले दर्ज किए गए हैं। अब तक संक्रमित हुए लोगों की कुल संख्या 1,83,68,096 हो गई है।अब तक इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 2,04,812 हो गई है। जिसमे 3,646 मौतें कल हुई। महाराष्ट्र में 1,035 और दिल्ली में 368 और लोगों ने जान गंवाई ,भारत के दक्षिण के राज्यों में केरल और कर्नाटक में मामलों में तेजी आई हैं।
कोरोना की दूसरी लहर में मामलों में तेजी से इजाफा दर्ज किया गया। देश में कोरोना संक्रमित हुए लोगों का आंकड़ा पिछले साल सात अगस्त को 20 लाख के पार हुआ था। इसी तरह 50 लाख का आंकड़ा 16 सितंबर और एक करोड़ का आंकड़ा 19 दिसंबर के पार हुआ था जबकि 1.50 करोड़ का आंकड़ा इसी महीने की 19 तारीख को पार हुआ।
रायपुर। प्रशासन द्वारा होटलों को होम डिलवरी की छूट दी गई है। किंतु इस छूट का फायदा उठाकर दलदल सिवनी मुख्य मार्ग में स्थित होटल संचालक लोगों को बुला बुलाकर समोसा, कचौड़ी और मिठाईयां बेच रहा था। रायपुर नगर निगम अमले को जब इसकी भनक लगी तो दुकान को आज सील कर दिया गया।कार्यवाही आज रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 9 की टीम द्वारा की गई। जिसमें जोन 9 के जोन कमिश्नर संतोष पांडे, उप अभियंता अंशुल शर्मा, और अबरार खान तथा अन्य कर्मचारी शामिल थे। उप अभियंता शर्मा ने बताया कि दुकानदार द्वारा नियम विरुद्ध लोगों को बुला बुलाकर सामान बेचा जा रहा था। इसकी शिकायत मिलने पर जनहित में होटल की सील बंदी की कार्यवाही की गई।
खुलासा छत्तीसगढ़ वेब न्यूज़ चैनल की शुरुआत समाज के उन्नति और खुशहाली से जुड़ी हुई खबरों से की जा रही है। पूरी दुनिया मे कोरोना वायरस की वजह से लाखों लोगों की जानें गई करोड़ों लोगों का रोजगार छूट गया हर जगह निराशा ही निराशा है ,उसी निराशा के माहौल में एक आशा की किरण रमजान का पवित्र महीना चल रहा है रमजान के पवित्र महीने में छोटे-छोटे बच्चे अल्लाह को खुश करने के लिए दिन भर भूखे प्यासे रहकर रोजा रख रहे हैं और अल्लाह से करोना वायरस जैसी खतरनाक बीमारी से निजात पाने के लिए और दुनिया में खुशहाली के लिए दुआ कर रहे हैं।
जहां कुछ लोग आपदा में अपने निजी लाभ के लिए लोग अपना ईमान बेच रहे हैं, ऑक्सीजन से लेकर दवाइयां और खाने-पीने की हर जरूरत की चीजें को ज्यादा कीमत में बेचकर अपना ईमान बेच रहे हैं तो वही छोटे-छोटे बच्चे रमजान के पवित्र महीने में दिन भर भूखे प्यासे रहकर और खुदा की इबादत और दुआ करके इस आपदा में दुनिया की खुशहाली और कोरोना वायरस से मुक्ति के लिए और लोगों की भलाई और खुशहाली के लिए खुदा से दुआ कर रहे हैं बच्चों का खुदा के लिए और इंसानियत के लिए यह तारीफ ए काबिल अमल किसी चमत्कार से कम नहीं उम्मीद है कि बच्चों की मेहनत कोरोना वायरस और सारी परेशानियों से मुक्ति के लिए कारगर साबित होगी ।