WHO ने बढ़ाई टेंशन, कहा-आने वाले महीने पूरी दुनिया पर भारी…

नई दिल्ली: कोरोना वायरस की दूसरी लहर का प्रकोप हालांकि अब भारत में कम हो गया है, लेकिन लगातार सामने आ रहे कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामलों ने सरकार के साथ-साथ लोगों की चिंता बढ़ा दी हैं। इस बीच अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी जारी करते हुए परेशानी बढ़ाने वाला बयान दिया है। डब्ल्यूएचओ की मानें तो दुनिया के 96 देशों में मौजूद डेल्टा वैरिएंट तेजी से कोरोना के अन्य वैरिएंट को पछाड़ते हुए विश्व स्तर पर कोरोना वायरस का सबसे खतरनाक वैरिएंट बनकर उभरेगा।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि COVID-19 का डेल्टा वैरिएंट अब लगभग 100 देशों में अनुमान के मुताबिक मौजूद है। इसके साथ ही WHO ने चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों में विश्व स्तर पर कोरोना वायरस का यह डेल्टा वैरिएंट प्रमुख रूप बन जाएगा। डब्ल्यूएचओ ने कोविड-19 साप्ताहिक एपिडेमियोलॉजिकल अपडेट को शेयर करते हुए 29 जून, 2021 को कहा कि 96 देशों ने डेल्टा वैरिएंट के मामले सामने आए है, हालांकि यह संभावना कम है क्योंकि वेरिएंट की पहचान करने के लिए आवश्यक अनुक्रमण क्षमता सीमित है। इनमें से कई देश इस प्रकार के संक्रमण और अस्पताल में भर्ती होने के लिए खुद जिम्मेदार हैं।

कोरोना का मेन वैरिएंट बन जाएगा डेल्टा

इधर ट्रांसमिसिबिलिटी में वृद्धि को देखते हुए डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस का डेल्टा वैरिएंट आने वाले महीनों में अन्य वैरिएंट को तेजी से पछाड़ने और दुनिया का प्रमुख वैरिएंट बन सकता है। इसके साथ डब्ल्यूएचओ ने बताया कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए आज कदम उठाएं जा रहे हैं वो डेल्टा वैरिएंट सहित वायरस के सभी चिंताजनक स्वरूपों के खिलाफ भी असरदार हैं।

सबसे तेजी से फैलने वाला वायरस

आपको बता दें कि पिछले हफ्ते डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने कहा था कि डेल्टा वैरिएंट अब तक पहचाने गए वैरिएंट में सबसे तेजी से फैलने वाला वायरस है और बिना टीकाकरण वाली आबादी के बीच संक्रमण फैला रहा है। इसके साथ ही उन्होंने इस बात के बारे में बताया कि जिन-जिन देशों में कोरोना पाबंदियों में ढील दी गई थी। ऐसे में वहां संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

डेल्टा के मामलों में 11 नए देश शामिल

वहीं नए आंकड़ों के अनुसार 172 देशों में अल्फा वैरिएंट के मामले है, 120 देशों में बीटा वैरिएंट का स्वरूप देखने को मिली है। वहीं 72 देशों में गामा और 96 देशों (जिनमें 11 नए देश हैं) में डेल्टा के मामले सामने आए हैं।(साभार वन इंडिया)

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